NEWS अब तक

संसद में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। विपक्ष के मकर द्वार पर प्रदर्शन के दौरान जब रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे तो कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उनपर टिप्पणी की और उन्हें गद्दार कह दिया। इस दौरान रवनीत सिंह बिट्टू पीछे नहीं रहे, उन्होंने राहुल गांधी को देश का दुश्मन कहा। अब इस मामले पर भाजपा नेताओं की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आरपी सिंह और भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने संयुक्त रूप से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सिख धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू एक सिख परिवार से आते हैं जिसने देश की सेवा की है, राहुल गांधी की गद्दार वाली टिप्पणी अस्वीकार्य है।

संसदीय चर्चा शालीनता
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस दौरान कहा कि इस शब्द का प्रयोग हल्के में नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका अर्थ है देश के साथ विश्वासघात करने वाला। यह सिख समुदाय के लिए एक गंभीर मुद्दा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी रवनीत बिट्टू के पार्टी छोड़ने से नाराज हैं, लेकिन उन्होंने उनसे यह भी कहा कि आप वापस आएंगे। सिर्फ इसलिए कि एक पगड़ीधारी व्यक्ति आपकी पार्टी छोड़ देता है, आप उसे गद्दार कह देते हैं। हरदीप पुरी ने कहा, ‘हम यहां सिर्फ भाजपा के सदस्य बनकर नहीं, बल्कि सिख समुदाय के गौरवान्वित और गहरे आहत सदस्य बनकर आए हैं। आज संसद के बाहर, जब हमारे सहयोगी और भाजपा मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उस जगह से गुजर रहे थे जहां राहुल गांधी और उनके साथी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनके खिलाफ नारे लगाए गए। मैं माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि ऐसे शब्दों का अंग्रेजी में अनुवाद करने पर उनका भाव और बारीकियां अक्सर खो जाती हैं। इस्तेमाल किया गया शब्द था गद्दार। हालांकि इसका आम तौर पर अनुवाद गद्दार के रूप में किया जाता है, लेकिन इससे पूरा अर्थ व्यक्त नहीं होता। गद्दार वह होता है जो देश के साथ विश्वासघात करता है- जो देश या उसके रहस्यों को बेच देता है। इस शब्द का हल्के में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए… लेकिन रवनीत सिंह बिट्टू कौन हैं? वे सिर्फ लुधियाना से चुने गए सांसद नहीं हैं। वे सिर्फ एक ऐसे सिख परिवार से नहीं हैं जिसने देश की सेवा की है। उनके परिवार ने बलिदान दिए हैं, ऐसे व्यक्ति को गद्दार कहना अस्वीकार्य है। किसी भी समुदाय के किसी भी व्यक्ति को गद्दार कहना अस्वीकार्य है। संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह संसदीय चर्चा शालीनता और सभ्य भाषा पर आधारित होनी चाहिए।’

सदन की मर्यादा का सम्मान करने के भी लायक नहीं
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति के दादा ने इस देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, उसे देशद्रोही बताया जा रहा है, जबकि जो लोग देश को टुकड़ों में तोड़ने की बात करते हैं, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है… समस्या यह है कि कुछ लोग अभी भी सामंती, शाही मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। कुछ परिवार अभी भी खुद को हकदार समझते हैं और खुद को इस देश का मालिक मानते हैं। वे उस सोच से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। उनका मानना है कि सोचने और काम करने का सिर्फ उनका तरीका ही सही है, और यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं यह बहुत साफ कहना चाहता हूं- यह पहली बार नहीं है। मुझसे बेहतर यह कोई नहीं जानता, यह व्यवहार उनकी आदत है। वे सिखों को गाली देने के आदी हैं और किसी भी सिख का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। यह वही लोग थे जिन्होंने एक समय इस देश में ‘कमजोर प्रधानमंत्री’ का नैरेटिव बनाया था… आज, आप हाथों में संविधान लेकर घूमते हैं और दावा करते हैं कि आप इसकी रक्षा करेंगे। लेकिन एक मंत्री जो भारत सरकार में संविधान के तहत काम कर रहा है, अगर आप उसे ‘देशद्रोही’ कह रहे हैं, तो इसका क्या औचित्य हो सकता है?… अब तक, इस देश के लोग कहते थे कि यह व्यक्ति राजनीति के लिए फिट नहीं है। आज की घटना के बाद, देश के लोग कहेंगे कि वह संसद सदस्य होने की गरिमा बनाए रखने या सदन की मर्यादा का सम्मान करने के भी लायक नहीं है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *