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BCCI अध्यक्ष पद खाली देवजीत सैकिया बोले, जल्द होगा बड़ा ऐलान, AGM होगा 30 सितंबर तक

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने रोजर बिन्नी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अध्यक्ष पद को लेकर बयानदिया है. सैकिया ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में बोर्ड अध्यक्ष पद को लेकर अपनी रणनीति का खुलासा करेगा. बिन्नी ने जुलाई में 70 सालहोने के बाद पद छोड़ दिया था. बीसीसीआई के संविधान के अनुसार, कोई भी शीर्ष अधिकारी 70 साल की उम्र के बाद पद पर नहीं बना रह सकता है.बीसीसीआई सितंबर में वार्षिक आम बैठक (एजीएम) करेगा. माना जा रहा है कि इस एजीएम में अगले अध्यक्ष को लेकर चर्चा हो सकती है. जल्द हीइस बारे में जानकारी दी जाएगी और बीसीसीआई की एजीएम 30 सितंबर तक होनी है। बीसीसीआई अपने संविधान का पालन करेगा, इसके अनुसारसितंबर के अंत तक एजीएम होनी चाहिए. हम 30 सितंबर तक एजीएम आयोजित कर लेंगे और अगले दो दिनों में इसकी तारीख, समय और स्थानकी जानकारी दी जाएगी. बीसीसीआई अध्यक्ष था बनाया गयाबिन्नी के पद छोड़ने के बाद ऐसी चर्चा थी कि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार हैं. सूत्रों ने कहा कि शुक्ला अंतरिम अध्यक्षके तौर पर पद संभाल सकते हैं, लेकिन एजीएम के दौरान बीसीसीआई के पूर्णकालिक अध्यक्ष पद के लिए खड़े हो सकते हैं. हालांकि, शुक्ला ने इनरिपोर्ट्स का खंडन किया है. बिन्नी को अक्तूबर 2022 में बीसीसीआई अध्यक्ष बनाया गया था उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह लीथी गांगुली ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. तब बिन्नी शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे. इससेपहले खबरें आई थी कि बिन्नी सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की एजीएम तक पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही पद छोड़ दिया. पहले ही छोड़ा पदबिन्नी के पद छोड़ने के बाद ऐसी चर्चा थी कि उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार हैं. सूत्रों ने कहा कि शुक्ला अंतरिम अध्यक्षके तौर पर पद संभाल सकते हैं, लेकिन एजीएम के दौरान बीसीसीआई के पूर्णकालिक अध्यक्ष पद के लिए खड़े हो सकते हैं। हालांकि, शुक्ला ने इनरिपोर्ट्स का खंडन किया है. बिन्नी को अक्तूबर 2022 में बीसीसीआई अध्यक्ष बनाया गया था उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की जगह लीथी गांगुली ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था. तब बिन्नी शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र उम्मीदवार थे. इससेपहले खबरें आई थी कि बिन्नी सितंबर में होने वाली बीसीसीआई की एजीएम तक पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्होंने इससे पहले ही पद छोड़ दिया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण जनता सेवा के लिए 250 नई बसों का शुभारंभ किया, सड़क सुरक्षा पर जताई विशेष चिंता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित परिवहन विभाग के कार्यक्रम में पहुंचे. इस मंच से उन्होंने प्रदेश कोग्रामीण जनता सेवा का तोहफा दिया. इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेशभर में 250 बसें संचालित की जाएंगी प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट जनतासेवा की होगी. ये बसें 75-80 किमी दूरी के दायरे में आने वाले गांवों तक चलेंगी. इसका किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा. सीएम आरटीओकार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों सहित कई श्रेणियों में बसों की भी सौगात दी. इस मौके पर सीएम ने परिवहन मंत्री की चुटकी लेते हुए कहा कि आज मंत्री जी जल्दी आ गए, हम तो सोचे थे कि 12 बजे तक आएंगे। लेकिन, आजपहले आ गए यह प्रमाण है कि परिवहन बदल रहा है परिवहन विभाग चुनौतियों से जूझने के लिए तैयार है फाइल लटकाने की आदत खत्म करनीहोगी. समय की प्रतिबद्धता तय करनी होगी. कुंभ और कोरोना के दौरान परिवहन विभाग ने करके दिखाया है. उस वक्त यूपी वासियों को उनके गांवतक पहुंचाया उत्तराखंड के प्रवासी को भी पहुंचाया. चालक-परिचालकों ने सफलता पूर्वक पहुंचाया महाकुंभ में भी परिवहन विभाग ने 45 दिन मेंतमाम लोगों की सेवा की उन्हें पुण्य कमाने में मदद की रेलवे स्टेशन से लोगों को बाहर पहुंचने में मदद की परिवहन विभाग हमेशा प्रदेश के अंदर समयका साथी है. मददगार होगा साबितमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है आज कई नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं कामन सर्विस सेंटर पर लोग परिवहनकी सेवा ले सकेंगे. आईआईटी, खड़गपुर के साथ MOU होना तकनीकी रूप से समृद्ध करेगा. 149 यात्री के लिए अहम है यह मददगार साबित होगा. आज सात बस स्टेशन का शिलान्यास हो रहा है. 54 अन्य वर्ड क्लास स्टेशन बनेंगे. सीएम ने कहा कि बेहतरी के लिए तैयार रहना होगा सड़क सुरक्षाचुनौती है. यह हमारी ही जिम्मेदारी है इसके लिए कोरोना की तरह ही लोगों को जागरूक करना होगा। क्योंकि, सड़क हादसों में लगातार मौतों हो रहीहैं अब हमें उसे न्यूनतम स्तर पर लाना है. यदि परिवहन निगम की लापरवाही से जनहानि होती है तो आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह की क्षति होतीहै. लोगों की बचाई जा सके जानड्राइवर का हर तीन माह में मेडिकल फिटनेस होना चाहिए ये सुनिश्चित करें कि चालक अंदाजे से न चलें. क्योंकि, बस में बैठे व्यक्ति की हमारीजिम्मेदारी है इसके लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें तत्परता दिखाएं. विभिन्न संस्थाओं को साथ जोड़ें स्कूल कॉलेज में जागरूक करें बताएं किहेलमेट से कैसे बचा सकता है. शराब कैसे जनहानि पहुंचा सकती है ये सारी बातें लोगों को बताएं. ताकि लोगों की जान बचाई जा सके. मुख्यमत्री नेअपने संबोधन में आगे कहा कि ‘नो हेलमेट… नो फ्यूल’ अभियान अच्छा है इस तरह छोटे-छोटे प्रयासों की जरूरत है सड़क सुरक्षा के लक्ष्य के लिएसभी को साथ लगना होगा. यूपी पुलिस को भी कहा है. उन्होंने एप विकसित किया है काम किया तो परिणाम निकले हैं. जहां 18 दुर्घटनाएं होती थीं, वह तीन पर आ गई हैं. इस तरह के प्रयोग करना होगा.

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई भारतीय युवा कांग्रेस

देश के कई हिस्से इस समय बाढ़ की आपदा से जूझ रहे हैं। बाढ़ ने पंजाब, जम्मू–कश्मीर और आसपास के राज्यों में हजारों परिवारों को बेघर औरबेबस कर दिया है। इस मुश्किल समय में भारतीय युवा कांग्रेस ने इंसानियत की मिसाल पेश की और राहत सामग्री से भरे ट्रकों को रवाना किया। राहत सामग्री रवानाभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से दो ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन ट्रकों मेंबाढ़ पीड़ितों के लिए जरूरी सामान रखा गया है। इसमें आलू, प्याज, चीनी, खाने का तेल, मसाले, कंबल, पानी की बोतलें और दवाइयाँ शामिल हैं।इनका मकसद यह है कि जिन लोगों के पास न घर बचा है, न खाना और न दवाइयाँ, उन तक तुरंत मदद पहुँच सके। इंसानियत ही सबसे बड़ी ताक़तराहत सामग्री रवाना करने के बाद उदय भानु चिब ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और युवा कांग्रेस हमेशा जनता के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने कहा मुसीबतकी घड़ी में इंसानियत ही सबसे बड़ी ताक़त है। राहुल गांधी जी के निर्देश पर हम सबने मिलकर यह कदम उठाया है। हर पीड़ित परिवार तक राशन, भोजन, दवाइयाँ और पीने का पानी पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है। यह सिर्फ सामग्री नहीं, बल्कि करुणा और संवेदनशीलता का संदेश भी है। उन्होंनेयह भी बताया कि आने वाले दिनों में और राज्यों में भी राहत सामग्री भेजी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुँच सके। केंद्र सरकार पर निशानाइस अवसर पर उदय भानु चिब ने भाजपा और केंद्र सरकार पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब लोग बाढ़ से त्रस्त हैं, तब भी भाजपा सरकारराजनीति और इवेंट मैनेजमेंट में लगी हुई है। यह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मदद का है। मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूँ कि वह तुरंत कदमउठाए और बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगीइस कार्यक्रम में भारतीय युवा कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें राष्ट्रीय महासचिव निगम भंडारी, शिवी चौहान, खुशबू शर्मा, राष्ट्रीयसचिव हरि कृष्णा, मनु जैन, रूपेश भदौरिया, दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, हरियाणा प्रदेश युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष सोमिल संधूसमेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि युवा कांग्रेस हर समय जनता के साथ खड़ी है। कांग्रेस का संदेशभारतीय युवा कांग्रेस का यह कदम सिर्फ राहत सामग्री पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसा दिलाने का भी काम है कि मुश्किल घड़ी मेंकांग्रेस और उसके कार्यकर्ता जनता के साथ खड़े हैं SOSIYC अभियान के तहत लगातार अलग–अलग जगहों पर राहत पहुँचाई जा रही है। युवाकांग्रेस का कहना है कि इंसानियत और सहयोग ही सबसे बड़ी ताक़त है। यही वजह है कि हर ज़रूरतमंद तक मदद पहुँचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्तादिन-रात लगे हुए हैं।

कुलदीप कुमार का बड़ा आरोप – दिल्ली अपराध की राजधानी, बीजेपी सरकार जिम्मेदार

राजधानी में बढ़ते अपराध ने डर का माहौल बनायादिल्ली, जिसे देश की राजधानी और सुरक्षित शहर माना जाता है, आज अपराध और असुरक्षा का दूसरा नाम बन चुकी है। कांग्रेस विधायक कुलदीपकुमार ने कहा कि बीजेपी की चार इंजनों की सरकार होने के बावजूद राजधानी की कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। हाल ही में हुई घटनाओं नेसाबित कर दिया है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं और पुलिस तथा प्रशासन किस हद तक नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतापनगर में खुलेआम गोली मारकर दो युवकों की हत्या कर दी गई। पटपड़गंज इलाके में चाकू से हमला कर एक युवक की जान ले ली गई। यहाँ तक किदेश की पहचान और गौरव माने जाने वाले लाल किले के अंदर भी चोरी की घटना हो गई। यह केवल अपराध की घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि इस बात काप्रतीक हैं कि अपराधी अब किसी से डरते नहीं और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अमित शाह और उपराज्यपाल की भूमिका पर सवालकुलदीप कुमार ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आती है।जब राजधानी में हर रोज हत्या, लूट और चोरी जैसी घटनाएँ हो रही हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि सरकार की लापरवाही है। उन्होंने सवाल उठायाकि आखिर गृह मंत्री अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं? उन्होंने उपराज्यपाल (LG) की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा किआज तक एलजी साहब अपने राजभवन से निकलकर किसी थाने का दौरा नहीं करते और न ही हालात का जमीनी जायज़ा लेते हैं। जनता को यहदेखने को मिला है कि जब राजधानी में गंभीर अपराध होते हैं, तो सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोग चुप्पी साध लेते हैं। चार इंजनों की सरकार पर तंजकुलदीप कुमार ने कहा कि बीजेपी बार-बार दिल्ली में चार इंजनों की सरकार होने का दावा करती है। लेकिन सवाल यह है कि इन चार इंजनों काफायदा जनता को कहाँ मिल रहा है? अगर चार-चार इंजन होने के बावजूद राजधानी असुरक्षित है, तो यह जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा है। दिल्लीके लोग अब डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। अपराधियों की राजधानी बन चुकी है दिल्लीउन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जिस शहर को दुनिया भर से लोग लोकतंत्र और सुरक्षा की मिसाल मानते हैं, उसी शहर को बीजेपी सरकार नेअपराधियों की राजधानी बना दिया है। दिल्लीवासी हर दिन अखबार और टीवी पर नई-नई आपराधिक घटनाएँ पढ़ने और सुनने को मजबूर हैं। यहहालत किसी भी राजधानी के लिए ठीक नहीं है और इससे पूरे देश की छवि खराब हो रही है। जनता का विश्वास टूट रहा हैकुलदीप कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था कमजोर होने से जनता का विश्वास सरकार और पुलिस से उठता जा रहा है। आम लोग यह महसूस कर रहे हैंकि वे अपराधियों के रहमोकरम पर छोड़ दिए गए हैं। न तो समय पर पुलिस मदद करती है और न ही अपराधियों पर सख्त कार्रवाई होती है। यहीकारण है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सख्त कार्रवाई की मांगउन्होंने बीजेपी सरकार से मांग की कि अपराधियों के खिलाफ तत्काल सख्त कदम उठाए जाएँ। दिल्ली पुलिस को जवाबदेह बनाया जाए और उसकीकार्यशैली में सुधार लाया जाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि यह सरकारकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। कुलदीप कुमार ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते अपराधियों पर नकेल नहीं कसी और कानून व्यवस्था को मजबूतकरने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो दिल्ली में हालात और बिगड़ जाएंगे। राजधानी को अपराधियों से बचाने के लिए सरकार को अपनी जिम्मेदारीनिभानी ही होगी। वरना जनता सड़कों पर उतरकर जवाब मांगने को मजबूर होगी।

मोदी सरकार के GST सुधार और अश्विनी वैष्णव जी का नजरिया

मध्यम वर्ग को बड़ी राहतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने GST (वस्तु एवं सेवा कर) में बड़े सुधार करके आम और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत दी है। यह सिर्फ टैक्सकम करने का कदम नहीं है, बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों के जीवन को आसान बनाने वाला ऐतिहासिक फैसला है। पहले हर छोटी-बड़ी चीज़ परअलग-अलग टैक्स लगते थे। इस कारण आम आदमी की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ता था। अब रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी ज़रूरतों परटैक्स का बोझ कम कर दिया गया है। इसका मतलब है कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी अब पहले से ज्यादा आसान होगी। 2014 से पहले की जटिल टैक्स व्यवस्था2014 से पहले टैक्स प्रणाली को एक मकड़जाल कहा जाता था। हर चीज़ पर अलग-अलग तरह के टैक्स लगते थे। कभी एक्साइज ड्यूटी, कभी वैट, कभी एंट्री टैक्स यानी एक ही सामान पर कई टैक्स। इस कारण दाम बढ़ जाते थे और आम परिवार को इसका खामियाज़ा उठाना पड़ता था। मोदीसरकार और वित्त मंत्री अश्विनी वैष्णव जी ने इस जटिलता को खत्म किया। अब एक ही टैक्स प्रणाली – यानी GST लागू है, जिसे और आसानबनाकर लोगों को बड़ी राहत दी गई है। अश्विनी वैष्णव जी का आर्थिक तर्ककेंद्रीय वित्त मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सुधार के आर्थिक फायदे भी साफ़ शब्दों में बताए हैं। उनका कहना है कि अगर हम केवल अर्थशास्त्र की भाषामें सोचें, तो यह सुधार भारत की अर्थव्यवस्था को नई ताक़त देगा। उन्होंने बताया कि इस समय भारत की GDP लगभग ₹330 लाख करोड़ है। इसमेंसे लगभग ₹202 लाख करोड़ सिर्फ उपभोग (consumption) से आता है। अब अगर GST सुधार के कारण उपभोग यानी खर्च में केवल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हो जाए, तो यह अपने आप में ₹20 लाख करोड़ की बढ़त देश की GDP में जोड़ देगा। इससे साफ है कि यह सुधार केवलजनता की जेब पर बोझ कम नहीं करेगा, बल्कि पूरे देश की आर्थिक सेहत को भी बेहतर बनाएगा। रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असरGST सुधार का असर सीधा लोगों की रज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ेगा।, अब खाने-पीने की चीज़ें सस्ती होंगी।, कपड़े और ज़रूरी सामान पर टैक्स कमहो जाएगा।, घर बनाने पर आने वाला खर्च भी घटेगा।, जब लोगों का खर्च घटेगा तो उनकी बचत बढ़ेगी। यही बचत बाद में और चीज़ें खरीदने मेंखर्च होगी, जिससे बाज़ार में खपत बढ़ेगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और उद्योगों को फायदाGST सुधार से सिर्फ आम जनता को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि छोटे दुकानदारों और उद्योगों को भी राहत मिलेगी। जब लोग ज्यादा सामानखरीदेंगे, तो व्यापारियों की बिक्री बढ़ेगी। फैक्टरियां ज्यादा उत्पादन करेंगी और नए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदममोदी सरकार लगातार आत्मनिर्भर भारत की बात करती रही है। GST सुधार इस दिशा में भी एक बड़ा कदम है। जब खपत और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे, तो देश के अंदर ही रोजगार और व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी। इससे भारत धीरे-धीरे और मजबूत आर्थिक शक्ति बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीऔर वित्त मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का यह सुधार वास्तव में ऐतिहासिक है। इसने आम आदमी को राहत दी है, मध्यम वर्ग के बोझ को घटाया है औरभारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी ज़रूरतों को सस्ता करके मोदी सरकार ने साफ़ कर दिया है किउसकी प्राथमिकता आम जनता की भलाई है। वहीं अश्विनी वैष्णव जी ने आर्थिक दृष्टिकोण से यह दिखाया है कि यह सुधार केवल आज की राहतनहीं, बल्कि आने वाले कल की मजबूती भी है।

बाढ़ राहत कैंपों की बदहाली पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल का हमला, BJP सरकार को ठहराया जिम्मेदार

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली के शास्त्री पार्क में दिल्ली सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिएलगाए गए राहत कैंपों का दौरा कर सुविधाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बात कर समस्याएं जानी. लोगों ने उन्हें बतायाकि राहत कैंपों में पर्याप्त सुविधाओं का इंजताम नहीं है अरविंद केजरीवाल ने इस बदइंतजामी के लिए भाजपा सरकार को आड़े हाथ लिया और कहाकि दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं तमाम इलाकों में पानी भर गया है. लोग अपने घरों को छोड़कर रिलीफ कैंप में रहने को मजबूर हैं। इन कैंपोंमें भी तमाम परेशानियां हैं, खाने और पानी तक का ठीक इंतजाम नहीं है लोग बारिश के नीचे रात गुजराने को मजबूर हैं. अरविंद केजरीवाल ने आगेकहा कि दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया है, क्योंकि बीजेपी सरकार ने डिसिल्टिंग नहीं कराई थी. इसलिए दिल्लीवालों को तमामदिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है उत्तर भारत के तमाम हिस्सों में भारी बारिश की वजह से तबाही हो रही है केंद्र सरकार ने जैसे भूकंप प्रभावितअफगानिस्तान के लिए राहत सामग्री भेजी, वैसे ही सरकार को इन राज्यों की ओर भी ध्यान देना चाहिए। इस दौरान “आप” दिल्ली प्रदेश संयोजकसौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार, विशेष रवि, सोमदत्त और पार्षद सारिका चौधरी समेत “आप” के अन्य नेता मौजूद रहे. कई इलाकों में भर गया पानीशास्त्री पार्क के राहत कैंपों में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात के उपरांत अरविंद केजरीवाल कहा कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में बाढ़ जैसेहालात बने हुए हैं और कई इलाकों में पानी भर गया है. दिल्ली में खासकर यमुना के तट पर रह रहे गरीब लोगों को अपने घर खाली करके सरकार केबनाए गए राहत शिविरों में आने को मजबूर होना पड़ा है. शास्त्री पार्क स्थित राहत शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से मैने मुलाकात की उसकीसमस्याएं जानी इन कैंपों में लोगों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं. उन्हें समय पर खाना नहीं मिल रहा, मच्छरों की बहुत ज्यादा समस्याहै मच्छरों को कम करने कोई इंतजाम नहीं किया गया है. लोगों को पीने के पानी की कमी है लोगों ने बताया कि गुरुवार को ही ये टेंट लगाए गए हैंइससे पहले तक वे लोग खुले आसमान में बारिश में भी रहने को मजबूर थे. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम समझ सकते हैं, यह कुदरत का कहर है. लेकिन ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह गरीबों और दूसरे नागरिकों के लिए सारे जरूरी इंतजाम करे. हमारा दिल्ली की भाजपा सरकार सेनिवेदन है कि जिन राहत शिविरों में गरीब लोग रहने को मजबूर हैं, वहां सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं. ठीक से नहीं किया कामअरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस वक्त दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया है. इसका एक बड़ा कारण यह है कि डिसिल्टिंग का काम ठीक सेनहीं किया गया. कई इलाकों में सीवर का पानी वापस आ रहा है, जिससे लोग बहुत परेशान हैं कई इलाकों में पीने का पानी भी नहीं आ रहा है. हमसरकार से यही गुजारिश करते हैं कि जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दी जाएं, ताकि उन्हें किसी तरह की तकलीफ न हो। पीने का पानी और अन्यजरूरी चीजों का पूरा इंतजाम किया जाए. सीवर की समस्या का भी समाधान किया जाए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस समय जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड सहित पूरा उत्तर भारत बाढ़ की चपेट में है हम केंद्र सरकार से भी निवेदन करते हैं कि जनता को राहतपहुंचाने के लिए जितना बन सके, उतना काम करे. केंद्र सरकार ने हाल ही में अफगानिस्तान में भूकंप के लिए राहत सामग्री भेजी थी, जो बहुत अच्छीबात है पूरी दुनिया में कहीं भी आपदा आए, तो इंसानियत के नाते हमें मदद भेजनी चाहिए. उसी तरह अपने उत्तर भारत के बाढ़ प्रभावित राज्यों में भीकेंद्र सरकार को राहत पहुंचानी चाहिए ये हमारे अपने लोग हैं, भारत के ही लोग हैं इनकी राहत के लिए भी इंतजाम किए जाएं.

Virendra Sachdeva Leads BJP’s Charge, Demands Rahul Gandhi’s Apology

For the past three days, BJP workers in Delhi have been continuously protesting at the district level against Congress over the use of derogatory language for Prime Minister Shri Narendra Modi and his late mother. On the third day of protests held on the call of Delhi BJP President Shri Virendra Sachdeva, BJP workers staged […]

कांग्रेस की मांग निजी शिक्षण संस्थानों में SC-ST-OBC आरक्षण लागू करे मोदी सरकार

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को मोदी सरकार से मांग की कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में अनुच्छेद 15(5) को लागू करने के लिए कानून लायाजाए. इस अनुच्छेद के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (एससी, एसटी, ओबीसी) के लिए निजी शिक्षा संस्थानों मेंआरक्षण का प्रावधान है कांग्रेस ने दावा किया कि इन वर्गों के छात्र निजी विश्वविद्यालयों में बेहद कम संख्या में मौजूद हैं. कांग्रेस नेताओं ने कहा किदेश में निजी शिक्षा संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन आर्थिक तंगी और आरक्षण लागू न होने की वजह से SC, ST और OBC वर्ग केबच्चे इन संस्थानों में पढ़ाई का अवसर नहीं पा रहे हैं कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग प्रमुख राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यूपीए सरकार ने आरक्षणका कानून बनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी 2008, 2011 और 2014 में वैध ठहराया. शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों मेंकांग्रेस ने संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें पाया गया कि निजी शिक्षा संस्थानों में केवल 0.89% SC, 0.53% ST और11.16% OBC छात्र हैं। आदिवासी कांग्रेस प्रमुख विक्रांत भूरिया ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने सामाजिक समानता के लिए वोट काअधिकार और आरक्षण दोनों को जरूरी बताया था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों में सौंप रही है.कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर मोदी सरकार ने 11 साल से कोई कदम नहीं उठाया है ओबीसी विभाग प्रमुखअनिल जयहिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को ओबीसी बताते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में ओबीसी समुदाय को सबसे ज्यादा नुकसानहुआ उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक मोदी सरकार ‘क्रीमी लेयर’ की समीक्षा तक नहीं कर पाई. सत्र में यह कानून लेकर आएकांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र ‘न्याय पत्र’ में निजी शिक्षा संस्थानों में अनुच्छेद 15(5) लागूकरने का वादा किया था उन्होंने कहा कि अब संसद की स्थायी समिति ने भी सर्वसम्मति से इस कानून को लागू करने की सिफारिश की है कांग्रेस नेमांग की कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में यह कानून लेकर आए. कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनावके घोषणापत्र ‘न्याय पत्र’ में निजी शिक्षा संस्थानों में अनुच्छेद 15(5) लागू करने का वादा किया था. उन्होंने कहा कि अब संसद की स्थायी समिति नेभी सर्वसम्मति से इस कानून को लागू करने की सिफारिश की है कांग्रेस ने मांग की कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में यह कानून लेकरआए.

ट्रंप का बड़ा बयान, ‘लगता है भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया’ जानें क्या कुछ बोले ट्रंप

अमेरिका की तरफ भारत पर लगाए गए टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच तनाव देखने को मिल रहा है इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपलगातार भारत पर निशाना साधते नजर आ रहे थे लेकिन चीन में हाल ही में संपन्न हुए एससीओ सम्मेलन के बाद अब ट्रंप के तेवर नरम पड़ते दिख रहेहैं ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ सोशल पर लिखा कि, लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नेशुक्रवार को सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट में एक तस्वीर भी शेयर की है इस तस्वीर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नजर आ रहे हैं इस पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि, लगता है कि हमने भारत और रूस को गहरे, अंधकारमय चीन के केहाथों खो दिया है ईश्वर करे कि उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो. मेरी नहीं कोई टिप्पणीट्रंप की यह टिप्पणी पर उस समय आई है जब पिछले दिनों चीन के तिआनजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नजदीकियों ने विश्व का ध्यान खींचा था भारत-अमेरिकासंबंधों में खटास तब और गहरी हो गई जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया और साथ ही रूस से कच्चातेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगा दिया.वहीं अपने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस पोस्ट को लेकर सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्तारणधीर जायसवाल ने कहा, ‘इस समय इस पोस्ट पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है. संबंध सुधारने की दी नसीहतवहीं इससे पहले तमाम पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत के साथ संबंध सुधारने की नसीहत दी थी इस कड़ी में पूर्व अमेरिकीएनएसए जॉन बोल्टन ने कहा कि ‘ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है, जिससे पीएम मोदी रूस और चीन के करीबचले गए हैं. बीजिंग ने खुद को अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के रूप में पेश किया है. पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवनऔर पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट एम. कैंपबेल ने एक लेख में लिखा कि अमेरिका और भारत के संबंध को दोनों ही दलों (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) कासमर्थन मिला है इन संबंधों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की मनमानी को भी रोका है उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साझेदारों को भारत को यहसमझाने की कोशिश करनी चाहिए कि ट्रंप का व्यवहार अक्सर किसी समझौते की शुरुआत का संकेत होता है.

अजित पवार की IPS अधिकारी को वीडियो कॉल पर फटकार, विपक्ष ने उठाए सवाल, बोले ‘नहीं बचा नैतिक अधिकार’

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने उस घटना को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया परवायरल हो रहा है, जिसमें वे वीडियो कॉल में पर एक महिला आईपीएस अधिकारी को फटकार लगाते दिख रहे हैं इस वीडियो के सामने आने के बादवे विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैंउन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा ‘सोलापुर में पुलिस अधिकारियों के साथ मेरी बातचीत से संबंधित कुछ वीडियो की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ है. मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मेरा इरादा कानून प्रवर्तन में हस्तक्षेप करने का नहीं था, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि जमीनी स्तर पर स्थितिशांत रहे और आगे न बिगड़े. नहीं कोई नैतिक अधिकारमैं अपने पुलिस बल और उसके अधिकारियों, जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल हैं जो विशिष्टता और साहस के साथ सेवा करती हैं, का बहुतसम्मान करता हूं और मैं कानून के शासन को सबसे ऊपर रखता हूं मैं पारदर्शी शासन के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हूं किरेत खनन समेत हर अवैध गतिविधि से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाए. शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने इस मामले में महाराष्ट्र केउपमुख्यमंत्री अजित पवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें सरकार में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. चेहरा है पहचानतीसंजय राउत का यह बयान उस वीडियो के सामने आने के बाद आया है, जिसमें अजित पवार एक महिला आईपीएस अधिकारी को वीडियो कॉल परफटकार लगाते दिखाई दे रहे हैं यह मामला सोलापुर जिले में अवैध बालू की खुदाई से जुड़ा है इस वायरल वीडियों में दिख रहा है कि अजित पवारमहिला आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा को फोन पर फटकार लगाते हैं। यह फोन कॉल एनसीपी के एक कार्यकर्ता के फोन से किया गया था IPS अधिकारी शुरुआत में पवार की आवाज नहीं पहचानतीं, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री वीडियो कॉल करते हैं और उनसे कार्रवाई रोकने के लिए कहते हैं वेउन्हें सख्त लहजे में सवाल करते हैं कि क्या वे उनका चेहरा पहचानती हैं.