अंकुश नारंग का बड़ा बयान – दिल्ली में डेंगू-मलेरिया के खतरे के बीच एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तुरंत माने भाजपा सरकार

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने एमसीडी मुख्यालय के बाहर 5200 एमटीएस कर्मचारियों से मुलाकात कीऔर उनकी जायज़ मांगों का समर्थन किया। इन कर्मचारियों ने पिछले 9 दिनों से हड़ताल की है और अपनी सैलरी, मेडिकल लीव और परिवार के लिएनौकरी जैसी मांगें रखी हैं। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्लीवालों पर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा हैऔर ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल का असर सीधे जनता पर पड़ रहा है। अंकुश नारंग ने कहा कि एमटीएस कर्मचारी ही शहर की सफाई, पानी कीटंकियों की सफाई, मच्छरदानी दवा का छिड़काव और बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए काम करते हैं। जब ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तोदिल्ली में मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार होने के बावजूद कर्मचारियों कीजरूरतों की अनदेखी कर रही है और जनता की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं कर रही। एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगेंअंकुश नारंग ने बताया कि कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगें पूरी तरह सही और जायज़ हैं। समान वेतन – एमटीएस कर्मचारियों को अब तक छह अलग-अलग वेतन स्केल (₹14,000 से ₹27,000) में सैलरी दी जाती रही है। डीबीसी से एमटीएस बनने के बाद भी वेतन में समानता नहीं आई है। अंकुशनारंग ने कहा कि यह मांग बिल्कुल जायज़ है और इसे तुरंत मान लिया जाना चाहिए।, मेडिकल लीव – ये कर्मचारी लगातार डेंगू और मलेरिया जैसेखतरनाक मौसम में काम कर रहे हैं। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मेडिकल लीव दी जाती है, लेकिन एमटीएस कर्मचारियों को क्यों नहीं? अंकुश नारंग नेकहा कि यह भी जायज़ मांग है।, मृत्यु होने पर परिवार को नौकरी – एमटीएस कर्मचारी खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं। अगर किसी कर्मचारीकी नौकरी करते हुए मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को नौकरी मिलनी चाहिए। अंकुश नारंग ने इसे कर्मचारियों का हक़ बताया।भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और पैसे की बहानाअंकुश नारंग ने कहा कि उन्होंने 26 सितंबर को सदन में मेयर राजा इक़बाल सिंह को आगाह किया था कि 29 सितंबर से 5200 कर्मचारी हड़ताल परजाने वाले हैं। उन्होंने मेयर से कहा कि कर्मचारियों से बात करें, क्योंकि ये कर्मचारी टंकियों और पानी के जमा होने वाले स्थानों की निगरानी करते हैंऔर बिना इनके काम के दिल्ली में बीमारियों का फैलाव बढ़ सकता है। लेकिन मेयर ने कर्मचारियों से बात करने के लिए 10 मिनट का समय तक नहींदिया। अंकुश नारंग ने बताया कि भाजपा सरकार कह रही है कि समान वेतन देने से सालाना 60 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लेकिन यह खर्च पार्टीके प्रचार और विज्ञापनों में हर साल किए जाने वाले खर्च के मुकाबले बहुत कम है। पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का खर्च भी इससे कई गुना ज्यादाहै। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी का यह बहाना भ्रष्ट नीयत और संवेदनहीनता छिपाने का तरीका है। कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तुरंत मानना हीचाहिए। दिल्ली में स्वास्थ्य संकट बढ़ाअंकुश नारंग ने बताया कि दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते रिपोर्ट में डेंगू के 81 नए केस दर्जहुए। इस साल अब तक मलेरिया के 431, डेंगू के 840 और चिकनगुनिया के 75 केस सामने आए हैं। एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल के कारणफॉगिंग, दवा का छिड़काव और टैंक चेकिंग जैसे काम ठप पड़े हैं। इसके चलते बीमारियों का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है। अंकुश नारंग ने कहा किजबकि दिल्ली में भाजपा नेता दशहरा, दुर्गा पूजा और वाल्मीकि जयंती मना रहे हैं, कर्मचारी सड़क पर हड़ताल कर रहे हैं और जनता को इसकाखामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अंकुश नारंग का संदेशअंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा एमटीएस कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने भाजपा सरकार से तुरंत कर्मचारियों की मांगें पूरीकरने और हड़ताल खत्म कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी मांगें सिर्फ उनके अधिकार के लिए नहीं हैं, बल्किइससे सीधे दिल्लीवालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। अंकुश नारंग ने साफ कहा “दिल्ली के मेहनतकश कर्मचारियों की आवाज़ दबाई नहींजा सकती। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आम आदमी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। कर्मचारियों की मांगें मानना ही दिल्लीवालोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौके पर मौजूद पार्टी के नेताइस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें करोलबाग ज़ोन अध्यक्ष पुनीत राय, सिटी एसपी जोन अध्यक्ष विकासटांग, वेस्ट जोन अध्यक्ष निर्मला कुमारी और अन्य जुझारू कार्यकर्ता शामिल थे।
कफ सिरप से बच्चों की मौत पर कांग्रेस का भाजपा सरकारों पर बड़ा हमला, न्यायिक जांच की मांग

राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस गंभीर मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी नेदोनों राज्यों की भाजपा सरकारों पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि इन मौतों के पीछे सरकारों की लापरवाही और दवाओं की खरीद मेंहुआ भारी भ्रष्टाचार ज़िम्मेदार है। पार्टी ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर उठाए सवालराजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकारों परगंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने कहा कि कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों को सरकारें दबाने की कोशिश कर रही हैं। सरकारें न तो सहीआंकड़े बता रही हैं, न ही ज़िम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों पर कोई कार्रवाई कर रही हैं। टीकाराम जूली का आरोप –राजस्थान में चार मौतें, सरकार सच्चाई छिपा रहीटीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में कफ सिरप से अब तक चार बच्चों की मौतें हो चुकी हैं, लेकिन राज्य सरकार इन मौतों को मानने से इनकार कररही है।उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री ने कफ सिरप में गड़बड़ी की बात मानने से साफ इनकार कर दिया। जूली ने सवाल किया कि जब कई कंपनियों कोपहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, तो उन्हीं कंपनियों से दवाइयाँ क्यों खरीदी जा रही हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले मेंसिर्फ एक कमेटी बनाकर खानापूर्ति की है, ताकि मामला दब जाए और जनता का ध्यान भटक जाए। जूली ने उठाया एसएमएस अस्पताल में आग की घटना का मुद्दाराजस्थान के जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में लगी आग का जिक्र करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल का स्टाफ मरीजों को बचाने के बजाय भाग गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा मंत्री घटना के 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जिससे सरकार की संवेदनहीनता साफ झलकती है। उमंग सिंघार का आरोप–मध्य प्रदेश में 16 बच्चों की मौत, सरकार सोई रहीमध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में 16 बच्चों की मौत कफ सिरप पीने के बाद हुई, लेकिन सरकार ने कोई कदमनहीं उठाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और कलेक्टर को इस मामले में पत्र लिखा था, मगर किसी ने जवाब तक देना ज़रूरीनहीं समझा।सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य में मासूम बच्चे मर रहे थे, तब मुख्यमंत्री काजीरंगा पार्क में हाथियों के साथ मौज-मस्ती कर रहेथे। भ्रष्टाचार के आरोप और कंपनियों को क्लीनचिट देने पर सवालसिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार के डिप्टी सीएम ने कफ सिरप से किसी भी बच्चे की मौत से इनकार कर दिया और सिरप बनाने वाली कंपनी कोक्लीनचिट दे दी। उन्होंने कहा कि यह वही कंपनियां हैं जो पहले भी संदिग्ध रही हैं और जिनकी दवाओं को कई बार बाजार से हटाया गया था। टेस्ट नहीं करवाए गए, किडनी फेल से बच्चों की मौतेंसिंघार ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई, उनमें से ज़्यादातर की किडनी फेल हो गई थी। इसके बावजूद सरकार ने कोई लैब टेस्ट नहीं करवाया, नही यह पता लगाया कि सिरप में कौन-सा ज़हरीला तत्व मिला हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार आखिर किन कारणों से ऐसी कंपनियों केखिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही जो गरीब और आदिवासी इलाकों में जहरीली दवाएं बेच रही हैं? सरकार और दवा कंपनियों की मिलीभगत का आरोपकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार और कुछ दवा कंपनियों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि परासिया जैसे आदिवासी क्षेत्रों और छोटेजिलों में सरकार खुद इन कंपनियों को व्यापार का मौका दे रही है। क्या मंत्री और अधिकारी इन कंपनियों से हिस्सा ले रहे हैं? केंद्र सरकार की एडवाइजरी को नज़रअंदाज़ किया गयाउमंग सिंघार ने बताया कि भारत सरकार ने 3 अक्टूबर 2025 को कफ सिरप को लेकर एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सतर्क रहने और जांच केनिर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मध्य प्रदेश और राजस्थान की भाजपा सरकारें जागीं तक नहीं, जिससे यह स्पष्ट है कि इन मौतों के पीछे भारीभ्रष्टाचार और लापरवाही है। पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा और नौकरी की मांगकांग्रेस नेताओं ने दोनों राज्यों की सरकारों से मांग की कि मृत बच्चों के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और इलाज में खर्चहुई पूरी राशि वापस की जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुआवज़े का नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही का मामला है। मध्य प्रदेश में अस्पताल की भयावह घटना पर भी सवालउमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश के एक अस्पताल की उस विचलित करने वाली घटना का भी ज़िक्र किया जिसमें नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लियाथा।उन्होंने कहा कि राज्य में कुपोषण की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, फिर भी सरकार पोषण आहार योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रही है। कांग्रेस की मांग – बच्चों की मौत पर न्यायिक जांच और दोषियों की गिरफ्तारीकांग्रेस ने साफ कहा है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार से जुड़ा अपराध है। टीकाराम जूली और उमंग सिंघार ने मांग की कि इसपूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान

निर्वाचन आयोग ने आज बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावके पूरे शेड्यूल की जानकारी दी। इस बार बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर चुनाव होंगे। यह चुनाव राज्य के इतिहास में पहली बार केवल दोचरणों में संपन्न होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस बार चुनाव न केवल मतदाताओं के लिए सुगम होंगे, बल्कि शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न होंगे। सभीराजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव आयोग ने विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव लिए हैं। मतदान की तारीखें और चरणबिहार चुनाव में मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जिसमें 121 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को संपन्न होगा, जिसमें 122 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना यानी वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त नेबताया कि कुल 243 विधानसभा सीटों में से 203 सामान्य सीटें, 38 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) सीटें शामिल हैं। मतदाताओं की संख्या और पहली बार वोट देने वालेबिहार में इस बार कुल मतदाताओं की संख्या 7.43 करोड़ है। इसमें 14 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो पहली बार मतदान करेंगे। चुनाव आयोग ने यह भीनिर्णय लिया है कि हर पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इससे मतदान और भी सुगम और व्यवस्थित होगा। इस कदम से फर्स्टटाइम वोटर्स और अन्य मतदाता आसानी से अपनी मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे। मतदान की सुविधा और सुरक्षाइस बार प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। इससे अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकेंगे और चुनाव पारदर्शी ढंग से संपन्नहोगा।चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।साथ ही, चुनाव में किसी प्रकार की धांधली या परेशानी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
भारत में पोल्ट्री उद्योग का सबसे बड़ा आयोजन

दक्षिण एशिया के सबसे बड़े पोल्ट्री आयोजन, 17वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो-2025 का शुभारंभ नई दिल्ली स्थित होटल द पार्क में आयोजित एककर्टन रेज़र (राष्ट्रीय मीडिया सभा) के साथ हुआ। इस अवसर पर इंडियन पोल्ट्री इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IPEMA) के अध्यक्ष उदयसिंह बायस, संस्थापक अध्यक्ष अनिल धूमल और कोषाध्यक्ष एम. श्रीकांत सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में देशभर केमीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. तरुण श्रीधर, डॉ. पी.के. शुक्ला, रमेश खत्री, दिव्या कुमार गुलाटी और नवीनपसुपार्थी उपस्थित थे। उन्होंने पोल्ट्री उद्योग के महत्व और इसकी बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। 17वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो-2025 का उद्देश्यइस वर्ष का पोल्ट्री इंडिया एक्सपो हैदराबाद के HITEX एग्ज़िबिशन सेंटर में 25 से 28 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। पहले दिन 25 नवंबरको ‘ज्ञान दिवस’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ पोल्ट्री उद्योग की नई चुनौतियों और अवसरों पर विचार साझा करेंगे। इसआयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और युवा प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि उद्योग की नई तकनीकों औरनवाचारों को अपनाया जा सके और भारत को विश्व में एक मजबूत पोल्ट्री शक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके। पोल्ट्री उद्योग की भूमिकापोल्ट्री उद्योग देश की खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन और किफायती प्रोटीन उपलब्धता में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत अंडा उत्पादन में विश्व में दूसरेस्थान और ब्रॉयलर मीट उत्पादन में शीर्ष चार देशों में शामिल है। उद्योग वर्तमान में प्रति वर्ष 8–10 प्रतिशत की दर से तेजी से बढ़ रहा है। उद्योगविशेषज्ञों ने कहा कि यह उद्योग न केवल देश में आर्थिक विकास का साधन है, बल्कि किसानों और छोटे व्यवसायियों के लिए स्थायी आय का स्रोतभी है। पोल्ट्री उत्पादन में नए नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनाने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है और गुणवत्ता में सुधार आता है। आयोजन की भव्यता और विस्तारपिछले वर्ष आयोजित 16वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो-2024 में 400 से अधिक प्रदर्शक और 40,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए थे। इस वर्ष17वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो में 500 से अधिक प्रदर्शक और 50,000 से अधिक आगंतुक भाग लेंगे। आयोजन में सात आधुनिक प्रदर्शनी हॉल होंगे, जहां पोल्ट्री पालन, पोषण, स्वास्थ्य, प्रजनन और स्वचालन के नए उपकरण और तकनीक प्रदर्शित किए जाएंगे। उद्योग विशेषज्ञों की रायIPEMA अध्यक्ष उदय सिंह बायस ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह किसानों, व्यवसायियों और नीति निर्माताओं को एकसाथ जोड़ने का मंच है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से सहयोग और भागीदारी की अपील की, ताकि पोल्ट्री उद्योग को मजबूत बनाया जा सके औरवैश्विक स्तर पर भारत की पहचान स्थापित हो। पूर्व सचिव डॉ. तरुण श्रीधर और अन्य विशेषज्ञों ने कहा कि पोल्ट्री उद्योग में आधुनिक तकनीक औरनवाचार अपनाने से न केवल उत्पादन बढ़ता है बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होता है। एक राष्ट्र, एक प्रदर्शनी का विषयइस वर्ष के आयोजन का विषय एक राष्ट्र, एक प्रदर्शनी रखा गया है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न केअनुरूप किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों को एक साझा मंच प्रदान करना है। इस आयोजन के माध्यम से भारत को एक सशक्त और आत्मनिर्भरपोल्ट्री उद्योग विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में कानून और सुरक्षा पर गंभीर संकट

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांगा है। पार्टी काकहना है कि राज्य में अपराध और उत्पीड़न इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। राजेंद्र पाल गौतम और सांसदइमरान मसूद ने रायबरेली में दलित युवक हरिओम की पीट-पीटकर हत्या समेत अन्य घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानूनव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और लोगों की सुरक्षा को खतरा है। दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की कहानीराजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्या, बलात्कार, सामाजिक बहिष्कार और संस्थागतभेदभाव की घटनाओं में तेजी आई है। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश के पांचभाजपा शासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की 75 प्रतिशत घटनाएं हुई हैं और अकेले उत्तर प्रदेश में 26.2 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए। 2023 मेंदेशभर में दलितों के खिलाफ कुल 57,789 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से सबसे अधिक 15,130 मामले उत्तर प्रदेश में हुए। यह आंकड़े साफदिखाते हैं कि राज्य में दलितों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हालात बेहद चिंताजनक हैं। गौतम ने हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया और सवालउठाया कि क्या राज्य सरकार अपराधियों को खुली छूट दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तत्काल इस्तीफा देदेना चाहिए। रायबरेली की घटना ने सबको झकझोर दियागौतम ने रायबरेली की घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि एक दलित युवक हरिओम को हमलावरों ने पीट-पीटकर मार डाला। जब उसने अपनेअंतिम समय में नेता राहुल गांधी का नाम लिया, तो उसके साथ मजाक किया गया। यह घटना पूरी तरह से कानून और इंसाफ की विफलता कोदिखाती है। कांग्रेस ने मांग की कि मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारीनौकरी दी जाए। साथ ही, दोषियों को जल्दी से जल्दी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और एसआईटी जांच की जाए। संविधान और कानून का उल्लंघनलोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राज्य में संविधान और कानून खतरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार कानून का पालन करने मेंपूरी तरह विफल रही है। उत्तर प्रदेश में दलितों, महिलाओं और मुसलमानों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। मसूद ने यह भी कहा कि बुलडोजर कार्रवाईसुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन कर रही है। हिंसा फैलाने वालों को सरकार बचा रही है, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर लाठी और गोलीचल रही है। बरेली की घटना और निष्पक्ष कार्रवाई की मांगइमरान मसूद ने बताया कि बरेली में 2,800 लोगों को नामजद किया गया। सिर्फ पोस्टर थामने या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि सड़कों पर उत्पात मचाने वालों को केवल समझाकर छोड़ दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी ने मृतक हरिओम के परिवार सेफोन पर बात की। इसके अलावा अमेठी से कांग्रेस सांसद के.एल. शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। कांग्रेस की जांच और रिपोर्टकांग्रेस ने घोषणा की कि वह जल्द ही फैक्ट-फाइंडिंग टीम बनाएगी, जो दलित उत्पीड़न की घटनाओं की जांच करेगी। टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयारकरेगी, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति का सही पता चल सके। गौतम और मसूद ने कहा कि यह जरूरी हैकि उत्तर प्रदेश में दलितों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बिना कानून व्यवस्था के राज्य में विकास और सुरक्षा असंभव है।
एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल और “आप” पार्षदों का समर्थन

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एमटीएस कर्मचारियों ने समान वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की हुई है। इस हड़ताल में आम आदमीपार्टी (AAP) के पार्षदों ने भी हिस्सा लिया और कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का जोरदार समर्थन किया। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इस मौकेपर कहा कि पिछले आठ दिनों से 5,200 से अधिक एमटीएस और सीएफडब्ल्यू कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अंकुश नारंग ने बताया किकर्मचारियों की मुख्य मांगें समान कार्य के लिए समान वेतन, मेडिकल लीव और अगर कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके परिवार को नौकरी देने कीहैं। इन मांगों को पूरा करना पूरी तरह से सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण फॉगिंग, टैंक चेकिंग और मच्छर नियंत्रण जैसीजरूरी सेवाएं बंद हो गई हैं, लेकिन मेयर राजा इकबाल सिंह को इसकी कोई चिंता नहीं है। भाजपा सरकार की नाकामी और स्वास्थ्य पर असरअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। इसी वजह से शहर में डेंगू, मलेरिया औरचिकनगुनिया के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। एमटीएस कर्मचारी घर-घर जाकर मच्छरों की रोकथाम, फॉगिंग, वाटर टैंक चेकिंग और छिड़काव काकाम करते हैं। लेकिन 25-30 साल लगातार सेवा देने के बावजूद उन्हें समान वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल दिखावेऔर फोटोशूट में लगी है। पिछले आठ दिनों से हड़ताल के कारण काम ठप है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मेयर औरमंत्री अब तक मृतक या हड़ताल में शामिल परिवारों से मिलने तक नहीं गए। समान वेतन की मांग पूरी होएमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत हरजगह लागू होना चाहिए। लेकिन एमटीएस कर्मचारियों की सैलरी में भारी अंतर है। कुछ कर्मचारियों को 16,000 रुपये, कुछ को 20,000 और कुछको 26,000 रुपये मिलते हैं। कुछ को तो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही। प्रवीण कुमार ने बताया कि जब आप की सरकार एमसीडी में थी, तबइन कर्मचारियों को डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकिंग (डीबीसी) के रूप में एमटीएस का दर्जा मिला था। लेकिन एमटीएस बनने के बावजूद पुरानी सैलरी हीउन्हें मिल रही है। यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। आम आदमी पार्टी का लगातार समर्थनअंकुश नारंग ने बताया कि आप पार्षदों ने धरना स्थल पर हाजिरी लगाई और कर्मचारियों के हक की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाई। सह-प्रभारीप्रवीण देशमुख, प्रीति डोगरा, महेश खींची, रविंद्र भारद्वाज, राकेश कुमार, किरण बाला, रमेश प्रधान, सारिका चौधरी, विजय कुमार, निर्मला कुमारीऔर अमृत जैन भी धरने में शामिल रहे। प्रवीण कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी कर्मचारियों के साथ पूरी तरह खड़ी है। जब तक उनकी मांगें पूरीनहीं होंगी, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनका समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार में केंद्र, एमसीडी और मेयर केबीच लगातार टकराव है। जनता परेशान है और अब इन इंजनों को बदलने का समय आ गया है। कर्मचारियों की कठिनाइयाँ और संघर्षएमटीएस कर्मचारी पिछले आठ दिनों से लगातार हड़ताल कर रहे हैं। भारी बारिश, गर्मी और धूप के बावजूद वे अपने हक के लिए खड़े हैं। उनका कामशहर में स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। वे घर-घर जाकर डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम करते हैं, लेकिन उनके वेतन औरसुविधाओं में भेदभाव हो रहा है। प्रवीण कुमार ने बताया कि कई बार मेयर और अधिकारियों से बात हुई, लेकिन भाजपा सरकार उनकी जायज मांगेंमानने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी अब लगातार कर्मचारियों का समर्थन कर रही है और उनकी आवाज को विधानसभा औरमीडिया तक पहुंचा रही है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती,आदर्श और प्रेरणा का पर्व – रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकिने रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श, मर्यादा और मानवीयता का मार्ग दिखाया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि समाज का हर व्यक्तिसमान रूप से सम्मान और अवसर पाने का हकदार है। महर्षि वाल्मीकि का संदेश आज भी प्रासंगिक है और हमें उनके आदर्शों के अनुसार समाज मेंसमानता और न्याय स्थापित करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। महर्षि वाल्मीकि जयंती के भव्य आयोजनमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया। ये कार्यक्रम दिल्ली सचिवालय, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के कन्वेशन सेंटरऔर शालीमार बाग हैदरपुर क्षेत्र में आयोजित किए गए। दिल्ली सचिवालय के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्रराज सिंह, कपिल मिश्रा, कईविधायकगण और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। एनडीएमसी के कार्यक्रम में परिषद के अध्यक्ष केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष कुलजीत चहल और अन्यगणमान्य सदस्य शामिल हुए। शालीमार बाग हैदरपुर क्षेत्र में स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या ने कार्यक्रम में भाग लिया और महर्षि वाल्मीकि कीशिक्षाओं का सम्मान किया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचानाहै। उनका कहना है कि दिल्ली की प्रगति तभी संभव है जब हर वर्ग का उत्थान समान रूप से हो। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार हर धर्म औरसंस्कृति के पर्वों को समान सम्मान और भव्यता के साथ मना रही है। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाशमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि अब से हर साल महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इससे यह पर्व पूरेहर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दिल्ली सरकार ने बड़ी संख्या में संस्थाओं को सहयोग प्रदान किया है, जिससे यह पर्व ऐतिहासिक भव्यता के साथ मनाया जा सकेगा। समानता और समरसता का संदेशमुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को समाज में समानता, समरसता और न्याय के प्रतीक के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब हरधर्म और हर परंपरा को समान सम्मान मिल रहा है और यही सच्चे रामराज्य की परिकल्पना है। कैबिनेट मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि इसबार पंजाब से भगवान वाल्मीकि जी की ज्योति लाई गई, जो दिल्ली के सभी रामलीलाओं में स्थापित की गई है। यह एकता और समरसता का प्रतीकहै। संस्कृति और प्रेरणाकैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें इस सनातनी संस्कृति को समझने और आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाओं से हर नागरिक को समाज में समानता, प्रेम और आदर्शों की दिशा में चलनेकी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर नागरिक तक समान अवसर और सम्मान पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
दिल्ली में ऑटो चालकों के लिए भाजपा सरकार पर हमला – कुलदीप कुमार

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने दिल्ली में ऑटो चालकों के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि दिल्ली में चार इंजन वाली भाजपा सरकार बनने के आठ महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन जनता से किए गए वादों में से एक भी पूरा नहींहुआ। कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली के लोग बार-बार यह बता रहे हैं कि यह सरकार केवल दिखावे और रील बनाने तक सीमित है, जबकिवास्तविक समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली में भाजपा के चार इंजन फेलकुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार के चारों इंजन फेल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार केवल फोटो शूट औरवीडियो बनाने में व्यस्त है, जनता की समस्याओं और सुरक्षा की परवाह नहीं करती। उन्होंने कहा कि ऑटो चालकों की समस्याओं पर भाजपा सरकारपूरी तरह असंवेदनशील है और सिर्फ झूठे वादों के सहारे सत्ता में बनी हुई है। महरौली में ऑटो चालक की दुखद मृत्युकुलदीप कुमार ने 30 सितंबर को महरौली में हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि थोड़ी बारिश के बाद नाले में तेज बहाव से एक ऑटोचालक बह गया और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इतनी कम बारिश से किसी व्यक्ति का नाले में बहना पहली बार हुआ है। दुखकी बात यह है कि छह दिन बीत जाने के बावजूद सरकारी महकमा मृतक की लाश तक ढूंढने में असफल रहा। भाजपा सरकार की असंवेदनशीलताकुलदीप कुमार ने कहा कि मृतक ऑटो चालक गरीब था और अपने बच्चों का पेट पालता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव से पहलेऑटो चालकों के लिए वादे किए थे, लेकिन आठ महीने बाद भी इन वादों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत मृतक परिवारको मुआवजा और जीवन बीमा कवर प्रदान करना चाहिए। भाजपा के मेनिफेस्टो पर सवालकुलदीप कुमार ने भाजपा के विकसित दिल्ली संकल्प पत्र 2025 का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सभी ऑटो चालकों को 17 सितंबर से जीवनबीमा कवर देने का वादा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक यह कवर परिवार को कब मिलेगा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल कीसरकार में किसी दुर्घटना में पूरी सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहती थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ऐसा करने में पूरी तरह असफल है। ऑटो चालक परिवारों के साथ सरकार की उदासीनताकुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि मृतक परिवार से न तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, न ही कोई मंत्री या अन्य अधिकारी मिलने गए। उन्होंने कहा किभाजपा सरकार केवल नौटंकी और दिखावे में लगी हुई है, जबकि जनता की असली जरूरतों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनताअब केवल झूठे वादों और फोटोशूट से संतुष्ट नहीं होगी। मांग – मृतक परिवार को तुरंत मुआवजाकुलदीप कुमार ने सरकार से मांग की कि मृतक परिवार को तुरंत 10 लाख रुपये का मुआवजा और जीवन बीमा कवर दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहाकि इस घटना में अधिकारियों की लापरवाही और नालों की सफाई न होने के कारण हुई मृत्यु पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।
कलाईनार विश्वविद्यालय पर गतिरोध: तमिल सरकार ने राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक बताया

तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल आरएन रवि के बीच कलाईनार विश्वविद्यालय को लेकर जारी विवाद बढ़ता ही रहा है। ऐसे में अब स्टालिन सरकार नेइस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार ने राज्यपाल आरएन रवि द्वारा कलाईनार यूनिवर्सिटी बिल 2025 कोराष्ट्रपति के पास भेजने के फैसले को असंवैधानिक और अवैध बताया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि राज्यपाल ने इस बिल पर कैबिनेट कीसलाह को नजरअंदाज कर, उसे राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेज दिया है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 200 का उल्लंघन है। इस अनुच्छेद केतहत राज्यपाल को विधानसभा द्वारा पारित बिलों पर कैबिनेट की सलाह के अनुसार निर्णय लेना होता है। यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलावबता दें कि यह बिल तमिलनाडु विधानसभा में अप्रैल 2025 में पारित हुआ था। इसमें भरतिदासन यूनिवर्सिटी को दो भागों में बांटकर कलाईनारयूनिवर्सिटी की स्थापना करने का प्रस्ताव है। यह यूनिवर्सिटी कुंभकोणम में बनेगी और इसका उद्देश्य अरियालुर, नागपट्टिनम, तंजावुर और तिरुवरूरजिलों के छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। इतना ही नहीं मामले में राज्यपाल ने दूसरा बिल भी राष्ट्रपति के पास भेजा है, जो कितमिलनाडु फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव से जुड़ा है। इस बदलाव से राज्य सरकार को स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपतिकी नियुक्ति और हटाने का अधिकार मिल जाता। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मांग है कि राज्यपाल का फैसला अवैध औरअसंवैधानिक घोषित किया जाए। साथ ही राज्यपाल को निर्देश दिया जाए कि वो अनुच्छेद 200 के तहत कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही कार्रवाईकरें। मामले में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री गोवी चेझियान ने पहले बताया था कि नई यूनिवर्सिटी 2025-26 सत्र से शुरू होनी थी। लेकिन राज्यपालद्वारा बिल पर मंजूरी न देने से काम रुका हुआ है, जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
करूर रैली हादसे में अभिनेता विजय के प्रचार वाहन के चालक पर मामला दर्ज, हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

अभिनेता और राजनेता विजय के प्रचार वाहन के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह वाहन कथित रूप से 27 सितंबर को करूर मेंआयोजित रैली में जा रहा था। उस रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बतायाकि विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रचार वाहन को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है। यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें विजय के कई समर्थक अपनी मोटरसाइकिलों पर उनके वाहन के बहुत करीब चल रहे थे, ताकि वह अपने स्टार की झलक पा सकें। इसी दौरानवह एक हादसे का शिकार हो गए। इसमें कथित रूप से प्रचार वाहन भी शामिल था। इस दुर्घटना का एक वीडियो क्लिप कई टीवी चैनलों पर भीदिखाया गया और सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हुआ। हाईकोर्ट ने भी पूछा कि जब यह वाहन हादसे में शामिल था, तो उसके चालक केखिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि यह वाहन करूर रैली के रास्ते में था, जहां बाद में भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई और करीब60 लोग घायल हुए। संज्ञान में यह बात लाई गईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, कोर्ट के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील की ओर से पेश वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखताहै कि विजय का वाहन एक दुर्घटना में शामिल था। इस वीडियो को प्रिंट और विजुअल मीडिया में भी व्यापक रूप से दिखाया गया है।हाईकोर्ट नेटिप्पणी की, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो मोटरसाइकिलें दुर्घटना में शामिल थीं और बस का चालक यह देखकर भी मौके से फरार होगया. गहरी चिंता व्यक्त करतीकोर्ट ने कहा, यह अदालत अधिकारियों की कार्रवाई में विफलता पर गहरी चिंता व्यक्त करती है। भले ही पीड़ितों की ओर से औपचारिक शिकायतदर्ज न कराई गई हो, यह राज्य का कर्तव्य है कि वह संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज करे और यह सुनिश्चित करे कि आरोपियों पर कानून के अनुसारमुकदमा चलाया जाए। रविवार को करूर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय और वेलायुथमपलायम थाने के सूत्रों ने पीटीआई से पुष्टि की कि वीडियो मेंदिखाए गए हादसों के संबंध में मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें विजय की बस से टक्कर का मामला भी शामिल है।