भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे टक्कर शुरू मिचेल मार्श ने टॉस जीता, नीतीश रेड्डी का डेब्यू, कोहली-रोहित की वापसी

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने भारत के खिलाफ पहले वनडे मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। भारत के लिए इसमैच में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी वनडे डेब्यू कर रहे हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भी दो नए चेहरों को मौका दिया है। भारतीय टीम पर्थ में खेले जा रहेपहले मैच में तीन तेज गेंदबाज और इतने ही ऑलराउंडरों के साथ खेलने उतरी है। टॉस के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल से पूछा गया कि अगरवह टॉस जीतते तो क्या करते? इस पर गिल ने कहा कि वह भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करते। गिल ने बताया कि इस मैच से नीतीश कुमार रेड्डीडेब्यू करेंगे और टीम इस मैच में तीन तेज गेंदबाज और तीन ऑलराउंडरों के साथ खेलने उतरी है। कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव को पहले मैच केलिए प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किया गया है। विराट कोहली पर जिम्मेदारी रहेगीइस मैच से रोहित शर्मा और विराट कोहली की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी हुई है। ये दोनों खिलाड़ी चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से पहली बारभारत के लिए खेलने उतरे हैं। यानी 224 दिनों बाद रोहित और कोहली भारतीय जर्सी में नजर आ रहे हैं। रोहित इस सीरीज में पूर्णकालिक बल्लेबाजके तौर पर खेल रहे हैं क्योंकि उनकी जगह शुभमन गिल को कप्तानी सौंपी गई है। यह पहली बार है जब भारत वनडे में गिल की कप्तानी में खेलनेउतरा है। भारत ने अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और नीतीश के रूप में तीन ऑलराउंडर को प्लेइंग-11 में शामिल किया है। हर्षित राणा, मोहम्मदसिराज और अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी विभाग का जिम्मा संभालेंगे। शीर्ष क्रम में रोहित, गिल और विराट कोहली पर जिम्मेदारी रहेगी, जबकि मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल अपना दम दिखाएंगे। नए चेहरों को मौका दियाभारत: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमाररेड्डी, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह। ऑस्ट्रेलिया: ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श (कप्तान), मैथ्यू शॉर्ट, जोश फिलिप (विकेटकीपर), मैटरेनशॉ, कूपर कोनोली, मिचेल ओवेन, मिचेल स्टार्क, नाथन एलिस, मैथ्यू कुहनेमैन, जोश हेजलवुड। भारत के लिए इस मैच में ऑलराउंडर नीतीशकुमार रेड्डी वनडे डेब्यू कर रहे हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भी दो नए चेहरों को मौका दिया है।
‘सनातनियों की संगति से बचो’ कर्नाटक CM सिद्धारमैया का विवादित बयान, RSS पर साधा सीधा निशाना “जानें क्या कुछ कहा”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद हो सकता है। दरअसल शनिवार को अपने एक बयान में उन्होंने लोगों को’सनातनियों’ की संगति से न जुड़ने की अपील की। उन्होंने लोगों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और संघ परिवार से सतर्क रहने का आग्रहकिया। उन्होंने संघ पर ऐतिहासिक रूप से बीआर आंबेडकर और उनके द्वारा तैयार किए गए संविधान का विरोध करने का आरोप लगाया। मैसूरविश्वविद्यालय के आंबेडकर अध्ययन केंद्र के रजत जयंती समारोह और नए ज्ञान दर्शन भवन के उद्घाटन के अवसर पर सीएम सिद्धारमैया ने अपने बयानमें कहा कि, ‘अपनी संगति सही रखें। उन लोगों के साथ जुड़ें जो समाज के लिए खड़े हैं, न कि उन लोगों के साथ जो सामाजिक बदलाव का विरोधकरते हैं, जैसे सनातनी’। सिद्धारमैया ने नागरिकों से समाज में प्रगतिशील और तार्किक ताकतों के साथ जुड़ने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने हाल ही मेंभारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंके जाने की घटना का भी जिक्र किया और इस घटना को समाज में गहरी जड़ें जमाएरूढ़िवादिता का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा, ‘एक सनातनी द्वारा मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकना दर्शाता है कि समाज में अभी भी सनातनी औररूढ़िवादी तत्व मौजूद हैं। इस घटना की निंदा केवल दलितों द्वारा ही नहीं, बल्कि सभी को करनी चाहिए। तभी हम कह सकते हैं कि समाज बदलावकी राह पर आगे बढ़ रहा है।’ तर्कसंगतता और वैज्ञानिक सोच बढ़ेगीसिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि संघ परिवार ने हमेशा आंबेडकर के दृष्टिकोण का विरोध किया है और संविधान के मूल्यों को चुनौती दी है। उन्होंनेकहा, ‘वे झूठ फैला रहे हैं कि कांग्रेस ने चुनावों में आंबेडकर को हराया। लेकिन सच्चाई वही है जो आंबेडकर ने खुद अपनी लिखावट में लिखी थी – ‘सावरकर और डांगे ने मुझे हराया’। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें बुद्ध, बसव और आंबेडकर के विचारों से प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘सामाजिकतरक्की का मार्गदर्शन तार्किकता से होना चाहिए। इसलिए मैं आशा करता हूं कि तर्कसंगतता और वैज्ञानिक सोच बढ़ेगी। ऐसा व्यक्ति मत बनिए जोविज्ञान तो पढ़ता है लेकिन अंधविश्वासों पर अमल करता है।’ पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दीमंत्री प्रियांक खरगे के गृह निर्वाचन क्षेत्र चित्तपुर में अधिकारियों ने शांति और कानून-व्यवस्था भंग होने का हवाला देते हुए रविवार को संघ के रूट मार्चको अनुमति देने से इनकार कर दिया है। चित्तपुर नगर पालिका परिषद ने शनिवार को पुलिस सुरक्षा के बीच मुख्य सड़क पर आरएसएस द्वारा लगाएगए कट-आउट और बैनर हटा दिए थे। चित्तपुर के तहसीलदार ने 18 अक्टूबर को अपने आदेश में कहा, ‘चित्तपुर में शांति और कानून-व्यवस्था भंग होनेसे रोकने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए, 19 अक्तूबर को होने वाले आरएसएस रूट मार्च की अनुमति देने से इनकार किया जाता है औरउनके आवेदन को अस्वीकार किया जाता है।’ कर्नाटक सरकार ने शनिवार को एक आदेश जारी कर किसी भी निजी संगठन, संघ या व्यक्तियों के समूहके लिए सरकारी संपत्ति या परिसर का उपयोग करने के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी है। इससे पहले कर्नाटक के पंचायती राज और आईटी मंत्रीप्रियांक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
पवन सिंह विवाद के बीच पत्नी ज्योति सिंह चुनावी मैदान में, काराकाट से लड़ेंगी निर्दलीय चुनाव?

भोजपुरी स्टार और अभिनेता पवन सिंह से चल रहे विवाद के बीच अब उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उतरने का ऐलानकर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ज्योति सिंह काराकाट विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। उनकेसमर्थकों में इस फैसले को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। ज्योति सिंह संभवतः सोमवार को नामांकन दाखिल कर सकती हैं। हाल ही में ज्योतिसिंह के पिता रामबाबू सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर पवन सिंह उनकी बेटी को स्वीकार कर लेते हैं तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगी, लेकिनयदि ऐसा नहीं हुआ तो काराकाट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरेंगी। ज्योति सिंह बीते लोकसभा चुनाव से ही काराकाट क्षेत्र में लगातारसक्रिय रही हैं। वे कई निजी आयोजनों में शामिल होती रही हैं और लोगों से लगातार मुलाकात कर रही हैं। महाबली सिंह पहले ही नामांकन दाखिल कर चुनावकुछ दिन पहले ज्योति सिंह ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी। इसके बाद यह चर्चा थी कि वह जन सुराज के टिकट परचुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि प्रशांत किशोर के साथ उनकी बात नहीं बनी, जिसके चलते वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप मेंचुनाव मैदान में उतरेंगी। ज्योति सिंह के चुनाव लड़ने से काराकाट सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। यहां भाजपा-माले गठबंधन के अरुणसिंह और जदयू के पूर्व सांसद महाबली सिंह पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। अब ज्योति सिंह के उतरने से त्रिकोणीय मुकाबले के आसार प्रबलहो गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के प्रशंसकों का बड़ा वर्ग उनके साथ जुड़ सकता है। भोजपुरी स्टार पवन सिंहसे चल रहे विवाद के बीच उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़नेका ऐलान कर दिया है। उनके पिता रामबाबू सिंह के अनुसार पवन सिंह ने उन्हें स्वीकार नहीं किया, इसलिए वह चुनाव में उतर रही हैं। ज्योति सिंह की बड़ी भूमिका रहीज्योति सिंह के चुनावी ऐलान को लेकर स्थानीय लोगों में भी जोश देखने को मिल रहा है। सासाराम के स्थानीय निवासी चंद्र मोहन पांडे ने कहा किपवन सिंह और ज्योति सिंह के विवाद को देखते हुए जनता की सहानुभूति ज्योति सिंह के साथ होगी। उन्होंने कहा कि पवन सिंह को लोग ‘दिल फेंकआशिक’ के रूप में जानते हैं, इसलिए जनता अब ज्योति सिंह के पक्ष में खड़ी दिख रही है। वहीं, स्थानीय नागरिक शशि कुमार ने कहा कि बीतेलोकसभा चुनाव में पवन सिंह को मिले वोटों में ज्योति सिंह की बड़ी भूमिका रही थी। एक महिला उम्मीदवार के रूप में वे लोगों से सीधे जुड़ीं औरमतदाताओं को प्रभावित किया। शशि कुमार का कहना है कि अगर ज्योति सिंह चुनाव लड़ती हैं तो वे काराकाट सीट से एक मजबूत दावेदार साबितहोंगी।
अमित शाह का राहुल गांधी और राजद पर हमला, घुसपैठियों को पालने वालों का वोट बैंक न बने बिहार में जंगलराज से “रहें सावधान”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि घुसपैठियों को पाल-पोसकर वोट बैंक बनाने की कोशिश करने वालों को एसआईआर से दर्द होता है। कांग्रेसनेता राहुल गांधी जो वोट चोरी का हल्ला मचा रहे हैं। वह जानते हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से घुसपैठियों को बाहरनिकाला जाएगा, यही कारण है उनकी बौखलाहट का। शाह ने कहा, भाजपा इस बात का पुरजोर समर्थन करती है कि पूरे देश में एसआईआर लागू होऔर चुन-चुनकर घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाया जाए। पटना में दो मीडिया समूहों के एक आयोजन में शाह ने कहा कि भाजपा शासित असममें घुसपैठ रुक गई है, लेकिन पड़ोसी पश्चिम बंगाल में यह जारी है। क्योंकि वहां की सरकार अवैध प्रवासियों का लाल कालीन स्वागत कर रही है।देश में घुसपैठियों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर दोष मढ़ने वाले विपक्ष के दावे पर शाह ने कहा, लुटियंस दिल्ली में बैठे लोगों को पता हीनहीं है कि सीमाएं कैसी हैं। बांग्लादेश से लगी सीमा पर घने जंगल और तेज नदियां हैं, जो मानसून के दौरान उफान पर होती हैं। बाड़ लगाना असंभवहै, और चौबीसों घंटे निगरानी भी। सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की नावें भी अक्सर बह जाती हैं। उन्होंने कहा कि मेरा कहना यह है कि जब पड़ोसी देश का कोई व्यक्ति हमारे इलाके में घुसता है, तो क्या इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस थाने औरपटवारी को नहीं हो सकती? ये अधिकारी कदम क्यों नहीं उठाते? क्योंकि उन्हें ऊपर से आदेश मिला है कि इन घुसपैठियों का लाल कालीन बिछाकरस्वागत किया जाए। शाह ने कहा, गुजरात, राजस्थान, असम में घुसपैठ नहीं होती, क्योंकि वहां भाजपा सरकार है। शाह ने कहा कि घुसपैठ पर राजदऔर कांग्रेस ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है। क्या सिर्फ मुस्लिम होने की वजह से किसी घुसपैठिए को बख्श देना चाहिए? शाह बोल किबांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हुए हिन्दू, बौद्ध और सिख शरणार्थियों का इस देश में उतना ही अधिकार है जितना इस देश के लोगों का है। शाहने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि देश अगले साल 31 मार्च से पहले नक्सली हिंसा से मुक्त होगा। जहां-जहां नक्सलवाद समाप्त हुआ, विकास तेज हुआ। नक्सली हथियार त्यागकर मुख्यधारा में आएं। मंत्री ने दो टूक कहा कि हथियार लेकर यदि कोई हिंसा करेगा, तो उसे जवाब गोलीसे ही मिलेगा। भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाएशाह ने बिहार की जनता से नया मुखौटा पहने जंगलराज पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “पिछले 20 वर्षों में हमने इस राज्य कोनरक से बाहर निकाला है। अब समय है कि इस मजबूत नींव पर एक मजबूत संरचना तैयार की जाए। मैं जनता से अपील करता हूं कि वे जंगलराजलाने वालों पर भरोसा न करें, चाहे वे किसी नए चेहरे या गठबंधन के रूप में क्यों न आएं।” उन्होंने कहा आगे कहा कि राष्ट्रीय जनता दल नीत इंडियागठबंधन दरअसल जंगलराज का नया रूप है, जबकि राजग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को स्थिरता औरप्रगति की राह पर आगे बढ़ाया है। उम्मीद है कि जनता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को बिहार में सत्ता बरकरार रखेगी। शाह ने पूर्व राजनीतिकरणनीतिकार प्रशांत किशोर की एक साल पुरानी जन सुराज पार्टी पर टिप्पणी करने से भी इन्कार कर दिया। जन सुराज पार्टी की ओर से राज्य के कईभाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए जाने के सवाल पर शाह ने कहा, “उन्होंने (किशोर) एक नई पार्टी बनाई है जो पहली बार चुनाव लड़ रही है।हम उनके बारे में वोटों की गिनती और नतीजे घोषित होने के बाद बात करेंगे।”
बिहार चुनाव 2025: मोदी-नीतीश की जोड़ी फिर मैदान में, क्या इस बार भी एनडीए बाज़ी मारेगा?” पीएम मोदी बजाएंगे चुनावी बिगुल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीपावली के बाद 23 अक्तूबर से बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार का बिगुल बजाएंगे। पूरे चुनाव में प्रधानमंत्री चार दिन सूबेको देंगे और प्रतिदिन तीन-तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी जनसभाओं का आगाज 23 अक्तूबर को सासाराम से होगा। इसी दिन पीएमगया और भागलपुर में भी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मोदी और नीतीश 2025-2030 के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरे सीएम नीतीश कुमारसमेत राजग के सभी नेता जनसभाओं में शिरकत करेंगे। भाजपा के रणनीतिकारों के मुताबिक पीएम इसके बाद 28 अक्तूबर को मिथिलांचल औरराज्य की राजधानी का रुख करेंगे। इस क्रम में दरभंगा, मुजफ्फरपुर में जनसभाओं को संबोधित करने के बाद पटना में विशाल जनसभा को संबोधितकरेंगे। फिर तीन दिन के ब्रेक के बाद पीएम 1 नवंबर को पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर छपरा में और प्रथम चरण की प्रचार की आखिरी तारीख के पहले 3 नवंबर को पश्चिम चंपारण, अररिया और सहरसा में जनसभाओं को संबोधित करें। स्वरोजगार के लिए शुरू की गई योजनाओं का जिक्रभाजपा सूत्रों का कहना है कि चूंकि दूसरे चरण का चुनाव 11 नवंबर को है और पहले चरण के मतदान के बाद तीन दिन का समय बचेगा। ऐसे मेंजरूरत पड़ी को प्रधानमंत्री का एक और कार्यक्रम बनाया जा सकता है। हालांकि अब तक 3 नवंबर तक के कार्यक्रम को ही अंतिम रूप दिया गया है।प्रधानमंत्री अपने भाषण में विकास और घुसपैठ को केंद्र में रखेंगे। इस दौरान केंद्र में राजग सरकार के आगमन के बाद राज्य में हुए विकास कार्यों कोगिनाएंगे। इसके अलावा सीमांचल सहित कई क्षेत्रों में विदेशी घुसपैठ के कारण बदली जनसांख्यिकी से उत्पन्न खतरे से भी आगाह कराएंगे।प्रधानमंत्री के भाषणों में नारी सशक्तिकरण का मुद्दा भी अहम होगा। खासतौर से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आधी आबादी के स्वरोजगार के लिएशुरू की गई योजनाओं का जिक्र उनके भाषणों में होगा। फ्रेंडली फाइट की फिजाराहुल गांधी ने चुनाव से पहले वोट चोरी पर तो खूब बवाल काटा, लेकिन अब बिहार से जैसे वह दूर हुए, कांग्रेस और महागठबंधन पर उसका प्रभावखराब पड़ा है। बिहार का चुनाव विचारों से ज्यादा टीम मैनेजमेंट का है। महागठबंधन सीटों पर उलझा, टिकटों पर बिखरा और प्रचार पर अटका है।एनडीए एकजुट रणनीति से मैदान पर हावी दिख रहा है वहीं एक तरफ फ्रेंडली फाइट की फिजा, दूसरी ओर नीतीश-मोदी की केमिस्ट्री! दीवाली केबाद हवाएं कैसी चलेंगी, उससे ही तय होगा कि 14 नवंबर को बिहार में सत्ता की दीवाली कौन मनायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीपावली के बाद 23 अक्तूबर से बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार का बिगुल बजाएंगे। इस दौरान 4 दिनों में 12 रैलियों को संबोधित करेंगे।
Devender Yadav Slams BJP: Only 36% of ₹1 Lakh Crore Budget Spent in Six Months, Development Claims Hollow

Delhi Pradesh Congress Committee president Shri Devender Yadav said that the absence of a strong political leadership in the BJP Government to get the wheels of development moving with time-bound project execution was clearly evident from the shocking revealation that only 36 per cent of the budgetary allocations have been spent by the various departments […]
दिल्ली भाजपा का दिवाली मंगल मिलन समारोह धूमधाम से सम्पन्न, पत्रकारों संग मनाया गया दीपोत्सव

दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों का पत्रकारों के संग वार्षिक दिवाली मंगल मिलन समारोह आज दीनदयाल उपाध्याय मार्ग सिंहनये प्रदेश कार्यालय पर सम्पन्न हुआ। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा की अध्यक्षता एवं दिल्ली की मुख्य मंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता कीगरिमापूर्ण उपस्थिती में आयोजित समारोह का मंच संयोजन मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर ने किया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं मुख्य मंत्री केसाथ ही दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डा. अल्का गुर्जर, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा एवं पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सुधांशु त्रिवेदी ने बड़ीसंख्या में उपस्थित पत्रकारों के साथ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सम्बोधित कर आज धनतेरस से प्रारम्भ दीप उत्सव की शुभकामनाऐं दी। दिवाली मंगल मिलन समारोहदिवाली मंगल मिलन समारोह में अनेक वरिष्ठ पत्रकारों के साथ बड़ी संख्या में भाजपा बीट से जुड़े पत्रकार एवं दिल्ली भाजपा नेता सांसद मनोजतिवारी, योगेन्द्र चांदोलिया एवं सुश्री बाँसुरी स्वराज, विधानसभाध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता, दिल्ली सरकार में मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा, श्री आशीषसूद एवं श्री रविन्द्र इंद्राज सिंह, यमुनापार विकास बोर्ड अध्यक्ष सरदार अरविंदर सिंह लवली, रूरल विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री राजकुमार चौहान, विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन एवं विजय गोयल, विधायक कैलाश गहलोत, करतार सिंह, राजकुमार भाटिया, एन.डी.एम.सी. सदस्य दिनेश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला एवं प्रदीप भंडारी, प्रदेश पदाधिकारी विष्णु मित्तल, सतीश गर्ग, श्रीमतीयोगिता सिंह, सुनीता कांगड़ा, श्रीमती सारिका जैन, श्री विनोद बछेती, सुमित भसीन आदि, दिल्ली के उपमहापौर जय भगवान यादव और स्थाईसमिति सदस्य श्रीमती सत्या शर्मा के आलावा अनेक मोर्चा अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष एवं प्रभारी आदि प्रमुख थे।
लखनऊ से रवाना हुई ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप, आत्मनिर्भर भारत की उड़ान को मिली नई रफ्तार “रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया बड़ासंकेत”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई से तैयार की गई ब्रह्मोस मिसाइलों कीपहली खेप को शनिवार को हरी झंडी दिखाई। यह दिन न सिर्फ उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) के लिए मील का पत्थरसाबित होगा। बल्कि भारत के रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी नई ऊर्जा भी देगा। विश्व की सबसे तेज और घातक सटीक प्रहार क्षमतावाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली की निर्माता ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने लखनऊ की नई इंटीग्रेशन एंड टेस्ट सुविधा से मिसाइल की पहली खेपतैयार कर ली है। यह अत्याधुनिक इकाई 11 मई को उद्घाटन के बाद पूरी तरह संचालन में आई थी। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी तारीफ करते नहीं थकतेवहीं, इस दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, आज का दिन उत्तर प्रदेश की जनता के लिए महत्वपूर्ण दिन है। लखनऊ डिफेंस सेक्टर में अहमभूमिका निभा रहा है। मैंने पांच महीने पहले ब्रह्मोस यूनिट का उ्दघाटन किया था। आज उसकी पहली खेप रवाना कर दी गई। यह आम बात नहीं है।ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया है कि जीत अब हमारी आदत बन चुकी है। राजनाथ सिंह ने कहा, दुनिया ने भारत की ताकत को माना है। देश कोये विश्वास है कि अब हम बहुत मजबूत हो चुके हैं। मैं बता दूं कि जब भारत पाकिस्तान को जन्म दे सकता है, अब आगे आप लोग समझदार हैं।पाकिस्तान का हर इंच ब्रह्मोस की रेंज में है। ऑपरेशन सिंदूर तो बस ट्रेलर था। ब्रह्मोस तीनों सेनाओं की रीढ़ है। यह यूनिट देश की बढ़ती ताकत कीपहचान है। देश के किसी भी हिस्से में ब्रह्मोस की चर्चा करते हैं, तो उनमें में विश्वास दिखता है। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी तारीफ करतेनहीं थकते। ये विश्वास ही हमारी ताकत है। राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगाकार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री बूस्टर डॉकिंग प्रक्रिया देखी। इसी क्रम में ब्रह्मोस सिम्युलेटर उपकरणों का प्रस्तुतीकरण भी होगा। इसकेअलावा पौधरोपण कार्यक्रम पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान, महानिदेशक (ब्रह्मोस) डॉ. जयतीर्थ आर जोशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक चेक औरजीएसटी बिल सौंपा, जिससे राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होगा। ब्रह्मोस मिसाइलों के उत्पादन से उत्तर प्रदेश में उच्च कौशल वाले युवाओं के लिएरोजगार के अवसर सृजित होंगे।लखनऊ ब्रह्मोस इकाई उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारे का पहला ऐसा प्रतिष्ठान है, जहां मिसाइल प्रणाली के निर्माण से लेकर अंतिम परीक्षण तक की पूरीप्रक्रिया देश में ही की जाती है। यह परियोजना न सिर्फ रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश में रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार के नएअवसर भी सृजित कर रही है।
रूस से तेल खरीद पर फिर गरमाया भारत-अमेरिका संबंधों का तापमान “बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप” जानें क्या कुछ कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हालिया समय में भारत के संबंध में किए गए दावों को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परतंज कसा। पार्टी की तरफ से कहा गया कि हर बार जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह दावा करते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया या भारतरूस से तेल आयात घटा देगा, तब प्रधानमंत्री अचानक ‘मौनी बाबा’ बन जाते हैं। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एकबार फिर दावा किया है कि उनके अच्छे दोस्त ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत रूस से तेल आयात कम करेगा। उन्होंने कहा, “लेकिन जब ट्रंप कहतेहैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रोका या अब जब वे कह रहे हैं कि भारत रूस से तेल आयात घटाएगा, तो वह ‘अच्छे दोस्त’ मौनी बाबा बन जाते हैं।” रमेश ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 54.4 अरब डॉलर तकबढ़ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 49.6 अरब डॉलर था। देश अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहाउनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और वह तनाव घटा रहा हैऔर पीछे हट रहा है। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले भारत ने गुरुवार को कहा था कि वह ऊर्जा आपूर्ति को विविध औरविस्तृत बना रहा है, ताकि बाजार की स्थिति के अनुसार उपयुक्त स्रोत सुनिश्चित किए जा सकें। ट्रंप के बयान के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्तारणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह राष्ट्रीय हितों द्वारा निर्देशित है और देश अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने कीदिशा में कार्य कर रहा है। सरकार की विदेश नीति पूरी तरह विफल हो चुकीकांग्रेस ने गुरुवार को ही आरोप लगाया था कि मोदी ट्रंप से डरे हुए हैं और उन्होंने महत्वपूर्ण निर्णय अमेरिका को सौंप दिए हैं। पार्टी ने यह भी कहा थाकि मोदी सरकार की विदेश नीति पूरी तरह विफल हो चुकी है और केंद्र को विपक्षी नेताओं को विश्वास में लेना चाहिए। इस बीच ट्रंप प्रशासनलगातार यह आरोप लगाता रहा है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर पुतिन को युद्ध में वित्तीय मदद कर रहा है। दोनों देशों के रिश्तों में हाल ही मेंतनाव तब बढ़ गया जब ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया और रूस से तेल खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्तशुल्क भी लगाया। भारत ने अमेरिका की इस कार्रवाई को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक बताया है।
क्रिकेट से पहले देश, प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार और BCCI पर अफगानिस्तान से सीखने का तंज

शिवसेना यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को अफगानिस्तान से सीखने की सलाह दी है। प्रियंका चतुर्वेदीने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि खेल के ऊपर देश को किस तरह से प्राथमिकता दी जाती है, ये बीसीसीआई और सरकार कोअफगानिस्तान से सीखने की जरूरत है। शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘पाकिस्तानीशासन कायरों का समूह है, जो बेकसूर लोगों का खून बहाता है और सीमा पर पिट जाता है। उन पर लानत है। ये देखकर अच्छा लगा किअफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज नहीं खेलने का फैसला किया है। शायद बीसीसीआई और भारत सरकार को भी उनसेकुछ टिप्स लेने की जरूरत है कि किस तरह से खेल के ऊपर देश को रखा जाए।’ पाकिस्तानी शासन द्वारा किया गया एक कायराना हमलाअफगानिस्तान के सीमाई प्रांत पक्तिका में पाकिस्तान द्वारा किए गए एक हवाई हमले में तीन अफगान क्रिकेटर्स समेत आठ लोगों की मौत हो गई।अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि ये खिलाड़ी उरगुन से पक्तिका प्रांत के शाराना में एक दोस्ताना मैच में हिस्सा लेने गए थे। वहां से लौटतेसमय पाकिस्तान के हमले में इनकी मौत हो गई। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने तीनों खिलाड़ियों के नाम कबीर, सिबघतुल्लाह और हारून बताए औरबताया कि हमले में पांच अन्य लोग भी मारे गए। एसीबी ने इसे पाकिस्तानी शासन द्वारा किया गया एक कायराना हमला बताया। इस हमले के बाद, अफगानिस्तान ने त्रिकोणीय श्रृंखला से अपना नाम वापस ले लिया। पाकिस्तान के साथ खेलने का फैसला कियाप्रियंका चतुर्वेदी के इस बयान को बीते दिनों एशिया कप में भारत के पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने पर तंज की तरह देखा जा रहा है।दरअसल पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में कई राजनीतिक दल और लोग पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने केविरोध में थे। हालांकि काफी सोच विचार के बाद सरकार ने एशिया कप में पाकिस्तान के साथ खेलने का फैसला किया। अफगानिस्तान के सीमाईप्रांत पक्तिका में पाकिस्तान द्वारा किए गए एक हवाई हमले में तीन अफगान क्रिकेटर्स समेत आठ लोगों की मौत हो गई। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्डने बताया कि ये खिलाड़ी उरगुन से पक्तिका प्रांत के शाराना में एक दोस्ताना मैच में हिस्सा लेने गए