NEWS अब तक

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हाल ही में पुलिस और बदमाशों के बीच एक एनकाउंटर हुआ, जिसमें पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाशअरशद और उसके तीन साथियों को ढेर कर दिया। इस एनकाउंटर के दौरान एसटीएफ के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार घायल हो गए थे, औरइलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

एनकाउंटर के दौरान घायल हुए थे एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार
बता दें कि एनकाउंटर में अपराधियों के पास से देसी कट्टे, पिस्टल और कार्बाइन बरामद किए गए थे। इस दौरान इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कईगोलियां लगी थीं, और उन्हें गंभीर हालत में गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान आज उनका निधन हो गया।

सीएम योगी ने जताया शहीद सुनील कुमार के प्रति श्रद्धांजलि
इंस्पेक्टर सुनील कुमार की मौत पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया। सीएम योगी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) परलिखा, “जनपद शामली में अपराधियों के साथ साहसिक मुठभेड़ में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए जनपद मेरठ निवासी उत्तर प्रदेशएसटीएफ के निरीक्षक श्री सुनील कुमार जी को भावभीनी श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।”

परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की घोषणा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के परिवार के लिए ₹50 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। इसके साथ ही, एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई है। सीएम ने आगे कहा, “प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में शहीद के परिजनों के साथहै, उन्हें हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।”

शामली में शहीद सुनील कुमार के नाम पर होगा सड़क का नामकरण
मुख्यमंत्री योगी ने यह भी घोषणा की कि शामली जिले की एक सड़क का नाम शहीद सुनील कुमार के नाम पर रखा जाएगा, ताकि उनकी यादें हमेशाताजा रहें।

सुनील कुमार का पुलिस सेवा में शानदार करियर
साल 1971 में जन्मे सुनील कुमार मेरठ के निवासी थे। उन्होंने साल 1990 में पुलिस सेवा में भर्ती होने के बाद कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवादी। वर्ष 2009 में वे उत्तर प्रदेश एसटीएफ में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से कई अहम मिशनों को सफल बनाया। इससेपहले वे पीएसी (प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी) में भी अपनी सेवा दे चुके थे।

विशिष्ट सेवाओं के लिए कई बार सम्मानित हुए सुनील कुमार
अपने शानदार करियर में, सुनील कुमार को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए कई बार सम्मानित किया गया। 1997 में उन्होंने कमांडो कोर्स मानेसर(हरियाणा) से किया था। इसके बाद, 2015 में उन्हें “सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह”, 2022 में “उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह”, 2024 में “अति उत्कृष्टसेवा पदक” और “प्रशंसा चिन्ह” से नवाजा गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *