
महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा रविवार प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर भगवान श्रीमहाकालेश्वर जी के दर्शन लाभ लिए। दर्शन उपरांत मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक एस. एन. सोनी द्वारा स्वागत एवं सत्कार किया गया। विश्वविजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा ने रविवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल केदर्शन किए। वह अल सुबह भस्म आरती में भी शामिल हुईं। दीप्ति शर्मा ने भस्म आरती में शामिल होने के बाद नंदी हॉल से भगवान महाकाल कापूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से दर्शन लाभ लिए। दर्शन के उपरांत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस एन सोनी नेक्रिकेटर दीप्ति शर्मा को भगवान महाकाल का प्रसाद और दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया। याद रहे है कि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने हाल ही में दक्षिणअफ्रीका के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में 58 गेंदों पर 58 रन बनाए थे और 5 विकेट भी चटकाए थे। उत्तर प्रदेश के आगरा की निवासी दीप्तिशर्मा को यूपी सरकार द्वारा भी सम्मानित किया जाएगा। दीप्ति शर्मा रविवार सुबह उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुईंऔर नंदी मंडप से विधि-विधान के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। दर्शन के बाद मंदिर प्रबंधन की ओर से उप प्रशासक एस. एन. सोनी नेउनका स्वागत एवं सम्मान किया।
क्रिकेट इतिहास में कोई पुरुष क्रिकेटर भी हासिल नहीं कर सका
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला वर्ल्ड कप फाइनल में साउथ अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम को करारी शिकस्त देते हुए पहली बारकिसी आईसीसी खिताब को अपने नाम किया। कप्तान हरमनप्रीत कोर की अगुवाई में भारतीय महिला टीम ने वो कर दिखाया, जिसका इंतजार फैंसको लंबे समय से था। इस विजयी अभियान के दौरान भारत ने कई बड़ी टीमों को भी शिकस्त दी और फाइनल तक का सफर तय किया, फिर फाइनलमें तिरंगा लहराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस अभियान में भारतीय टीम की कई खिलाड़ियों का योगदान रहा लेकिन एक खिलाड़ी ऐसी रही जिसकायोगदान सबसे सर्वश्रेष्ठ और रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है। वो हैं दीप्ति शर्मा। भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप2025 में वो कमाल किया है जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। इस खिलाड़ी ने ना सिर्फ भारत को विश्व कप खिताब तक पहुंचाने में सबसे अहमयोगदान दिया बल्कि एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है जो विश्व कप क्रिकेट इतिहास में कोई पुरुष क्रिकेटर भी हासिल नहीं कर सका।