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केजी मार्ग पर एनसीसी का भव्य आयोजनगूंजा वंदे मातरम् का स्वर
दिल्ली के दिल में, केजी मार्ग स्थित वॉर मेमोरियल के पास आज का दिन देशभक्ति से भरा हुआ था। एनसीसी निदेशालय, दिल्ली ने वंदे मातरम् के150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम देश की एकता, वीरता और युवाओं की शक्ति का प्रतीक बनगया। समारोह में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच पर पहुँचते ही एनसीसी के कैडेट्स, अधिकारियों और युवाओं का अभिवादन किया और उनके बीच जोश से भरा भाषण दिया। उनके शब्दों में राष्ट्रप्रेम, संकल्प और युवा शक्ति का संदेशसाफ़ झलक रहा था। समारोह में उपस्थित सैकड़ों युवाओं ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाकर वातावरण को उत्साह और गर्व से भरदिया।

शिक्षा मंत्री आशीष सूद का प्रेरक संदेश आप ही भारत का भविष्य हैं
अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आज जो युवा एनसीसी की वर्दी पहनकर यहाँ खड़े हैं, वही भारत की ताकत और भविष्य हैं।उन्होंने कहा कि जब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में वंदे मातरम् लिखा था, तब वह उस भारत को पुकार रहे थे जो गुलामी की अंधेरी रात सेनिकलकर आज़ादी की सुबह ढूंढ़ रहा था। इस गीत ने उस समय हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की आग जलाई थी और आज भी यह गीत उसीभावना को जीवित रखे हुए है। सूद ने कहा कि 1905 में जब कोलकाता के टाउन हॉल में हजारों लोग वंदे मातरम् के नारे लगा रहे थे, तब पूरी दुनियाने भारत के अदम्य साहस को देखा था। उन्होंने कहा कि आज 150 साल बाद जब भारत अमृतकाल में है, तब वंदे मातरम् केवल इतिहास नहीं बल्किहमारे भविष्य का मंत्र बन चुका है।

प्रदर्शनी में दिखाई गई वंदे मातरम् की गौरवशाली यात्रा
इस अवसर पर एनसीसी निदेशालय द्वारा एक सुंदर प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें वंदे मातरम् गीत की 150 वर्षों की यात्रा को बड़े ही मनमोहक ढंगसे दिखाया गया था। प्रदर्शनी में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन, उनके लेखन और उस समय की परिस्थितियों को विस्तार से बताया गया था।शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि यह देखकर गर्व होता है कि हमारे युवा अपने इतिहास और संस्कृति को समझ रहेहैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह हमारी आत्मा की आवाज़ है। इसमें देश के प्रति समर्पण, बलिदान और एकता कीभावना बसती है।

प्रधानमंत्री मोदी के विचारों का उल्लेख वंदे मातरम् माँ भारती का आशीर्वाद है
सूद ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बिल्कुल सही कहा था कि वंदे मातरम् एकऐसा शब्द है जिसमें अनगिनत भावनाएँ और ऊर्जा छिपी हैं। यह गीत हमें माँ भारती का आशीर्वाद देता है और हमें हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।सूद ने कहा कि आज इस गीत का अर्थ यह है कि हम भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएँगे। उन्होंने कहा कि अगर हर युवा अपने जीवन मेंअनुशासन, सेवा और समर्पण को अपनाए, तो भारत का भविष्य उज्ज्वल होगा और यह गीत फिर से हमारी प्रेरणा बनेगा।

दिल्ली की चुनौतियाँ और युवाओं की जिम्मेदारी
अपने संबोधन में सूद ने कहा कि दिल्ली सिर्फ़ एक शहर नहीं, बल्कि भारत का दिल है। यह वह राजधानी है जहाँ हर भाषा, हर संस्कृति और हर सपनाएक साथ धड़कता है। लेकिन आज दिल्ली कई बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण, यमुना की सफाई, बिजली और ट्रैफिक कीसमस्या, और जगह-जगह फैला कूड़ा-कचरा ये सब वो मुद्दे हैं जिनसे दिल्ली को मुक्त कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी हमेशा कहते हैं कि अगर 140 करोड़ भारतीय हर दिन एक समस्या पर एक कदम बढ़ाएँ, तो देश एक ही दिन में 140 करोड़ कदम आगे बढ़जाएगा। उसी तरह अगर दिल्ली के तीन करोड़ नागरिक हर दिन सिर्फ़ एक कदम दिल्ली की समस्याएँ हल करने की दिशा में बढ़ाएँ, तो दिल्ली हर दिनतीन करोड़ कदम आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इन तीन करोड़ कदमों का नेतृत्व दिल्ली के युवा करेंगे और यही युवाओं का सच्चा वंदे मातरम्होगा।

एनसीसी कैडेट्स देश की अनुशासन और सेवा भावना के प्रतीक हैं
सूद ने एनसीसी कैडेट्स की तारीफ़ करते हुए कहा कि आप केवल यूनिफॉर्म नहीं पहनते, बल्कि देश की सेवा, एकता और अनुशासन को अपने जीवनमें जीते हैं। उन्होंने कहा कि हर एनसीसी परेड, हर ड्रिल और हर सेवा कार्य यह साबित करता है कि भारत का भविष्य अब सुरक्षित हाथों में है। उन्होंनेकहा कि एनसीसी केवल एक संस्था नहीं, बल्कि यह युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में तैयार करने वाला सबसे मजबूत मंच है।एनसीसी हमें सिखाती है कि कैसे कठिन समय में भी धैर्य, साहस और अनुशासन बनाए रखा जाए।

दिल्ली में बनेगी आधुनिक एनसीसी अकादमी
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने एनसीसी के विस्तार को स्वीकृति दे दी है और अब दिल्लीमें एक आधुनिक एनसीसी अकादमी बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अकादमी सिर्फ़ एक इमारतनहीं होगी, बल्कि यह नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की प्रयोगशाला होगी। यहाँ आने वाले छात्र और कैडेट्स न केवल शारीरिक रूप से मजबूतबनेंगे, बल्कि उनमें देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी और अधिक गहरी होगी।

वंदे मातरम् को भविष्य का मिशन बनाने का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में आशीष सूद ने युवाओं से आह्वान किया कि वे वंदे मातरम् को केवल इतिहास का एक गीत न समझें, बल्कि इसे अपने जीवनका मिशन बना लें। उन्होंने कहा कि आज वंदे मातरम् का मतलब है देश की सेवा को अपने स्वार्थ से ऊपर रखना, कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासनबनाए रखना, समाज और प्रकृति के लिए काम करना और विकसित भारत का सपना साकार करना। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सबमिलकर इस मंत्र को जीवन में उतारें और अपने हर कार्य में देश के प्रति प्रेम और निष्ठा दिखाएँ।

युवाओं की ऊर्जा से बदलेगी दिल्ली और देश की तस्वीर
कार्यक्रम का समापन बहुत ही उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। एनसीसी के कैडेट्स ने देशभक्ति गीतों और परेड के माध्यम से अपनी प्रतिभा औरअनुशासन का प्रदर्शन किया। पूरे परिसर में तिरंगे की रोशनी जगमगा रही थी और वंदे मातरम् की गूंज हर दिल में देशप्रेम की लहर पैदा कर रही थी।शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने अपने अंतिम शब्दों में कहा कि आज का वंदे मातरम् यही है दिल्ली को उसकी समस्याओं से मुक्त कराना, भारत कोविकसित बनाना और माँ भारती की सेवा में समर्पित रहना। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने भीतर के देशप्रेम को कभी मंद न होने दें, क्योंकि वहीअसली शक्ति है जो भारत को नए युग में ले जाएगी।


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