
प्रस्ताव का असर हाईकोर्ट ने आप सरकार के फैसले को माना आधार
दिल्ली हाईकोर्ट ने एमसीडी की बुक्ड प्रॉपर्टी को बिजली कनेक्शन देने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यहवही प्रस्ताव है जिसे 2024 में आप सरकार ने एमसीडी सदन में पास किया था। हाईकोर्ट ने उसी प्रस्ताव को संज्ञान में लेते हुए उन परिवारों को बड़ीराहत दी है, जो वर्षों से बिजली के लिए संघर्ष कर रहे थे। दुर्गेश पाठक ने कहा कि यह फैसला उन लोगों की जीत है जिनका जीने का बुनियादीअधिकार लंबे समय से अधूरा था।
आप सरकार की पहल 2021 में पानी, 2024 में बिजली का अधिकार
अरविंद केजरीवाल सरकार ने 2021 में बुक्ड प्रॉपर्टी को पानी देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। इस कदम के बाद लोगों ने कहा कि पानी तभीसार्थक है जब घरों में बिजली भी हो। इसी मांग को समझते हुए आप सरकार ने 2024 में बिजली कनेक्शन देने का प्रस्ताव एमसीडी में पारितकराया। यही प्रस्ताव आगे चलकर हाईकोर्ट के फैसले की नींव बना और आज लाखों लोगों को राहत दे रहा है।
भाजपा के शासनकाल में सीलिंग और अवैध वसूली का आरोप
दुर्गेश पाठक ने बताया कि 2007 से 2022 तक एमसीडी में भाजपा की सरकार रही। इस अवधि में हजारों लोग अपनी मेहनत की कमाई से बनेछोटे–छोटे घरों में रहते थे, लेकिन भाजपा शासन ने लगभग डेढ़ लाख घरों को सील कर दिया। इन परिवारों से अवैध रूप से पैसे वसूले जाते थे औरबिजली–पानी का कनेक्शन देने की अनुमति भी नहीं दी जाती थी। आप नेताओं का आरोप है कि बुक्ड प्रॉपर्टी भाजपा के भ्रष्टाचार का बड़ा अड्डा बनचुकी थी।
पानी के अधिकार ने बदली तस्वीर अब बिजली भी बना मौलिक आवश्यकता
2021–22 में दिल्ली सरकार की अधिसूचना ने यह सुनिश्चित किया कि हर नागरिक को पानी का अधिकार मिले। इस अधिसूचना के बाद झुग्गियों सेलेकर अनधिकृत कॉलोनियों और बुक्ड प्रॉपर्टी तक सभी को पानी देना शुरू हुआ। लेकिन बिजली के बिना यह सुविधा अधूरी थी। जब बिल्डिंगविभाग ने एनओसी देने से इनकार किया, तब लोगों ने कोर्ट का रुख किया और आप सरकार ने एमसीडी में दोबारा संघर्ष शुरू किया।
एमसीडी में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव बना राहत का रास्ता
2023 में एमसीडी में आप सरकार बनने के बाद मामला आगे बढ़ा। 26 फरवरी 2024 को आप द्वारा लाया गया प्रस्ताव सदन में सर्वसम्मति से पारितहुआ, जिसमें बीएसईएस राजधानी, बीएसईएस यमुना और टाटा पावर को बुक्ड प्रॉपर्टी को बिजली कनेक्शन देने का निर्देश दिया गया। यह वहीप्रस्ताव है जिसे अब हाईकोर्ट ने वैध माना है और 1.50 लाख घरों को बिजली देने का रास्ता खोल दिया है।
भाजपा पर क्रेडिट चोरी का आरोप और सीलिंग हटाने की मांग
विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला आप सरकार की दूरदर्शिता का नतीजा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह दूसरोंके काम का क्रेडिट लेने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को सच में जनता की चिंता है तो वह उन घरों की सीलिंग हटाकर रजिस्ट्रीकराए, तभी उसे जनता का भरोसा मिलेगा। हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन की अनुमति दे दी है, अब भाजपा को आगे कदम बढ़ाना चाहिए।
जनता के हित में आम आदमी पार्टी की निरंतर लड़ाई
जनकपुरी वार्ड के पार्षद प्रवीण कुमार ने बताया कि गरीब और मध्यमवर्गीय लोग अपनी जिंदगी की कमाई से छोटे–छोटे मकान बनाते हैं, लेकिनभाजपा शासन में उन्हें सीलिंग और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। बिजली कनेक्शन के लिए लोग वर्षों भटके। इन्हीं समस्याओं को समझते हुए आपने एमसीडी में प्रस्ताव रखा और आज हाईकोर्ट की जीत से हजारों परिवारों को राहत मिली है। आप नेताओं ने कहा कि यह संघर्ष जनता के अधिकारऔर सम्मान के लिए था और आगे भी रहेगा।