
दिल्ली में बसों की भारी कमी से परेशान यात्री, घंटों इंतज़ार के बाद भी नहीं मिल रही बसें
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने राजधानी केविभिन्न बस स्टॉप्स पर जाकर रियलिटी चेक किया। मंडी हाउस और चिराग दिल्ली बस स्टॉप पर सौरभ भारद्वाज को सैकड़ों यात्री घंटों से बसों काइंतज़ार करते हुए मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार के बावजूद दिल्ली की बस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
क्लस्टर बसें हटने के बाद बिगड़ी परिवहन व्यवस्था
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि अप्रैल महीने में भाजपा सरकार ने दिल्ली की सड़कों से क्लस्टर बसें हटा दी थीं, जिसके बाद से पूरे शहर में बसों की भारीकमी हो गई है। यात्रियों को रोज़मर्रा की यात्रा के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पहले बसें कुछ मिनटों के अंतराल पर आ जायाकरती थीं, लेकिन अब एक से डेढ़ घंटे इंतज़ार करने के बाद भी बसें नहीं आतीं। यात्रियों ने शिकायत की कि क्लस्टर बसें बंद होने से दिल्ली केदक्षिणी और पूर्वी इलाकों में सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
मंडी हाउस बस स्टॉप पर यात्रियों की लम्बी कतारें
सौरभ भारद्वाज ने सबसे पहले मंडी हाउस बस स्टॉप का दौरा किया, जहाँ उन्होंने देखा कि लोग घंटों तक बसों का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने बताया किमंडी हाउस से लगभग 30 रूटों की बसें गुजरती हैं, लेकिन अब उनकी संख्या बहुत घट गई है। यात्रियों ने उन्हें बताया कि पिछले दो महीने से बसें कमहो गई हैं और कई रूटों की बसें तो पूरी तरह बंद हैं। लोगों ने कहा कि पहले 15–20 मिनट में बसें मिल जाती थीं, लेकिन अब एक-डेढ़ घंटे काइंतज़ार आम बात हो गई है।
महिलाओं ने बताई सुरक्षा और व्यवहार की समस्या
बसों की कमी के साथ-साथ महिलाओं ने सौरभ भारद्वाज को बताया कि बस चालकों का व्यवहार भी असभ्य हो गया है। कई बार ड्राइवर महिलाओंको देखकर बस नहीं रोकते या उनसे दुर्व्यवहार करते हैं। भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है और सरकार को इस पर तत्काल कार्रवाई करनीचाहिए।
पूर्वी दिल्ली और यमुना पार इलाकों में बसों का अकाल
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पूर्वी दिल्ली और यमुना पार के इलाकों में बसों की भारी कमी है। लक्ष्मी नगर, आनंद विहार, चांद सिनेमा जैसे क्षेत्रों कीबसें लगभग गायब हैं। यात्रियों ने कहा कि 139, 164, 167, 188, 260, 270 जैसे रूटों की बसें या तो बंद हैं या बहुत कम चल रही हैं। एकयात्री ने बताया कि पहले 15 मिनट में बस मिल जाती थी, अब एक घंटे से भी ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ता है। अगर बस आती है तो इतनी भरी होती हैकि चढ़ना मुश्किल और उतरना नामुमकिन।
नौकरीपेशा लोग और मरीज सबसे ज़्यादा परेशान
शाम के समय बसों की कमी से ऑफिस से लौटने वाले नौकरीपेशा लोग बुरी तरह परेशान हैं। कई लोगों ने कहा कि उन्हें बस पकड़ने के लिए पहले सेएक घंटे का अतिरिक्त समय निकालना पड़ता है।
यमुना पार जाने वाले मरीजों ने भी बताया कि जीटीबी अस्पताल और कैंसर अस्पताल जाने के लिए बसें नहीं मिलतीं, जिससे आम जनता की मुश्किलेंबढ़ गई हैं।
चिराग दिल्ली बस स्टॉप पर भी वही हालात
सुबह 9 बजे सौरभ भारद्वाज चिराग दिल्ली बस स्टॉप पहुँचे, जहाँ आनंद विहार जाने वाली बसों के इंतज़ार में लोग खड़े थे। यात्रियों ने बताया कि534 नंबर बस के लिए उन्हें 40 मिनट से ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ता है। इसी तरह, 419 और 423 नंबर बसें, जो अंबेडकर नगर से पुरानी दिल्लीजाती हैं, अब बहुत कम चलती हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 423 और 419 नंबर बसें दिल्ली की लाइफ़लाइन हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने इन्हें भीबंद होने की कगार पर पहुँचा दिया है।
बस डिपो रेनोवेशन के नाम पर जनता से धोखा
लोगों ने सौरभ भारद्वाज को बताया कि सरकार ने ‘डिपो रेनोवेशन’ का बहाना बनाकर बसें हटा दी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रेनोवेशन करना है, तो एक-एक डिपो किया जा सकता है, सभी को एक साथ क्यों बंद किया गया?
मेट्रो हर जगह नहीं पहुँचती, इसलिए बसें ही आम लोगों की सबसे बड़ी ज़रूरत हैं।
चार इंजन की सरकार फिर भी जनता परेशान
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की केंद्र, एमसीडी, एलजी और डीटीसी पर काबिज चार इंजन की सरकार के बावजूद जनता को बुनियादी परिवहनसुविधा तक नहीं मिल रही। उन्होंने कहा दिल्ली की सड़कों पर आज बसों की संख्या कम है, रूट बंद हैं, और जो बसें हैं वे ठूंस-ठूंस कर चल रही हैं।यह सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है।