
दुनिया की नजरें इस वक्त पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हैं, जहां दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का आगाज हो चुका है। त्रिपक्षीय युद्धविराम वार्ता के इस पहले चरण में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, बातचीत की मेज सजने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवरों ने माहौल में गर्मी पैदा कर दी है।
होर्मुज के अलावा कोई कार्ड नहीं बचा
शांति वार्ता के शुरू होते ही ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि ईरान एक असफल देश है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार तो है, लेकिन किसी भी समझौते के लिए झुकने वाला नहीं है। ट्रंप ने एक मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में चेतावनी दी कि यदि बातचीत उनकी शर्तों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ती है, तो अमेरिका ‘रीसेट’ बटन दबाने के लिए तैयार है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जल्द ही होर्मुज को व्यापार के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान के पास बातचीत के लिए होर्मुज के अलावा कोई कार्ड नहीं बचा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरानी अर्थव्यवस्था इतनी जर्जर हो चुकी है कि बातचीत करना अब उनके लिए मजबूरी है।