
शहरी विकास मंत्री ने की एमसीडी अधिकारियों के साथ उच्च–स्तरीय समीक्षा बैठक
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने आज दिल्ली सचिवालय में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदूषण नियंत्रणऔर साफ-सफाई व्यवस्था की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को लेकरविस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजधानी की साफ-सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता को बनाया जाएगा दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर को एक स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्तराजधानी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन करीब 14,000 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जाता है, इसलिए जरूरी है किकचरे का पृथक्करण (सेग्रीगेशन) स्रोत पर ही किया जाए, ताकि उसका सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण संभव हो सके। मंत्री ने एमसीडी अधिकारियों कोनिर्देश दिया कि कचरे के प्रबंधन में नई तकनीकों और मशीनों का प्रयोग प्रभावी ढंग से किया जाए और इनका असर ज़मीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
आधुनिक मशीनों से सफाई व्यवस्था में लाना होगा सुधार
सूद ने कहा कि एमसीडी ने दिल्ली में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई आधुनिक मशीनें खरीदी हैं, जिनमें 28 स्मोक गन (Smoke Guns), 167 स्प्रिंकलर्स (Sprinklers) और 52 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (Mechanical Road Sweeping Machines) शामिल हैं। मंत्री नेअधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी मशीनों का उपयोग नियमित और प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तोकर्मचारियों से डबल शिफ्ट में काम लिया जाए ताकि प्रदूषण के स्तर में तेजी से कमी लाई जा सके। इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि सभी मशीनों कीरूट रीडिज़ाइनिंग (Route Re-designing) की जाए ताकि सफाई का दायरा बढ़े और किसी भी इलाके में कचरे का ढेर न रहे।
कूड़े के पहाड़ों पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश
आशीष सूद ने कहा कि गाजीपुर और भलस्वा जैसे लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) पर आग लगने की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उन्होंने अधिकारियोंको निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष गाजीपुर साइट पर तीन बार आग लगी थी, जिसे रोकने के लिएठोस कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन साइट्स पर तैनात फायर मशीनों का उपयोग सही ढंग से किया जाए और उनकी नियमित जांच कीजाए। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं सोमवार को गाजीपुर और गुरुवार को भलस्वा लैंडफिल साइट का दौरा करेंगे और वहां किए जा रहे कार्यों कीसमीक्षा करेंगे।
बायोमाइनिंग से मिल रहा है सकारात्मक परिणाम
बैठक में एमसीडी अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि वर्तमान में दिल्ली की तीनों प्रमुख डंप साइट्स भलस्वा, गाजीपुर और ओखला पर कचरे केनिस्तारण के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। बरसात के मौसम को छोड़कर प्रतिदिन 20,000 से 25,000 टन कचरे की बायोमाइनिंग कीजा रही है, जबकि सितम्बर और अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 30,000 टन प्रतिदिन (TPD) तक पहुंच गया था। अधिकारियों ने बताया किओखला लैंडफिल साइट पर अब नया कचरा नहीं डाला जा रहा है, और अन्य साइट्स पर भी कचरे की मात्रा लगातार घटाई जा रही है। सूद ने इसप्रगति की सराहना की और कहा कि इन प्रयासों से दिल्ली को लैंडफिल-फ्री दिल्ली बनाने का सपना अब साकार होने की दिशा में है।
वाहन प्रदूषण पर इंटरनेशनल सोलर एलायंस के साथ हुई चर्चा
मंत्री आशीष सूद ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस (International Solar Alliance) के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और दिल्ली में वाहनों सेफैलने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का बड़ा कारण है, इसलिए तकनीकी और सौर ऊर्जा आधारित समाधानों पर जोर दिया जाएगा।
सभी सफाई मशीनों में लगाया जाएगा जीपीएस सिस्टम
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिल्ली की सड़कों पर सफाई और धूल नियंत्रण में लगी सभी मशीनों में जीपीएस सिस्टम (GPS System) लगाया जाए। यदि कहीं मशीनों में जीपीएस पहले से लगा है तो उसकी कार्यक्षमता की जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मशीनेंसही स्थानों पर उपयोग की जा रही हैं और उनका संचालन पारदर्शी हो।
प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता यही दिल्ली सरकार की नीति
सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि शहर में पर्यावरण संरक्षण के हर प्रयास में प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता कोकेंद्र में रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि जनता के सहयोग से ही संभव हैं।मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और एमसीडी मिलकर राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंनेकहा कि बायोमाइनिंग और जनसहभागिता के ज़रिए दिल्ली जल्द ही लैंडफिल-फ्री और क्लीन सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
आशीष सूद का संकल्प स्वच्छ और हरित दिल्ली का निर्माण
अंत में आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण रहित बनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को मिलाकर ही एक बेहतर और स्वस्थ दिल्ली का निर्माण संभव है। उन्होंनेकहा हमारा लक्ष्य केवल आज की दिल्ली को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सांस लेने योग्य दिल्ली छोड़ना है।