
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने शनिवार को अपने एक बयान में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है और राहुल गांधी कांग्रेस को अपने परिवार की पार्टी के तौर पर चलाते हैं। शकील अहमद ने ये भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में वे शशि थरूर को वोट देना चाहते थे, लेकिन मजबूरी में उन्हें मल्लिकार्जुन खरगे को वोट देना पड़ा। शकील अहमद के बयान पर जब तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘मैं किसी अन्य के बयान पर कुछ नहीं कह सकता। मुझे लगता है अगर शकील साहब ने कुछ कहा है तो वो ही इस बारे में बता सकते हैं। वे अपने लिए खुद बोल सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर प्रतिक्रिया देने की जरूरत है।’
खरगे के लिए वोट मांग रहे
बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस में कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। जिस तरह से नेपाल में कानून है कि राजा के मुंह से जो निकला, वहीं कानून है, उसी तरह से कांग्रेस पार्टी में भी राहुल गांधी जो बोलते हैं, वही होता है। शकील अहमद ने कहा कि सोनिया गांधी सभी को साथ लेकर चलतीं थी और नेताओं से समय-समय पर मुलाकात करती रहतीं थी, लेकिन राहुल गांधी नेताओं से नहीं मिलते। शकील अहमद ने ये भी कहा कि राहुल गांधी गिने-चुने लोगों से ही मिलते हैं और वे पार्टी के नेताओं की लोकप्रियता से घबराते हैं। शकील अहमद ने ये भी कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में वे शशि थरूर को वोट देना चाहते थे, लेकिन राहुल गांधी और सोनिया गांधी के वफादार लोग खरगे के लिए वोट मांग रहे हैं। मैंने अपनी मर्जी के खिलाफ जाकर खरगे साहब को वोट दिया क्योंकि मैं अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहता था।
पार्टी के खिलाफ बयान दिया
शशि थरूर भी इन दिनों पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। केरल कांग्रेस की बैठकों से वे नदारद हैं। शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए सरकार की तारीफ की थी और कई बार वे मोदी सरकार की नीतियों की भी सराहना कर चुके हैं। कांग्रेस पार्टी में इन दिनों विरोध के स्वर उठ रहे हैं। शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेद हैं और अब बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने भी पार्टी के खिलाफ बयान दिया है।