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टी20 विश्व कप 2026 को बहिष्कार करने की पाकिस्तान की गीदड़भभकियों पर भारत के पूर्व स्टार और विश्व कप विजेता क्रिकेटर सुरेश रैना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रैना ने इस पूरे संकट के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि टूर्नामेंट से दूर रहने की सोच उन्हें काफी महंगी पड़ सकती है। विवाद तब भड़का जब बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का निर्देश दिया। इसके बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत आने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने उनकी मांग खारिज की और अंततः बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। रैना ने सुरक्षा दावों को सिरे से नकारते हुए कहा कि भारत में सभी इंतजाम मौजूद थे। रैना ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, ‘भारत में सुरक्षा पूरी थी, सब कुछ मौजूद था। जो बांग्लादेश के साथ हुआ, उसमें गलती उन्हीं की है।’

सांस्कृतिक तौर पर भारी नुकसान उठाना
रैना का मानना है कि बांग्लादेश ने क्रिकेटिंग नजरिए से भी बड़ा नुकसान किया। उन्होंने कहा, ‘अगर बांग्लादेश भारत आता तो तस्वीर अलग होती। उनकी टीम बहुत मजबूत है, खासकर स्पिनर्स यहां की परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं। वे बहुत कुछ खो देंगे।’ अपने अनुभव साझा करते हुए रैना ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2016 टी20 वर्ल्ड कप का जिक्र किया और भारत के माहौल को त्योहार बताया। रैना ने कहा, ‘भारत में वर्ल्ड कप खेलना किसी त्योहार से कम नहीं होता। हर टीम को इसका हिस्सा बनना चाहिए।’ पाकिस्तान द्वारा एकजुटता बहिष्कार या भारत के खिलाफ मैच न खेलने की अटकलों के बीच रैना ने पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी को साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘आईसीसी चेयरमैन पहले ही साफ कह चुके हैं- जो टीमें भारत नहीं आएंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’ रैना ने यह भी जोड़ा कि भारत में नहीं खेलने का मतलब है व्यावसायिक और सांस्कृतिक तौर पर भारी नुकसान उठाना।

सबसे बेहतरीन क्रिकेट होता
रैना ने कहा कि जब भारत डिफेंडिंग चैंपियन है और दुनिया की टॉप टीम है, तो उससे बचना फैंस और क्रिकेट, दोनों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे टूर्नामेंट से दूर रहना, जहां सबसे बेहतरीन क्रिकेट होता है, किसी के हित में नहीं।’ रैना की बातें आईसीसी के कड़े रुख से मेल खाती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी बहिष्कार करने वाली टीमों पर अभूतपूर्व प्रतिबंध, यहां तक कि सदस्यता निलंबन जैसे कदम भी उठा सकता है। पीसीबी को या तो शुक्रवार या फिर दो फरवरी को अंतिम फैसला लेना है और रैना का संदेश स्पष्ट है: दूर रहने की कीमत बहुत भारी है।

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