
उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने वाला है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और महाराजगंज से सात बार केसांसद पंकज चौधरी ने शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने, जबकि दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री पंकज चौधरी को लेकर सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी इनको प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दे रही है। पार्टी को पिछडे़ समाजमें इनकी मजबूत पकड़ होने का फायदा मिल सकता है। परंपरागत मत सहेजने के साथ पीडीए कमजोर करने का दांव पार्टी ने खेला है। अब तक गुणगणित के मुताबिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है।
20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी
गोरखपुर के घंटाघर हरबंश गली स्थित घर में 20 नवंबर 1964 में जन्मे पंकज चौधरी ने एमपी इंटर कॉलेज और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातकतक की शिक्षा ग्रहण किया। औद्योगिक घराने में जन्मे पंकज चौधरी ने राजनीति में कदम रखा और नगर निगम गोरखपुर में पार्षद बने और डिप्टी मेयरबने। राजनीति के इस सफर में महराजगंज के जिला पंचायत में वह अजेय खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं। बताते चले किमहाराजगंज जिला पंचायत के अस्तित्व में आते ही पंकज चौधरी के बड़े भाई उद्योगपति स्वर्गीय प्रदीप चौधरी प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष बने उसकेबाद दो बार लगातार पंकज चौधरी की माता उज्ज्वल चौधरी जिला पंचायत की अध्यक्ष बनी।
पंकज चौधरी ने हाथ रखा
इसके बाद जिस व्यक्ति के सिर पर पंकज चौधरी ने हाथ रखा वह जिला पंचायत का अध्यक्ष बना। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावो में पंकज चौधरीके समक्ष तमाम बाधाएं आईं, विपक्ष में रहते हुए पंकज चौधरी ने जिला पंचायत पर अपना कब्जा बरकरार रखा। पंकज चौधरी ने अपने राजनीतिकजीवन की शुरुआत 1989 में गोरखपुर नगर निगम में पार्षद का चुनाव लड़ने के साथ की थी। वो पार्षद के चुनाव में जीते थे। 1989 में ही गोरखपुर सेकटकर महाराजगंज अलग जिला बना, जिसके बाद से पंकज चौधरी ने महराजगंज को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया।