अब निजी स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे मनमानी फीस, दिल्ली सरकार ने लागू किया नया शुल्क नियंत्रण कानून, अभिभावकों को मिली वीटो पावर

दिल्ली सरकार ने शहर के सभी 1,700 निजी स्कूलों को एक नए शुल्क नियंत्रण कानून के तहत शामिल किया है. इस कानून के अनुसार, अबअभिभावकों की भागीदारी होगी और उन्हें शुल्क बढ़ाने पर रोक लगाने का अधिकार (वीटो पावर) भी मिलेगा. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार कोजनकपुरी में आयोजित “अभिभावकों के टाउन हॉल” में बताया कि विधानसभा के मानसून सत्र में पारित दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण औरविनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025 का उद्देश्य मनमानी फीस बढ़ोतरी को रोकना और फीस तय करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है. इससंवाद में लगभग 200 अभिभावकों ने भाग लिया, जहां मंत्री ने कानून के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताया, जिसमें अनुपालन न करने पर दंड काप्रावधान भी शामिल था. 10 लाख का लगाया जाएगा जुर्मानाएक आधिकारिक बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि बिना सरकारी मंजूरी के फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तकका जुर्माना लगाया जाएगा. और अगर अतिरिक्त शुल्क वापस नहीं किया जाता है तो दोगुना जुर्माना भी लगाया जाएगा. इसमें कहा गया है कि यहअधिनियम शिक्षा निदेशक को उल्लंघनों के विरुद्ध एक समान कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के समान शक्तियां भी प्रदानकरता है. फीस विनियमन के दायरे में है आतेइसमें कहा गया है कि अभिभावकों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और सरकारी प्रतिनिधियों वाली समितियां स्कूल की फीस तय करने में शामिल होंगी. सूदने कहा कि नया कानून 1973 के नियमों की एक खामी को दूर करता है. जिसके तहत केवल 300 स्कूल ही फीस विनियमन के दायरे में आते थे. उन्होंने कहा, “अब, दिल्ली के सभी निजी स्कूल फीस विनियमन के दायरे में आएंगे. मंत्री ने निजी स्कूलों की फीस नियंत्रण के लिए पारदर्शी व्यवस्थास्थापित करने में विफल रहने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की.
सीमा विवाद पर भारत-चीन फिर आमने-सामने, 18 अगस्त को वांग यी आएंगे भारत, डोभाल संग होगी 24वें दौर की होगी वार्ता

भारत सरकार ने सीमा विवाद के मुद्दे पर चर्चा के लिए चीनी विदेश मंत्री के भारत दौरे की पुष्टि कर दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने आधिकारिकबयान में कहा कि ‘राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्रीवांग यी 18-19 अगस्त 2025 को भारत दौरे पर आएंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर भी वांग यी के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे. वांग यी के भारतदौरे पर भारत-चीन सीमा के सवाल पर दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की बैठक होगी. इस बैठक में चीन की तरफ से विशेषप्रतिनिधि वांग यी और भारत की तरफ से एनएसए अजीत डोभाल शामिल होंगे. ट्रंप प्रशासन ने की आलोचनाचीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर वांग यी के भारत दौरे की जानकारी दी. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘सीपीसी केंद्रीय समिति केराजनीतिक ब्यूरो के सदस्य, विदेश मंत्री और चीन-भारत सीमा विवाद पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी 18 से 20 अगस्त तक भारत का दौराकरेंगे. भारतीय पक्ष के निमंत्रण पर सीमा विवाद पर चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की बैठक होगी. वांग यी का यह दौराऐसे समय में हो रहा है, जब रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. भारत ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले कीआलोचना की और भारी-भरकम टैरिफ को अन्यायपूर्ण बताया. अमेरिका के टैरिफ के एलान के तुरंत बाद भारतीय एनएसए अजीत डोभाल ने रूस कादौरा किया. इसके बाद डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी को सीमा विवाद पर बातचीत के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे वांग यी नेस्वीकार कर लिया. 2019 में किया था भारत का दौराइसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए चीन दौरे पर जाएंगे. चीन 31 अगस्तसे 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. प्रधानमंत्री मोदी पिछली बार जून 2018 में चीन दौरे पर गए थे इसकेबाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अक्टूबर 2019 में भारत का दौरा किया था. हालांकि, पूर्वी लद्दाख में सीमा पर गतिरोध के कारण दोनों देशों केबीच संबंधों तल्खी आ गई थी. हालांकि कई दौर की बातचीत के बाद सीमा पर तनाव कम हुआ. सीमा पर तनाव कम होने के बाद अक्टूबर, 2024 मेंरूस के कजान शहर में प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच बैठक हुई. इस बैठक में दोनों देशों के बीच के विभिन्न मुद्दों पर सहमति केलिए बातचीत को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक बैठक में भाग लेनेके लिए चीन दौरे पर जाएंगे. चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
डूसू चुनाव 2025 में नई चुनौती एसैप मैदान में, एबीवीपी- एनएसयूआई को सीधी टक्कर “एसैप ने ठोकी ताल”

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2025 का शंखनाद हो गया है. इस साल चुनाव 18 सितंबर को होंगे. इन चुनावों में अभी तक भाजपाछात्र संगठन एबीवीपी और कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई के बीच टक्कर होती रही है. अब डीयू के चुनाव में आम आदमी पार्टी के छात्र संगठनएसैप की एंट्री हो गई है.आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एबीवीपी और एनएसयूआई ने कैंपस को वर्षों तक एक निजी ठेकेकी तरह चलाया. जहां पर सेटिंग करके बारी-बारी से डूसू छात्रसंघ पर कब्जा जमाए बैठे रहे अब यह चक्र टूटेगा. क्योंकि इस बार आम आदमी पार्टीका छात्र संगठन एसैप डूसू छात्र संघ चुनाव लड़ेगा, और सिर्फ लड़ेगा ही नहीं, बल्कि एबीवीपी और एनएसयूआई की गुंडागर्दी वाली राजनीति कोसीधी चुनौती देगा. बेहतर चाहता है बनानासैप का कहना है कि छात्र राजनीति कोई भाजपा और कांग्रेस नेताओं की जागीर नहीं हो सकती. नेतृत्व उस छात्र के हाथ में होना चाहिए, जो पढ़ाई मेंअच्छा है, मेहनती है. ईमानदार है और अपने कॉलेज व विश्वविद्यालय को बेहतर बनाना चाहता है. आप के छात्र संगठन का कहना है कि एसैप ने टिकटप्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक बना दिया है. हर छात्र को मौका मिलेगा, चाहे वो किसी भी भाषा, धर्म, जाति या आर्थिक पृष्ठभूमि सेआता हो. जो भी छात्र डूसू या कॉलेज यूनियन का चुनाव लड़ना चाहता है, उसे सिर्फ तीन आसान स्टेप पूरे करने होंगे, पहला- एक पंजीकरण फॉर्मभरना होगा. छात्र संगठन चुनावी मैदान मेंजिसकी आखिरी तारीख 25 अगस्त है. दूसरा- एक मिनट का वीडियो या ऑडियो जिसमें वह अपने मुद्दों को साफ़-साफ़ रखे, और तीसरा- 200-500 शब्दों में अपना एजेंडा बताए. कॉलेज यूनियन के लिए कम से कम 5 अलग-अलग सेक्शन से 10 छात्रों का समर्थन जुटाना होगा और डूसू के लिए 5 कॉलेजों से 50 छात्रों का, जिनके नाम, स्टूडेंट ID और मोबाइल नंबर अनिवार्य हैं. उम्मीदवार के पास पूरी कक्षा उपस्थिति होनी चाहिए कोई बैकलॉगनहीं, और न ही कोई अनुशासनात्मक या आपराधिक रिकॉर्ड हो. आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन एसैप दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव2025 के चुनावों में हिस्सा लेने जा रहा है। पहली बार पार्टी का छात्र संगठन चुनावी मैदान में है.
ईडी, CBI का दुरुपयोग कर रहा है केंद्र, सुप्रीम कोर्ट तक को दखल देना पड़ा मल्लिकार्जुन खरगे ने साधा जमकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपाकिसी भी हद तक अनैतिक कदम उठा सकती है. खरगे ने दावा किया कि देशभर में चुनाव से जुड़े बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं. उन्होंनेबिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानि एसआईआर प्रक्रिया को उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें विपक्ष के वोट खुलेआम काटे जा रहेहैं और जो लोग जीवित हैं उन्हें मृत घोषित किया जा रहा है. खरगे ने कहा कि सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा को 65 लाख लोगों के वोटकाटने पर कोई आपत्ति नहीं है. जीतने की नहीं है लड़ाईइससे साफ है कि इस प्रक्रिया से किसे फायदा हुआ उन्होंने कहा कि यह केवल चुनाव जीतने की लड़ाई नहीं है बल्कि भारत के लोकतंत्र और संविधानको बचाने की जंग है. उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग यह बताने को तैयार नहीं है कि किनके वोट काटेजा रहे हैं और किस आधार परकांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा किइन एजेंसियों का विपक्ष के खिलाफ इतने खुले तौर पर इस्तेमाल किया गया है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को भी इन्हें आईना दिखाना पड़ा। खरगेने कहा कि सत्ता पक्ष का यह रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है. खरगे ने कहा कि भारत ने ‘गुटनिरपेक्ष नीति’ की वजह से जो विशेष स्थानहासिल किया था, वह अब खो चुका है. भविष्य के लिए चिंता का विषयउन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस सपने के साथ इस देश को आजाद कराया था वह सपना आज हमसे दूर जा रहा है यह स्थिति देश केलोकतंत्र और भविष्य दोनों के लिए चिंता का विषय है. अपने संबोधन में खरगे ने देशवासियों से अपील की कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा केलिए एकजुट हों. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक संघर्ष नहीं है, बल्कि देश की आत्मा को बचाने की लड़ाई है. खरगे ने जोर देकर कहा किसत्ता के लालच में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा परसत्ता में बने रहने के लिए अनैतिक कदम उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में विपक्षी वोट काटे जानेऔर जीवित लोगों को मृत घोषित करने की बात कही.
मोदी के डेमोग्राफी मिशन पर TMC का सवाल, क्या ये सिर्फ डर फैलाने की राजनीति?” वादे ज़्यादा, उपलब्धियां कम

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कई मुद्दों पर बात की. प्रधानमंत्री के संबोधन पर तृणमूल कांग्रेस ने हमला बोला है. टीएमसी ने कहा कि पीएम मोदी ने वादे ज्यादा किए, लेकिन उपलब्धियां कम बताईं. पार्टी ने आरोप लगाया कि पीएम ने घुसपैठियों को नया दुश्मनबताया. तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने भी एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनेस्वतंत्रता दिवस के भाषण में एक नए दुश्मन को निशाना बनाया. आंदोलनजीवियों आदि के बाद अब घुसपैठिए नए निशाने पर हैं. एक बार फिरपिछली सरकारों को निशाना बनाते हुए नए मिशन की घोषणा की गई है. उन्होंने सवाल किया कि मोदी 15 अगस्त को सच्चाई से भाषण कब देंगे. वादे थे बहुत ज्यादाजिसमें वे अपने 11 वर्षों के रिकॉर्ड के बारे में बताएंगे भाषण में उनके वादे तो बहुत ज्यादा थे, लेकिन उपलब्धि कम रही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतमें घुसपैठ की समस्या को लेकर कहा कि देशवासियों के कल्याण के लिए सरकार ने हाई पावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का फैसला लिया है. पीएम मोदी ने कहा कि घुसपैठिए देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं. जब सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी में बदलाव होता है तब देश की सुरक्षापर संकट होता है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देश के सामने एक चिंता और चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं. टीएमसी ने उठाए सवालषडयंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है. एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं. ये घुसपैठिए मेरे देशके नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं. ये घुसपैठिये मेरे देश की बहन-बेटियों को निशाना बना रहे हैं. ये घुसपैठिए आदिवासियों के घरों में घुसकरउनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं ये देश सहन नहीं करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में घुसपैठ को बड़ी समस्या बताया. उन्होंनेकहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार सख्ती दिखाएगी. इसे लेकर टीएमसी ने सवाल उठाया.
दुनिया भारत की तरक्की से हुई है घबराई, RSS नेताओं की स्वतंत्रता दिवस पर चेतावनी भागवत ने दिए त्याग और मार्गदर्शन के मंत्र

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओडिशा में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीयों कोआजादी के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आजादी को जिंदा रखने के लिए हमें कड़ी मेहनत और त्याग करने की जरूरत है. संघप्रमुख ने साथ ही कहा कि विश्व की समृद्धि और शांति में भी हमें योगदान देना होगा. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर स्थित आरएसएसकार्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘एक स्वतंत्र भारत का पूरे विश्व के प्रति भी कर्तव्य है. दुनिया2,000 वर्षों से असंख्य समस्याओं का सामना कर रही है और उनसे पार पाने में असमर्थ है. उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वजों ने सर्वोच्च बलिदान देकर भारतकी आजादी सुनिश्चित की. त्याग करने की है जरुरतहमें भी उनकी तरह मेहनती होने की जरूरत है और इसे जिंदा रखने, देश को आत्मविश्वासी बनाने और विवादों में उलझे विश्व का मार्गदर्शन कर विश्व गुरुबनने के लिए वैसा ही त्याग करने की जरूरत है.भागवत ने कहा’हमें आजादी इसलिए मिली ताकि सुनिश्चित कर सकें कि हमारे देश में हर कोई सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान से रह सके. हालांकि, दुनिया मुश्किल समय से गुजर रही है और ये हमारा कर्तव्य है कि हम विश्व को समाधान दें और धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित अपनेदृष्टिकोण से सुख और शांति से भरी एक नई दुनिया का निर्माण करें. भागवत ने कहा, ‘हमें आजादी इसलिए मिली ताकि यह सुनिश्चित हो सके किहमारे देश में हर कोई सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान से रह सके। हालांकि, दुनिया मुश्किल समय से गुजर रही है. यह हमारा कर्तव्य है कि हमविश्व को समाधान दें और धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित अपने दृष्टिकोण से सुख और शांति से भरी एक नई दुनिया का निर्माण करें. मुद्दे और संघर्ष रहे थे चलभागवत ने कहा कि दुनिया भर में पर्यावरण संबंधी मुद्दे और संघर्ष चल रहे हैं. ऐसे में हमें दुनिया का मार्गदर्शन करना चाहिए. 79वें स्वतंत्रता दिवस केअवसर पर, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा, ‘दुनिया में हर कोई भारत को मजबूत नहीं देखना चाहता. हमें दोस्ती अर्जित करनी होगी, लेकिन आज कई शक्तियां भारत की तरक्की से खुश नहीं हैं. कुछ लोग इसलिए खुश हैं क्योंकि उनका मानना है कि अगर भारत आगे बढ़ता है, तोइससे उन्हें फायदा होगा. लेकिन कुछ शक्तियां भारत को दबाने और कुचलने की कोशिश करती हैं. हमें इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए. हमेंचुनौती स्वीकार करनी चाहिए और अपनी शक्ति और क्षमता का पूर्ण विकास करके एक आदर्श राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए. भागवत ने कहा, ‘हमेंआजादी इसलिए मिली ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे देश में हर कोई सुख, साहस, सुरक्षा, शांति और सम्मान से रह सके. हालांकि दुनियामुश्किल समय से गुजर रही है. यह हमारा कर्तव्य है कि हम विश्व को समाधान दें.
नीतीश कुमार का युवाओं को स्वतंत्रता दिवस पर तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा का शुल्क ₹100,मेंस की फीस माफ

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के युवाओं को डबल गिफ्ट दिया है. उन्होंने राज्य में आयोजित सभी प्रकार कीप्रतियोगी परीक्षाओं का आवेदन शुल्क घटाकर मात्र 100 रुपये कर दिया है, साथ ही मेन्स एग्जाम का शुल्क भी माफ कर दिया गया है. यह जानकारीमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा कीउन्होंने अपने एक्स पर कहा, राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार के अधिक अवसरप्रदान करने तथा उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकार ने यह ठोस कदम उठाए हैं. बड़ी छूट देने का लिया निर्णयइसी दिशा में अब प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क में बड़ी राहत देने का एक और निर्णय लिया गया है।राज्यस्तरीय सरकारी नौकरी हेतु सभी आयोगों यानी, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC), बिहार तकनीकीसेवा आयोग (BTSC), बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC), केन्द्रीय सिपाही चयन परिषद (CCSB) आदि द्वारा आयोजित प्रारंभिक(PT) प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क में एकरूपता लाकर अभ्यर्थियों को बड़ी छूट देने का निर्णय लिया गया है. परीक्षा शुल्क केवल 100 रुपयेअब प्रारंभिक (PT) प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए मात्र 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. वहीं प्रारंभिक परीक्षापास कर मुख्य परीक्षा (Mains) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कोई शुल्क नहीं देना होगा. इस कदम से लाखों युवाओं को लाभ मिलेगा औरराज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी तथा रोजगार मिलने में मदद मिलेगी. बिहार सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी राहत की घोषणाकी है. अब राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा का शुल्क केवल 100 रुपये रहेगा.
पीएम मोदी का ऐतिहासिक संबोधन लाल किले से पहली बार RSS के शताब्दी वर्ष का उल्लेख, राष्ट्रनिर्माण में योगदान को बतायाप्रेरणास्त्रोत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आज लाल किले से अपने 103 मिनट लंबे भाषण में संघ केयोगदानों को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 100 साल की अवधि में संघ ने राष्ट्रनिर्माण के काम में योगदान दिया है. इस बात काउल्लेख इसलिए अहम है क्योंकि लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने पहली बार आरएसएस का जिक्र किया है. पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह 2025 में लगातार 12वें साल ध्वजारोहण किया. उन्होंने संघ को दुनिया का सबसे बड़ा NGO बताया औरकहा कि यह संगठन देश के अलग-अलग हिस्सों में योगदान दे रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा, समर्पण संगठन और अप्रतिम अनुशासनआरएसएस की पहचान रही है. 100 साल की यात्रा में योगदानउन्होंने कहा आज लाल किले की प्राचीर से वे उन स्वयंसेवकों को पूरे आदर के साथ याद करना चाहते हैं, जिन्होंने 100 साल की यात्रा में योगदानदिया है. पीएम मोदी ने कहा, देश गर्व करता है कि आरएसएस की यह भव्य और समर्पित यात्रा हमें प्रेरित करती रहेगी. पीएम मोदी ने कहा, आज मैंगर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं. आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। संघ के लोग 100 साल से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ केलोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है. ऐसा आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। बीते 100 साल के दौरानदेश की यात्रा में संघ का अहम योगदान है. आम तौर पर स्वतंत्रता दिवस भाषणों में प्रधानमंत्री मोदी विकास योजनाओं को गिनाने के अलावा नीतिगतघोषणाएं भी करते हैं. 2024 के भाषण में उन्होंने समान नागरिक संहिता का जोरदार समर्थन किया था। उन्होंने कानून के वर्तमान ढांचे को ‘सांप्रदायिकऔर भेदभावपूर्ण’ बताकर देश में एक साथ चुनाव (One Nation One Election) कराने की वकालत भी की थी. लक्ष्य पूरा जाना था कियाप्रधानमंत्री मोदी ने जब 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण शुरू किया तब उन्होंने उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल जैसे राज्यों में प्राकृतिकआपदा की मार झेल रहे लोगों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं. इसके अलावा उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति, आत्मनिर्भर भारत, तकनीक केमोर्चे पर देश की समृद्धि, ऊर्जा के विषय में देश के संकल्प और विकसित भारत बनाने के मिशन का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि 2030 तक जो लक्ष्य पूरा किया जाना था. उसे हमने पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है। लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करने सेपहले पीएम मोदी ने बलिदानी सपूतों को राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर नमन किया. पीएम मोदी ने अपने शुरुआती संबोधन में भारतीय सेना के ऑपरेशनसिंदूर का भी उल्लेख किया. उन्होंने भाषण के सातवें मिनट में ही पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाले भारत के वीर सपूतों के पराक्रमका जिक्र कर पूरी दुनिया को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को भी रेखांकित किया.
केंद्र पर भेदभाव का आरोप, कर्नाटक विकास मॉडल की वैश्विक सराहना सीएम सिद्धारमैया का स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा बयान

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संसाधनों के वितरण में कर्नाटक के साथ भेदभावकिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और अन्य सांविधानिक निकाय संविधान में निहित लोकतंत्र औरसहकारी संघवाद के सच्चे मूल्यों को बनाए रखने के लिए काम नहीं कर रहे हैं. प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को इस संबंध में आवाज उठानी चाहिए. स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि हमारी सरकार ने अपना स्वयं का विकास मॉडल बनाया है. इसे व्यापक रूप से कर्नाटकविकास मॉडल के रूप में जाना जाता है और इसकी गारंटी योजनाओं को वैश्विक मान्यता मिली है. 12वीं शताब्दी के बसवादी शरणों का दृढ़ विश्वासथा कि व्यक्ति को अपने वचन पर चलना चाहिए. इसी सिद्धांत से प्रेरित होकर हमारी सरकार ने अपना विकास मॉडल तैयार किया है. जिसे अबकर्नाटक विकास मॉडल के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है. उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष फिलेमोनयांग ने भी कर्नाटक का दौरा किया और हमारी गारंटी योजनाओं की खुले दिल से प्रशंसा की, जिससे उन्हें वैश्विक मान्यता मिली. मील का पत्थर है स्थापितसिद्धारमैया ने कहा कि प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों के सर्वेक्षणों से यह कटु सत्य उजागर हुआ है कि हमारी आबादी के सबसे धनी 10 प्रतिशत लोगों केपास देश की 80 प्रतिशत संपत्ति है. फिर भी वे एकत्रित जीएसटी में केवल 3 प्रतिशत का योगदान करते हैं. जबकि शेष 90 प्रतिशत आम लोग, जोभोजन और कपड़े के लिए रोजाना काम करते हैं, लगभग 97 प्रतिशत जीएसटी भुगतान का वहन करते हैं. ऐसी परिस्थितियों में कोई भी अर्थव्यवस्थाकैसे टिक सकती है? हम अपने संविधान की भावना को कैसे पूरा कर सकते हैं? हम इस बढ़ती असमानता को कैसे कम कर सकते हैं? ये प्रश्न हमेंबहुत परेशान करते हैं. इन्हीं प्रश्नों के उत्तर खोजने के उद्देश्य से हमने गारंटी योजनाएं और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रम शुरू किए हैं. सीएम ने कहा किमई 2023 में पदभार संभालने के तुरंत बाद हमने अन्न भाग्य, शक्ति, गृह लक्ष्मी, गृह ज्योति और युवा निधि के रूप में योजनाओं को लागू करना शुरूकर दिया. अब तक हमने इनके क्रियान्वयन के लिए 96,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए हैं। हाल ही में हमने शक्ति योजना में एक मीलका पत्थर स्थापित किया है. जिसमें महिलाओं ने सरकारी बसों का उपयोग करके 500 करोड़ मुफ्त यात्राएं की हैं. नई बसें भी है शामिलउन्होंने कहा कि बिचौलियों के शोषण से मुक्त और सीधे लोगों तक पहुंचाई गई इन योजनाओं ने न केवल प्रति व्यक्ति आय बढ़ाई है। कार्यबल मेंमहिलाओं की भागीदारी में 23 प्रतिशत बढ़ी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शक्ति योजना के कार्यान्वयन के साथ-साथ परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न मॉडलों की 5,049 नई बसें शामिल की गई हैं. साथ ही 8,473 कार्मिकों की भर्ती की गई है, जिससे राज्य भर मेंसेवा क्षमता और पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक अब प्रति व्यक्ति आय में देश में पहले स्थान पर है. पिछले एकदशक में राज्य ने इसमें 101 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है. जो 2013-14 में स्थिर मूल्यों पर 1,01,858 रुपये से बढ़कर 2024-25 में2,04,605 रुपये हो गई है. हमारी सरकार गारंटी योजनाओं, सब्सिडी, प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य सामाजिक कार्यक्रमोंसहित कल्याणकारी उपायों पर 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है.
सीएम रेखा गुप्ता का पहला स्वतंत्रता दिवस भाषण यमुना पुनर्जीवन, अटल कैंटीन और गिग वर्कर्स कल्याण बोर्ड की घोषणा

भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. देशभर में आजादी का यह पर्व उत्साह और गौरव के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर परदिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सीएम रेखा गुप्ता ने ध्वजारोहण किया. साथ ही उन्होंने ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. छत्रसालस्टेडियम में भारी बारिश के बीच आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले गिग वर्कर्स के लिए एक महत्वपूर्ण कदम कीघोषणा की. उन्होंने कहा, “उनकी सरकार गिग वर्कर्स के लिए कल्याण बोर्ड का गठन करेगी, जो उनकी भलाई सुनिश्चित करेगा. खोलने जा रहे है अटल कैंटीनमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने प्रथम स्वतंत्रता दिवस भाषण में यमुना को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया. सीएम ने कहा कि उनकी सरकार पहले दिनसे ही यमुना को साफ करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में देश में सर्वोत्तम बुनियादी ढांचा तैयार करेगी. दिल्लीसरकार शहर के प्रत्येक झुग्गी निवासी को पक्का मकान उपलब्ध कराएगी. हम दिल्ली में जरूरतमंदों के लिए पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराने केलिए अटल कैंटीन खोलने जा रहे हैं. उपलब्ध कराने के लिए है प्रतिबद्धउन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जलभराव की समस्या के समाधान और बेहतर सड़कों के लिए काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यमुना केकायाकल्प का संकल्प लेती हूं. हमारी सरकार पहले दिन से ही इसे साफ करने के लिए काम कर रही है. यमुना को साफ करने के कई वादे किए गएथे, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ. यमुना इस हद तक साफ हो जाएगी कि हम इसके पानी में सूर्य का प्रतिबिंब देख पाएंगे और हम इसके तट पर पूजाकर पाएंगे. लोगों को आश्वस्त करते हुए कि दिल्ली जल्द ही सपनों का शहर बन जाएगी. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार दिल्ली को देशमें सर्वोत्तम बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.