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जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया है। भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य में मुख्यमंत्री का चेहरा अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही तय करेंगे। इस दौरान किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धीरे-धीरे साइडलाइन किया जा रहा है। सोमवार को भागलपुर में सरकार पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, ‘वह चुनाव से पहले से ही स्वस्थ नहीं हैं, इसलिए उन्हें हटाया जा रहा है। लेकिन बिहार की जनता के साथ विश्वासघात किसने किया? उनकी पार्टी और बीजेपी ने। अब युवाओं को एक करोड़ नौकरियां कौन देगा?’ उन्होंने आगे कहा, ‘आज मुख्यमंत्री का चेहरा वही होगा, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह चाहेंगे।’

पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने
प्रशांत किशोर का यह बयान सीएम नीतीश के विधान परिषद में इस्तीफा देने के समय आया है। बता दें कि पिछले 5 मार्च को नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था और नई कैबिनेट को अपना पूरा समर्थन जताया था। उन्होंने अपने संदेश में ‘विकसित बिहार’ के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए नई सरकार को सहयोग और मार्गदर्शन देने की बात कही थी। वहीं हाल ही में नीतीश कुमार को जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी सर्वसम्मति से चुना गया, क्योंकि इस पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आया। बता दें कि नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर गठबंधन की राजनीति का एक अनूठा उदाहरण रहा है। 1985 में विधायक के रूप में शुरुआत करने वाले नीतीश कुमार ने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 2005 में वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने।

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