यूपी में अति पिछड़ों को साथ लाने की कांग्रेस की पहल, ‘भागीदारी न्याय महासम्मेलन’ से सामाजिक क्रांति की शुरुआत

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अति पिछड़ी जातियों को गोलबंद करेगी. इन जातियों को सियासी गुलदस्ते के रूप में सजाकर सियासी ताकत बढ़ाएगी इसकीशुरुआत शनिवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित भागीदारी न्याय महासम्मेलन से की गई है. महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कांग्रेसपिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने कहा कि कांग्रेस हर व्यक्ति को हिस्सेदारी दिलाने के लिए तत्पर है अब आबादी के हिसाब सेहिस्सेदारी मिलेगी. उन्होंने कहा कि देशभर के 90 प्रतिशत पिछड़े, दलित आदिवासी अल्पसंख्यक समाज के साथ प्रतिदिन शोषण हो रहा है. उनकेशोषण का प्रमुख कारण आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा, सभी संवैधानिक संस्थाओं के सभी स्तर के पदों में आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी ना होनाहै. देश के सभी संसाधनों में आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी होनी चाहिए. लोगों को हिस्सेदारी औऱ मिलगा न्यायलोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में निश्चित रूप से बहुजन समाज के लोगों को हिस्सेदारी और न्याय मिलेगा. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारीअविनाश पांडेय ने कहा कि 2025 का वर्ष कांग्रेस पार्टी का संगठन सृजन का वर्ष है. सामाजिक न्याय संगठन सृजन का प्रमुख आधार बिंदु है संगठनके सभी स्तरों में सभी वर्गों के लोगों को उनकी आबादी के अनुपात में पद और जिम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध है. 60 फीसदी से अधिक पदोंपर पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यकों को हिस्सेदारी दी जाएगी. प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि सभी वर्गों का हित तभी सुरक्षित हैं. जब संविधान सुरक्षित और मजबूत रहेगा। इसलिए सभी वर्गों का यह दायित्व है कि आर्थिक असामानता, जातीय शोषण, सांप्रादायिकता को जड़ से समाप्त करने के लिए एकजुट हों. महासम्मेलन के संयोजक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि इसमहासम्मेलन से प्रदेश में सामाजिक क्रांति की नई शुरुआत हो रही है. किया जाएगा न्याय सम्मेलनअब गांव- गांव सामाजिक भागीदारी न्याय सम्मेलन करके हर जाति के लोगों को जोड़ा जाएगा. कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र पटेल ने किया. इसदौरान कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, प्रदीप नरवाल, सुशील पासी, अनिल यादव, दिनेश सिंह, विश्वविजय सिंह, पूर्व मंत्रीराजबहादुर, पूर्व मंत्री डॉ मसूद अहमद, मोहम्मद शमीम खान, देवेन्द्र निषाद, राहुल राय प्रजापति, सुनीता सिंह पटेल आदि मौजूद रहे. कांग्रेस प्रदेशमुख्यालय में शनिवार को आयोजित संगठन सृजन अभियान कार्यक्रम में पश्चिम जोन की समीक्षा की गई. प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय एवं प्रदेशकांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय ने विभिन्न जिलों से आए जिला, शहर अध्यक्षों से अब तक की गई तैयारी के बारे में जानकारी ली. जिला से लेकरबूथ तक पांच स्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया। 18 सूत्री कार्ययोजना बताई. बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, संभल, मेरठ, बिजनौर, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, गौतमबुद्ध नगर की समीक्षा की गई.
दो करोड़ नौकरी का वादा, मात्र 60 हजार पर जश्न लोकदल राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने बीजेपी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने केंद्र सरकार की रोजगार नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 60 हजारयुवाओं को नौकरी देने की घोषणा कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं के साथ एक बड़ा राजनीतिक धोखा है. उन्होंने कहा कि देशकी जनता को हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार आज सिर्फ 60 हजार भर्तियों पर जश्न मना रही है जबकि वास्तविकता यह हैकि करोड़ों युवा अब भी बेरोजगार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपने वादों से पीछे हट चुकी है और बेरोजगारी के मुद्दे पर कोई ठोसयोजना नहीं है. लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से युवाओं के भविष्य को नहीं संवारा जा सकता. उन्होंने यह भी कहा किसरकार को चाहिए कि वह झूठे वादों की बजाय युवाओं के लिए स्थायी और व्यापक रोजगार नीति लेकर आए. रोजगार देने के वादे हुए हवासरकार के आठ साल बीत गए लेकिन युवाओं को रोजगार देने के वादे हवा हो चुके हैं. करोड़ों युवा अब भी बेरोजगार हैं बीजेपी सरकार को 60 हजारनौकरियों पर जश्न मनाने की बजाय दो करोड़ नौकरियों के झूठे वादे पर देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की आकांक्षाओंसे खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार सिर्फ “पर्ची, खर्ची और भर्ती” के बयान देने में व्यस्त है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है. चौधरी सुनील सिंह ने आगे कहा कि यह समय युवाओं के साथ छल करने का नहीं, बल्कि व्यवस्थित और पारदर्शी रोजगार नीति अपनाने का है सरकारको चाहिए कि वह केवल प्रचार नहीं, वास्तविक परिणाम दे.
प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय, रक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सहयोग पर सहमति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साइप्रस के निकोसिया स्थित राष्ट्रपति भवन में आधिकारिक स्वागत किया गया. साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोसक्रिस्टोडौलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर हैं. यह दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री कीसाइप्रस की पहली यात्रा है. यहां प्रधानमंत्री मोदी ने निकोसिया में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स से बातचीत की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूतकरने, भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाती है. साइप्रसके राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त की. हमारा मानना हैकि यह युद्ध का युग नहीं है. साझेदारी की गई शुरुप्रधानमंत्री ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए साइप्रस का आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत-साइप्रस-ग्रीस साझेदारी शुरू की गई है. भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारा इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा.वहींसाइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने कहा कि हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय संबंधों और तालमेल को बढ़ाने पर चर्चा की. हम रक्षासहयोग, संकट प्रबंधन, पर्यटन, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करना चाहते हैं। हम साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए ताकिहम ठोस परिणाम दे सकें. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने साइप्रस के निकोसिया में प्रतिनिधिमंडल स्तर कीवार्ता की. सभी का किया शुक्रियाइस दौरान पीएम मोदी ने साइप्रस की ओर से ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मानित किए जाने के लिए सभी का शुक्रिया अदाकिया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे दिया गया यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं बल्कि मेरे देश का सम्मान है. यह साइप्रस और भारत के बीच अटूटदोस्ती की मुहर है. उन्होंने कहा कि यह दो दशकों से अधिक के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस यात्रा है यह आपसी संबंधों मेंएक नया अध्याय लिखने का अवसर है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हम सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साइप्रस के निरंतर समर्थनके लिए आभारी हैं आतंकवाद, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए हमारी एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सूचना के आदान-प्रदानके लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा.
ईरान-इस्राइल युद्ध में फंसा गाजियाबाद का रिजवान हैदर, परिजनों ने पीएम मोदी से की सुरक्षित वापसी की अपील

इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में कई भारतीय फंस गए हैं. युद्ध में गाजियाबाद के लोनी का रहने वाला रिजवान हैदर भी वहां फंस गया है बेटेके फंसने के बाद परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है रिजवान एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए तेहरान गया था. लोनी के बहेटाहाजीपुर निवासी रिजवान हैदर एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए तेहरान में है. युवक के परिजनों ने प्रधानमंत्री से बेटे को सुरक्षित भारत लाने कीगुहार लगाई है. बेहटा हाजीपुर निवासी मोहम्मद अली पत्नी, तीन लड़कों व दो लड़कों के साथ रहते हैं. उन्होंने बताया कि उनका बेटा रिजवान हैदरपढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहता था पढ़ाई को पूरी करने के लिए परिजनों ने उसे तेहरान पढ़ाई करने के लिए भेजा था. रिजवान हैदर एमबीबीएसकरने के लिए गया था बेटा यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहता है. हॉस्टल में किया गया था शिफ्टबमबारी के चलते विश्वविद्यालय के बच्चों को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट किया गया था रविवार करीब चार बजे जब उनका बेटा खाना खाने के लिएहॉस्टल से दूर होटल पर पहुंचा तो इस्राइल की तरफ से की गई बमबारी में हॉस्टल पर बम गिराए गए। जिससे बिल्डिंग धवस्त हो गई. उनके पिता नेदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बच्चे को बचाने की गुहार लगाते हुए बेटे की सकुशल वापसी की मांग की है. इस बीच तेहरान में भारतीय दूतावास नेएक एडवाइजरी में सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों से घर के अंदर रहने और आधिकारिक चैनलों की निगरानी करते रहने को कहा है. एडवाइजरी में कहा गया, ‘हम ईरान में सभी से अपील करते हैं कि दूतावास से स्थिति पर अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारे टेलीग्राम लिंक से जुड़ेंकृपया ध्यान दें कि यह टेलीग्राम लिंक केवल उन भारतीय नागरिकों के लिए है जो वर्तमान में ईरान में हैं दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिएआपातकालीन हेल्पलाइन भी जारी की हैं.उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में है। विश्वविद्यालय ने ज्यादा सहायता नहींकी है. हममें से ज्यादातर लोग डरे हुए हैं और घर के अंदर ही रह रहे हैं हमें नहीं पता कि यह कब तक चलेगा.
प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 11 वर्ष तथा दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने पर दिल्ली भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी का आयोजन

Dellhi News: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा सुशासन एवं गरीब कल्याण के 11 साल पूरे होने पर और दिल्ली सरकार के 100 दिन पूरे होने परदिल्ली भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी लगाई गई जिसका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवंदिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने की. इस मौके पर सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, श्री योगेन्द्र चंदोलिया एवं प्रवीण खंडेलवालसहित प्रदेश पदाधिकारी, विधायक एवं प्रदर्शनी के संयोजक विधायक अनिल शर्मा भी उपस्थित थे. इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री सरदार हरदीप सिंह पुरीने कहा कि दिल्ली में एक उद्देश्य वाली और दिल्लीवालों की सेवा करने वाली सरकार बनी है. मैं खासकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा जीको धन्यवाद देना चाहूंगा क्योंकि इनके नेतृत्व में 27 सालों के बाद दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय के लिए जोमाइलस्टोन रेखा गुप्ता की सरकार ने रखे हैं वह दिल्लीवालों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे. जन कल्याण की चलाई योजनासरदार हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश में मोदी सरकार ने पिछले 11 सालों में जो भी जन कल्याण की योजनाएं चलाई है उसके बारे में आप सब कोपता है. आज की प्रदर्शनी में उन सभी उपलब्धियों को दर्शाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आज जो अंतरर्राष्ट्रीय स्थिति बनी हुई है. उसकेबावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था को चौथे स्थान पर पहुंचाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली ने इलेक्ट्रिकबसों को अपनाया है और उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक के अलावा हम हाइड्रोजन की ओर भी तेजी से बढ़ेंगे. आज दिल्ली में श्रीमती रेखा गुप्ता सरकार नेकूड़े के पहाड़ के अलावा यमुना की सफाई को तवज्जों दी है इसलिए प्रदूषण को कम करने के लिए अच्छा काम हो रहा है और आने वाले समय मेंआप इसका परिणाम देखेंगे.दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि सेवा सुशासन और गरीब कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीसरकार के 11 वर्ष सही मायनों में युग परिवर्तन है. यह 11 साल विश्वास, प्रगति, भरोसे और समाजिक उत्थान के लिए है इस 11 सालों के स्वर्णिमकाल भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में है. 100 दिन के कार्यों की लगाई प्रदर्शनीसचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 साल के अलावा दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के 100 दिन में किए गए कार्यों की भी प्रदर्शनीलगाई गई है. कैसे एक सरकार सिर्फ 100 दिनों में जनता के विश्वास अर्जित करती है और एक भरोसा देती है विकास कार्यों के लिए. हम इस प्रदर्शनीको लेकर प्रत्येक जिला और मंडल में जा रहे हैं ताकि दिल्ली की जन-जन तक इसको पहुंचाया जा सके.दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा किकेन्द्र के 11 साल और दिल्ली के 100 दिन पूरे हुए हैं और जिस प्रकार से दिल्ली में लगातार डबल इंजन की सरकार काम कर रही है. वह सबकोदिखाई दे रहा है। मुझे दुख इस बात की है कि पिछली सरकार केन्द्र सरकार द्वारा किए गए कार्यों को क्रेडिट तक नहीं देती थी. उन्होंने कहा कि1,25,000 करोड़ का रोडवेज के नाम पर दिया गया. इसके अलावा लैंडफिल साइड पर केन्द्र द्वारा मदद की. रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में डबलगति के साथ विकास होने जा रहा है और जो भी टारगेट हमने लिए हैं चाहे वह वायु प्रदूषण हो, जल, बिजली, यमुना से लेकर सड़के हो, सभी क्षेत्रों मेंकाम हो रहा है.
अहमदाबाद विमान हादसा: 31 शवों का हुआ डीएनए मिलान, विजय रूपाणी की मौत की पुष्टि

अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के बाद डीएनए जांच का कार्य तेज़ी से जारी है। अब तक 31 शवों की डीएनए रिपोर्ट आ चुकी है, जिनमें से12 शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। इन्हीं में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी शामिल है। उनके डीएनए का मिलानउनके परिजनों से हो गया है, जिससे उनकी मृत्यु की पुष्टि हो गई है। राजकोट में होगा अंतिम संस्कारविजय रूपाणी का अंतिम संस्कार उनके गृह नगर राजकोट में किया जाएगा। प्रशासन ने अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।डीएनए जांच के सहारे हो रही पहचानडीएनए जांच टीम के एक डॉक्टर ने बताया कि दुर्घटना में जान गंवाने वाले कई शव जलकर इतनी बुरी हालत में पहुंच गए हैं कि उनकी पहचान करनाबेहद मुश्किल हो गया था। इसी वजह से शवों की पहचान के लिए वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया जा रहा है। दुखद संयोग: ‘लकी नंबर’ पर मिली मौतयह हादसा विजय रूपाणी के जीवन का एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मोड़ बन गया। एक समय जिस फ्लाइट को उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए अहमदाबाद सेलंदन के लिए शुरू किया था, वही यात्रा उनके जीवन की अंतिम यात्रा बन गई। विशेष बात यह भी है कि जिस फ्लाइट नंबर को वह अपने लिए लकीमानते थे, उनकी मृत्यु उसी फ्लाइट में हुई। यह एक ऐसा त्रासदीपूर्ण संयोग है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई भयावह दास्तांहादसे के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब उन्होंने आसमान में काले धुएं का गुबार देखा तो उन्हें पहले लगा कि कहीं आग लगी है। लेकिन कुछ ही देरमें यह साफ हो गया कि एक विमान हादसे का शिकार हो गया है। प्रत्यक्षदर्शी राकेश मिश्रा ने बताया कि उन्होंने देखा कि पूरा विमान आग के गोले में तब्दील हो गया था। दृश्य इतना भयावह था कि किसी के बचने कीकोई संभावना नजर नहीं आ रही थी। आसपास के लोग स्तब्ध थे और कुछ भी करने में असमर्थ थे।
पचमढ़ी में भाजपा का तीन दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, अमित शाह ने दिए अनुशासन और संवाद के मंत्र

भारतीय जनता पार्टी का पचमढ़ी में तीन दिवसीय सत्र शनिवार से शुरू हो गया. इस शिविर का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को पार्टी की विचारधारा केसाथ-साथ संवाद, अनुशासन और संगठनात्मक समन्वय जैसे व्यावहारिक पहलुओं में दक्ष बनाना है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हेलीकॉप्टर से भोपालसे पचमढ़ी पहुंचे कार्यक्रम का शुभारंभ कर उन्होंने जनसंघ से लेकर भाजपा की यात्रा के बारे में बताया. एक घंटे चले सत्र में उन्होंने विधायकों औरसांसदों को बताया कि किस उद्देश्य से पार्टी बनाई गई. जनसंघ कैसे बना और भाजपा में कैसे आए. शाह ने पार्टी को खड़े करने में कांग्रेस ने किस तरहसे मुश्किलें खड़ी कीं और उससे कैसे पार पाया। साथ ही उन्होंने बताया कि भाजपा को अब आगे कैसे मजबूत रखना है. शाह ने अपने संबोधन में प्रदेशके मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की मर्यादाओं का पालन करने और सार्वजनिक मंचों पर सावधानी बरतने की नसीहत दी. चुनिंदा नेताओं के साथ की विशेष मुलाकातदरअसल बताया जा रहा है कि शाह ने बंद कमरे में चुनिंदा नेताओं से विशेष मुलाकात की. कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा ने शाह की बैठक को लेकरमीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंत्री अनावश्यक और गलत बयानबाजी से बचें. यदि कोई गलती होती भी है तोउसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को अपने आचरण और वक्तव्यों में सावधानी रखनी चाहिए. भाजपाके तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन चुनाव प्रबंधन, संवाद कौशल और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर केंद्रित रहेगा। शिविर का समापनसोमवार 16 जून को होगा. जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होकर नेताओं को संबोधित करेंगे.पचमढ़ी में कार्यक्रम स्थल पर सभी मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और नेताओं ने पौधरोपण किया. इस अवसर पर सभी ने अपनी माताओं के नामपर पौधे रोपे और उनके नाम की तख्तियां भी लगाईं. तख्ती पर संबंधित जनप्रतिनिधि/ नेता का नाम, उनकी मां का नाम और पौधा लगाने की तारीखभी दर्ज की गई. पौधे लगाने वाले पार्क को अटल पार्क नाम दिया गया.
लालू प्रसाद पर भाजपा का आरोप “बाबा साहेब का किया अपमान”, सम्राट चौधरी ने साझा किया वीडियो

भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद पर बड़ा आरोप लगाया है. कहा है कि लालू प्रसाद ने जान बूझकर बाबा साहेब काअपमान किया. शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने दावा कि लालू प्रसादके पैरों के पास दलित आइकन का एक चित्र रखा गया था. इतना ही नहीं सम्राट चौधरी ने एक वीडियो भी शेयर किया यह वीडियो लालू प्रसाद केजन्मदिन के मौके का था.उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि लालू प्रसा एक सोफे पर बैठे हुए देखा जा सकता है जबकिउनके पैरों के पास एक अन्य सोफा रखा है। एक समर्थक कमरे में प्रवेश करता है और चित्र को प्रसाद के पैरों के पास रखता है. फिर राजद प्रमुख काअभिवादन करता है. उपमुख्यमंत्री पर कसा तंजउपमुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राजद सुप्रीमो का अहंकार पुराने सहयोगियों जैसे नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस के बीच मतभेद पैदा करचुका है और कमजोर वर्गों के मतदाताओं को परायापन का अनुभव कराया है. इधर इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्रीजनक राम और राज्य इकाई की उपाध्यक्ष अनामिका पासवान ने भी राजद सुप्रीमो पर हमला बोला. जनक राम ने कहा कि बिहार के 14 करोड़ लोगशर्म महसूस कर रहे हैं और राजद सुप्रीमो के पूरे परिवार को माफी मांगनी चाहिए. नेता ने तलवार से केक काटा जो यह दर्शाता है कि उनकी पार्टीबाहुबल के जोड़ पर वापस आना चाहती है, जिसे एनडीए ने समाप्त कर दिया था. वहीं अनामिका पासवान ने कहा कि लालू प्रसाद ने चित्र को अपनेपैरों के पास रखने के बाद उसे हाथ में उठाने का कोई प्रयास नहीं किया. पहले भी राजद कार्यालय में बाबासाहेब के चित्र को कूड़ेदान में पाए जाने कीघटना सामने आई थी. यह राजद सुप्रीमो के दावे की पोल खोलता है कि वह दलितों के शुभचिंतक हैं.
PM मोदी का साइप्रस दौरा तुर्किये को सख्त संदेश, 23 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों के दौरे पर रविवार को रवाना हो गए. इस दौरे के पहले पड़ाव में पीएम मोदी रविवार को साइप्रस पहुंचेंगे. यह 23 सालमें पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला साइप्रस दौरा है. प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को तुर्किये को संदेश देने के तौर पर देखा जा रहा हैदरअसल तुर्किये पर आरोप है कि उसने साइप्रस के एक तिहाई हिस्से पर साल 1974 से कब्जा किया हुआ है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये नेपाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था और पाकिस्तान को अटैक ड्रोन मुहैया कराए थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने जिस तरह से खुलकरपाकिस्तान का समर्थन किया और साथ ही भारत पर हमले के लिए पाकिस्तान को ड्रोन मुहैया कराए. संबंधों में आई है खटासउससे भारत और तुर्किये के संबंधों में खटास आई है. अब प्रधानमंत्री साइप्रस दौरे पर जा रहे हैं और उनका दौरा तुर्किये के लिए एक संदेश के तौर परदेखा जा रहा है. तुर्किये और साइप्रस में दुश्मनी है और साल 1974 के बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध भी नहीं हैं. साल 1570 में ग्रीकभाषी साइप्रस ओटोमन साम्राज्य के नियंत्रण में आ गया था, जिसके बाद साइप्रस में तुर्की भाषी लोग भी बड़ी संख्या में बस गए. साल 1960 में जबसाइप्रस, ब्रिटेन से आजाद होकर स्वतंत्र देश बना तो देश में ग्रीक भाषी आबादी कुल आबादी की करीब तीन चौथाई थी और साथ ही तुर्की भाषीआबादी भी बड़ी संख्या में थी. आजादी के बाद कई वर्षों तक इन समुदायों में आपसी झगड़े और हिंसा भी हुई. जुलाई 1974 को ग्रीस की सैन्यसरकार ने साइप्रस को ग्रीस में मिलाने की कोशिश की. जिसके बाद तुर्किये ने भी साइप्रस पर हमला कर दिया और उत्तरी शहर काइनेरिया, राजधानीनिकोसिया के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया. बाद में मामला संयुक्त राष्ट्र में गया, लेकिन वहां भी वार्ता विफल रहने पर अगस्त में तुर्किये ने फिर सेसाइप्रस पर हमला किया और साइप्रस के कई और इलाकों पर कब्जा कर लिया. एक तिहाई हिस्से पर है तुर्की का कब्जाइस तरह साइप्रस के एक तिहाई हिस्से पर आज भी तुर्किये का कब्जा है. बाद में संयुक्त राष्ट्र ने बफर जोन बनाकर युद्धविराम कराया. तुर्किये के कब्जेवाले इलाके को उत्तरी साइप्रस कहा जाता है. साइप्रस की सरकार उत्तरी साइप्रस को भी अपना हिस्सा मानती है इसे लेकर दोनों देशों में तनाव हैतुर्किये द्वारा कई बार उत्तरी साइप्रस के आसपास ड्रिलिंग की कोशिश की गई है. लेकिन साइप्रस ने इसका विरोध किया है. अब पीएम मोदी केसाइप्रस के साथ संबंध बेहतर करने को तुर्किये के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी साइप्रस जाने वाले तीसरे भारतीयप्रधानमंत्री होंगे. इससे पहले 1983 में इंदिरा गांधी और 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी ने इस देश का दौरा किया था भारत और साइप्रस केकूटनीतिक रिश्ते हमेशा मजबूत रहे हैं लेकिन इतने उच्चस्तरीय दौरे बहुत कम हुए हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 2018 में और विदेश मंत्री एसजयशंकर ने 2022 में साइप्रस का दौरा किया था.
फ्रांस दौरे पर विदेश मंत्री जयशंकर ने राष्ट्रपति मैक्रों से की मुलाकात, आतंकवाद के खिलाफ समर्थन के लिए जताया आभार

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने फ्रांस दौरे पर फ्रांस के राष्ट्रपति से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में फ्रांस केसमर्थन के लिए धन्यवाद दिया. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. अपने दौरे पर विदेश मंत्री ने भारत और फ्रांस की रणनीतिकसाझेदारी की पुष्टि भी की। विदेश मंत्री 11-14 जून तक फ्रांस दौरे पर रहे. विदेश मंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। इसमुलाकात में विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का संदेश राष्ट्रपति मैक्रों को दिया, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस के समर्थन के लिएधन्यवाद दिया गया था. दोनों पक्ष होरिजोन 2047 रोडमैप को लागू करने पर भी सहमत हुए. साथ ही रक्षा उद्योग को लेकर भी सहमति बनी बयान मेंकहा गया कि भारत-फ्रांस के रिश्तों में अब विश्वास, साझा महत्वकांक्षाएं दिखाई देती हैं. नोएल बैरट से भी की मुलाकातविदेश मंत्री ने फ्रांस के विदेश मंत्री नोएल बैरट से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं की मुलाकात में भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी में आईतेजी को सराहा गया. भारत, फ्रांस के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, आतंकवाद निरोधी अभियान और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग कर रहा है. दोनों देशों में तकनीक, इनोवेशन, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान, शिक्षा, म्यूजियम सहयोग और लोगों के लोगों से रिश्ते मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है. दोनों देशों के नेताओं की बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों जैसे हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों पर भी बात हुई. विदेश मंत्री जयशंकर नेमार्शिले में आयोजित हुए भूमध्य सागर रायसीना डायलॉग में हिस्सा लिया और कार्यक्रम को संबोधित भी किया. विदेश मंत्री ने फ्रांस में आर्मेनिया केविदेश मंत्री से भी मुलाकात की. भारत, फ्रांस के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, आतंकवाद निरोधी अभियान और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग कर रहा है. दोनों देशोंमें तकनीक, इनोवेशन, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान, शिक्षा, म्यूजियम सहयोग और लोगों के लोगों से रिश्ते मजबूत करने पर ध्यान दियाजा रहा है.