
नई दिल्ली, 03 अप्रैल 2026
दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा, पर्यटन एवं श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘इंद्रप्रस्थ कल्चरल फेस्टिवल 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। यह तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आए कलाकार, लेखक, इतिहासकार और युवा भाग ले रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और उसे नई दिशा देना है।
भारत हैबिटेट सेंटर में जुटा देशभर का सांस्कृतिक संगम
यह भव्य आयोजन भारत हैबिटेट सेंटर में हो रहा है, जहां पूरे देश की सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। इस फेस्टिवल में 100 से अधिक वक्ता और 50 से ज्यादा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। साथ ही, साहित्यिक सत्र, युवा टाउनहॉल और विशेष प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। यह मंच न केवल मनोरंजन बल्कि ज्ञान और विचार-विमर्श का भी अवसर प्रदान कर रहा है।
“इंद्रप्रस्थ नाम हमारी असली पहचान”
अपने संबोधन में कपिल मिश्रा ने कहा कि “इंद्रप्रस्थ” नाम दिल्ली की प्राचीन पहचान को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि यह नाम सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि दिल्ली के इतिहास और सभ्यता की गहराई को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल दिल्ली की उस पहचान को फिर से सामने लाने की कोशिश है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया।
तथ्य और तर्क पर आधारित संवाद की जरूरत
कपिल मिश्रा ने कहा कि समाज को सही दिशा देने के लिए जरूरी है कि बातचीत तथ्य, तर्क और सच्चाई पर आधारित हो। उन्होंने बताया कि जब समाज में सही जानकारी और प्रमाण के आधार पर चर्चा होती है, तो गलतफहमियां दूर होती हैं और एक सकारात्मक सोच विकसित होती है।
दिल्ली बनी ‘मिनी इंडिया’ की पहचान
कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली को “मिनी इंडिया” कहा जाता है, क्योंकि यहां पूरे देश की संस्कृति देखने को मिलती है। यहां हर राज्य के त्योहार और परंपराएं पूरे उत्साह के साथ मनाई जाती हैं। यही विविधता दिल्ली को खास बनाती है और इस फेस्टिवल के जरिए उसी को और मजबूत किया जा रहा है।
पिछले एक साल में बढ़े सांस्कृतिक आयोजन
कपिल मिश्रा ने बताया कि पिछले एक साल में दिल्ली में कई बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कर्तव्य पथ पर दीपोत्सव, यमुना किनारे छठ पर्व, तीज और नवरात्रि जैसे त्योहारों को बड़े स्तर पर मनाया गया। इन आयोजनों में युवाओं की भागीदारी भी काफी बढ़ी है, जिससे सांस्कृतिक जागरूकता मजबूत हुई है।
जनता से ज्यादा से ज्यादा भाग लेने की अपील
कपिल मिश्रा ने लोगों से अपील की कि वे इस फेस्टिवल में जरूर शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा मंच है जहां देश के बड़े-बड़े विचारक, कलाकार और लेखक एक साथ आकर अपने विचार साझा कर रहे हैं। लोग यहां आकर अपनी संस्कृति और इतिहास को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।
सुरक्षा को लेकर लिया गया अहम फैसला
अपने भाषण में कपिल मिश्रा ने सुरक्षा से जुड़े एक बड़े फैसले की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पुराने सीसीटीवी कैमरों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, खासकर वे कैमरे जो इंटरनेट से जुड़े होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से कमजोर माने जा रहे थे। इस कदम का उद्देश्य दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
तीन दिनों तक चलेगा सांस्कृतिक महोत्सव
‘इंद्रप्रस्थ कल्चरल फेस्टिवल 2026’ के दौरान तीन दिनों तक कई खास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, साहित्यिक चर्चा, युवा संवाद और कला प्रदर्शनी शामिल हैं। यह आयोजन दिल्ली को एक मजबूत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संस्कृति से मजबूत होगी दिल्ली की पहचान
कुल मिलाकर, कपिल मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित यह फेस्टिवल दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने का प्रयास है। इस आयोजन के जरिए न केवल देश की समृद्ध संस्कृति को सामने लाया जा रहा है, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी काम किया जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे आयोजन दिल्ली को एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में और मजबूत बनाएंगे।