
भारत और ओमान ने गुरुवार को एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान केबाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। इस समझौते से खास तौर पर कपड़ा, कृषि उत्पाद और चमड़ा उद्योग को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इसकेबदले में भारत ओमान से आने वाले कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करेगा। इनमें खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद शामिल हैं। यहसमझौता अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से लागू होने की संभावना है। ऐसे समय में यह करार अहम माना जा रहा है, जब भारत को अपने सबसेबड़े निर्यात बाजार अमेरिका में 50 प्रतिशत तक के ऊंचे शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।
सहयोग के नए अध्याय में तब्दील होंगे
केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ से मुलाकात की।इस बैठक में भारत-ओमान के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। गोयल ने इस बातचीत को उत्पादक बताते हुएकहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध पहले से ही मजबूत हैं और उन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।सोशल मीडिया पर साझा संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान के बीच बढ़ता आर्थिक जुड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुल्तान हैथमबिन तारिक के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि नेताओं की मौजूदगी में होने वाली आगामी बातचीत से सभ्यतागत रिश्ते गहरेआर्थिक सहयोग के नए अध्याय में तब्दील होंगे।
दिसंबर 2023 में भारत की राजकीय यात्रा की
यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने तीन देशों के चार दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में ओमान पहुंचे। इससे पहलेवह जॉर्डन और इथियोपिया की यात्रा पूरी कर चुके हैं। पीएम मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर वहां पहुंचे हैं। दौरे के दौरानदोनों नेता रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और वाणिज्यिक व आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा भारत-ओमान के बीच70 वर्षों के राजनयिक संबंधों के लिहाज से भी खास मानी जा रही है। इससे पहले सुल्तान हैथम बिन तारिक ने दिसंबर 2023 में भारत की राजकीययात्रा की थी।