हादसे और खराब मौसम के बीच केदारनाथ हेली सेवा स्थगित, 8.65 करोड़ का नुकसान

केदारनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवा संचालित करने वाली सभी छह हेली कंपनियां रविवार को अपने सात हेलिकॉप्टरों के साथ केदारघाटी सेवापस लौट गई हैं. अब यह सेवा यात्रा के तीसरे चरण में, यानी सितंबर में, मानसून खत्म होने के बाद फिर से शुरू होगी. 17 से 21 जून तक उड़ानें रद्दहोने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस वर्ष 2 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आठ हेली कंपनियों के नौ हेलिकॉप्टरों को उड़ान की अनुमति दी थी. झेलना पड़ा करोडों का नुकसानहालांकि यात्रा का पहला चरण हेली कंपनियों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा कपाट खुलने से लेकर 21 जून तक, कुल 13,304 टिकट रद्द हुए, जिससे कंपनियों को 8.65 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान झेलना पड़ा. शुरुआत में, 2 से 16 मई तक मौसम और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ेतनाव के कारण 1,638 टिकट रद्द हुए थे. 7 जून को, बडासू हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरते समय क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर कोरुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. इस घटना के बाद, डीजीसीए ने सभी हेली कंपनियों के कार्यालयों का निरीक्षण कियाऔर उड़ानों के लिए शटल निर्धारित कीं जिससे उड़ानें नियंत्रित हुईं और कंपनियों को प्रतिदिन सैकड़ों टिकट रद्द करने पड़े.15 जून को केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरते समय आर्यन हेली कंपनी का हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पायलट समेत हुई सात लोगों की मौतइस हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे का कारण खराब मौसम बताया गया था इसी दौरान ट्रांस भारत के दोहेलिकॉप्टरों ने भी अलग-अलग हेलिपैड से उड़ान भरी और वापस लौटे थे. इन्हीं पायलटों ने आर्यन हेलिकॉप्टर के गुप्तकाशी न पहुंचने की सूचना दीथी. दुर्घटना के तुरंत बाद डीजीसीए ने दो दिनों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा बंद कर दी थी बाद में डीजीसीए ने खराब मौसम में जबरन उड़ान भरने के लिएट्रांस भारत के दोनों पायलटों के लाइसेंस छह महीने के लिए रद्द कर दिए. इसके साथ ही आर्यन कंपनी प्रबंधन से भी लंबी पूछताछ की गई औरराजस्व विभाग ने कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया. वहीं 17 से 21 जून तक खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाएजिससे यात्री खासे परेशान हुए.
उमर अब्दुल्ला का पलटवार “एनसी विधायक सक्षम, आलोचना करने वाले पहले अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाएं”

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सांसद सैयद आगा रुहुल्ला मेहदी के बीच की दूरी बढ़ती जा रही है. गांदरबल में शनिवार को आयोजित समारोह मेंरुहुल्ला के बयान को लेकर सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के सभी विधायक सक्षम हैं. पार्टी विधायकों पर उंगली उठानेवाले पहले अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाएं। उमर ने कहा आप नए चेहरे कहां से ला सकते हैं? लोगों ने उन्हें पांच साल के लिए चुना है। आप अपना समयक्यों बर्बाद कर रहे हैं? आपको काम पर ध्यान देना चाहिए। एनसी विधायक सक्षम हैं और अपना काम कर रहे हैं। उनका बेवजह अपमान किया जारहा है. आवाज उठाने वालों को दिखाना चाहिए रिपोर्ट कार्डसीएम ने कहा कि आवाज उठाने वालों को अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाना चाहिए. समय आने पर एनसी विधायक अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाएंगे. सांसद नेशुक्रवार को नए राजनीतिक मोर्चे का संकेत दिया था. हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा नहीं की, लेकिन उनके शब्दों और लहजे ने इसका आभास दे दिया। इस कार्यक्रम में एनसी की सोपोर इकाई का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ था. उन्होंनेकहा कि मुझे अपनी पार्टी द्वारा की जाने वाली राजनीति की गुणवत्ता पर विश्वास नहीं है. रुहुल्ला की टिप्पणियों को एनसी नेतृत्व के लिए सीधीचुनौती के रूप में देखा गया.मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सांसद सैयद आगा रुहुल्ला की विधायकों की कार्यशैली पर उठी आलोचना को खारिज करतेहुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सभी विधायक सक्षम हैं और उनका सम्मान होना चाहिए.
विश्व संगीत दिवस पर इंदौर में बना रिकॉर्ड 24 घंटे तक गूंजते रहे सुर, 100 से ज्यादा गायकों ने बांधा समां

विश्व संगीत दिवस के मौके पर गायकों संगीत से जुड़े कलाकारों ने इंदौर में 24 घंटे गीत गाने का रिकार्ड बनाया. कृष्णपुरा छत्री पर शनिवार सुबह छहबजे शास्त्रीय राग से इस महफिल का आगाज हुआ. जो रविवार रात तक चला. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया. गीतों ने भी हर पहर के हिसाब से समांबांधा इस आयोजन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी पहुंचे और उन्होंने कई गीत भी सुनाए. विजयवर्गीय ने मजाकिया अंदाज में कहाकि यदि राजनीति की दुकान बंद हो गई तो गीत गाने से काम चल जाएगा। शहर में एक अच्छा बैंड खोला जा सकता है. उन्होंने ‘न झटको जुल्फ सेपानी ये मोती’ और ‘चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो’ गीत भी सुनाया. कलाकारों ने गाए गीतउन्होंने यह भी कहा कि पुराने गीतों में जो बात है वो आज के गानों में नहीं. आयोजन में अन्य कलाकारों ने भी गीत गाए. श्रद्धा जगताप ने एक राधा एकमीरा गीत गाकर तालियां बटोरी तो रसिका गावड़े ने एक भजन गाकर माहौल को एक अलग अंदाज दिया. नन्हे कलाकार हार्दिक ने सेक्सोफोन पर क्यायही प्यार है. गीत की प्रस्तुति दी तो दर्शकों ने एक और गीत बजाने की पेशकश कर डाली. हार्दिक ने गुलाबी आंखे जो तेरी देखी गीत भी सुनाया. इसआयोजन में आपकी आंखों में कुछ महके हुए से राज है आओ हुजूर तुमको सितारों में ले चलू, लग जा गले फिर ये हंसी रात हो न हो..जैसे गीतों नेदर्शकों की तालियां बटोरी. आयोजक राजेश मिश्रा, अभिषेक गावड़े ने बताया कि संगीत में 100 से अधिक गायकों ने भाग लिया और 24 घंटे गानेगाए. इसके अलावा स्टूमेंटल प्रस्तुतियां भी दी गईं रविवार सुबह छह बजे 24 घंटे समाप्त होने के बाद आयोजन समाप्त हुआ.
कांग्रेस पर बरसे हनुमान बेनीवाल गहलोत ने ही बंद कराए थे छात्र संघ चुनाव, अब ट्वीट कर रहे हैं दिखावटी समर्थन

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को कांग्रेस नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट परजमकर निशाना साधा. उन्होंने छात्र संघ चुनावों को लेकर गहलोत की हालिया टिप्पणी पर नाराज़गी जाहिर की और कहा कि गहलोत खुद ही छात्रराजनीति को खत्म करने के जिम्मेदार रहे हैं. बेनीवाल ने कहा, “आज अशोक गहलोत छात्र संघ चुनावों को लेकर ट्वीट कर रहे हैं. जबकि इन्हीं केकार्यकाल में चुनाव बंद कराए गए थे. उनका ट्वीट देखकर मन खिन्न हो गया सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए बेनीवाल ने कहा, “जब पायलटमानेसर गए थे, तब उन्होंने मुझसे मदद मांगी थी. नाम लेने में आ रही है शर्मतब मैं उन्हें बुरा नहीं लगा था अब उन्हें मेरा नाम लेने में भी शर्म आ रही है छात्र नेता निर्मल चौधरी का समर्थन करते हुए बेनीवाल ने सख्त लहजे में कहा”निर्मल मेरा छोटा भाई है. अगर उसे किसी ने हाथ लगाया तो यह ठीक नहीं होगा. इसके साथ ही बेनीवाल ने कांग्रेस को नसीहत दी कि सोशलमीडिया पर राजनीति करने से कुछ नहीं होगा. उन्होंने कहा अगर कांग्रेस को जनता का समर्थन चाहिए तो नेताओं को सड़कों पर उतरना होगा. अगरकांग्रेस को सड़कों पर लड़ाई लड़नी है और जरूरत पड़ी तो RLP उनका साथ देगी – जैसे हमने उपचुनाव में किया था. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी(RLP) प्रमुख और सांसद हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि गहलोतने ही छात्र संघ चुनाव बंद करवाए थे और अब ट्वीट कर दिखावटी समर्थन कर रहे हैं.बेनीवाल ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि सोशल मीडिया परराजनीति करने से कुछ नहीं होगा. नेताओं को सड़कों पर उतरना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस सड़कों पर लड़ाई लड़ना चाहती है तो RLP उसका साथ देगी जैसा कि उपचुनाव में किया गया था।
ईरान पर अमेरिकी हमले, ट्रंप का सख्त संदेश “अब शांति या विनाश” शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कसा तंज

ईरान पर अमेरिकी हमलों और इस्राइल अमेरिका के बीच मजबूत होते संबंधों को लेकर शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने राष्ट्रपति ट्रंप के लिए वोट दिया, लेकिन नेतन्याहू को अपना बॉस बना लिया. अमेरिकी हमलों को लेकर रक्षा विशेषज्ञसंजीव श्रीवास्तव ने कहा कि हमलों ने संघर्ष में बढ़ोतरी की है. ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को झटका दिया श्रीवास्तव ने कहा कि इस्राइल औरअमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई एक बड़ी वृद्धि है. इन कार्रवाइयों के कारण ईरान को विनाशकारी झटका लगा है और इस हमले में ईरान की गहरीभूमिगत परमाणु सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है. हथियार नहीं करने देंगें हासिलचाहे वह ट्रंप प्रशासन हो या कोई अन्य प्रशासन सभी ने अपने विचार व्यक्त किए हैं कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे. संयुक्तराज्य अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर हमला किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि हमनेईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बहुत सफल हमला किया है. जिसमें फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान शामिल हैं। सभी विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र सेबाहर हैं. प्राथमिक स्थल फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया सभी विमान सुरक्षित रूप से अपने घर की ओर जा रहे हैं. हमारे महान अमेरिकीयोद्धाओं को बधाई. दुनिया में कोई दूसरी सेना नहीं है जो ऐसा कर सकती थी. अब शांति का समय है इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिएधन्यवाद. शांति के रास्ते लौटे घरअमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के पास अब भी समय है कि वह शांति के रास्ते पर लौटे. उसे यह जंग खत्म करनी होगी. अगर ईरान ने अब भीहमला किया तो हम भी हमला करेंगे. शांति नहीं हुई तो विनाश होगा. अभी सभी लक्ष्यों पर हमले नहीं किए गए हैं हम पश्चिम एशिया में दादागिरीदिखाने वाले ईरान की परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह से नष्ट कर देंगे. ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में दादागिरी दिखाने वाले ईरान कोअब शांति स्थापित करनी चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं. तो भविष्य में हमले कहीं अधिक बड़े और आसान होंगे4. 0 वर्षों से ईरान इस्राइल औरअमेरिका पर निशाना साधता रहा है लोगों को मारता रहा है. वे हमारे लोगों को मार रहे हैं उनके हाथ उड़ा रहे हैं. सड़क किनारे बमों से उनके पैर उड़ा रहेहैं. उनके जनरल कासिम सुलेमानी ने बहुत से लोगों को मार डाला। मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. यह जारी नहींरहेगा.
दिल्ली में कोरोना से एक और मौत, अब तक 17 लोगों की गई जान देशभर में ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट्स से बढ़ रहा खतरा

Delhi Covid Case: देशभर में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है राजधानी दिल्ली में भी कोरोना का कहर जारी है दिल्ली मेंकोविड से एक और मरीज की मौत हो गई है. एक जनवरी से लेकर अब तक 17 लोग कोरोना से जान गंवा चुके हैं. हालांकि जान गंवाने वालों मेंज्यादातर मरीज किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित थे. राजधानी में शनिवार को कोरना का कोई नया मामला सामने नहीं आया वहीं 24 घंटे में154 मरीज स्वस्थ हो गए. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कोविड डैश बोर्ड के अनुसार, सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 557 रह गई है.इनवैरिएंट्स की खासियत यह है कि ये तेजी से फैलते हैं लेकिन अधिकांश मामलों में लक्षण हल्के होते हैं. हालांकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगोंगंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों और कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए यह संक्रमण खतरनाक हो सकता है. 2835 नए मामले आए सामनेएक जनवरी से लेकर अब तक कोरोना के 2835 मामले सामने आए हैं. बता दें कि देश में इस बार बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएट्स (NB.1.8.1 और XFG) को जिम्मेदार माना जा रहा है. वैसे तो ये वैरिएंट्स हल्की प्रकृति वाले माने जाते रहे हैं, पर जिन लोगों की इम्युनिटीकमजोर है. पहले से कई प्रकार की बीमारियों का शिकार रहे हैं या फिर 65 साल से अधिक उम्र के हैं. उनमें संक्रमण के कारण गंभीर रोग विकसितहोने का खतरा हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कोरोना से बचाव के लिए उपाय करते रहने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कोमजबूत करने के लिए प्रयास करने की सलाह देते हैं.देश की राजधानी दिल्ली में कोविड से एक और मरीज की मौत हो गई है एक जनवरी से लेकर अबतक 17 लोग कोरोना से जान गंवा चुके हैं.
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर फील्डिंग से नाराज़ “भारत की ढीली फील्डिंग से गंवाए मौके”, मेडल देने का कोई मतलब नहीं

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारतीय खिलाड़ियों की फील्डिंग से बेहद निराश हैं. भारत ने दूसरेदिन तीन कैच छोड़े जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाजी आक्रमण को संभलने का मौका मिला. इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और जसप्रीत बुमराह नेजैक क्रावले को सस्ते में आउट किया था. इसके बाद भारत ने कुछ मौके गंवाए जिससे इंग्लैंड को संभलने का मौका मिला.भारत के सबसे बेहतरीन फील्डिरों में से एक रवींद्र जडेजा ने 15 रन के स्कोर पर बेन डकेट का कैच छोड़ा था जिसका इस इंग्लिश बल्लेबाज ने बखूबीफायदा उठाया. विकेट के लिए जोड़े 122 रनडकेट ने ओली पोप के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 122 रन जोड़े. भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने फील्डिंग में कुछ गलतियां की इंग्लैंड नेओली पोप के शतक और बेन डकेट के अर्धशतक की मदद से दूसरे दिन स्टंप्स तक पहली पारी में तीन विकेट पर 209 रन बनाए हैं. इंग्लैंड की टीमअभी भारत से 262 रन पीछे चल रही है गावस्कर भी भारतीय टीम की फील्डिंग देखकर काफी निराश हुए और उन्होंने कहा कि फील्डिंग कोच टीदिलीप द्वारा ड्रेसिंग रूम में अब फील्डिंग मेडल नहीं दिया जाना चाहिए. गावस्कर ने कहा मुझे नहीं लगता कि कोई मेडल दिया जाना चाहिए। टीदिलीप मैच के बाद मेडल देते हैं. यह वाकई बहुत निराशाजनक था यशस्वी जायसवाल बहुत अच्छे फील्डर हैं लेकिन इस बार वे भी गेंद अच्छे से नहींपकड़ पा रहे थे. फील्डिंग पर व्यक्त की निराशाभारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच शितांशु कोटक ने इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन खिलाड़ियों के औसत फील्डिंग पर निराशा व्यक्तकी थी. कोटक ने इस बात को स्वीकार किया कि कैच छोड़ने और खराब फील्डिंग से अच्छी शुरुआत के बाद टीम को नुकसान हुआ. कोटक ने दिन केखेल की समाप्ति के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कैच छूटना और नो-बॉल निश्चित रूप से निराशाजनक थे आम तौर पर हम फील्डिंग में ज्यादा तेज होतेहैं. लेकिन एक सहयोगी स्टाफ और टीम के तौर पर हम इसे दुर्भाग्यपूर्ण दिनों में से एक मानते हैं जो कि आम बात नहीं है. कुल मिलाकर हमने कुछढीले पैच को छोड़कर अच्छी गेंदबाजी की विकेट में कुछ खास था और हमने इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश की.
ईरान पर हमले के बाद ट्रंप की तारीफ में जुटे अमेरिकी सीनेटर, कुछ नेताओं ने उठाए संवैधानिक सवाल

ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ हो रही है. अमेरिकी सीनेटरों ने ट्रंप के फैसले को सही औरसाहसिक करार दिया है अमेरिका ने शनिवार रात को ईरान के नताज, फोर्डो और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर हमला किया. हमले के बाद साउथकैरोलिना के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक्स पर लिखा कि बहुत बढ़िया राष्ट्रपति ट्रंप.टेक्सास के सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा कि साहसिक और सहीनिर्णय. अलबामा के सीनेटर केटी ब्रिट ने हमले को मजबूत और सर्जिकल करार दिया. इसके अलावा ओक्लाहोमा के सीनेटर मार्कवेन मुलिन ने लिखाकि अमेरिका पहले हमेशा.वहीं सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष मिसिसिपी के रोजर विकर ने कहा कि ट्रंप ने ईरानी शासन की ओर से पैदा किए जा रहे खतरे को समाप्तकरने के लिए जानबूझकर और सही निर्णय लिया है. विकर ने एक्स पर किया पोस्टविकर ने एक्स पर लिखा कि अब हमारे सामने अपने नागरिकों और सहयोगियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई विकल्प हैं. सीनेट के नेता जॉन थूनने कहा कि हम यह तय करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं कि परमाणु हथियार ईरान की पहुंच से बाहर रहें. मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ खड़ा हूं और खतरे मेंपड़े अमेरिकी सैनिकों और कर्मियों के लिए प्रार्थना करता हूं. थून और सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन को शनिवार को हमलों से पहले ही जानकारी देदी गई थी.जॉनसन ने कहा कि सैन्य अभियान हमारे विरोधियों और सहयोगियों को स्पष्ट रूप से याद दिलाएगा कि राष्ट्रपति ट्रंप जो कहते हैं. वही करतेहैं। हाउस इंटेलीजेंस कमेटी के अध्यक्ष रिक क्रॉफोर्ड ने कहा कि मैं व्हाइट हाउस के संपर्क में था और उन अमेरिकी सेवा सदस्यों का आभारी हूं जिन्होंनेइन सटीक और सफल हमलों को अंजाम दिया. ईरान पर हमलों की प्रशंसाडेमोक्रेटिक सहयोगियों से अलग हटकर पेंसिल्वेनिया के सीनेटर जॉन फेटरमैन ने भी ईरान पर हमलों की प्रशंसा की. उन्होंने एक्स पर लिखा कि जैसाकि मैं लंबे समय से कहता रहा हूं यह अमेरिकी राष्ट्रपति का सही कदम था. ईरान दुनिया में आतंकवाद का अग्रणी प्रायोजक है और उसके पास परमाणुक्षमता नहीं हो सकती.कुछ सांसदों ने ट्रंप के फैसले का विरोध भी किया. केंटकी के प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने ट्रंप के हमलों की घोषणा के बाद एक्सपर पोस्ट किया कि यह सांविधानिक नहीं है. कई डेमोक्रेट्स का मानना है कि कांग्रेस को इस मामले में अपनी बात कहने का अधिकार होना चाहिए. सीनेट में इस सप्ताह वर्जीनिया के सीनेटर टिम केन के प्रस्ताव पर मतदान होना था जिसके अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान पर युद्ध की घोषणा करने याकोई विशेष सैन्य कार्रवाई करने से पहले कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता होगी. कनेक्टिकट प्रतिनिधि जिम हिम्स ने एक्स पर पोस्ट किया किसंविधान के अनुसार हम दोनों ने रक्षा करने की शपथ ली है इस मामले पर मेरा ध्यान बम गिरने से पहले आता है.
दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा नया रूप, यूएमटीए का गठन और हॉट एयर बैलून सवारी की तैयारी

Dellhi News: राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सुविधा को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण (यूएमटीए) का गठन करेगी. इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन की विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है. परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह नेइसके लिए कैबिनेट नोट तैयार करने को मंजूरी दी है. यूएमटीए का मुख्य उद्देश्य विभिन्न परिवहन साधनों बस, ट्रेन, मेट्रो आदि को एक साथ जोड़ना है. ताकि लोगों के लिए यात्रा करना आसान और प्रभावी हो सके बताया जा रहा है कि परिवहन विभाग जून अंत तक कैबिनेट प्रस्ताव पेश कर सकता है. नगरीय विकास भी है शामिलपरिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी. राजधानी में दिल्ली परिवहन निगम डीआईएमटीएस दिल्ली सरकार के लिए बसों का संचालन करता है. इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र कीमुख्य एजेंसी के तौर पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को शामिल किया गया है. कई अन्य एजेंसियां हैं जो उन सड़कों का रखरखाव करती हैं जिन परसार्वजनिक वाहन चलते हैं. इनमें लोक निर्माण विभाग स्थानीय निकाय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शामिल हैं. साथ ही प्रदूषण नियंत्रणबोर्ड, यातायात पुलिस, वित्त विभाग, नगरीय विकास विभाग भी शामिल हैं. बेहतर बनाने का एक नया कदमपरिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए यह एक अच्छा कदम है यह हैदराबाद में लागू किया जाचुका है.लोगों को जल्द ही हॉट एयर बैलून की सवारी करने को मिलेगी. इसके लिए डीडीए ने कंपनियों से ई-प्रस्ताव मांगे हैं ताकि लोगों को आसमानसे शहर का सुंदर नजारा देखने का मौका मिले. ये योजना दिल्ली के पर्यटन को भी नई ऊंचाई देगी. डीडीए ने शहर के विभिन्न स्थानों पर टेदर्ड (रस्सी सेबंधा) हॉट एयर बैलून योजना शुरू करने के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की हैं. डीडीए के कमिश्नर (स्पोर्ट्स) ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिएइच्छुक कंपनियों को ई-टेंडर के जरिये दो चरणों में बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है.
लीड्स टेस्ट में फिर दिखा मुकाबला, 10वीं बार भारतीय तेज़ गेंदबाज़ ने रूट को किया आउट

भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट के बीच एक बार फिर प्रतिस्पर्धा देखने मिली. रूट के लिए बुमराह कासामना करना आसान नहीं होता और लीड्स के दूसरे दिन ऐसा फिर देखने मिला. दिन के खेल की समाप्ति से पहले बुमराह ने रूट को अपना शिकारबनाया और इंग्लैंड को तीसरा झटका दिया रूट पहली पारी में 58 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 28 रन बनाकर आउट हुए. भारत की पहली पारी471 रन पर ऑलआउट हुई थी इंग्लैंड ने ओली पोप के शतक और बेन डकेट के अर्धशतक की मदद से स्टंप्स तक पहली पारी में तीन विकेट पर 209 रन बनाए हैं. इंग्लैंड की टीम अभी भारत से 262 रन पीछे चल रही है. भारत ने अच्छी शुरुआत की थी और जैक क्रावली को सस्ते में आउट किया थाजो चार रन बनाकर आउट हुए थे इसके बाद पोप और डकेट ने दूसरे विकेट के लिए 122 रन जोड़े और टीम को संभाला. बुमराह ने फिर डकेट कोबोल्ड किया जो 62 रन बनाकर आउट हुए। अंत में बुमराह ने जो रूट का भी विकेट लिया. भारत के लिए बन सकता है बड़ा खतराबुमराह की गेंद पर रूट स्लिप में करुण नायर को कैच थमा बैठे रूट भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकते थे. लेकिन इससे पहले ही बुमराह ने उन्हेंपवेलियन की राह दिखाई.बुमराह इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में रूट को सर्वाधिक बार आउट करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे गेंदबाज बन गए हैं. लालगेंद के प्रारूप में 25 पारियों में 10 बार बुमराह ने रूट को अपना शिकार बनाया है. जबकि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी 31 पारियों में रूट को इतनी ही बार आउट किया है. टेस्ट में रूट को सबसे ज्यादा बार आउट करने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस के नाम हैजिन्होंने 31 पारियों में 11 बार इस इंग्लिश बल्लेबाज को पवेलियन की राह दिखाई है. बुमराह और रूट के बीच टेस्ट क्रिकेट में रोचक जंग देखनेमिलती है दोनों के बीच लाल गेंद के प्रारूप में प्रतिद्वंद्विता कड़ी रहती है लेकिन बुमराह कई बार रूट को अपना शिकार बनाने में सफल रहे हैं रूट औरबुमराह के बीच टेस्ट में आमने-सामने की बात करें तो 25 पारियों में बुमराह ने रूट को 570 गेंदें खिलाई हैं जिसमें रूट ने 29 के औसत से 290 रनबनाए हैं जबकि वह 10 बार इस भारतीय तेज गेंदबाज की गेंद पर पवेलियन लौटे हैं.