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भारत 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस का अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में बढ़ेगी नेतृत्व क्षमता

भारत के लिए साल 2026 कई मायनों में खास रहने वाला है। इसकी शुरुआत तब हो गई जब भारत 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस(केपी) का अध्यक्ष चुना गया। ऐसे में अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत का 2026 से संयुक्त राष्ट्र समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस(केपी) का अध्यक्ष चुना जाना देश की अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में नेतृत्व क्षमता का संकेत है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफर्म एक्स पर पोस्ट मेंलिखा कि भारत का यूएन-समर्थित किम्बर्ली प्रोसेस का अध्यक्ष चुना जाना खुशी की बात है। उन्होंने आगे कहा कि यह हीरे के व्यापार में भारत कीवैश्विक भूमिका और सुधारों के जरिए सहमति बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, भारत 25 दिसंबर 2025 से उपाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेगा और 1 जनवरी 2026 से अध्यक्ष बनेगा। यह भारत के लिए किम्बर्ली प्रोसेस मेंतीसरी बार अध्यक्ष बनने का अवसर होगा। नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिलबता दें कि किम्बर्ली प्रोसेस एक तीन-तरफा पहल है जिसमें सरकारें, अंतरराष्ट्रीय हीरे की इंडस्ट्री और सिविल सोसाइटी शामिल हैं। इसका उद्देश्य’संघर्ष हीरे’ के व्यापार को रोकना है। संघर्ष हीरे वे हीरे हैं जो विद्रोही समूहों या उनके सहयोगियों द्वारा युद्ध या अस्थिरता को वित्तीय मदद देने के लिएइस्तेमाल किए जाते हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि भारत का चयन मोदी सरकार कीअंतरराष्ट्रीय व्यापार में पारदर्शिता और ईमानदारी पर वैश्विक भरोसा दर्शाता है। भारत 2026 में किम्बर्ली प्रोसेस (KP) का अध्यक्ष बनने के बाद कईमहत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा। इसमें सबसे पहले शासन और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिल है। इसके साथ ही भारतडिजिटल सर्टिफिकेशन और हीरों की ट्रेसबिलिटी को बढ़ावा देगा। सभी सदस्य देश एक साथ गिने जातेइसके अलावा, केपी के तहत डेटा आधारित निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि हीरों के व्यापार में भरोसा मजबूत होसके। भारत का लक्ष्य यह भी है कि संघर्ष-रहित हीरों में उपभोक्ताओं का विश्वास और बढ़ाया जाए। साथ ही, भारत KP को एक और अधिकसमावेशी और प्रभावी बहुपक्षीय मंच बनाने की दिशा में काम करेगा, जिससे सभी प्रतिभागियों और पर्यवेक्षकों का भरोसा मजबूत होगा। विशेषज्ञों कामानना है कि इस कदम से भारत की अंतरराष्ट्रीय हीरे के व्यापार में स्थिति और विश्वसनीयता दोनों बढ़ने की उम्मीद है। गौरतलब है कि किम्बर्ली प्रोसेससर्टिफिकेशन स्कीम (केपीसीएस) 1 जनवरी 2003 से लागू है और यह वैश्विक कच्चे हीरे के व्यापार का 99 प्रतिशत से अधिक नियंत्रित करती है।इसे हीरे के व्यापार का सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय तंत्र माना जाता है। वर्तमान में किम्बर्ली प्रोसेस में 60 सदस्य देश शामिल हैं, जिसमें यूरोपीय संघऔर इसके सभी सदस्य देश एक साथ गिने जाते हैं।

हावड़ा ब्रिज मार्च रोका गया, BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की, बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या पर भारत में उबाल

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बुधवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब बांग्लादेशी हिंदू युवक की हत्या के विरोध में भारतीय जनता पार्टी केप्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। जानकारी के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ता हावड़ा ब्रिज की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से जुलूस को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और बैरिकेड हटाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान हालात बिगड़ गएऔर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। झड़प में धक्का-मुक्की भी हुई। हावड़ा पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहाहम किसी को भी प्रदर्शन के नाम पर आम लोगों की आवाजाही बाधित करने की इजाजत नहीं देंगे। कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगीगौरतलब है कि 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के बालुका इलाके में 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित तौर पर भीड़ नेपीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को जला दिया गया। आरोप है कि यह घटना कथित ईशनिंदा के बाद हुई। इस घटना को लेकरभारत में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है, खासकर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर। इससे पहले मंगलवार को भीसियालदह से पार्क सर्कस स्थित बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन की ओर जा रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया था।बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बलतैनात कर दिया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नवनीत राणा के ‘3–4 बच्चे’ बयान पर सियासी घमासान, कांग्रेस का BJP-RSS पर हमला

भाजपा नेता नवनीत राणा ने मंगलवार को अपने एक बयान में आरोप लगाया कि हिंदुस्तान को पाकिस्तान बनाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंनेहिंदुओं से तीन-चार बच्चे पैदा करने की अपील की। भाजपा नेता की इस अपील पर अब सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा नेता केबयान की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस की पागलपन वाली सोच अब खत्म होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर नेनवनीत राणा के बयान पर कहा, ‘हमें संख्या को लेकर वैज्ञानिक आधार पर सोचना चाहिए, न कि कोई अंधविश्वास रखना चाहिए। भारत की बढ़तीजनसंख्या चिंताजनक है। जो राज्य जनसंख्या नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा और आरएसएस की येपागलपन वाली सोच खत्म होनी चाहिए।’ आरएसएस को निशाने पर ले लियानवनीत राणा ने महाराष्ट्र के अमरावती में मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं कि अगर वे (मुस्लिम) 19 बच्चे पैदा कररहे हैं तो हमें कम से कम 3-4 बच्चे तो पैदा करने चाहिए। ये लोग भारत को पाकिस्तान बनाने की राह पर हैं।’ भाजपा नेता राणा ने आगे कहा कि येलोग ज्यादा बच्चे पैदा करके भारत को पाकिस्तान जैसा बनाने की योजना बना रहे हैं। तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट रहें? हमें भी तीन से चारबच्चे पैदा करने चाहिए। भाजपा नेता नवनीत राणा ने मंगलवार को अपने एक बयान में देश में मुस्लिमों की तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर सवाल उठाएथे और हिंदू समुदाय से भी 3-4 बच्चे पैदा करने की अपील की थी। अब कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा और आरएसएस को निशाने पर ले लिया है।

चक्रवात दित्वाह के बाद भारत श्रीलंका के साथ, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने चक्रवात दित्वाह के बाद भारत की ओर सेहरसंभव मदद का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मिलकर श्रीलंका में जीवन को फिर से पटरी पर लाने और देश को मजबूत बनाने मेंसहयोग करेगा। उन्होंने चक्रवात प्रभावित श्रीलंका की मदद के चलाए गए भारत के ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ की भी सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहाकि राहत सामग्री, आपातकालीन सामान और खोज व बचाव कार्यों में जुटे भारतीय दलों ने चिकित्सा आपात स्थितियों से निपटने और संपर्क व संचारव्यवस्था बहाल करने में श्रीलंका की मदद की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि ‘पड़ोसी पहले’ नीति और ‘पहले प्रतिक्रिया देने’ कीप्रतिबद्धता के तहत भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया। इसके तहत भारतीय जहाजों, विमानों और हेलिकॉप्टर्स से राहत सामग्री और जरूरीसामान पहुंचाया गया। भारतीय दलों ने खोज और बचाव कार्यों में सहयोग किया और चिकित्सा आपात स्थितियों व महत्वपूर्ण संचार व्यवस्था कोबहाल करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने श्रीलंका में कई लोगों की मदद की और इसे भारत-श्रीलंका के गहरे संबंधों काप्रतीक माना गया। 45 करोड़ डॉलर का सहायता पैकेज देगाप्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि अब जब श्रीलंका पुनर्निर्माण के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है, तो भारत एक भरोसेमंद साझेदार और सच्चे मित्र केरूप में हरसंभव सहायता देगा। उन्होंने कहा कि पहले की तरह भारत श्रीलंका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और देश को फिर से मजबूतबनाने में सहयोग करेगा। पत्र में पीएम मोदी ने यह भी जानकारी दी कि भारत श्रीलंका को एक व्यापक सहायता पैकेज प्रदान करेगा। उन्होंने भरोसाजताया कि श्रीलंका पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगा और राष्ट्रीय विकास व प्रगति की इस यात्रा में उसे हमेशा भारत का साथ मिलेगा। इससेपहले मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोलंबो में बताया कि भारत ने चक्रवात दित्वाह के बाद श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए 45 करोड़अमेरिकी डॉलर का सहायता पैकेज प्रस्तावित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को पत्र लिखकर चक्रवातदित्वाह के बाद भारत की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पड़ोसी देश के जीवन को पटरी पर लाने के लिए अगलेचरण में भी श्रीलंका का भरोसेमंद साझेदार रहेगा और उसे 45 करोड़ डॉलर का सहायता पैकेज देगा।

कोहरे में सुरक्षित सफर, योगी सरकार के सख्त निर्देश, बसों की रफ्तार 40 किमी तक सीमित नई गाइडलाइन जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शरद ऋतु और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद में प्रदेश में बस यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहनविभाग द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी सेकिये जाने, रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित करने और यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तरप्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम एवं संबंधित अधिकारियों को शरद ऋतु/ठंड के मौसम में बसों के सुरक्षितएवं नियंत्रित संचालन को लेकर विस्तृत आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंतसावधानी से किया जाना आवश्यक है और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराना प्रदेश सरकार का दायित्व है। अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भी दिए गएपरिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो, जबकि अत्यधिक कोहरे में बस को किसीसुरक्षित स्थान पर रोककर विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही आगे संचालन किया जाए। बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार एनाउंसमेंट करयात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकताअनुसार सीमित किया जाए तथा रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ हीयह भी सुनिश्चित किया जाए कि रात्रि सेवा पर जाने से पूर्व चालक को कम से कम 8 घंटे का विश्राम प्राप्त हुआ हो। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टरवाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। लंबी दूरी एवं रात्रिकालीन सेवाओं की बसों को मार्ग पर भेजने सेपूर्व 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग जांच तथा संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगम एवंअनुबंधित बसों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट, ऑल वेदर बल्ब, वाइपर और शीशे पूर्ण रूप से कार्यरत होना अनिवार्य किया गया है। मार्ग परतैनात इंटरसेप्टर एवं प्रवर्तन वाहनों द्वारा निरीक्षण के दौरान ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भीदिए गए हैं। परिवहन विभाग को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गएपरिवहन मंत्री ने चालकों को तीन प्रकार की सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। एक्सप्रेस-वे पर अचानक ठहराव से बचाव, डिवाइडर युक्तसड़कों पर दायीं ओर संचालन, तथा बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर बायीं ओर संचालन कर दुर्घटनाओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंनेनिर्देशित किया कि सभी चालकों एवं परिचालकों को इन दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि संयमित गति और सतर्कता केसाथ बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि योगी सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैऔर यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ठंड और कोहरे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकारसतर्क है। बसों की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक न रखने, अनुभवी चालकों की तैनाती और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। परिवहनविभाग को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली सरकार ने जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 100 करोड़ की मंजूरी दी, ई-वेस्ट पार्क और बस सुधार योजना भी शामिल

दिल्ली सरकार ने राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में मंगलवार को एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखागुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर 100 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। उद्देश्य राजधानी के जलसंसाधनों को पुनर्जीवित करना, जलसंकट से निपटना और साथ ही जल एवं वायु प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करना है। दिल्ली सरकार के पर्यावरणमंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार जमीन पर दिखने और लंबे समय तक असर करने वाले बदलावों पर गंभीरता से काम कर रही है।दिल्ली में कुल लगभग 1000 जलाशय हैं, जिनमें से करीब 160 जलाशय दिल्ली सरकार के अधीन हैं। पर्यावरण मंत्री ने बताया कि पहलेडीपीसीसी द्वारा इस कार्य के लिए 19 करोड़ उपलब्ध कराए थे, जबकि अब अतिरिक्त राशि से सभी चिन्हित जलाशयों के 100 प्रतिशत पुनर्जीवनका लक्ष्य रखा है। इसके लिए डीडीए सहित अन्य एजेंसियों से भी समन्वय किया जाएगा। ड्राइवर-कंडक्टरों को अधिक स्थिरता मिलेगीकैबिनेट ने होलंबी कलां में 11.5 एकड़ भूमि पर बनने वाले दिल्ली के पहले पूर्णतया सर्कुलर और ज़ीरो-वेस्ट ई-वेस्ट पार्क को भी मंजूरी दी है। यहपार्क आधुनिक तकनीक पर आधारित होगा और इसमें ज़ीरो प्रदूषण मॉडल अपनाया जाएगा। यहां इस्तेमाल होने वाला पूरा पानी रिसाइकल कियाजाएगा, जिससे पर्यावरण पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। एक अहम फैसले के तहत दिल्ली की बस सेवाओं का संचालनडीआईएमटीएस से हटाकर दिल्ली परिवहन निगम को सौंपने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था अगले वित्तीय वर्ष से लागू होगी। मंत्री के अनुसारइससे बस सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, रूट रेशनलाइजेशन आसान होगा और ड्राइवर-कंडक्टरों को अधिक स्थिरता मिलेगी। हर स्तर पर ठोस कदम उठा रहीमंत्री ने कहा कि ग्रेप हटने के बाद भी ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ अभियान जारी रहेगा। मंत्री ने कहा कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के वाहनचलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ अपराध के समान है। हालिया जांच में 12 पीयूसी केंद्रों में अनियमितताएं पाई गई हैं और आगे भी निगरानी जारीरहेगी। प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। डीपीसीसी ने 411 औद्योगिक इकाइयों को बंदकरने के नोटिस जारी किए हैं, जबकि एमसीडी ने 400 इकाइयों को सील किया है। इस तरह 800 से अधिक प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई कीगई है। इसके अलावा चार नए ऑटोमेटेड वाहन परीक्षण केंद्र जल्द शुरू होंगे। ऊंची इमारतों में धूल नियंत्रण के लिए मिस्ट आधारित सिस्टम लगानेकी भी अनुमति दी गई है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब फैक्ट्री हो या पेट्रोल पंप, कोई भी प्रदूषक जवाबदेही से नहीं बच पाएगा। दिल्ली कोसाफ और स्वस्थ बनाने के लिए सरकार हर स्तर पर ठोस कदम उठा रही है।

बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त को किया तलब, मिशनों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

भारत में बांग्लादेशी दूतावासों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को मंगलवार को बांग्लादेश केविदेश मंत्रालय में तलब किया गया। राजनयिक सूत्रों ने इस मामले की पुष्टि की। सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली और कोलकाता सहित भारत के कईहिस्सों में स्थित बांग्लादेशी मिशनों के आसपास उभरती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर वर्मा को बुलाया गया था।सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को बांग्लादेश के विदेश सचिव असद आलम सियाम ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को विदेश मंत्रालय बुलाया। यहबैठक भारत के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर नई दिल्ली और कोलकाता में स्थित बांग्लादेशी मिशनों की सुरक्षा को लेकर बुलाई गई थी। इस दौरानबांग्लादेश सरकार ने भारत से अपने मिशनों और राजनयिकों की सुरक्षा मजबूत करने का अनुरोध किया है।पिछले 10 दिनों में यह दूसरी बार है जब प्रणय वर्मा को तलब किया गया है। इससे पहले 14 दिसंबर को उन्हें ‘इंकलाब मंच’ के संयोजक शरीफउस्मान हादी पर हमला करने वाले आरोपियों को पकड़ने में सहयोग के लिए बुलाया गया था। गौरतलब है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार केकार्यकाल में भारतीय राजदूत को अब तक छह बार तलब किया जा चुका है। लिंचिंग के खिलाफ नारेबाजी कर रहेवहीं दूसरी ओर कोलकाता में बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में सैकड़ों लोगों ने मार्च निकाला। कोलकाता में ‘बोंगियो हिंदूजागरण’ के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ‘हिंदू हुंकार पदयात्रा’ निकाली। भगवा झंडे लिए प्रदर्शनकारी सियालदह से बांग्लादेश उप उच्चायोग कीओर बढ़ रहे थे, जिन्हें बेकबागान इलाके में भारी पुलिस बल ने रोक दिया। जब प्रदर्शनकारियों ने उप उच्चायोग के करीब जाने के लिए पुलिसबैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।प्रदर्शनकारी बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और हाल ही में हुई एक हिंदू युवक की लिंचिंग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। राजनयिकों और मिशनों की सुरक्षा मजबूत करने का अनुरोध कियाप्रदर्शनकारियों का मुख्य आक्रोश 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मैमनसिंह में हुई दीपू चंद्र दास (25) की नृशंस हत्या को लेकर था। मामले में गारमेंटफैक्ट्री वर्कर दीपू पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने उसे पीटा, पेड़ से लटकाया और बाद में उसके शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे के पास आग केहवाले कर दिया। यहां पहुंचे प्रदर्शनकारी ने इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के संरक्षण की मांग की है। भारतमें बांग्लादेशी दूतावासों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय तलबकिया है। इस दौरान ढाका ने भारत से अपने राजनयिकों और मिशनों की सुरक्षा मजबूत करने का अनुरोध किया है।

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन उलझे, महायुति में खिचड़ी पकने लगी अजित पवार का कांग्रेस को ऑफर

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन धुंधले पड़ गए हैं और कहें कि गठबंधन की खिचड़ी पक गई है तो गलत नहीं होगा। दरअसल निकाय चुनाव केलिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक उम्मीदवारों के नामों का एलान नहीं हुआ है। गठबंधन भी तय नहीं हैं। ठाणे में अजित पवार कीपार्टी एनसीपी ने आरोप लगाया है कि भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर हो रही बातचीत में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया है।ऐसे में एनसीपी ने अकेले दम पर चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया है। एनसीपी प्रवक्ता आनंद परांजपे ने दावा किया है कि भाजपा औरशिवसेना ने ठाणे में सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू कर दी है लेकिन एनसीपी को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। परांजपे ने कहा कि उनकीपार्टी के जिलाध्यक्ष नजीब मुल्ला से अभी तक बातचीत के लिए न तो भाजपा और न ही शिवसेना ने संपर्क किया है। ऐसे में पार्टी ने अकेले दम परठाणे नगर निकाय चुनाव लड़ने का विकल्प भी खुला रखा है। हालांकि एनसीपी का ये भी कहना है कि अगर उन्हें सीट बंटवारे पर बातचीत के लिएबुलाया जाता है तो वे उसके लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र के 29 नगर निकाय में चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा। चुनाव लड़ने का ऑफर दियाकांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल ने मंगलवार को दावा किया कि अजित पवार ने उनसे संपर्क किया है और पुणे निकाय चुनाव में एनसीपी औरकांग्रेस के गठबंधन में चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की। सतेज पाटिल ने कहा कि वे इस बात को प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय स्तर के नेताओं के सामनेउठाएंगे। हालांकि पाटिल ये भी कहा कि कांग्रेस, महाविकास अघाड़ी के घटक दलों के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। वहीं पुणे के एनसीपीजिलाध्यक्ष सुभाष जगताप ने दावा किया है कि एनसीपी और एनसीपी एसपी पुणे में साथ चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। हालांकिएनसीपी एसपी के जिलाध्यक्ष प्रशांत जगताप ने इसे लेकर नाराजगी जताई है और वह पार्टी नेतृत्व के सामने इसे लेकर नाराजगी भी जताने वाले हैं।महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के दूसरे चरण में गठबंधन की खिचड़ी पक गई है। सत्ताधारी महायुति में भाजपा और शिवसेना सीट बंटवारें पर बात कर रहीहैं, लेकिन एनसीपी इससे बाहर है। अब कांग्रेस ने कहा है कि अजित पवार ने पुणे में साथ मिलकर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है।

डिजिटल युग में सतर्क नागरिक ही सबसे बड़ी ताकत, फेक न्यूज से सावधान रहें, सच साझा करें राष्ट्रपति द्रौपदी की अपील

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और जिम्मेदारी की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सुरक्षा बलों कीजिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि लोग अपने आसपास हो रही घटनाओं के केवलदर्शक नहीं बने, बल्कि सतर्क और सक्रिय भागीदार बनें। उन्होंने जन भागीदारी को लोगों के लिए केंद्रित सुरक्षा का आधार बताया। बता दें कि राष्ट्रपतिने यह बात इटेंलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के शताब्दी उपनिवेश व्याख्यान में कही, जिसका विषय था ‘जन-केंद्रित राष्ट्रीय सुरक्षा: विकसित भारत के निर्माणमें सामुदायिक भागीदारी’। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार, गृह सचिव गोविंद मोहन और आईबी प्रमुखतपन कुमार डेका भी मौजूद थे। इस दौरान मुर्मू ने कहा कि सोशल मीडिया ने सूचना और संचार की दुनिया बदल दी है। इसके माध्यम से अच्छे औरबुरे दोनों तरह के प्रभाव फैल सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे सोशल मीडिया पर सच पर आधारित जानकारी साझा करें और गलत सूचनाओंसे बचाव करें। भविष्य में अपराध रोकने में मदद मिल सकतीइसके साथ ही राष्ट्रपति ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार जागरूक नागरिकों की जानकारी के कारण सुरक्षा बल गंभीर संकट टालने में सफल रहेहैं। उन्होंने कहा कि भारत में पहले पुलिस और सरकारी कर्मचारियों के प्रति कुछ लोग दूरी महसूस करते थे, लेकिन विकसित देशों में लोग पुलिस कोभरोसेमंद और मददगार मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों का काम लोगों की सेवा करने की भावना से होनाचाहिए। मुर्मू ने ड्रग्स और कट्टरपंथ जैसी समस्याओं से निपटने में जनता की भागीदारी की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुरक्षा चुनौतियांअब डिजिटल और गैर-पारंपरिक स्वरूप की हैं। डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध से निपटने के लिए घर, संस्थान और समुदाय स्तर पर सतर्कताजरूरी है। उन्होंने कहा कि नागरिक साइबर अपराध की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुँचा सकते हैं और इससे भविष्य में अपराध रोकने मेंमदद मिल सकती है। साथ ही अंत में मुर्मू ने भरोसा जतायाराष्ट्रपति ने कहा कि सीमाओं पर तनाव, आतंकवाद, माओवादी हिंसा और साम्प्रदायिक कट्टरता जैसी परंपरागत सुरक्षा चुनौतियां अभी भी हैं। इसकेअलावा भौगोलिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता और व्यापार बाधाएं भी आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए हर समस्या का हल हमारेविशेष संदर्भ के अनुसार ढूंढना और जनता की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। मुर्मू ने पर्यावरण संरक्षण में भी जनता की भागीदारी का महत्व बताया। उन्होंनेकहा कि जलवायु परिवर्तन और सीमित प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव से लोगों में संघर्ष की संभावना बढ़ती है। राष्ट्रपति ने सुरक्षा एजेंसियों कीतारीफ करते हुए कहा कि नक्सलवाद को 31 मार्च, 2026 तक पूरी तरह खत्म करने का संकल्प लिया गया है। 2014 में 126 जिले नक्सलप्रभावित थे, अब केवल 11 जिले प्रभावित हैं और सबसे अधिक प्रभावित जिले केवल तीन रह गए हैं। इसके साथ ही अंत में मुर्मू ने भरोसा जताया किजनता की सक्रिय भागीदारी से भारत सतर्क, शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध देश की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

नोसा ब्रेक में खिलाड़ियों की शराबखोरी, इंग्लैंड टीम की छवि दांव पर, पेशेवर अनुशासन पर सवाल, ECB ने उठाया मामला

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज में एक और हार के बाद इंग्लैंड की टीम नई मुश्किल में घिरती नजर आ रही है। तीसरे टेस्ट में 82 रन से मिलीहार के बाद न सिर्फ सीरीज हाथ से निकल गई, बल्कि अब इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को टीम के व्यवहार की जांच भी करनी पड़ रही है।आरोप है कि कप्तान बेन स्टोक्स और उनके साथी खिलाड़ियों ने सीरीज के बीच लिए गए ब्रेक के दौरान जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन किया।तीसरे टेस्ट से पहले इंग्लैंड की टीम ने चार दिन का ब्रेक लिया और ऑस्ट्रेलिया के हॉलिडे रिसॉर्ट नोसा की यात्रा की। यह फैसला पहले ही कईऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट विशेषज्ञों की आलोचना झेल चुका था। अब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस दौरान कुछ खिलाड़ियों ने भारी मात्रामें शराब पी, जिससे टीम कल्चर और पेशेवर अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। संस्कृति किसी की मदद नहीं करतीइन आरोपों के बाद इंग्लैंड के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने साफ किया है कि मामले की जांच की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआतीजानकारी के मुताबिक खिलाड़ी अच्छी तरह पेश आए थे। ईएसपीएन क्रिकइनफो ने रॉब की के हवाले से लिखा, ‘अगर ऐसी बातें सामने आती हैं किहमारे खिलाड़ी बाहर जाकर जरूरत से ज्यादा शराब पी रहे थे, तो निश्चित रूप से हम इसकी जांच करेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए अत्यधिकशराब पीना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है और अगर हम इसकी जांच नहीं करते, तो यह हमारी विफलता होगी। लेकिन अब तक जो मैंने सुना है, उसके मुताबिक खिलाड़ी बहुत अच्छे व्यवहार में थे।’ रॉब की ने यह भी साफ किया कि वह टीम कल्चर में शराब की मौजूदगी के पूरी तरह खिलाफनहीं हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर यह मामला इतना बढ़ जाता है कि भारी शराबखोरी हो और माहौल किसी बैचलरपार्टी जैसा बन जाए, तो यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। मैं खुद शराब नहीं पीता और मुझे लगता है कि किसी भी स्थिति में शराब पीने की संस्कृति किसीकी मदद नहीं करती।’ लेकिन अनौपचारिक रूप से यह एक वेक-अप कॉल जरूररॉब की ने कहा, ‘अगर नोसा ट्रिप का मतलब फोन से दूर रहना, बीच पर जाना, साथ खाना-पीना और कभी-कभार एक ड्रिंक लेना था, तो मुझे इससेकोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अगर यह इससे आगे जाता है, तो फिर यह मेरे लिए समस्या बन जाती है।’ रॉब की ने यह भी खुलासा किया कि सीरीजसे पहले जैकब बेथेल और हैरी ब्रूक को टीम मैनेजमेंट ने अनौपचारिक चेतावनी दी थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे की पूर्व संध्या पर दोनों काएक बार में शराब पीते हुए वीडियो सामने आया था। रॉब की ने कहा, ‘डिनर के साथ एक गिलास वाइन से मुझे कोई समस्या नहीं है। उससे ज्यादामुझे काफी गैरजरूरी लगता है। औपचारिक चेतावनी नहीं दी गई, लेकिन अनौपचारिक रूप से यह एक वेक-अप कॉल जरूर था।’ एडिलेड में हार केबाद इंग्लैंड की ऑस्ट्रेलिया में हार का सिलसिला लगातार चार टेस्ट तक पहुंच गया है। इंग्लैंड ने आखिरी बार 2011 में एंड्रयू स्ट्रॉस की कप्तानी मेंऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच जीता था और तब सीरीज भी 3-1 से अपने नाम की थी। इसके बाद से खेले गए 18 टेस्ट में इंग्लैंड को 16 में हार मिली है, जबकि दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। सीरीज में अभी दो टेस्ट बाकी हैं और बेन स्टोक्स की टीम की कोशिश होगी कि वह इज्जत बचाते हुए 5-0 की शर्मनाकहार से बचें। एशेज गंवाने के बाद इंग्लैंड टीम पर सीरीज के बीच नोसा ब्रेक के दौरान हद से ज्यादा शराब पीने के आरोप लगे हैं, जिसकी ईसीबी जांचकरेगी। मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कहा कि अगर आरोप सही पाए गए तो यह अस्वीकार्य होगा।