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सरिता साहनी
29 दिसम्बर, 2025

अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित आयोजन से मिला विकास का संदेश पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली के बवाना और बादली विधानसभा क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बवाना विधानसभा में अटल स्मृति सम्मेलन और बादली विधानसभा में अटल सुशासन सम्मेलन आयोजित हुआ। इन आयोजनों के माध्यम से अटल के विचारों, उनके योगदान और उनके अन्त्योदय के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री तथा उत्तर पश्चिमी दिल्ली के प्रभारी रविन्द्र इन्द्राज सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अन्त्योदय से ही बनेगा विकसित
रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचे। इसी सोच को अन्त्योदय कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक गरीब, वंचित, दिव्यांग, बुजुर्ग और पिछड़े वर्ग के लोगों का जीवन बेहतर नहीं होगा, तब तक विकसित भारत और विकसित दिल्ली का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आज केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार, दोनों मिलकर अटल जी के अन्त्योदय के संकल्प को जमीन पर उतारने का काम कर रही हैं।

अटल ने भारत को 21वीं सदी के लिए किया तैयार
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे भारत के भविष्य के शिल्पकार थे। उनके नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक फैसले देखे, जिन्होंने भारत को 21वीं सदी के लिए मजबूत बनाया। उन्होंने बताया कि अटल जी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे गांव-गांव तक सड़कें पहुँचीं। पोखरण परमाणु परीक्षण ने भारत को सामरिक रूप से मजबूत देश बनाया। टेलीकॉम क्रांति और इंटरनेट की नींव रखी गई, जिसने आगे चलकर डिजिटल भारत का रास्ता खोला। शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया और जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा देकर विज्ञान को भी राष्ट्र निर्माण से जोड़ा गया।

राजनीति में मर्यादा और राष्ट्रहित की मिसाल थे अटल
रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद और राजनीति में शालीनता, संवाद और मर्यादा की एक नई परंपरा स्थापित की। वे विपक्ष में रहते हुए भी हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते थे। उन्होंने कई बार राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देश के हित में सहयोग का उदाहरण पेश किया, जो आज की राजनीति में बहुत कम देखने को मिलता है।

मोदी सरकार कर रही है अटल के सपनों को पूरा
मंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अटल जी के अधूरे सपनों को पूरा कर रही है। आज देश में सड़क निर्माण की रफ्तार पहले से कहीं अधिक तेज है। भारतमाला परियोजना दुनिया की सबसे बड़ी हाईवे परियोजनाओं में शामिल हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में करोड़ों शौचालय बनाए गए हैं। जनधन खाते, मुद्रा योजना, सौभाग्य योजना, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से गरीबों और जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिल रहा है।

दिल्ली सरकार का फोकस अन्त्योदय और आत्मनिर्भरता पर
रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि दिल्ली सरकार भी पिछले दस महीनों से लगातार अन्त्योदय की दिशा में काम कर रही है। खासकर दिव्यांगों और बुजुर्गों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उच्च देखभाल की आवश्यकता वाले दिव्यांगजनों के लिए 6,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता योजना शुरू की गई है। इससे ऐसे लोगों को आर्थिक सहारा मिल रहा है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए नई सुविधाएँ
मंत्री ने बताया कि पश्चिम विहार में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सावित्री बाई फुले ओल्ड एज होम शुरू किया गया है, जहाँ बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल रहा है। तिमारपुर में दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए अटल दृष्टि होम की शुरुआत की गई है, जिससे उनकी शिक्षा और देखभाल बेहतर हो सके। नरेला में अटल आशा होम में बौद्धिक रूप से दिव्यांगजनों के लिए आधुनिक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

अटल के विचारों से प्रेरित विकास का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। अन्त्योदय, सुशासन और राष्ट्रहित की सोच ही भारत और दिल्ली को आगे ले जा सकती है। केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर अटल जी के सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अटल का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है और उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही सच्चे अर्थों में विकसित भारत और विकसित दिल्ली का निर्माण संभव है।

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