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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को साल की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रॉकेट मिसाइल फोर्स की जरूरत पर बल दिया ताकि पाकिस्तान और चीन की चुनौती से निपटा जा सके। गौरतलब है कि पाकिस्तान और चीन के पास पहले से ही रॉकेट मिसाइल फोर्स मौजूद है। रॉकेट मिसाइल फोर्स के तहत लंबी दूरी के रॉकेट और मिसाइलों को एक ही कमांड के तहत रखा जाएगा। इस फोर्स में पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, प्रलय बैलेस्टिक मिसाइल और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को शामिल किया जा सकता है।

चीन के पास भी ऐसी कमांड
सेना प्रमुख ने कहा कि आज के समय में रॉकेट और मिसाइलें एक साथ जुड़ चुके हैं क्योंकि दोनों ही एक खतरनाक और निर्णायक असर डालने में सक्षम हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख ने कहा, ‘हम रॉकेट मिसाइल फोर्स बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि पाकिस्तान पहले ही एक रॉकेट मिसाइल फोर्स बना चुका है और चीन के पास भी ऐसी कमांड है। यह समय की जरूरत है कि हम भी ऐसे बल का गठन करें।’ भारत ने बीते दिनों 120 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाले पिनाका रॉकेट सिस्टम का सफल परीक्षण किया था। सेना प्रमुख ने कहा कि हम कई अन्य कॉन्ट्रैक्ट भी किए हैं, जिनमें 150 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाले रॉकेट होंगे और फिर इनकी रेंज को बढ़ाकर 300-450 किलोमीटर तक किया जाएगा।

पूरी सटीकता के साथ अपने लक्ष्यों को भेदने में सक्षम
रॉकेट मिसाइल फोर्स में प्रलय और ब्रह्मोस मिसाइल को भी शामिल किया जाएगा। जिससे बल की क्षमता बेहद मारक बनेगी। प्रलय देश में ही निर्मित बैलेस्टिक मिसाइल है, जो कि आधुनिक नेविगेशन सिस्टम से लैस है। यह मिसाइल सटीक तरीके से अपने लक्ष्य भेद सकती है और यह अपने साथ कई वारहेड्स ले जाने में सक्षम है, जो एक साथ कई लक्ष्यों को भेद सकते हैं। ब्रह्मोस मिसाइल एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने बनाया है। यह भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ का संयुक्त उपक्रम है। यह मिसाइल बेहद तेजी से, पूरी सटीकता के साथ अपने लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है।

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