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NEWS अब तक

महात्मा गांधी और चौधरी चरण सिंह दोनों का सपना ग्राम स्वराज था, जिसमें गांव में रोजगार हो, मजदूर को सम्मान मिले और किसान आत्मनिर्भर बने। आज सरकार उसी ग्राम स्वराज को खत्म करने पर तुली है- लोकदल

सरिता साहनी29 दिसम्बर, 2025 मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना गांधी के विचारों को मिटाने की साजिशलोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम बदले जाने की चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह केवल नाम बदलने का मुद्दा नहीं, बल्कि गांधी के ग्राम स्वराज, श्रम सम्मान और गरीब […]

एंजेल चकमा की हत्या पर कांग्रेस का तीखा सवाल, न्याय की आवाज बने गौरव गोगोई

सरिता साहनी29 दिसम्बर, 2025 देहरादून की घटना पर कांग्रेस ने जताया गहरा शोकदेहरादून में नस्लीय हमले में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या को लेकर कांग्रेस ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। पार्टी ने इस जघन्य घटना को मानवता और भारतीय मूल्यों पर हमला बताते हुए दोषियों को कड़ी से […]

दिल्ली की सांसों के लिए सड़कों पर उतरी ‘आप’, गाजीपुर टोल से भाजपा को कड़ा संदेश

सरिता साहनी29 दिसम्बर, 2025 गाजीपुर टोल प्लाजा पर आम आदमी पार्टी का जोरदार प्रदर्शनदिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और टोल प्लाजा पर लगने वाले भारी जाम के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने गाजीपुर टोल प्लाजा पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भाजपा शासित एमसीडी द्वारा संचालित टोल प्लाजा को बंद कराने की मांग को लेकर किया […]

अटल के अन्त्योदय सपने को साकार कर रहे हैं मंत्री रविन्द्र इन्द्राज, केंद्र और दिल्ली सरकार

सरिता साहनी29 दिसम्बर, 2025 अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित आयोजन से मिला विकास का संदेश पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली के बवाना और बादली विधानसभा क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बवाना विधानसभा में अटल स्मृति सम्मेलन और बादली विधानसभा में अटल […]

शेख हसीना के बाद बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और कट्टरपंथ, छात्र नेता की हत्या से हालात और बिगड़े

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही बांग्लादेश में हिंसा और अराजकता का माहौल है। हाल ही में छात्र नेता उस्मानहादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई और अल्पसंख्यकों पर हमले की घटनाएं भी बढ़ीं। बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर भारतके पूर्व राजदूत सुरेश के गोयल ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथ का उभार हालात को बेहद मुश्किल बना रहा है. मोहम्मद यूनुस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक छविपूर्व राजदूत ने कहा, ‘मुझे लगा था कि मोहम्मद यूनुस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक छवि है और वे बांग्लादेश की राजनीति को बेहतर तरीके से नियंत्रितकरेंगे। लेकिन साफ है कि उनके फैसले दूसरों से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। ये बाहरी तत्व, जिहादी तत्वों का बढ़ता प्रभाव है, जो बांग्लादेश कीराजनीति को जटिल बना रहा है। बांग्लादेश में हालात और बिगड़ रहे हैं और जितना हमने सोचा था, उससे भी ज्यादा जटिल हो रहे हैं।’ तारिक रहमानके बांग्लादेश लौटने पर पूर्व राजदूत ने कहा, ‘यह एक अच्छी बात है क्योंकि अगर बीएनपी चुनावों में हिस्सा लेती है, तो यह साबित होगा कि चुनावदेश में लोकतांत्रिक शासन की वापसी की एक सच्ची कोशिश है। लेकिन साथ ही, उन्होंने अवामी लीग पर सिर्फ इसलिए प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वे शेख हसीना को वापस नहीं आने देना चाहते। मुझे उम्मीद है कि चुनाव मजाक नहीं बनेंगे। राजनीतिक तनाव बढ़ गयाबांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने शनिवार को ढाका यूनिवर्सिटी का दौरा किया और भारी सुरक्षा के बीच मारेगए छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की कब्र पर दुआ की। 60 वर्षीय बीएनपी नेता ने ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल मस्जिद के पास स्थित बांग्लादेश केराष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र पर भी दुआ की। हादी को 20 दिसंबर को नजरुल इस्लाम की कब्र के बगल में दफनाया गया था। रहमानने इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी की कब्र पर श्रद्धांजलि दी, जिनकी इस महीने की शुरुआत में एक हमले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसघटना से फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। रहमान गुरुवार को लंदन से बांग्लादेश लौटे, जिससे 2008 में शुरूहुआ उनका लंबा स्व-निर्वासन खत्म हो गया।

CWC बैठक के बीच दिग्विजय सिंह का पोस्ट बना चर्चा का विषय, मोदी–आडवाणी की तस्वीर से सियासी हलचल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शुरू होने से ठीकपहले अचनाक चर्चा में आ गए। कारण है उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया पोस्ट, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरभाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुएदिखाई दे रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का जमीनीकार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इस तस्वीर को प्रभावशाली बताते हुए इसे संगठन की ताकत बताया. फिर से सक्रिय करने की बात कीहालांकि दूसरी ओर कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद पार्टी सांसद दिग्विजय सिंह से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने संगठन को फिरसे सक्रिय करने की बात की, तो उन्होंने इसपर अपनी सफाई। उन्होंने कहा कि दरअसल, मैंने पार्टी संगठन की तारीफ की थी। लोगों ने मेरी बात कोगलत समझा। मैं भाजपा और आरएसएस का कट्टर विरोधी हूं। गलियारों में चर्चा शुरू हो गईबता दें कि दिग्विजय सिंह के इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस कीसंगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे मौजूदा राजनीतिक हालात से जोड़कर समझ रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या दिग्विजयसिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को कोई संदेश या नसीहत देना चाह रहे हैं। दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि क्याउनका इशारा कांग्रेस संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी की ओर है। यह सवाल अब सिर्फ पार्टी के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भीतेजी से उठ रहा है। इस पोस्ट को और ज्यादा चर्चा में लाने वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह ने इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुनखरगे के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया। इससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। इसके साथ ही पोस्ट की टाइमिंग भी काफीअहम मानी जा रही है। दिग्विजय सिंह ने यह पोस्ट ऐसे समय में किया, जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक चल रही थी और वे खुद भी उसबैठक में शामिल थे। इसी वजह से उनके संदेश को लेकर कई तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

प्रकाशोत्सव पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने गुरु गोबिंद सिंह जी को दी श्रद्धांजलि, साहस और धर्म के मार्ग की याद दिलाई

आज देशभर में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मदिन के अवसर पर प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूने शनिवार को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम मोदी ने गुरु जी के साहस, करुणाऔर बलिदान की याद दिलाई और कहा कि उनका जीवन पीढ़ियों को सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. अपनी यात्रा के दौरान तख्तप्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर इस साल की अपनी यात्रा के दौरान तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने कहाकि उन्होंने वहां श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी के पवित्र जोड़े साहिब का दर्शन किया। पटना साहिब गुरु गोबिंद सिंह जी काजन्मस्थान है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि गुरुजी की एकता, करुणा और सभी के प्रति सम्मान की शिक्षाएं आज भी मानवता को मार्गदर्शन देती रहें। राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह, जो सिखधर्म के दसवें गुरु थे, संकट और कठिनाइयों में भी अपने आदर्शों के लिए समर्पण और साहस का प्रतीक हैं। उन्होंने अपने अनुयायियों को न्याय औरआत्म-सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित किया और उन्हें एकजुट किया. पोस्ट में राष्ट्रपति ने लिखा किसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में राष्ट्रपति ने लिखा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने अदम्य साहस और दूरदर्शिता के साथ लोगों को सहीरास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने अनुयायियों को एक ऐसी शक्ति बनाया, जो बड़े से बड़े विरोधियों का सामना कर सके और न्याय व सम्मानके आदर्शों की रक्षा कर सके। राष्ट्रपति ने सभी को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनके जीवन और शिक्षाएं आज भी हमें सत्यमार्ग परचलने और समाज में सद्भाव स्थापित करने की प्रेरणा देती हैं।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर सुनवाई शुरू, 32 लाख लोगों को नोटिस; तृणमूल सांसद ने EC पर लगाए

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के तहत शनिवार से सुनवाई शुरू होगी। इसके लिए पूरे राज्य में 3,234 केंद्र बनाए गए हैं। राज्य केमुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यवाही जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों, उप विभागीय कार्यालयों, विभिन्न सरकारीविभागों और विद्यालयों और कॉलेजों में संचालित होगी। पहले चरण में 32 लाख लोगों की सुनवाई होगी। ये 32 लाख लोग वो हैं, जिनका नाम2002 की मतदाता सूची में नहीं मिला था। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय के अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि वोटरों कीपहचान और पते के सबूत के तौर पर आधार सहित 12 मान्यता प्राप्त दस्तावेज में से कोई भी दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं. दस्तावेज के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगाहालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि आधार कार्ड को अकेले दस्तावेज के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारी ने बताया, ‘बिहार में हाल ही में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तैयार की गई मतदाता सूची को भी मान्य दस्तावेज माना जाएगा। हालांकि, नकली या जालीदस्तावेज जमा करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।’ राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सुनवाई के लिए सभी तैयारियांपूरी हो गई हैं। उन्होंने कहा, ‘यह प्रक्रिया 4,500 से ज्यादा माइक्रो-ऑब्जर्वर की देखरेख में होगी, और सुनवाई केंद्रों पर सिर्फ ईआरओ, एआरओ, बीएलओ और ऑब्जर्वर जैसे अधिकृत अधिकारियों को ही इजाजत होगी।’ चुनाव आयोग ने कहा कि एक बार सुनवाई केंद्र और नियम तय हो जाने केबाद कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, और ये कदम रिवीजन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हैं। आयोग ने हर ईआरओ केलिए रोज 150 मामलों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकली घोष दस्तीदार ने शनिवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहतउनके परिवार के चार सदस्यों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, और उन्होंने चुनाव आयोग पर वोटरों को परेशान करने का आरोप लगाया। सांसद केदो बेटों, मां और छोटी बहन को सुनवाई के नोटिस मिले हैं। दस्तीदार की मां और छोटी बहन उनके बारासात लोकसभा क्षेत्र के मध्यमग्राम इलाके मेंरहती हैं, जबकि उनके दोनों बेटों के रहने का पता दक्षिण कोलकाता में है। दस्तीदार ने दावा किया, ‘यह समझ से बाहर है कि मेरे दो बेटों के नाम – जिनके पिता पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री हैं और मां कई बार सांसद रह चुकी हैं, मैप क्यों नहीं किए गए। यह भी समझ से बाहर है कि मेरी 90 साल कीमां और बहन – दोनों उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में लंबे समय से वोटर हैं, के नाम अचानक ड्राफ्ट चुनावी सूची से क्यों हटा दिए गए।’

Veer Bal Diwas – Remembering Courage, Conscience and India’s Eternal Values – Ashish Sood

Vijay Srivastava26 December 2025 ,New Delhi On the solemn occasion of Veer Bal Diwas at Thyagraj Stadium, Delhi, The Education Minister of Delhi, Ashish Sood, delivered a deeply reflective and inspiring address, highlighting the historical, moral, and educational significance of commemorating the supreme sacrifice of the Sahibzadas. His speech underlined that Veer Bal Diwas is not merely […]