
देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महाराष्ट्र के नागपुर में सोलर इंडस्ट्रीज द्वारा निर्मित मीडियम कैलिबर एम्युनिशन फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब वह ऐसे निजी क्षेत्र के रक्षा संयंत्र देखते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि नया संकल्प, नई ऊर्जा और नवाचार दिखाई देता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब रक्षा उत्पादन लगभग पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र तक सीमित था। निजी कंपनियों की भागीदारी बहुत कम थी। लेकिन बीते वर्षों में इस सोच को बदला गया। आज निजी क्षेत्र रक्षा उत्पादन में बड़ी भूमिका निभा रहा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दे रहा है।
, तब तक यह मिशन जारी रहेगा
नागपुर में बनी यह अत्याधुनिक फैसिलिटी सौर उद्योग द्वारा तैयार की गई है। यहां आधुनिक तकनीक से मीडियम कैलिबर गोला-बारूद का निर्माण किया जाएगा। इससे भारतीय सशस्त्र बलों को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाला एम्युनिशन उपलब्ध होगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। रक्षा मंत्री ने अपने नागपुर दौरे के दौरान इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी से न सिर्फ उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। इससे भारत वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। जयपुर में 78वें सेना दिवस पर ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक आतंकवाद एक विचारधारा के रूप में खत्म नहीं हो जाता, तब तक यह मिशन जारी रहेगा।
सशस्त्र बलों पर जनता के भरोसे का प्रमाण
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज युद्ध सिर्फ बंदूक और गोलियों तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर स्पेस, ड्रोन, मोबाइल फोन, अंतरिक्ष और मीडिया भी युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं। भारतीय सशस्त्र बलों ने बदलते हालात के अनुसार खुद को तेजी से अपग्रेड किया है, जो देश के लिए गर्व की बात है। राजनाथ सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने सात मई को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई देश के सशस्त्र बलों पर जनता के भरोसे का प्रमाण है।