गाज़ा में मदद मांग रही भीड़ पर इस्राइली गोलीबारी का आरोप, WFP और UN ने की कड़ी निंदा 80 की मौत

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने इस्राइल पर आरोप लगाया है कि उसने सोमवार को टैंक, स्नाइपर और अन्य हथियारों का उपयोग करके मदद मांगनेवाले सहायता मांगने वाले फलस्तीनियों की भीड़ पर गोलीबारी की. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे पिछले 21 महीनों के संघर्ष में सहायता मांगनेवालों के लिए सबसे खौफनाक दिनों में से एक बताया है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने रविवार को एक बयान में उत्तरी गाजा में हिंसा कीनिंदा की. फलस्तीनी लोग भोजन लाने वाले ट्रकों के काफिले तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस घटना में80 लोग मारे गए. वहीं इस्राइली सेना ने कहा कि उसने ‘तत्काल खतरे को हटाने’ के लिए चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं. सेना ने फलस्तीन कीओर से बताए गए मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाए. डब्ल्यूएफपी आमतौर पर इस्राइल के साथ अच्छे संबंध रखती है. भीड़ पर की गोलीबारीहालांकि उसने आरोप लगाया कि इस्राइल ने भीड़ पर गोलीबारी की. यह आरोप चश्मदीदों और अन्य लोगों के उन बयानों पर आधारित है, जिसमेंउन्होंने कहा कि इस्राइल ने गोलीबारी की. भोजन और मदद पाने के दौरान हुई इस गोलीबारी से गाजा के लोगों की स्थित और भी जटिल हो गई. क्योंकि वे खाने और दूसरी सहायता के लिए बेचैन हैं. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इस्राइल और हमास अभीभी युद्धविराम की बातचीत कर रहे हैं. लेकिन कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला है और यह साफ नहीं है कि कोई समझौता युद्ध को हमेशा के लिए रोकपाएगा या नहीं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध प्रभावित क्षेत्र में मारे गए फलस्तीनियों का आंकड़ा 58,800 से ज्यादा हो गया है. यह मंत्रालय हमास के लड़ाकों और आम नागरिकों में फर्क नहीं करता है. मंत्रालय का कहना है कि मारे गए लोगों में आधे से ज्यादा महिलाएं औरबच्चे हैं. हमास सरकार का हिस्सायह मंत्रालय हमास सरकार का हिस्सा है. लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे हताहतों के आंकड़ों का सबसे भरोसेमंद स्रोत मानते हैं. इस बीच, इस्राइल ने गाजा के उस इलाके के लोगों को भी जगह खाली करने का आदेश दिया है. जो अब तक युद्ध में ज्यादा प्रभावित नहीं था इससेसंकेत मिल रहे हैं कि यह इलाका युद्ध का नया मैदान बन सकता है और फलस्तीनियों को गाजा के छोटे-छोटे हिस्सों में सिमटना पड़ सकता है. डब्ल्यूएफपी ने खाद्य वितरण केंद्रों पर हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है।गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय, चश्मदीदों और संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी नेबताया कि रविवार को उत्तरी गाजा में इस्राइली सैनिकों ने उस भीड़ पर गोली चलाई, जो 25 ट्रकों के काफिले से खाना लेने की कोशिश कर रही थी. ये ट्रक सबसे ज्यादा युद्ध प्रभावित इलाके में पहुंचे थे.
ढाका में वायुसेना का F-7 प्रशिक्षण विमान माइलस्टोन कॉलेज से टकराया, 19 की मौत 160 से अधिक घायल

बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान सोमवार को कॉलेज परिसर में हादसे का शिकार हो गया. विमान कॉलेज की बिल्डिंग से जाटकराया स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 160 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. हादसे केवक्त माइलस्टोन कॉलेज में बच्चे मौजूद थे प्लेन क्रैश होने के बाद स्कूल-कॉलेज में अफरातफरी मच गई. मौके पर अग्निशमन और बचाव दलों नेपहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है. नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट के अधिकारी प्रोफेसर मोहम्मद सईदुर रहमान ने बताया कि वायुसेना का विमानमाइलस्टोन कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. जिसमें विमान के पायलट सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई हजरत शाहजलालअंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी घटना की पुष्टि की है. सूचना मिलने पर बांग्लादेशी सेना के सदस्य, अग्निशमन सेवा और नागरिकसुरक्षा की आठ गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं. विमान टकराया स्कूल की इमारत सेबचाव अभियान शुरू किया. बांग्लादेश सेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि वायुसेना का प्रशिक्षण विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र केदियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में गिर गया. अग्निशमन अधिकारी लीमा खान ने बताया कि हादसे में एक व्यक्ति की मौतहो गई और चार अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण विमान ने दोपहर लगभग 1:06 बजे उड़ान भरी थी और उड़ान भरने के तुरंतबाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के बाद विमान में आग लग गई. आग बुझाने के लिए अग्निशमन दल की आठ दमकल मौके पर पहुंच गईं. माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज के प्रवक्ता ने कहा कि विमान स्कूल के गेट के पास गिरा. स्कूल परिसर में जहां विमान हादसा हुआ, वहां कक्षा चल रहीथी. घायलों को एक-एक करके बाहर निकाला जा रहा है। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी सादमान रुहसिन ने बताया कि विमानस्कूल की इमारत से टकराया. अभिभावकों को पहुंचाया सुरक्षित स्थानों परसेना और अग्निशमन सेवा के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और छात्रों तथा अभिभावकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. सेना के जवान घायल छात्रों कोबाहों में बाहर लाते देखे गए. स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि जब विमान कॉलेज परिसर से टकराया, तब वह दस मंजिला कॉलेज भवन के पासखड़े थे. दोपहर एक बजे के कुछ ही देर बाद विमान बगल की तीन मंजिला स्कूल इमारत के सामने वाले हिस्से से टकरा गया. जिससे कई छात्र उसमेंफंस गए. कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी छात्रों को बचाने के लिए दौड़े. उन्होंने कहा कि मैंने एक घायल छात्र को बाहर निकाला और एक महिलाशिक्षक को जली हालत में देखा. बांग्लादेश वायुसेना का विमान F-7 BGI ढाका के उत्तरा क्षेत्र के दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेजपरिसर में गिर गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 19 लोगों की मौत हुई है. जबकि करीब 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं घायलों मेंकई बच्चे बताए जा रहे हैं.
जज यशवंत वर्मा को हटाने की प्रक्रिया तेज, आवास से जली नकदी मिलने पर लोकसभा-राज्यसभा में नोटिस

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को उनके पद से हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है दिल्ली में मौजूद उनके आवास से जली हुई नकदी के बंडल मिलने के बादविपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को उनके खिलाफ नोटिस सौंपे हैं. यशवंत वर्मा को इस विवाद केबाद दिल्ली हाई कोर्ट से वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया है. लोकसभा में 145 सांसदों ने एक साथ मिलकर न्यायमूर्ति वर्मा को हटाने केलिए नोटिस दिया है. इसमें विपक्ष के नेता राहुल गांधी, भाजपा के रविशंकर प्रसाद और अनुराग ठाकुर, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और के सुरेश, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, डीएमके के टीआर बालू, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर जैसे कई दिग्गजनेताओं के नाम शामिल हैं. 63 सांसदों ने उठाई मांगराज्यसभा में भी 63 सांसदों ने यही मांग उठाते हुए नोटिस दिया है. कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि आम आदमी पार्टी और विपक्षीइंडिया गठबंधन के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद भले ही सोमवार को मौजूद नहीं थे. लेकिनवे भी इस मुद्दे पर साथ हैं और जल्द ही अपने हस्ताक्षर जमा करेंगे. न्यायाधीश को हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 124, 217 और 218 के तहतप्रक्रिया तय की गई है. लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं. अगर लोकसभा अध्यक्षऔर राज्यसभा सभापति दोनों नोटिस को स्वीकार करते हैं. तो एक जांच समिति बनाई जाती है. इस समिति में एक वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट जज, एक हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश और एक प्रख्यात कानून विशेषज्ञ शामिल होते हैं. यह समिति तीन महीने के भीतर जांच रिपोर्ट संसद को सौंपेगी. रिपोर्ट के आधार पर संसद में चर्चा होगी और फिर मतदान के बाद निर्णय लिया जाएगा. नोट हुए बरामदहाल ही में दिल्ली में मौजूद उनके आवास से जले हुए नोट बरामद हुए थे. न्यायमूर्ति वर्मा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है. लेकिन जांचसमिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस कमरे में नकदी मिली उस पर जज यशवंत वर्मा और उनके परिवार का सीधा या अप्रत्यक्ष नियंत्रणथा. इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया है. वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि इससे पहले भी 13 दिसंबर 2024 को न्यायमूर्ति शेखरयादव को हटाने के लिए राज्यसभा में ऐसा ही नोटिस दिया गया था. संसद के दोनों सदनों में जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के लिए सांसदों ने नोटिसदिया है. जिसमें लोकसभा के 145 सांसद और राज्यसभा के 63 सांसद शामिल हैं. बता दें कि घर से अधजले नोटों की बरामदगी के बाद जस्टिसयशवंत वर्मा को हटाने की सिफारिश की गई है.
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद आतिशी का बड़ा हमला – ईडी अब भाजपा का राजनीतिक हथियार बन गई है

दिल्ली सरकार की मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी अब एकनिष्पक्ष जांच एजेंसी नहीं रह गई है, बल्कि वह भाजपा की सरकार का राजनीतिक हथियार बन गई है। यह बयान आतिशी ने तब दिया जब सुप्रीमकोर्ट ने भी ईडी की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ईडी का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।कोर्ट की यह बात पूरे देश के लिए बहुत गंभीर संकेत है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि ईडी का काम अब सच्चाई पता लगाना नहीं रह गया, बल्कि वह उन नेताओं पर निशाना साध रही है जोसरकार की नीतियों से सहमत नहीं हैं।कोर्ट ने यह भी कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियाँ अगर राजनीतिक दबाव में काम करेंगी, तो यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। क्या कहा आतिशी ने?आतिशी ने कहा कि दिल्ली की शराब नीति के बहाने आम आदमी पार्टी के नेताओं को फँसाया गया।उन्होंने कहा हमारे नेताओं को गिरफ्तार किया गया, लेकिन आज तक ईडी एक भी सबूत नहीं दिखा सकी। करोड़ों रुपये की बात की गई, लेकिन एकभी पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया, जो बच्चों की शिक्षा के लिए दिन-रात काम कर रहे थे, उन्हें झूठे आरोपों में महीनों तक जेल मेंरखा गया। अब जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा, तो वहां सच्चाई सामने आ गई। अदालत ने नेताओं को जमानत दी, क्योंकि ईडी कुछ साबित नहींकर पाई। सिर्फ विपक्ष को ही क्यों निशाना?आतिशी ने सवाल उठाया कि अगर ईडी सच में एक निष्पक्ष एजेंसी है, तो वह केवल विपक्षी नेताओं पर ही क्यों कार्रवाई करती है? उन्होंने कहा किबिहार, झारखंड, बंगाल और दिल्ली जैसे राज्यों में ईडी और सीबीआई लगातार छापे मार रही हैं, लेकिन भाजपा के नेताओं के खिलाफ कभी कोईछापा नहीं पड़ता। क्या भाजपा के सारे नेता बिल्कुल साफ़ हैं? यह सवाल हर नागरिक को सोचना चाहिए। जनता को सतर्क होने की ज़रूरतआतिशी ने जनता से अपील की कि अब समय आ गया है कि हम सब सच के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा “अगर आज हम चुप रहे, तो कल कोई भीसरकार हमारे अधिकारों को छीन सकती है। यह लड़ाई आम आदमी पार्टी की नहीं, यह लड़ाई देश के लोकतंत्र की है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियोंको ईमानदारी से और बिना किसी दबाव के काम करना चाहिए। अगर वे किसी पार्टी का साथ देंगी, तो लोग उन पर भरोसा करना बंद कर देंगे।सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और आतिशी के सवालों ने देश में एक बहुत बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है। ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियाँ अगरकिसी पार्टी के कहने पर काम करेंगी, तो न्याय नहीं मिल पाएगा। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यही है कि हर संस्था स्वतंत्र होकर काम करे, बिनाकिसी डर और दबाव के। आज समय है कि देश की जनता जागरूक हो, और यह समझे कि जब सत्ता में बैठे लोग एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो इससे पूरे देश कोनुकसान होता है। हमें मिलकर सच्चाई का साथ देना होगा, ताकि देश का लोकतंत्र और संविधान मजबूत बना रहे।
अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ पर महेश भट्ट की जमकर तारीफ, बताया एक आदर्श शिक्षक

अनुपम खेर इन दिनों अपनी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ को लेकर सुर्खियों में है. यह फिल्म 18 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. ऐसे में फिल्म निर्मातामहेश भट्ट ने अनुपम खेर की तारीफ की है. महेश भट्ट ने एक अच्छे शिक्षक के रूप में और मुंबई के एक स्कूल में छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिएअनुपम खेर की सराहना की. एएनआई से बात करते हुए महेश भट्ट ने कहा ‘जब चेला गुरु से आगे निकल जाता है तो गुरु को बहुत अच्छा लगता हैऔर इन्होंने (अनुपम खेर) ये कर दिखाया है. ‘तन्वी द ग्रेट’ में उन्होंने अपने अभिनय से मुझे हैरान कर दिया. तो हमारा प्रयास ये रहेगा कि जब भी मैं यहांआऊं, और मैं हर साल आऊंगा, भले ही ये लोग मुझे न बुलाएं, मैं खुद को मजबूर करुंगा कि मैं यहां आऊं। हम इन छात्रों के अंदर छिपे हुनर के खजानेको बाहर लाएंगे.भावनाओं को साफ कर किया जाहिरताकि आगे चलकर ये आपको हैरान कर दें. अपने स्कूल के बारे में अनुपम खेर ने कहा मिस्टर भट्ट ने मेरी भावनाओं को साफ तरीके से जाहिर किया. मैंबस इतना कहना चाहता हूं कि 20 साल पहले मैं एक फिल्म की शूटिंग कर रहा था एक बहुत ही खूबसूरत लड़की वहां काम कर रही थी. उसका कामस्विमिंग पूल से बाहर आना था और मेरे पास आकर एक संवाद बोलना था. जब तक वह स्विमिंग पूल से बाहर नहीं आई तब तक सब कुछ बहुत सहीथा. जब वह मेरे पास आई, तो वह इतनी घबरा गई कि उसके होंठ कांपने लगे। वही खूबसूरत लड़की अचानक उतनी खूबसूरत नहीं रही. वह दिन थाजब मैंने फैसला किया कि मैं एक एक्टिंग स्कूल खोलूंगा. इससे पहले, अनुपम खेर निर्देशित फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ का मुंबई में गुरुवार को प्रीमियर हुआइस कार्यक्रम में ‘खास मेहमान’ के तौर पर असल जिंदगी की तन्वी शामिल हुईं. इस कार्यक्रम में किरण खेर, अनु कपूर, रूमी जाफरी और फिल्म केकलाकारों सहित कई सितारे मौजूद थे. कलाकारों को दी जाए अनुभव की अलग ट्रेंनिंगफिल्म में डेब्यू करने वाली शुभांगी दत्त अभिनीत इस फिल्म में जैकी श्रॉफ, बोमन ईरानी और करण ठक्कर भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं. हाल ही में फिल्मनिर्माता महेश भट्ट, अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल पहुंचे यहां पहुंचकर उन्होंने बच्चों से बात की और अनुपम खेर की तारीफ की उन्होंने क्या कहा है. अनुपम खेर ने इस अवसर पर अपनी एक्टिंग स्कूल खोलने की प्रेरणा भी साझा की. उन्होंने बताया 20 साल पहले एक फिल्म की शूटिंग के दौरान एकखूबसूरत लड़की थी जो स्विमिंग पूल से बाहर आ रही थी जब वह मेरे पास आई तो वह घबरा गई और उसके होंठ कांपने लगे. तब मैंने सोचा कि मैंएक ऐसा स्कूल खोलूंगा जहाँ कलाकारों को अभिनय की सही ट्रेनिंग दी जाए. इस फिल्म का मुंबई में गुरुवार को भव्य प्रीमियर हुआ, जिसमें असलीजीवन की तन्वी भी ‘खास मेहमान’ के रूप में शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में अनुपम खेर के परिवार के सदस्य जैसे किरण खेर, अभिनेता अनु कपूर, रूमीजाफर समेत कई फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर में किया श्रवण कावड़ मेले का शुभारंभ, पूजा-अर्चना के बाद मेरठ के लिए हुए रवाना

गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर में रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे. उन्होंने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया. इस मौके पर मंदिरके महंत नारायण गिरी ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा कराई. मुख्यमंत्री ने मंदिर में चल रहे दूधेश्वर नाथ कॉरिडोर के निर्माण का जायजा भी लिया. इस मौकेपर सदर विधायक संजीव शर्मा, सांसद अतुल गर्ग समेत पार्टी के अन्य नेता और पुलिस प्रशासन के अफसर मौजूद रहे. महंत नारायण गिरी ने पटकापहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. मुख्यमंत्री करीब 25 मिनट तक परिसर में रहे। मंदिर से निकल कर वह सीधे पुलिस लाइन पहुंचे. महंत नारायणगिरी ने बताया कि श्रवण कावड़ मेला 2025 का शुभारंभ मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ के द्वारा किया गया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुबह करीब10 बजे पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने भगवान दूधेश्वर नाथ का विधिपूर्वक रुद्राभिषेक कर मेले की आध्यात्मिक शुरुआत की. शुद्धता व सकारात्मकता का होता है संचारमुख्यमंत्री के पंहुचने पर हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर गुंजायमान हो उठा. हजारों श्रद्धालु, शिवभक्त, कावड़िए एवं संत महात्मा सुबह से ही मंदिरमें जुटने लगे थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर में पहुंचे भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रवण मास शिव भक्ति और तप का महीना है।दूधेश्वर महादेव जैसे सिद्धपीठों का पुण्य प्रभाव ही है कि यहां आकर आत्मा को शांति मिलती है। मैं भगवान दूधेश्वर से उत्तर प्रदेश की सुख-शांति, उन्नति और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गाजियाबाद का यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सनातनसंस्कृति का जीवंत स्वरूप है. उन्होंने महंत नारायण गिरी महाराज को इसके संरक्षण और आध्यात्मिक विकास के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया. श्रीदूधेश्वर पीठाधीश्वर श्रीमहंत नारायण गिरी ने कहा श्रवण मास में भगवान शिव की आराधना से सभी पाप समाप्त होते हैं और जीवन में शुद्धता वसकारात्मकता का संचार होता है. सेवा ही है हमारा पहला धर्मश्री दूधेश्वर मठ मंदिर में देशभर से आने वाले कावड़ियों और श्रद्धालुओं की सेवा ही हमारा धर्म है. हम सबके सहयोग से इस वर्ष का श्रवण कावड़ मेलाभी भव्य, सुरक्षित और शांतिपूर्ण रहेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में बनाए गए कावड़ सेवा शिविरों, स्वास्थ्य केंद्रों, शीतल जलवितरण केंद्रों, वॉलिंटियर व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. उन्होंने नगर निगम, पुलिस प्रशासन, चिकित्सा विभाग एवं दूधेश्वर सेवासमिति के कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर गाजियाबाद महानगर भाजपा अध्यक्ष मयंक गोयल, विधायक संजीव शर्मा, सांसद अतुल गर्ग, महापौर सुनीता दयाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे. आज सीएम योगी मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करेंगे. इससे पहले सीएम योगी गाजियाबाद पहुंचे. यहां दूधेश्वर नाथ मंदिर में सीएम पूजा-अर्चना करने के बाद सीएम मेरठ के लिए रवाना हुए.
कांवड़ यात्रा को बदनाम करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, मेरठ में बोले सीएम योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा भगवान शिव की भक्ति करने वाले शिवभक्तों के लिए काफी मायने रखती है. लेकिन कुछ लोगलगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रा को बदनाम करने में लगे हुए हैं. कोई इस तरह का कृत्य ना करे, इसलिए कठिन परिश्रम और तपसे कांवड़ ला रहे कांवड़िये ऐसा कोई काम ना करें, जो शरारती तत्व इसे मुद्दा बनाएं. रविवार को मोदीपुरम में शोभित विवि के बाहर हाईवे पर लगाएगए मंच से पुष्प वर्षा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरठ के औघड़नाथ मंदिर से लेकर अन्य मंदिरों में जलाभिषेक करने के बाद शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा पूरी होती है. शिव भक्तहरिद्वार के अलावा अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर कठिन परिश्रम और तप से जल ला रहे हैं. यात्रा के दौरान उन्हें सावधान रहना चाहिए कि कोईउपद्रवी या शरारती तत्व इस यात्रा को बदनाम करने के लिए उनका जल अपवित्र ना करें. सीएम ने कहा कि यदि इस तरह का कोई मामला होता भी हैतो कानून अपने हाथ में ना लें और तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना दें. उन्होंने कहा कि उपद्रव करने वालों की उन्हें सब खबर है, सभी उपद्रव कीसीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं. 12:10 पर हुए रवानायात्रा के समापन के बाद इन उपद्रवियों की फोटो निकालकर पोस्टर लगाए जाएंगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी. कहा कि यात्रा में सभी कांवड़ियेपुलिस का सहयोग करें. यात्रा में हर कोई अपने तरीके से शिवभक्तों की सेवा में लगा हुआ है. आम जनमानस हो शिविर संचालक हों या प्रशासनिकअधिकारी. शिवभक्तों को कोई परेशानी ना हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है यातायात, सफाई व्यवस्था आदि के लिए पुलिस और सफाई कर्मचारीहाईवे पर लगे हुए हैं. उन्होंने कांवड़ियों से अपील करते हुए कहा कि वे श्रद्धा भाव से बिना उपद्रव किए अपनी यात्रा को संपन्न करें. मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ 11:49 पर मंच पर पहुंचे और 12:10 पर वहां से रवाना हो गए. मंच पर मौजूद रहे तमाम नेता मौजूदउन्होंने 21 मिनट रुकने के दौरान 9 मिनट 20 सेकेंड तक कांवड़ियों को संबोधित किया. इस दौरान मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, कैंट विधायक अमितअग्रवाल, गुलाम मोहम्मद, पूर्व विधायक संगीत सोम, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पंडित सुनील भराला, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, विमल शर्माआदि उनके साथ मंच पर रहे. मुख्यमंत्री ने शोभित विवि के बाहर पुष्प वर्षा के लिए बनाए गए मंच से विपक्ष पर निशाना साधा। अपने 21 मिनट केकार्यक्रम में विपक्ष के साथ कांवड़ियों को भी सनातन धर्म का पाठ उन्होंने पढ़ाया. सीएम योगी ने बताया कि कांवड़ यात्रा मेरठ के औघड़नाथ मंदिर सेशुरू होकर अन्य मंदिरों में जलाभिषेक करने के साथ समाप्त होती है. शिव भक्त हरिद्वार सहित अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर आते हैं. इस दौरानकांवड़ियों से अपील की गई कि वे सावधानी बरतें और यदि कोई उपद्रव या गलत व्यवहार होता है तो कानून अपने हाथ में न लें, बल्कि तुरंत पुलिसप्रशासन को सूचना दें। उन्होंने यह भी कहा कि उपद्रव करने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए हो चुकी है, और यात्रा समाप्ति के बाद इनकाफोटो पोस्टर के जरिए जनता को दिखाया जाएगा तथा सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पैतृक गांव पहुंचीं दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, विकास की सौगात के साथ मनाया 51वां जन्मदिन

जुलाना में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आगमन करोड़ों रुपयों की विकास की सौगात लेकर आया. दिल्ली में सीएम बनने के बाद रेखा गुप्तापहली बार अपने पैतृक गांव नंदगढ़ में आईं वहीं गांव में 49 साल बाद उनका आना हुआ. उन्होंने गांव के स्टेडियम में अपने 51वें जन्मदिन परआयोजित जनसभा में कहा कि सीएम सैनी और वह मिलकर धुआं उठा देंगे. दिल्ली वाले बोलते हैं कि धुएं से तो प्रदूषण होता है. लेकिन वह प्रदूषणका नहीं बल्कि विकास का धुआं उठाएंगे. हरियाणा व दिल्ली में दोनों भाई-बहन सीएम हैं। विकास का धुआं अब दोनों प्रदेशों में उठेगा. वहीं सीएमसैनी ने कहा कि हरियाणा की बेटी रेखा गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने जन्मदिन पर नंदगढ़ आई हैं. वे साधारण परिवार सेसंबंध रखती हैं और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा के साथ जुड़कर जनसेवा का कार्य कर रही हैं. उनका पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा हैऔर राष्ट्र के लिए इन्होंने लगातार काम किया है. जन्मदिन की दी बधाईरेखा गुप्ता की सोच, उनकी नीति और नियत यही है कि दिल्ली विकास की नई ऊंचाइयों को छुए. विकसित भारत की यात्रा में हरियाणा और दिल्ली सरकारें मजबूती से आगे बढ़ेंगी. सीएम सैनी ने रेखा गुप्ता को जन्मदिन की बधाई दी. केक काटकर खिलाया और कहा कि इनका जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा है. दिल्ली की मुख्यमंत्री के साथ मिलकर हम हरियाणा और दिल्ली को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. दोनों भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं. सीएम रेखा गुप्ता ने जुलाना में अग्रसेन धर्मशाला का उद्घाटन किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. नंदगढ़ गांव के स्टेडियम में जनसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे रेखागुप्ता को चांदी का मुकुट पहनाया और केक काटा गया। अपने पैतृक गांव में मिले सम्मान से वे गदगद हो गईं. उन्होंने कहा कि जिस तरह सावन मेंबेटियों को अपने मायके आने का चाव होता है. पत्रकारों को दे रहे थे जवाबउन्हें भी बड़ा चाव था कि वह अपने घर आएं जहां पर उनका, उनके पिता और दादा व पूर्वजों का जन्म हुआ था. कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने उन्हेंकोथली देते हुए 500 रुपये रेखा गुप्ता को दिए और 500 रुपये उनके पति के नाम के देते हुए कहा कि बेटी के साथ जमाई का भी हरियाणा में मानकिया जाता है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पैतृक गांव से लौटकर दिल्ली में जनसेवा सदन में दिव्यांग बच्चों के साथ केक काटा और गले लगाकरआशीर्वाद भी दिया. इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ हनुमान चालीसा भी पढ़ी. मुख्यमंत्री ने उपहार के रूप में बच्चों को 1.11 लाखरुपये भी सौंपे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि वह दिल्ली की जनता से किया हर वादा पूरा करेंगी. इसके लिए काम चल रहा है. वह शनिवारको रोहतक के माडल टाउन में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रही थीं. गुप्ता ने कहा कि उनके बड़े भाई एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने150 करोड़ उनके गृह कस्बे जुलाना के लिए दिए हैं इसके लिए वह धन्यवाद करती हैं.
इंग्लैंड के इस पूर्व तेज गेंदबाज का कहना है कि दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में से एक सचिन के साथ उनका नाम होना बहुत ही सम्मान की बात है.

इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का कहना है कि वह भारत के महान बल्लेबाज में से एक सचिन तेंदुलकर के साथ ट्रॉफी पर अपनादेखकर अहसहज महसूस करते हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को अब एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के नाम पर कियागया है पहले ये सीरीज पटौदी ट्रॉफी के तहत खेली थी जो भारत के पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी केनाम पर था. यह सम्मान मिलने के बाद एंडरसन ने खुलासा करते हुए बताया कि इससे वह असहज हो गए थे क्योंकि ट्रॉफी में उनके नाम के साथसचिन का नाम जुड़ा हुआ है. हालांकि इंग्लैंड के इस पूर्व तेज गेंदबाज का कहना है कि दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में से एक सचिन के साथ उनकानाम होना बहुत ही सम्मान की बात है. एंडरसन ने सिए 704 विकेटतेंदुलकर ने 200 और एंडरसन ने 188 टेस्ट खेले हैं पिछले साल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले एंडरसन ने 704 विकेट लिए हैं. एंडरसन ने कहा यहजरूरी नहीं कि आपके नाम पर ट्रॉफी का होना कितना बड़ा है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आपके नाम के साथ सचिन तेंदुलकर का नाम है जो मेरेलिए अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक हैं. मैं ट्रॉफी पर अपने साथ उनका नाम देखता हूं तो बड़ा अजीब लगता है. मैं उनका काफी सम्मानकरता हूं. मैने बचपन से उन्हें देखा है और उनके खिलाफ खेला है. वह इतने महान क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने पूरे देश की उम्मीदों का बोझ अपने पूरे करियरमें उठाया है. उनके साथ इस तरह का कुछ साझा करना बहुत बड़ा सम्मान है. एंडरसन-तेंदुलकर के नाम पर ट्रॉफी होने के बावजूद पटौदी नाम पूरी तरहसे हटाया नहीं गया है. दरअसल, भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के विजयी कप्तान को पटौदी मेडल पहनाया जाएगा. भारतीय टीम को हरायाभारत और इंग्लैंड के बीच अब तक तीन मैच खेले जा चुके हैं. इंग्लैंड ने लीड्स में भारतीय टीम को हराया था, जबकि भारत ने बर्मिंघम में जीत हासिलकर सीरीज 1-1 से बराबर कर ली थी. लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने रोमांचक मुकाबले में 22 रनों से जीत दर्ज कर 2-1 की बढ़तहासिल कर ली. दोनों टीमों के बीच अब 23 जुलाई से मैनचेस्टर में सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जाएगा. भारत को अगर सीरीज में बने रहना है तोउसे यह मुकाबला हर हाल में जीतना होगा. मैंने बचपन से सचिन को देखा है और उनके खिलाफ खेला है. वह इतने महान हैं कि जब ट्रॉफी पर उनकानाम देखता हूँ और साथ में मेरा नाम होता है तो अजीब लगता है. मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ. एंडरसन ने यह भी कहा कि ट्रॉफी का नाम उनकेलिए बहुत बड़ा सम्मान है, लेकिन असली सम्मान इस बात में है कि उनका नाम सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज के साथ जुड़ा.चौथा टेस्ट 23 जुलाई सेमैनचेस्टर में खेला जाएगा. भारत को सीरीज में बने रहने के लिए यह मैच जीतना जरूरी है.
नेपाल के पीएम ओली बोले “उचित समय” पर करूंगा भारत यात्रा, मोदी को भेजा निमंत्रण

नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने कहा है कि वह उचित समय पर भारत की यात्रा करेंगे और उनकी यात्रा को लेकर दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर कामकर रहे हैं. उन्होंने अपनी भारत यात्रा के समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. ओली की यह टिप्पणी स्थानीय मीडिया द्वारा लगाई जा रही उनअटकलों के बीच आई है कि ओली को नई दिल्ली से आधिकारिक यात्रा के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है. ओली ने बृहस्पतिवार देर रात नेपालीयूट्यूब चैनल के साथ एक साक्षात्कार में कहा, मैं संभवतः भारत की यात्रा पर जाऊंगा. मेरी भारत यात्रा दोनों पक्षों की ओर से आवश्यक जमीनी कार्यपूरा करने के बाद होगी. ओली ने गत वर्ष जुलाई में चौथी बार प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला था. अटकलों को किया खारिजउन्होंने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा पर भारत जाने की परंपरा को तोड़ते हुए चीन जाने का फैसला किया. ओली ने उन सभीअटकलों को खारिज किया कि भारत उन्हें पसंद नहीं करता है. उन्होंने कहा, जब मैं पीएम बना, तो भारत ने कुछ भी गलत नहीं किया. एक अलग संदर्भमें ओली ने कहा, भारत और चीन, दोनों के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं. दोनों ही उभरती हुई आर्थिक शक्तियां हैं और हमारे लिए फायदेमंद हैं।बता दें कि हाल ही में ओली ने भगवान श्रीराम के जन्म को लेकर बयान दिया था. उन्होंने दावा किया कि महर्षि वाल्मीकि रचित मूल रामायण केमुताबिक राम का जन्मस्थान नेपाली सीमा क्षेत्र में है। लोगों को इस बात को प्रचारित करने में डर या झिझक महसूस नहीं करनी चाहिए. बता दें किपांच साल पहले भी ओली ने ऐसे ही बयान दिए थे. पार्टी के लोग हो गए था नाराजजिसके कारण उनकी अपनी ही पार्टी के लोग नाराज हो गए थे. उन्होंने दावा किया है कि भगवान शिव और महर्षि विश्वामित्र भी नेपाल से हैं. नेपाल केप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत के साथ द्विपक्षीय रिश्ते और अपने संभावित दौरे को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सही समय पर वे भारतयात्रा जरूर करेंगे. ओली ने कहा, पीएम मोदी संभवत: नवंबर में नेपाल आएंगे। उन्होंने भारतीय समकक्ष को निमंत्रण भेजा है. नेपाल के प्रधानमंत्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि वे “उचित समय” पर भारत यात्रा करेंगे। फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी इस यात्रा की तैयारियों में लगे हुए हैं. यह यात्राओली की चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली भारत यात्रा होगी. उन्होंने पुष्टि की है कि पीएम नरेंद्र मोदी को नवंबर में नेपाल आने काऔपचारिक निमंत्रण भेजा गया है. मीडिया की अटकलों को उन्होंने खारिज किया और भारत से अच्छे रिश्तों की बात दोहराई। वे स्पष्ट रूप से कहते हैंकि तोड़-फोड़ की कोई बात नहीं है. बल्कि सहयोग की दिशा में कूटनीतिक समझदारी बरती जा रही है. प्रधानमंत्री ओली ने अब तक भारत की यात्राका समय खुलासा नहीं किया है—वे चाहते हैं कि व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित हों.