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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा, यह आप जान चुके होंगे- जी हां, बॉस। अब यह भी जान लीजिए कि नितिन नवीन या नितिन नबीन है नाम? लोग यह भी जानना चाह रहे कि वह किस जाति के हैं? कहां तक पढ़े हैं? उनकी पृष्ठभूमि क्या रही है और उनका पारिवारिक भविष्य क्या है? बिहार भाजपा के दिग्गज दिवंगत नेता और विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं नितिन। चुनाव आयोग के शपथ पत्र में भी वह अपना नाम हिंदी में नितिन नवीन लिखते हैं। हस्ताक्षर में भी स्पष्ट तौर पर हिंदी का ही नाम नितिन नवीन है। दूसरी तरफ, अंग्रेजी में हर जगह Nitin Nabin लिखा गया है। हर सोशल मीडिया खाते से लेकर ईमेल आईडी तक में यही लिखा है। इसलिए, अंग्रेजी में नितिन नबीन और हिंदी में वह नितिन नवीन हैं। पिता के नाम के हिसाब से उन्हें नितिन नवीन ही हैं। उनके पिता को देसज में लोग नबीन बाबू कहते थे, लेकिन कागज पर वह नवीन किशोर सिन्हा था। नवीन, मतलब नया। नितिन को भी कई लोग नितिन नबीन कह देते हैं, हालांकि उनका नाम नितिन नवीन ही प्रचलित है।

चुनाव हुआ तो नितिन विधायक बने
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 12वीं तक पढ़े हैं। शुरुआती पढ़ाई बिहार के सबसे प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल- संत माइकल हाई स्कूल से हुई थी। यहीं से 1996 में 10वीं की सीबीएसई परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली में 12वीं करने गए। 1998 में 12वीं करने के बाद वह मूल धारा की स्नातक से अलग पढ़ाई करने के लिए प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे थे। 2005 में पिता नवीन किशोर सिन्हा भाजपा विधायक के रूप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के उप मुख्यमंत्री नहीं तो मंत्री जरूर बनते, लेकिन इससे पहले दिल्ली से उनकी मौत की खबर आई। इससे नितिन की पढ़ाई-तैयारी जहां की तहां रह गई। अगले साल उनकी सीट पर उप चुनाव हुआ तो नितिन विधायक बने। मतलब, अंतिम पढ़ाई 12वीं ही रह गई।

जाति को लेकर लोग जानना चाहते
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कायस्थ जाति के हैं। बिहार में यह जाति सवर्ण श्रेणी में है। बिहार की जातीय जनगणना में इस जाति का प्रतिशत महज 0.6 बताया गया। नितिन के पिता का नाम नवीन किशोर सिन्हा था। सिन्हा टाइटल दस्तावेजों में कायस्थों का है, लेकिन बिहार में भूमिहार और कुर्मी-काईरी भी लगाने लगे। कुछ राजपूत भी यह टाइटल अब लगाते हैं। इसलिए, नितिन नवीन की जाति को लेकर लोग जानना चाहते हैं। नवीन किशोर सिन्हा और उनकी पत्नी मीरा सिन्हा के इकलौते पुत्र हैं नितिन नवीन। पहले पिता और फिर माता का निधन हो चुका। मीरा सिन्हा का मानना था कि बेटा राजनीति में रहेगा तो उसका भविष्य कभी सुनिश्चित नहीं रहेगा, इसलिए वह बेटे के लिए कामकाजी बहू चाहती थीं। वह कायस्थ जाति से ही बहू लाना चाहती थीं और कामकाजी भी। दीपमाला श्रीवास्तव से नितिन नवीन की शादी उनकी पसंद से ही हुई। दीपमाला बैंक अधिकारी थीं।

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