NEWS अब तक

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक मार्ग बाधित होने के कारण भारत में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस अभूतपूर्व संकट से निपटने और देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के उपयोग को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है .

आवाजाही में भारी गिरावट आई

भारत में इन दिनों एलपीजी संकट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों पर उत्पन्न हुए गंभीर व्यवधानों का परिणाम है। भारत अपनी घरेलू एलपीजी खपत का लगभग 60 से 62 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। इस आयातित एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा ओमान और ईरान के बीच स्थित संकरे समुद्री मार्ग, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के माध्यम से आता है। मार्च 2026 की शुरुआत से, ईरानी बलों की चेतावनी के बाद इस मार्ग से टैंकरों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है, इससे कतर और सऊदी अरब से भारत में एलपीजी की आवक में अनुमानित 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *