
सरिता साहनी
नई दिल्ली, 9 मार्च 2026
शहर की सड़कों, गलियों और रेलवे ट्रैक के आसपास जमा कचरा और मलबा हटाने के लिए बड़ा कदम
राजधानी दिल्ली को अधिक स्वच्छ और धूल-मुक्त बनाने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम ने एक विशेष 10 दिवसीय सफाई अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य शहर के विभिन्न हिस्सों में जमा कचरे, निर्माण और विध्वंस के मलबे तथा रेलवे ट्रैक के पास पड़े ठोस अपशिष्ट को हटाना है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह अभियान दिल्ली के सभी जोनों में एक साथ चलाया जा रहा है। इसके तहत सड़कों, गलियों, सर्विस रोड, खाली प्लॉट, नालों के किनारों और रेलवे ट्रैक के पास जमा कचरे को हटाकर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही इस अभियान का एक बड़ा उद्देश्य शहर में बढ़ते धूल प्रदूषण को कम करना भी है।
स्वच्छता सुधार और प्रदूषण कम करने के लिए विशेष योजना
दिल्ली नगर निगम द्वारा शुरू किए गए इस अभियान को एक तय रणनीति के तहत चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के कई क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के कारण बड़ी मात्रा में मलबा सड़कों और खाली स्थानों पर जमा हो जाता है। इसके अलावा रेलवे ट्रैक के किनारे भी अक्सर कचरा और ठोस अपशिष्ट जमा हो जाता है, जिससे न केवल गंदगी फैलती है बल्कि धूल और प्रदूषण भी बढ़ता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है, ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों से कचरा और मलबा हटाकर वातावरण को साफ और स्वच्छ बनाया जा सके। नगर निगम का मानना है कि यदि नियमित रूप से इस तरह के अभियान चलाए जाएं तो दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था में बड़ा सुधार हो सकता है।
रेलवे ट्रैक के आसपास सफाई को दी जा रही प्राथमिकता
इस विशेष अभियान के दौरान रेलवे ट्रैक के आसपास जमा कचरे को हटाने को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए दिल्ली नगर निगम के क्षेत्रीय उपायुक्तों ने रेलवे विभाग के साथ मिलकर पहले से ही उन स्थानों का सर्वेक्षण कर लिया था, जहां अधिक मात्रा में कचरा जमा है। इसके बाद संबंधित जोनों को निर्देश दिए गए कि वे इन स्थानों पर तुरंत सफाई अभियान शुरू करें। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के पास जमा कचरा अक्सर लंबे समय तक वहीं पड़ा रहता है, जिससे आसपास के इलाकों में गंदगी और प्रदूषण बढ़ जाता है। इसलिए इस अभियान के माध्यम से ऐसे सभी स्थानों की सफाई की जा रही है।
सड़कों, गलियों और खाली प्लॉटों की भी व्यापक सफाई
अभियान के तहत केवल रेलवे ट्रैक ही नहीं बल्कि शहर की सड़कों, गलियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की भी व्यापक सफाई की जा रही है। कई इलाकों में खाली प्लॉटों में भी लोग कचरा और मलबा डाल देते हैं, जिससे वहां गंदगी फैल जाती है। इस अभियान के दौरान नगर निगम की टीमें ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां से मलबा और कचरा हटाने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही नालों के किनारे जमा ठोस अपशिष्ट को भी हटाया जा रहा है ताकि जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनी रहे और आसपास का वातावरण साफ रहे।
धूल प्रदूषण कम करने के लिए विशेष उपाय
दिल्ली में धूल प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन चुका है। इसी कारण इस अभियान में केवल कचरा हटाने तक ही काम सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि धूल को कम करने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं।
दिल्ली नगर निगम के अनुसार प्रमुख सड़कों पर पानी के छिड़काव वाले टैंकर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर एंटी-स्मॉग गन भी तैनात की जा रही हैं ताकि हवा में उड़ने वाली धूल को कम किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों से शहर के वातावरण में सुधार देखने को मिल सकता है।
अभियान के पहले दिन ही बड़ी मात्रा में कचरा हटाया गया
इस 10 दिवसीय अभियान के पहले ही दिन पूरे शहर में बड़े पैमाने पर सफाई कार्य किया गया। दिल्ली नगर निगम के अनुसार पहले दिन रेलवे ट्रैक के किनारे जमा लगभग 250 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया। इसके अलावा शहर के विभिन्न जोनों में चलाए गए सफाई अभियान के दौरान सड़कों और अन्य स्थानों से लगभग 500 मीट्रिक टन मलबा और कचरा हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानों को साफ किया जा सके।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
अभियान को सफल बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम के सभी जोनल अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि सफाई कार्य के लिए पर्याप्त जनशक्ति, मशीनरी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। नगर निगम का कहना है कि यदि सभी विभाग मिलकर इस अभियान को गंभीरता से लागू करें तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखाई दे सकता है। इसके साथ ही यह अभियान लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में मदद करेगा।
स्वच्छ और धूल-मुक्त दिल्ली बनाने की दिशा में कदम
नगर निगम के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल कचरा हटाना ही नहीं है, बल्कि दिल्ली को एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाना भी है। यदि सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा नहीं होगा तो धूल प्रदूषण भी कम होगा और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा। दिल्ली नगर निगम का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हो सके और दिल्ली को एक अधिक साफ-सुथरा तथा धूल-मुक्त शहर बनाया जा सके।