
सरिता साहनी
नई दिल्ली, 15 मार्च 2026
दिल्ली में आयोजित ओडिशा पर्ब 2026 कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा, पर्यटन और श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने उड़िया समुदाय के देश के विकास और राष्ट्रनिर्माण में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को नमन किया। यह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (जेएलएन स्टेडियम) में आयोजित किया गया। तीन दिनों तक चले इस उत्सव के अंतिम दिन ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उड़िया समाज के लोग, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन देश की विविधता और एकता को मजबूत बनाते हैं और लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का अवसर देते हैं।
उड़िया समुदाय के योगदान को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि उड़िया समुदाय ने हमेशा देश के विकास और समाज की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में उड़िया समाज का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि उड़ीसा की संस्कृति में वीरता, शौर्य, शांति और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह संस्कृति केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कपिल मिश्रा ने कहा कि उड़िया समाज की परंपराएं और संस्कृति हमें यह सिखाती हैं कि किस तरह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जिया जा सकता है।
भगवान जगन्नाथ की परंपरा और संस्कृति का महत्व
कपिल मिश्रा ने अपने संबोधन में भगवान जगन्नाथ की परंपरा और उससे जुड़ी संस्कृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से देश में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि उड़ीसा की संस्कृति में भगवान जगन्नाथ की भक्ति और धार्मिक परंपराएं लोगों को एकता, सेवा और मानवता का संदेश देती हैं। कपिल मिश्रा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
दिल्ली बन रही देश की सांस्कृतिक राजधानी
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के तहत देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति को एक साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ दिल्ली में अलग-अलग राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इससे दिल्ली धीरे-धीरे देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब देश के हर राज्य की संस्कृति, परंपरा, खान-पान और कला की झलक देखने को मिलती है। इससे देश की विविधता को समझने का अवसर भी मिलता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हो रहे आयोजन
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में अलग-अलग राज्यों के स्थापना दिवस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य देश के हर राज्य की संस्कृति और परंपरा को सम्मान देना और लोगों को उससे परिचित कराना है।
मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रम और भी बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे ताकि दिल्ली में रहने वाले लोगों को देश की विविध संस्कृति को करीब से देखने और समझने का मौका मिल सके।
दिल्ली में दिख रही मिनी भारत की झलक
अपने संबोधन में कपिल मिश्रा ने कहा कि आज दिल्ली केवल देश की राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे भारत की संस्कृति का आईना बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अलग-अलग राज्यों के लोग रहते हैं और सभी अपनी संस्कृति, परंपरा और त्योहारों को यहां मनाते हैं। इसी कारण दिल्ली में मिनी भारत की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लोगों के बीच आपसी भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं।
प्रकृति के साथ सामंजस्य की सीख
कपिल मिश्रा ने कहा कि उड़ीसा की संस्कृति हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, तब उड़ीसा की पारंपरिक जीवनशैली से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उड़िया संस्कृति में प्रकृति को सम्मान देने और उसके साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने की जो परंपरा है, वह पूरी दुनिया के लिए एक उदाहरण है।
आयोजन के लिए उड़िया समाज और आयोजकों का आभार
कार्यक्रम के अंत में मंत्री कपिल मिश्रा ने इस भव्य आयोजन के लिए उड़िया समाज और आयोजकों का धन्यवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल संस्कृति को बढ़ावा देते हैं बल्कि समाज को एकजुट करने का भी काम करते हैं। कपिल मिश्रा ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी दिल्ली में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे और देश की विविध संस्कृति को एक मंच पर लाने का यह प्रयास लगातार मजबूत होता रहेगा।