राधाकृष्णन जयंती पर लखनऊ में शिक्षक सम्मान समारोह, डिजिटल शिक्षा को बल

राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम लोकभवन में शाम 4.00 बजे से शुरू हुआ इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय विद्यालयों के 66 व माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों को राज्यअध्यापक पुरस्कार देकर सम्मानित किया. मुख्यमंत्री राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व मॉनिटरिंग के लिए टैबलेट, विद्यालयों मेंस्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए प्रधानाचार्यों को टैबलेट व प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए. राधाकृष्णन की जयंती मना रहेइस मौके पर बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन काफी प्रेरणादायी है आज हमलोग डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मना रहे हैं उनके योगदान को याद कर रहे हैं शिक्षकों को सिर्फ सम्मानित ही नहीं, उनकी निष्ठा और योगदानको प्रणाम करने के लिए यह कार्यक्रम है राधाकृष्णन राष्ट्र के शिल्पकार भी हैं उस दीपक की तरह जो खुद को जलाकर दूसरे का रास्ता प्रशस्त करताहै. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू की गई गुल्लक किताब बच्चों की कल्पनाशक्ति को नया आयाम देगी. बाल वाटिका हस्त पुस्तिका का भीविमोचन होगा. गुरु हमारे व्यक्तित्व को भी आकार देने का काम करते हैं विभाग को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. शिक्षा की नई अलख जगाई है पिछलेआठ साल में बेसिक शिक्षा विभाग की छवि बदली है सरकार प्रदेश में हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिना भेदभाव के दे रही है. बाई डूइंग का प्रयोगमंत्री ने आगे कहा कि स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, NEP के तहत नए प्रयोग, लर्निंग बाई डूइंग का प्रयोग कर रहे हैं. ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सभीबेसिक सुविधा दे रहे हैं. बच्चे स्मार्ट क्लास, टैबलेट से पढ़ाई कर रहे हैं बैठने के लिए अच्छे फर्नीचर उपलब्ध हैं NCERT की किताबों को बेसिक मेंभी लागू करने जा रहे हैं कक्षा चार तक अगले साल लागू करेंगे. इसे आठ तक ले जाएंगे। केजीबीवी 13वीं तक अपग्रेड हो रहे हैं हर जिले में दो-दोसीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनेंगे.
दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से बह रही है ऊपर, बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में किया गया स्थानांतरित

दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है पुराने लोहे के पुल की सड़क तक पानी पहुंचने की उम्मीद है. गुरुवार को पुराने रेलवे पुल परनदी का जलस्तर 207.48 मीटर तक पहुंच गया था, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा स्तर है कुछ समय तक स्थिर रहने के बाद अब धीरे-धीरे इसमेंकमी आनी शुरू हो गई है. सिग्नेचर ब्रिज से ड्रोन के जरिए तस्वीर ली गई. जहां लगातार बारिश के बाद यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गयालगातार बारिश के बाद यमुना नदी के उफान पर आने और खतरे के निशान को पार करने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मयूर विहारफेज-1 के पास बनाए गए राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है. बाढ़ के पानी को बाहर निकालने के लिए वासुदेव घाट के आसपास केइलाकों में मशीनें लगाई गईं वहीं यमुना का पानी कालिंदी कुंज इलाके में भी पहुंच गया है. संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, निचले इलाकों मेंरहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है. नोएडा सेक्टर 135 में पहुंचा यमुना का पानीदिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह 207.33 मीटर तक पहुंच गया है जबकि चेतावनी स्तर 204.50 मीटर, खतरनाक स्तर 205.33 मीटर और हाई फ्लड लेवल 208.66 मीटर है बता दें कि कश्मीरी गेट इलाके में बाढ़ का पानी आने से ट्रैफिक की रफ्तार धीमी है जिसकी वजह सेसड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है.सिविल लाइंस इलाके में स्थित मोनेस्ट्री मार्केट में पानी भरा हुआ है, क्योंकि यमुना नदी उफान पर है. शहर के कुछ हिस्सों में घुस गई है. भारी बारिशके बाद यमुना नदी के उफान पर आने और शहरों में प्रवेश करने से एनसीआर के कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है. नोएडा सेक्टर 135 में यमुनाका पानी पहुंच गया है.
GST के बोझ तले दबा किसान, सरकार को उखाड़ फेंकने को तैयार है जनता, बोले लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। एक ओर किसानों को सब्सिडी देने के नाम पर बड़े-बड़ेदावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कृषि संबंधी उपकरणों और खाद्य सामग्री पर 5% जीएसटी लगाकर उनकी कमर तोड़ी जा रही है।किसान उपकरणखेती की रीढ़ हैं – हल, ट्रैक्टर के औजार, सिंचाई के यंत्र, बीज बोने और फसल काटने की मशीनें। इन पर टैक्स लगाना सीधे-सीधे किसानों को बर्बादीकी ओर धकेलना है। कृषि और किसानों को लाभ देने का दावा करने वाली यह सरकार असल में कॉरपोरेट के लिए काम करने वाली छलावे कीसरकार है, जिसने देश की आर्थिक रीढ़ तोड़कर भारत को कर्ज़ और महंगाई के दलदल में धकेल दिया है। उखाड़ फेंकने के लिए तैयारमोदी सरकार का हर कदम किसान विरोधी, गरीब विरोधी और आम जनता विरोधी है।सुनील सिंह ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में किसानों के साथहै, तो टैक्स हटाकर उन्हें सच्ची राहत दे। अन्यथा साफ हो जाएगा कि सरकार केवल कॉरपोरेट घरानों के हित में फैसले ले रही है और किसान उसकेलिए सिर्फ वोट बैंक हैं। सिंह ने आरोप लगाए है कि किसानों को न्याय की जगह धोखा मिलायुवाओं को रोजगार की जगह बेरोजगारी मिली देश कोविकास की जगह आर्थिक बदहाली मिली।यह सरकार सिर्फ़ जुमले और भाषण पर चल रही है, ज़मीन पर काम कहीं नहीं है। लोकदल चेतावनी देता हैकि जनता के सब्र का बाँध अब टूट चुका है। किसान और आम आदमी इस फरेब की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार बैठा है।
गौरव भाटिया का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जीअब लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा को ताक पर रख चुकी हैं। विधानसभा के भीतर जिस तरह से उन्होंने अपमानजनक और अभद्र भाषा का प्रयोगकिया, वह न सिर्फ संविधान का अपमान है बल्कि पूरे देश की जनता का भी अपमान है। राहुल गांधी से शुरू हुई अभद्र भाषा की राजनीतिगौरव भाटिया ने कहा कि इस तरह की अभद्र राजनीति की शुरुआत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने की थी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी के लिए अपशब्द कहे और अपने नेताओं से कहलवाए। उसी परंपरा को अब ममता बनर्जी बंगाल में आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि देश कीजनता इस शर्मनाक राजनीति को देख रही है और इससे दुखी है। बंगाल में घोटालों का अड्डाभाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज पश्चिम बंगाल में घोटाले आम बात हो गए हैं। शिक्षक भर्ती में घोटाला, गरीब जनता के राशन में चोरी, जनता के धनकी लूट – यह सब ममता बनर्जी की सरकार में खुलेआम हो रहा है। जो मुख्यमंत्री संविधान की रक्षा करने और जनता की सेवा करने की शपथ लेती हैं, वही आज भ्रष्टाचार और जंगलराज की पहचान बन चुकी हैं। विधानसभा में हुआ हंगामा और हिंसागौरव भाटिया ने विधानसभा के हालिया घटनाक्रम पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भाजपा विधायकों के साथ मारपीट कीगई, उन्हें धक्का दिया गया, चोट पहुंचाई गई और कुछ तो बेहोश होकर अस्पताल तक ले जाए गए। यह सब ममता बनर्जी के इशारे पर हुआ। उन्होंनेकहा कि यह लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है, जिसे पूरा देश अपनी आंखों से देख रहा है। गुंडों की राजनीति का प्रतीक बनीं ममताभाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज ममता बनर्जी गुंडों और मवालियों के लिए आदर्श बन चुकी हैं। विधानसभा के पटल पर नारेबाजी करना, अपमानजनक शब्द कहना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना—ये सब ममता बनर्जी की राजनीतिक शैली बन गई है। गौरव भाटिया ने कहाकि यह बेहद दुख की बात है कि जिस मुख्यमंत्री को मर्यादा और शालीनता का पालन करना चाहिए था, वही अराजकता फैलाने में लगी हुई हैं। जीएसटी सुधार पर विपक्ष की नाराज़गीगौरव भाटिया ने केंद्र सरकार के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है। जीएसटी सुधारका हालिया फैसला ऐतिहासिक है और इसका लाभ सीधे आम जनता को मिलेगा। लेकिन विपक्ष को यह स्वीकार नहीं है कि भारत प्रगति करे औरलोग खुशहाल हों। इसीलिए वे हर अच्छे कदम का विरोध करते हैं। देश की जनता कर रही है सब कुछ देखगौरव भाटिया ने कहा कि आज पूरा भारत और बंगाल की जनता ममता बनर्जी की अराजक राजनीति देख रही है और इससे शर्मिंदा है। उन्होंने कहा किलोकतंत्र को बचाने और संविधान की मर्यादा को बनाए रखने के लिए भाजपा लगातार संघर्ष करती रहेगी। ममता बनर्जी चाहे जितनी कोशिश कर लें, सच को दबा नहीं पाएंगी।
संबित पात्रा का बड़ा बयान – जीएसटी सुधारों से देश में खुशियों की बयार

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने जीएसटी सुधारों पर बोलते हुए कहा कि यह सिर्फ़ एक आर्थिक सुधार नहीं बल्कि पूरेदेशवासियों के जीवन को आसान बनाने वाला बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से लागू होने वाले इस निर्णय से हर वर्ग को राहत मिलेगी।रोज़मर्रा की ज़रूरतों से लेकर ज़िंदगी के अहम सामान तक, लगभग सब कुछ सस्ता हो जाएगा। हर वर्ग के लिए मुस्कानसंबित पात्रा ने कहा कि इस सुधार से हर व्यक्ति की ज़िंदगी पर सकारात्मक असर पड़ेगा। किसान, जिन्हें खेती-बाड़ी के उपकरण और ज़रूरी सामानमहंगे दामों पर ख़रीदने पड़ते थे, अब उन्हें कम खर्च करना पड़ेगा। मरीजों और उनके परिवारों के लिए दवाइयों की कीमत घटेगी, जिससे उनका आर्थिकबोझ कम होगा। गृहणियों को रसोई का सामान सस्ता मिलेगा और उन्हें घर चलाने में आसानी होगी। छोटे बच्चे, जिन्हें पढ़ाई और खिलौनों की ज़रूरतहोती है, उनके माता-पिता अब कम दाम में ज़्यादा खरीद पाएंगे। दफ़्तर जाने वाले आम लोग, जिन्हें रोज़मर्रा की चीज़ें खरीदनी पड़ती हैं, उनकी जेबपर भी अब ज़्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। पात्रा ने कहा कि यह सुधार केवल काग़ज़ी घोषणा नहीं है, बल्कि लोगों की ज़िंदगी से सीधा जुड़ा कदम है।उन्होंने कहा कि अख़बारों की आज की सुर्खियाँ देख कर यह साफ़ है कि लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। त्योहारों से पहले बड़ा तोहफ़ाउन्होंने यह भी बताया कि 22 सितंबर को नवरात्र की शुरुआत होगी और ठीक उसी दिन से यह नई दरें लागू होंगी। त्योहारों का समय ऐसा होता है जबलोग कपड़े, सजावट, मिठाई, घर के सामान और उपहार खरीदते हैं। ऐसे में जब कीमतें घटेंगी तो लोगों का उत्साह और भी बढ़ेगा। संबित पात्रा नेकहा कि त्योहार से पहले दिया गया यह तोहफ़ा जनता को खुशहाल और आत्मविश्वासी बनाएगा। मोदी है तो मुमकिन हैसंबित पात्रा ने कहा कि जो लोग यह सोचते थे कि जीएसटी जैसी व्यवस्था में सुधार करना नामुमकिन है, उन्हें अब अपनी सोच बदलनी चाहिए। उन्होंनेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मज़बूत इच्छाशक्ति और जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद दिलाते हुए कहा – मोदी है तो मुमकिन है। कांग्रेस पर तंजसंबित पात्रा ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी देश में कोई सकारात्मक बदलाव आता है, कांग्रेस पार्टी मातम मनाने का मौकाढूंढती है। उन्होंने कहा कि आज जब हर वर्ग के चेहरे पर मुस्कान है, कांग्रेस पार्टी फिर से निराशा फैलाने का प्रयास कर रही है। लेकिन जनता सब देखरही है और सच्चाई यही है कि देश इस समय खुशियों की बयार में डूबा हुआ है। सुधार नहीं, बल्कि खुशियों की लहरसंबित पात्रा ने स्पष्ट कहा कि यह सुधार सिर्फ़ आर्थिक नहीं है, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है। जब किसी देश के नागरिकोंको यह महसूस होता है कि सरकार उनके साथ है और उनके लिए फैसले ले रही है, तो भरोसा और उम्मीद दोनों मज़बूत होते हैं। यही वजह है कि आजलोग कह रहे हैं कि यह सुधार एक नई शुरुआत है। नई उम्मीदों का संदेशसंबित पात्रा के अनुसार यह जीएसटी सुधार जनता के जीवन को सरल बनाएगा और देश की अर्थव्यवस्था को गति देगा। यह केवल कर व्यवस्था मेंबदलाव नहीं है, बल्कि हर घर में मुस्कान और राहत लाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता यह अनुभव करेगी कि यह सुधारउनके जीवन की ज़रूरतों को और भी आसान बना रहा है। त्योहारों से पहले आया यह फैसला जनता के लिए न सिर्फ़ एक तोहफ़ा है, बल्कि यह इसबात का सबूत है कि जब सरकार की नीयत साफ़ हो और नेतृत्व मज़बूत हो, तो हर मुश्किल आसान हो सकती है। संबित पात्रा ने कहा मोदी है तोमुमकिन है।
एथेनॉल पॉलिसी जनता की जेब खाली, नेताओं की तिजोरी भरी – पवन खेड़ा

किसानों को फायदा नहीं, सिर्फ झूठे सपने मिलेसरकार ने जब एथेनॉल की शुरुआत की तो किसानों को सपने दिखाए गए कि उनकी आय दोगुनी होगी और गन्ना-अनाज बेचकर वे अमीर बन जाएंगे।कहा गया कि एथेनॉल से गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा। लेकिन ग्यारह साल बीतने के बाद भी किसानवहीं के वहीं खड़े हैं। उन्हें उनकी फसल का पूरा दाम नहीं मिल रहा, समय पर भुगतान नहीं हो रहा और खेती का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।किसानों को फायदा पहुँचाने के बजाय असली मुनाफा नेताओं के बेटों और उनके खास दोस्तों की कंपनियों को मिला। किसानों की मेहनत से बनेएथेनॉल का लाभ उन्हीं की जेब में नहीं पहुँचा, बल्कि बड़े उद्योगपतियों और सत्ता से जुड़े परिवारों की तिजोरियों में पहुँच गया। सस्ता तेल आया लेकिन जनता तक क्यों नहीं पहुँचामोदी सरकार ने बार-बार कहा कि रूस से भारत को सस्ता कच्चा तेल मिल रहा है। आम जनता को यह सुनकर उम्मीद हुई थी कि अब पेट्रोल औरडीजल के दाम कम होंगे और उनके खर्चों में राहत मिलेगी। लेकिन हकीकत इससे बिलकुल अलग रही। जो सस्ता तेल आया, वह सबसे पहलेप्रधानमंत्री के करीबी दोस्तों की रिफाइनरी में गया। वहाँ से वह नितिन गडकरी के बेटों की कंपनियों में पहुँचा, जहाँ उस तेल में एथेनॉल मिलाया गया।इसके बाद जब वह तेल आम जनता तक पहुँचा तो उस पर मोदी सरकार ने भारी टैक्स लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि जनता को महंगे दाम पर हीपेट्रोल और डीजल खरीदना पड़ा। मतलब साफ है कि सस्ता तेल जनता के लिए नहीं, बल्कि चुनिंदा लोगों के लिए आया था। चालीस लाख करोड़ का हिसाब कहाँ गयासाल 2014 से 2025 के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स और सेस के जरिए करीब चालीस लाख करोड़ रुपए जुटा लिए। यह रकमइतनी बड़ी है कि इससे किसानों का कर्ज़ पूरी तरह माफ किया जा सकता था, युवाओं को रोजगार दिया जा सकता था और शिक्षा-स्वास्थ्य की स्थितिमें बड़ा सुधार किया जा सकता था। लेकिन जनता को आज तक नहीं बताया गया कि यह पैसा आखिर गया कहाँ। जनता अब सवाल पूछ रही है किजिस पैसे की कमाई उनकी जेब से की गई, उसका इस्तेमाल उनके भले के लिए क्यों नहीं हुआ। गडकरी परिवार की कंपनियों की चमत्कारी कमाईएथेनॉल पॉलिसी का सबसे बड़ा फायदा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के परिवार को मिला। उनके बेटे निखिल गडकरी की कंपनी Cian Agro का जून2024 में रेवेन्यू सिर्फ अठारह करोड़ रुपए था। लेकिन एक साल बाद यानी जून 2025 में वही रेवेन्यू बढ़कर सात सौ तेईस करोड़ रुपए हो गया। इतनाही नहीं, कंपनी के शेयर जनवरी 2025 में सैंतीस रुपए के थे जो कुछ ही महीनों में बढ़कर छह सौ अड़तीस रुपए हो गए। इतनी बड़ी बढ़ोतरी अपनेआप नहीं हो सकती। यह इस बात का सबूत है कि पॉलिसी बनाने का काम पिता कर रहे थे और मुनाफा उनके बेटे की कंपनियाँ कमा रही थीं। जनताकी जेब खाली हुई और परिवार की तिजोरी भर गई। वादे बड़े थे लेकिन पूरे नहीं हुए2014 में नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी ने कहा था कि म्यूनिसिपल वेस्ट और लकड़ी के बूरे से एथेनॉल बनेगा। तब दावा किया गया था कि पेट्रोलपचपन रुपए और डीजल पचास रुपए लीटर मिलेगा। 2018 में फिर गडकरी ने वादा किया था कि पाँच बड़े प्लांट लगाए जाएंगे जहाँ कचरे औरलकड़ी से एथेनॉल तैयार किया जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि आज तक एक लीटर भी एथेनॉल कचरे या लकड़ी से नहीं बना। देश में जितना भीएथेनॉल बना, वह गन्ना और अनाज से ही बना। कुल 627 करोड़ लीटर एथेनॉल तैयार हुआ, जिसमें बावन प्रतिशत हिस्सा गन्ने का था और बाकीहिस्सा अनाज से। यानी सारे दावे और वादे सिर्फ जुमले साबित हुए। जनता को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआसरकार ने कहा था कि एथेनॉल से गाड़ियों का माइलेज बढ़ेगा और इंजन भी ज्यादा सुरक्षित रहेगा। लेकिन नीति आयोग की अपनी रिपोर्ट ने बता दियाकि हकीकत उलटी है। एथेनॉल मिलाने से गाड़ियों की माइलेज छह प्रतिशत तक घट गई है। 2023 से पहले बनी गाड़ियाँ एथेनॉल के साथ सही तरहसे काम ही नहीं कर पा रही हैं, जिससे लाखों लोगों की गाड़ियाँ खराब हो रही हैं। इतना ही नहीं, एक लीटर एथेनॉल बनाने में करीब तीन हज़ार लीटरपानी लगता है। इसका मतलब है कि पर्यावरण और जल संकट भी और बढ़ रहा है। जनता को फायदा मिलने की बजाय उसकी जेब खाली हो रही है, गाड़ियाँ खराब हो रही हैं और पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। नया जुमला – E30जब जनता ने E20 पर सवाल उठाने शुरू किए तो सरकार ने फिर से नया सपना दिखाना शुरू कर दिया। अब कहा जा रहा है कि E30 लाया जाएगा।लेकिन अगर E20 से ही गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं, माइलेज गिर रहा है और जनता परेशान है तो फिर E30 से क्या होगा? यह सिर्फ नया नाराहै ताकि जनता का ध्यान असली सवालों से हटाया जा सके। असली सवाल जनता काअब जनता के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं। अगर किसानों को फायदा नहीं हुआ तो एथेनॉल पॉलिसी किसके लिए बनी? चालीस लाख करोड़रुपए का हिसाब कब मिलेगा? एथेनॉल पॉलिसी का मुनाफा सिर्फ गडकरी परिवार की कंपनियों को क्यों मिला? और क्या प्रधानमंत्री मोदी अपनेभतीजों और मंत्रियों के बेटों की जांच करवाएँगे? नारा बनाम सच्चाईआज देशभर में एक ही आवाज़ गूंज रही है – वोट चोर, गद्दी छोड़। यह नारा सिर्फ गुस्सा नहीं है, बल्कि जनता की हकीकत है। पिछले ग्यारह साल सेजनता को सिर्फ लूट और धोखे का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री और उनके मंत्री ऊपर कुर्सी पर बैठे हैं और उनके परिवार नीचे अरबों कमा रहे हैं।एथेनॉल का फायदा न तो किसानों को मिला, न ही आम जनता को। फायदा सिर्फ नेताओं के बेटों और उनके खास दोस्तों को मिला।
फिल्म बनाने के नाम पर धोखाधड़ी, पवन सिंह समेत चार पर 1.13 करोड़ की ठगी का आरोप

भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह समेत चार के खिलाफ मंगलवार रात कैंट थाने में 1.13 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में केसदर्ज किया गया . सीजेएम मनीष कुमार के आदेश पर दर्ज मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश करेंगे. नदेसर के होटल और टूर एंड ट्रैवल्सकारोबारी विशाल सिंह ने कोर्ट में आवेदन दिया था. उनका आरोप था कि पवन सिंह, फिल्म निर्माता अरविंद चौबे, प्रेमशंकर राय व पत्नी सीमा राय नेफिल्म बनाने के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये वसूले लेकिन हिस्सा नहीं दिया. फिल्म बनाकर सारा मुनाफा हड़प लिया. कार्यालयों में हुई मुलाकातकैंट थाना क्षेत्र के नदेसर में टूर एंड ट्रैवल्स संचालक विशाल सिंह ने कोर्ट को बताया कि मुंबई में पढ़ाई के दौरान 2017 में महाराष्ट्र के पुणे सिटीचिंचवाड़ निवासी प्रेमशंकर राय व पत्नी सीमा राय से संपर्क हुआ. दोनों ने फिल्म बनाने और अच्छा मुनाफा कमाने का हवाला दिया। कहा कि फिल्ममें भोजपुरी फिल्म स्टार पवन सिंह को लेंगे। फिल्म बनाने में जो भी खर्च होगा, वह उत्तर प्रदेश सरकार की सब्सिडी के माध्यम से वापस करा दी जाएगी.मई 2018 में दोनों ने अभिनेता पवन सिंह से नदेसर में कार्यालय में मुलाकात कराई. जून 2018 में प्रेमशंकर राय व सीमा राय ने दबाव बनाया किपैसा लगाओ नहीं तो पवन सिंह दूसरी फिल्म साइन कर लेंगे. इनकी कंपनी श्रेयस फिल्म प्राइवेट लिमिटेड के खाते में अपने व अपने भाई केपार्टनरशिप की कंपनी रिद्धिका इंटरप्राइजेज के खाते से कई तिथियों में 32.60 लाख रुपये भेजे. 5 प्रतिशत मिलेगा निर्देशक कोनवंबर 2018 फिल्म की शूटिंग शुरू हुई प्रेम शंकर, पत्नी सीमा राय व पवन सिंह व उनके सहयोगी अरविंद चौबे से नदेसर के होटल सिटी इन कैंट मेंमुलाकात हुई थी. इन लोगों ने फिल्म के खर्चों और हिस्सेदारी के बाबत कंपनी के लेटर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया। मुझे फिल्म निर्मातादर्शाया गया. कहा गया कि मुनाफे का 50 प्रतिशत निर्माता, 25 प्रतिशत सह-निर्माता, 20 प्रतिशत अभिनेता व 5 प्रतिशत निर्देशक को मिलेगा.
मराठा आरक्षण आंदोलन समाप्त, मनोज जरांगे ने HC में कहा- सरकार के साथ सुलझ गया मामला

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया कि मराठा आरक्षण को लेकर उनका आंदोलन अब खत्म हो चुका है, क्योंकि मामला सरकार के साथ सुलझ गया है कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति आरती साठे की खंडपीठ ने उनकी बात कोस्वीकार किया, लेकिन यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान हुई अन्य घटनाओं और शिकायतों पर जवाब देना जरूरी है. कोर्ट ने पूछा, सरकारी संपत्तिको बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है, उसका जिम्मेदार कौन है? जरांगे की ओर से पेश हुए वकील सतीश मानशिंदे और वी. एम. थोराट ने कोर्ट मेंदलील दी कि आंदोलन शांतिपूर्ण था और सिर्फ आम जनता को असुविधा हुई, संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. इस पर कोर्ट ने कहा किजरांगे और आंदोलन से जुड़ी संस्थाओं को हलफनामा दाखिल करना होगा, जिसमें यह साफ लिखा हो कि वे किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ केलिए जिम्मेदार नहीं हैं. शिक्षा और नौकरियों में मिलेगा लाभपीठ ने कहा, अगर हलफनामे में इनकार नहीं किया गया, तो जरांगे और उनकी टीम को उपद्रव का भड़काने वाला माना जाएगा. कोर्ट ने स्पष्ट किया किअगर सही तरीके से हलफनामा दाखिल हो जाता है, तो कोई सख्त आदेश नहीं दिया जाएगा, बल्कि याचिकाएं निपटा दी जाएंगी. कोर्ट ने जरांगे औरउनकी टीम को चार सप्ताह का समय दिया है ताकि वे हलफनामा दाखिल कर सकें. जरांगे ने कहा कि मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के मराठा समाजको अब आरक्षण मिलेगा. उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और उनके फैसले पर भरोसा रखने की अपील की. मुंबई में पांच दिन की भूखहड़ताल खत्म करने के बाद छत्रपति संभाजीनगर लौटे जरांगे अब एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उन्हें डिहाइड्रेशन और कम ब्लड शुगर की वजहसे उपचार मिल रहा है. उन्होंने कहा, यह हमारी जीत है और इसका पूरा श्रेय मराठा समाज को जाता है. मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के मराठाओं कोअब आरक्षण मिलेगा। मंगलवार को सराकर ने जरांगे की अधिकतर मांगे मान लीं, जिनमें मराठाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने की बात भीशामिल है. इससे उन्हें ओबीसी आरक्षण के तहत शिक्षा और नौकरियों में लाभ मिलेगा. भूख हड़ताल हुई खत्मआजाद मैदान में भाजपा के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और समिति के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में जरांगे को जूस पिलाकर भूख हड़तालखत्म की गई. जरांगे ने कहा, अब तक सरकार ने मराठाओं के पक्ष में एक लाइन भी नहीं लिखा था. जो लोग मेरे फैसले की आलोचना कर रहे हैं, उन्होंने मराठा समुदाय के लिए कुछ नहीं किया है. उन्होंने भरोसा जताया कि लोग उनके फैसले को समझेंगे. उन्होंने कहा, मराठवाड़ा का कोई भी मराठाआरक्षण से वंचित नहीं रहेगा. गांव-गांव समितियां बनाई जाएंगी जो मराठाओं की कुनबी वंशावली की पुष्टि करने में मदद करेंगी.
GST काउंसिल की 56वीं बैठक, हेयर ऑयल से लेकर कारों तक, 400 से ज्यादा वस्तुओं पर घट सकती हैं दरें

जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक जारी है दो दिनों तक चलने वाली बैठक के फैसलों का एलान 4 सितंबर को होना है. इस बैठक में केंद्र और राज्योंके वित्त मंत्री शामिल हो रहे हैं. इस बार का बैठक काफी अहम है इस बैठक में जीएसटी परिषद के सदस्य आठ साल पुराने जीएसटी कर ढांचे में बड़ेबदलावों पर चर्चा कर रहे हैं परिषद् सरकार ने जीएसटी की दरों में अब तक की सबसे बड़ी कटौती का प्रस्ताव रखा है सरकार के इस फैसले कामकसद अमेरिका की ओर से लगाए गए 50% टैरिफ के कारण पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए घरेलू स्तर पर मांग को बढ़ावा देना है. घरेलु खपत पर होगा ध्यान केंद्रितइससे पहले फरवरी में आयकर के दायरे में बड़ा बदलाव किए जाने के बाद अब वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बड़ी कटौती होने से देश में खपतबढ़ने की उम्मीद है. जून तिमाही में अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित रूप से 7.8% की उच्च दर ने इसके संकेत पहले ही दे दिए हैंवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान इसका करों से जुड़ा पैनल हेयर ऑयल से लेकर छोटी कारों तकलगभग 400 से अधिक वस्तुओं पर कर कटौती की योजना पर फैसला करेगा. रॉयटर्स ने ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी के पार्टनर मनोज मिश्रा केहवाले से बताया है कि अमेरिकी टैरिफ के कारण कपड़ा, ऑटो और संभवतः फार्मास्यूटिकल्स के निर्यात पर असर पड़ रहा है ऐसे में भारत को प्राथमिकविकास इंजन के रूप में घरेलू खपत पर ध्यान केंद्रित करना होगा. बड़ी राहत की है उम्मीदजीएसटी परिषद में करों की कटौती के फैसले से हिंदुस्तान यूनिलीवर और गोदरेज इंडस्ट्रीज जैसी एफएमसीजी कंपनियों और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्सजैसी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की बिक्री में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है दूसरी ओर, वाहन निर्माताओं में मारुति, टोयोटा मोटर और सुजुकी मोटरको भी जीएसटी परिषद के फैसले से बड़े राहत की उम्मीद है.
भारत-जर्मनी के बीच 25 साल की रणनीतिक साझेदारी, जयशंकर ने की जर्मन विदेश मंत्री से मुलाकात

भारत दौरे पर आए जर्मन विदेश मंत्री जोहान डेविड वेडफुल ने नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर से मुलाकात की। हैदराबाद हाउस मेंदोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई, जिसमें जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और जर्मनी में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।इससे पहले मंगलवार को जर्मनी के विदेश मंत्री वेडफुल बंगलूरू पहुंचे और वहां उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा किया.प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने जर्मन विदेश मंत्री के भारत आगमन की सराहना की. उन्होंने कहा ‘हम 25 वर्षोंकी रणनीतिक साझेदारी, 50 वर्षों के वैज्ञानिक सहयोग, लगभग 60 वर्षों के सांस्कृतिक समझौतों और एक शताब्दी से भी अधिक के व्यावसायिकसंबंधों का जश्न मना रहे हैं मुझे खुशी है कि इस यात्रा के दौरान आपको बंगलूरू जाने और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हमारे सहयोग की अपार संभावनाओंको देखने का अवसर मिला देशों में सहयोग की अपार संभावनाएंजयशंकर ने कहा कि ‘यूरोपीय संघ के साथ हमारे रिश्तों को मजबूत बनाने और मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में जर्मनी की भूमिका अहम हैभारत और जर्मनी के बीच बहुस्तरीय सहयोग का इतिहास रहा है मुझे उम्मीद है कि आज की बातचीत से हमारे संबंध बेहतर होंगे. बैठक में जर्मनी केविदेश मंत्री वेडफुल ने कहा कि ‘मेरे लिए, बंगलूरू की यात्रा वाकई दिलचस्प रही. हम आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से साथ मिलकर क्या कर रहे हैं।यह देखकर मुझे हैरानी हुई कि कितने छात्र जर्मन सीख रहे हैं और इससे पता चलता है कि हमारे देशों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं. समझौता पूरा करने में करेंगें सहयोगजर्मनी मुक्त व्यापार समझौते पर जल्द से जल्द बातचीत करने के पूरे समर्थन में है हम एक मुक्त व्यापार राष्ट्र हैं यूरोपीय संघ भारत के साथ समझौतेपर काम कर रहा है, यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है. मुझे पूरी उम्मीद है कि हम इसमें सफल होंगे. वेडफुल ने भरोसा दिलाया कि भारत और यूरोपीयसंघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करने में भी वे पूरा सहयोग करेंगे.