
सरिता साहनी
15 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली
जयपुर रेलवे स्टेशन पर सामने आया चौंकाने वाला मामला
जयपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की सजगता और सतर्कता के चलते फर्जी UTS टिकट के जरिए यात्रा करने का एक गंभीर मामला सामनेआया है। यह घटना न केवल रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल किसतरह कानून तोड़ने का माध्यम बन सकता है।
जांच के दौरान हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
यह मामला ट्रेन संख्या 12250 से जैसलमेर से जयपुर की यात्रा कर रहे 7 यात्रियों के एक समूह से जुड़ा है। जब टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों सेटिकट दिखाने को कहा गया, तो उन्होंने मोबाइल फोन पर UTS टिकट दिखाया। यात्रियों ने बताया कि मूल टिकट उनके पास नहीं है, बल्कि वहउनके एक अन्य साथी के पास था, जो स्टेशन से पहले ही उतरकर चला गया।
रेल कर्मियों को हुआ संदेह
टिकट चेकिंग स्टाफ हेमराज गुर्जर और दीपक कुमार ने जब मोबाइल पर दिखाए गए टिकट को ध्यान से देखा, तो उन्हें शक हुआ। टिकट में 7 वयस्कयात्रियों का विवरण दर्ज था, जबकि नियमों के अनुसार अनारक्षित UTS टिकट एक बार में अधिकतम चार यात्रियों के लिए ही जारी होता है। इसीबात ने रेलवे स्टाफ को सतर्क कर दिया।
कड़ाई से पूछताछ में सामने आई सच्चाई
जब यात्रियों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने AI टूल “Gemini” की मदद से टिकट में हेरफेर किया है। यात्रियों नेबताया कि उन्होंने एक असली UTS टिकट की फोटो लेकर उसमें यात्रियों की संख्या और राशि को डिजिटल रूप से बदल दिया।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मामले की पुष्टि के लिए जैसलमेर रेलवे स्टेशन के स्टाफ से टिकट विवरण का मिलान किया गया। जांच में साफ हुआ कि UTS टिकट वास्तव मेंकेवल 1 यात्री के लिए जारी किया गया था, जिसकी कीमत ₹215/- थी। लेकिन यात्रियों ने उसी टिकट को एडिट करके 7 यात्रियों का दिखाया औरटिकट राशि ₹1505/- दर्शा दी।
रेलवे के साथ धोखाधड़ी का प्रयास
यह पूरा मामला रेलवे के साथ जानबूझकर की गई धोखाधड़ी का था। यात्रियों ने AI तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए नियमों को तोड़ने कीकोशिश की, लेकिन रेलवे कर्मचारियों की सजगता से उनका यह प्रयास असफल हो गया।
रेलवे नियमों के तहत सख्त कार्रवाई
रेलवे नियमों के अनुसार सभी 7 यात्रियों पर संयुक्त रूप से ₹2790/- का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाईकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
रेलवे प्रशासन की कड़ी चेतावनी
रेलवे प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि AI या किसी भी डिजिटल माध्यम से टिकट में छेड़छाड़ करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलोंमें रेलवे द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
यात्रियों से की गई अहम अपील
रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे केवल वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे अन्य यात्रियों को भी परेशानी होती है। ईमानदारी से यात्रा करना ही सुरक्षित और सही रास्ता है।
सतर्कता ही सुरक्षा की कुंजी
यह घटना साबित करती है कि यदि रेलवे कर्मचारी सजग और जिम्मेदार रहें, तो किसी भी तरह की धोखाधड़ी को समय रहते रोका जा सकता है। साथही यह यात्रियों के लिए भी एक सबक है कि तकनीक का सही उपयोग करें, न कि कानून तोड़ने के लिए।