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दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद केंद्र सरकार की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-III) की गाइडलाइंस लागू कर दी गईहैं। इस बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार की इस योजना पर अति-निर्भरता को लेकर चिंता जताई और सालभर ठोस उत्सर्जन नियंत्रणकार्रवाई की जरूरत बताई। रमेश ने कहा कि दिल्ली में हर साल सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण के हालात बिगड़ते हैं, लेकिन सरकार की प्रतिक्रियाकेवल आपातकालीन कदमों तक सीमित रह गई है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा दिल्ली में GRAP-III लागू किया गया है। 2014 से 2017 के बीचसुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण संकट को देखते हुए इस योजना को मंजूरी दी थी। उम्मीद थी कि समय के साथ यह कम जरूरी होगी क्योंकि सालभरउत्सर्जन में कमी आएगी, लेकिन अब यह पूरी तरह ‘रिएक्टिव’ हो चुकी है।

मानकों को पूरा करने के लिए अब भी अपने PM2.5 स्तर में 60% से अधिक की कमी
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को संकट प्रबंधन के बजाय संकट से बचाव पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मौजूदा हालात जारीरहे, तो दिल्ली को राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए अब भी अपने PM2.5 स्तर में 60% से अधिक की कमी लानी होगी। रमेश नेकहा ‘दिल्ली को साफ हवा के लिए सख्त और बहु-क्षेत्रीय कदम उठाने होंगे। ये सिर्फ अक्तूबर-नवंबर तक सीमित नहीं होने चाहिए बल्कि सालभरचलने चाहिए।’

निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक
सड़कों की मैकेनिकल सफाई और पानी का छिड़काव अनिवार्य
अप्रमाणित ईंधन उपयोग करने वाले उद्योगों पर पाबंदी
आवश्यक सार्वजनिक परियोजनाओं (सड़क, रेल, एयरपोर्ट) को छूट

कदम तुरंत प्रभाव से लागू किए जा रहे
केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में GRAP के तीसरे चरण को लागू किया। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार कोदिल्ली का AQI 362 था, जो मंगलवार सुबह 425 तक पहुंच गया। CAQM ने कहा कि स्थिर मौसम, ठंडी हवाएं और अस्थिर वायुमंडलीयस्थितियां इस प्रदूषण वृद्धि के मुख्य कारण हैं। आयोग ने अपने बयान में कहा दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति को देखते हुएGRAP के स्टेज-III के तहत सभी कदम तुरंत प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

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