
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर भाजपा की चार इंजन सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता औरकोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि राजधानी में ड्रग्स का संकट तेजी से फैल रहा है और सरकार तथा पुलिस दोनों ही इसे रोकने मेंअसफल साबित हो रहे हैं।
दिल्ली में ड्रग्स का बढ़ता जाल
कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली पहले 62 ड्रग्स हॉटस्पॉट के लिए जानी जाती थी, लेकिन भाजपा शासन में इन हॉटस्पॉट्स की संख्या बढ़कर 179 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कई मोहल्लों, कॉलोनियों, पार्कों, बार और क्लबों में खुलेआम नशा बेचा जा रहा है। डराने वाली बात यह है किपुलिस को पूरी जानकारी होने के बावजूद ज़्यादातर जगहों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उनके अनुसार, दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में ड्रग्सका इतनी तेजी से फैलना सरकार की उदासीनता को उजागर करता है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से आ रहा है नशा
कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली में पहुंचने वाला नशा सिर्फ स्थानीय नहीं है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा विदेशों से आ रहा है। उन्होंने आरोप लगायाकि म्यांमार, पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों से बड़ी मात्रा में ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स के जरिए भारत में प्रवेश कर रही है। कई पोर्ट्स पर भारी मात्रा मेंड्रग्स पकड़े जाने के बावजूद केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखती। यह नशा देश के विभिन्न राज्यों से घूमकर अंततः दिल्ली में पहुंच रहा है औरयुवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है।
युवा पीढ़ी सबसे बड़ी शिकार
कुलदीप कुमार ने चिंता जताई कि दिल्ली के कई हिस्सों में 14 से 20 साल तक के युवा नशे की चपेट में नजर आते हैं। पार्कों, गली-मोहल्लों औरसुनसान स्थानों पर नशे में डूबे युवा आम लोगों को असुरक्षा का एहसास कराते हैं। उन्होंने कहा कि नशे में धुत कुछ युवक कई बार अभद्र व्यवहार करतेहैं और घटनाओं को अंजाम तक दे देते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में है और इसे बचाने के लिएकड़े कदम उठाना आवश्यक है।
ड्रग्स मामलों में लगातार बढ़ोतरी
कुलदीप कुमार ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज मामलों की संख्या साल-दर-साल बढ़ रही है। 2022 में 1499 मामले दर्ज हुए, 2023 में 1700, 2024 में 2200 और 2025 में यह संख्या 2498 तक पहुँच गई। ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में नशे का कारोबार कम होने के बजायलगातार फैल रहा है।
कानून–व्यवस्था पर गंभीर सवाल
कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन है, और 11 वर्षों से भाजपा सरकार सत्ता में होने के बावजूद दिल्लीकी कानून व्यवस्था सुधर नहीं पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो सरकार और न ही पुलिस शहर के लोगों में यह विश्वास पैदा कर पाई हैं कि वेसुरक्षित माहौल में रहते हैं। उन्होंने कहा कि चार इंजन की सरकार केंद्र, एलजी, एमसीडी और दिल्ली की भाजपा सरकार सभी मिलकर भी दिल्ली कोसुरक्षित नहीं बना सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को स्पष्ट संदेश
कुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कहा कि दिल्ली के बच्चों का भविष्य दांव पर है, इसलिए ड्रग्स के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि दिल्ली के सैकड़ों मोहल्लों और कॉलोनियों में ड्रग्स के हॉटस्पॉट चल रहे हैं और पुलिस को इसकी पूरी जानकारी भी है। सरकार कोचाहिए कि वह क्रेडिट लेने की राजनीति छोड़कर वास्तविक समस्या पर ध्यान दे और नशे के खिलाफ ठोस कदम उठाए।
दिल्ली को बचाने का समय अब है
कुलदीप कुमार ने अंत में कहा कि दिल्ली जिस तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रही है, वह आने वाले समय के लिए बहुत बड़ा खतरा है। ड्रग्स का यहफैलाव न केवल युवाओं का भविष्य खत्म कर रहा है, बल्कि समाज और शहर की सुरक्षा पर भी गंभीर असर डाल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यदिसरकार ने समय रहते स्थिति को नहीं संभाला, तो दिल्ली को ड्रग्स कैपिटल बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।