100 दिनों में भरोसे की बुनियाद, 11 वर्षों की विफलताओं पर सवाल, भाजपा का “आप” पर तीखा वार

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उनकी सरकार के पहले 100 सफल दिनों के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इनसौ दिनों में दिल्लीवासियों को यह विश्वास हुआ है कि अब राजधानी में एक ऐसी सरकार है जो जनता की भावनाओं को समझती है। इसके विपरीत, पिछली सरकार ने 11 वर्षों तक केवल प्रचार और दिखावे की राजनीति की, जबकि ज़मीनी स्तर पर बदलाव की कमी साफ दिखती रही। “आप” को पहले जवाब देना चाहिएश्री सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग 100 दिनों की भाजपा सरकार से सवाल कर रहे हैं, उन्हें पहले खुद से जुड़े गंभीर मुद्दों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने “आप” सरकार से जुड़े पाँच अहम सवाल उठाए हैं: महिला पेंशन का वादा केवल घोषणाओं तक क्यों सीमित रहा?आप सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में दिल्ली की महिलाओं के लिए पेंशन योजना की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस योजना कोलागू क्यों नहीं किया गया? ठीक इसी तरह, पंजाब में 2022 के चुनाव घोषणापत्र में भी महिला पेंशन का वादा किया गया था, लेकिन तीन सालबीतने के बावजूद वहाँ भी कोई अमल नहीं हुआ। कांट्रैक्ट पर रखे युवाओं के साथ विश्वासघात क्यों?बिना प्रशासनिक स्वीकृति के हजारों युवाओं को बस मार्शल सहित विभिन्न पदों पर अनुबंधित किया गया और बाद में जांच के दौरान उन्हें बर्खास्त करदिया गया। भाजपा अध्यक्ष ने पूछा कि आखिर इन युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ क्यों किया गया? निजी स्कूलों पर नियंत्रण के लिए 11 साल में ठोस क़दम क्यों नहीं उठे?यदि भाजपा सरकार दो माह में ही दिल्ली एजुकेशन एक्ट के माध्यम से निजी स्कूलों की मनमानी पर नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, तो“आप” सरकार ने 11 वर्षों में ऐसा कोई प्रयास क्यों नहीं किया? गरीबों के लिए बने आवास खंडहर क्यों बन गए?नरेला और बवाना जैसे क्षेत्रों में गरीबों के लिए हजारों आवासों का निर्माण हुआ, लेकिन उन्हें आवंटित नहीं किया गया। भाजपा का आरोप है कि यहसब कुछ केवल कॉलोनियों में वोट बैंक बनाए रखने की राजनीति के तहत किया गया। कौन-सी जनहित योजना भाजपा ने बंद की?श्री सचदेवा ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ने कोई भी जनकल्याण योजना बंद नहीं की है। बिजली-पानी सब्सिडी और महिलाओं के लिए मुफ्तबस यात्रा जैसी सभी सुविधाएं पहले की तरह जारी हैं। उन्होंने “आप” नेताओं से पूछा कि यदि कोई योजना बंद हुई है, तो वे उसका नाम बताएं।
100 दिन, 100 वादे और 0 काम”: सौरभ भारद्वाज का भाजपा पर करारा हमला

दिल्ली में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने जोरदार प्रेस वार्ता कर सरकार की नाकामियों कोउजागर किया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर तंज कसते हुए कहा कि जैसे शरारती बच्चे स्कूल में फेल होने पर खुद झूठी रिपोर्ट कार्ड बना लेते हैं, वैसे ही भाजपा सरकार भी अपनी फर्जी उपलब्धियों की रिपोर्ट जनता के सामने रख रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा दिल्ली की जनता को यह समझना होगा कि रिपोर्ट कार्ड कोई सरकार खुद नहीं बनाती, वो जनता बनाती है। मगर यहां सरकार खुद ही रिपोर्ट बना रहीहै, छपवा रही है और खुद ही पास हो रही है।”उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी ने खुद एक वास्तविक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है जिसमें भाजपासरकार के झूठे वादों और जमीनी हकीकत को दिखाया गया है। सरकार से पूछे गए 5 बड़े सवाल1. ₹500 महिला सहायता योजना का नामो-निशान तक नहीं है।2. 10000 से अधिक युवा, जो BJP की नियुक्तियों में लगे थे, बेरोजगार हो चुके हैं।3. प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट करने के बावजूद, अब तक फीस कम करने का आदेश नहीं आया।4. DCS द्वारका द्वारा बच्चों के उत्पीड़न का मामला साबित होने के बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई।5. भाजपा द्वारा किए गए वादे – ₹2500 महिलाओं को, ₹500 में गैस सिलेंडर, फ्री इलाज – सब खोखले साबित हुए। भाजपा सरकार के 100 दिन – सिर्फ विफलताएंबिजली कटौती, और दरें बढ़ीं, गर्मियों में गंदा और बदबूदार पानी, प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस ,फ्री इलाज और लैब टेस्ट बंद,विधवा पेंशन कार्ड रद्द ,लोगों को बेघर किया गया, न महिलाओं को सहायता, न युवाओं को नौकरीये सरकार सिर्फ प्रचार की सरकार है। जमीन पर कोई काम नहीं दिखता। 100 दिन में जनता को सिर्फ तकलीफें मिली हैं, सुविधाएं नहीं।सौरभ भारद्वाज ने भाजपा की 100 दिन की सरकार को “झूठ और प्रचार की मशीन” बताया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे वास्तविक सवाल पूछें, और फर्जी रिपोर्ट कार्ड से गुमराह न हों।उन्होंने यह भी साफ किया कि आम आदमी पार्टी जनता के साथ मिलकर सच्चाई सामने लाने का काम करती रहेगी।
INS विक्रांत से गरजे रक्षा मंत्री ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर दी बधाई, कहा भारत अब सहन नहीं करता सीधा जवाब देता है

Difence Minister RajnathSingh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को आईएनएस विक्रांत पर पहुंचे. यहां उन्होंने नौसैनिकों से मुलाकात कीऔर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं. उन्होंने नौसैनिकों को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि आज INS Vikrant पर अपने नौसैन्य योद्धाओं के बीचआकर मुझे बड़ी खुशी हो रही है. जब मैं भारत की समुद्री शक्ति के गौरव आईएनएस विक्रांत पर खड़ा हूं. तो मेरे अंदर खुशी के साथ-साथ एक गर्वऔर विश्वास का भाव भी है कि जब तक राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा आपके मजबूत हाथों में है. तब तक भारत को कोई तिरछी निगाहों से देखनहीं सकता वैसे भी ‘विक्रांत’ का अर्थ ही होता है. अदम्य साहस, और अपराजेय शक्ति आज आप सभी जांबाजों के बीच खड़े होकर मैं इस नाम के अर्थको साकार होता देख रहा हूं. आपकी आंखों में जो दृढ़ता है उसमें भारत की असली शक्ति झलकती है. राजनाथ ने कहा ‘आज मैं यहां केवल रक्षा मंत्रीके नाते नहीं आया हूं बल्कि मैं यहां एक कृतज्ञ भारतीय के रूप में आया हूं. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर दी बधाईमैं आपके समर्पण को नमन करने आपके शौर्य को सराहने और आपके परिश्रम को सलाम करने आया हूं. मैं आप सभी को ऑपरेशन सिंदूर कीसफलता पर बधाई देता हूं. पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, तो हमारे सशस्त्र बलों ने जिसगति गहराई और स्पष्टता के साथ कार्रवाई की वह अद्भुत था. उसने न केवल आतंकवादियों को बल्कि उन्हें पालने-पोसने वाले सरपरस्तों को भी स्पष्टसंदेश दे दिया. कि भारत अब सहन नहीं करता, भारत अब सीधा जवाब देता है.उन्होंने कहा कि महज कुछ ही समय में हमने पाकिस्तान के आतंकी अड्डेऔर उसके इरादों को ध्वस्त कर दिया. हमारा प्रहार इतना तगड़ा था कि पाकिस्तान पूरी दुनिया से भारत को रोकने की गुहार लगाने लग गया. अंत मेंहमने अपनी शर्तों पर मैं फिर दुहरा रहा हूं हमने अपनी शर्तों पर अपनी सैन्य कार्रवाई को रोका है. हमारी सेनाओं ने नहीं मोड़ी थी अपनी पूरी आस्तीनेंअभी तो हमारी सेनाओं ने अपनी आस्तीनें पूरी मोड़ी भी नहीं थी अभी तो हमने अपना पराक्रम दिखाना शुरू भी नहीं किया था. इस पूरे एकीकृत संचालनमें नौसेना की भूमिका गौरवशाली रही है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब वायु सेना ने पाकिस्तान की धरती पर आतंक के अड्डों को ध्वस्त किया. तबअरब सागर में आपकी आक्रामक तैनाती, बेजोड़ समुद्री डोमेन जागरूकता और समुद्री वर्चस्व ने पाकिस्तानी नौसेना को उसके ही तटों के पास सीमितकर दिया. वे खुले समुद्र में आने का साहस तक नहीं जुटा सके.राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्र में तैनात हमारे पश्चिमी बेड़े के जहाज ने आतंकवादीहमले के 96 घंटों के भीतर, पश्चिमी और पूर्वी तट पर सतह से सतह, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और टॉरपीडो से कई सफल फायरिंगकी, जो हमारे प्लेटफॉर्म, सिस्टम और चालक दल की युद्ध तत्परता को दिखाता है. इन लंबी दूरी के सटीक हमले ने दुश्मन के खिलाफ हमारे इरादे औरतत्परता को भी दिखाया और दुश्मन इसी से रक्षात्मक मुद्रा में आ गया.
बिहार के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी से की मुलाकात,माता पिता भी थे मौजूद तस्वीरें की सोशल मीडिया पर साझा

बिहार दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के स्टार क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी से मुलाकात की. दोनों की यह मुलाकात पटना के जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट पर हुई वैभव के साथ के माता पिता भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने खुद वैभव और उनके परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीरेंसाझा की हैं. 14 वर्षीय वैभव ने इस सीजन आईपीएल में तहलका मचा दिया था. बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले वैभव ने राजस्थान रॉयल्स सेखेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद पर शतक लगाकर सबका ध्यान खींचा था. वह आईपीएल में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीयबल्लेबाज बने थे. साथ ही वह आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बने थे उन्होंने यूसुफ पठान का रिकॉर्ड तोड़ा था.पीएम मोदी नेवैभव और उनके परिवार के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा’पटना एयरपोर्ट पर युवा क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी और उनके परिवार से मुलाकातहुई. उनके क्रिकेट कौशल की पूरे देश में प्रशंसा हो रही है उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं.बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने 28 अप्रैल को गुजरात टाइटंस के खिलाफ 38 गेंदों में 101 रन की पारी खेली थी.11 छक्के और सात चौके से मारी थी बाजीइस दौरान उन्होंने 11 छक्के और सात चौके लगाए थे वैभव ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ आईपीएल डेब्यू किया था. वैभव ने अपनीआईपीएल करियर की पहली गेंद पर शार्दुल ठाकुर का सामना किया था और पहली गेंद पर छक्का लगाकर बता दिया कि उनमें कितनी प्रतिभा है. पहले ही आईपीएल मैच में 20 गेंदों में 34 रन की पारी वैभव की प्रतिभा की बानगी पेश की. हालांकि, वैभव के लिए आईपीएल तक का सफरआसान नहीं रहा है. उन्हें और उनके परिवार को काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा है. यहां तक कि उनके पिता ने उनके क्रिकेट करियर के लिए जमीनतक बेच दी थी. वैभव की उम्र पर भी सवाल उठे लेकिन इस युवा ने मजबूती और दृढ़संकल्प से सभी को अपना लोहा मनवाया.पिछले साल जेद्दाआईपीएल की मेगा नीलामी के दौरान वैभव ही चौंकाने वाले खिलाड़ी रहे थे. तब 13 साल की उम्र के उस खिलाड़ी को राजस्थान रॉयल्स ने 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था. 27 मार्च 2011 को बिहार में जन्मे वैभव नीलामी में बिकने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं. हालांकि नीलामी में इसयुवा क्रिकेटर के करोड़पति बनते ही विवाद शुरू हो गया. उनकी उम्र को लेकर सवाल खड़े किए गए.
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किया ऐलान, बोले पाकिस्तानी सेना को भी किया था सीधा टारगेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार यह एलान किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना को भी सीधा टारगेट किया गया था. उन्होंने कहाकि “पहलगाम में जघन्य आतंकी हमले के एक दिन बाद बिहार आया था तो बिहार की धरती से देश को वादा किया था आतंक के आकाओं केठिकानों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा. उन्हें कल्पना से भी बड़ा सजा होगी जिन लोगों ने पाकिस्तान में बैठकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था. हमारी सेना ने उनके ठिकानों को खंडहर में बदल दिया है पाकिस्तानी सेना की छत्रछाया में आतंकी खुद को सुरक्षित मानते थे. हमारी सेना ने एक हीझटके में उनको भी घुटनों पर ला दिया. पाकिस्तान के एयरबेस, उनके सैन्य ठिकाने हमने कुछ ही मिनट में तबाह कर दिए. बिहार के रोहतास में की पीएम मोदी ने मुलाकातबिहार के रोहतास जिले के विक्रमगंज में पीएम मोदी की सभा थी. जिला मुख्यालय सासाराम है सासाराम का नाम लेते हुए पीएम मोदी ने कहा कि”इसके तो नाम में ही राम है राम राज्य में यह रीति थी प्राण जाए पर वचन न जाए राम की रीति अब नए भारत की नीति बन गई है. उन्होंने आगे इसबात को और साफ करते हुए कहा”पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. जघन्य आतंकी हमले के एक दिन बाद बिहार आया था तो बिहार की धरतीसे देश को वादा किया था. वचन दिया था बिहार की धरती पर आंख में आंख मिलाकर कहा था कि आतंक के आकाओं के ठिकानों को मिट्टी में मिलादिया जाएगा. वचन पूरा करने के बाद बिहार पहुचे पीएम मोदीउन्हें कल्पना से भी बड़ा सजा होगी आज जब बिहार आया हूं तो अपना वचन पूरा करने के बाद आया हूं यह नया भारत है यह नए भारत की ताकतहै.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्र से लेकर भावनाओं तक को छूने वाली बात कही। उन्होंने कहा कि यह वीर कुंवर सिंह की धरती है। यहां के नौजवानसेना-बीएसएफ में अपनी जवानी खपा देते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने हमारी सेना के साथ ही सीमा सुरक्षा बल, यानी बीएसएफ का भी अदम्यपराक्रम और साहस देखा है. बीएसएफ देश की सीमा पर सुरक्षा की अभेद्य चट्टान हैं मां भारती की रक्षा बीएसएफ के जवानों के लिए सर्वोपरि है. 10 मई को देश की सीमा की रक्षा करते हुए इम्तियाज शहीद हो गए थे। मैं उन्हें आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं. आज बिहार की धरती से फिर दोहरानाचाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर में लड़ाई देश के दुश्मनों से है चाहे वह सीमा पार हों या भीतर हों उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
दिल्ली सरकार में महिला कल्याण निधि देने के लिए पात्र महिलाओं को जा रहा चुना, गंभीरता के साथ होगा काम जल्द होगी योजना लॉन्च

Dellhi News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि महिला कल्याण निधि देने के लिए पात्र महिलाओं को चुना जा रहा है. यह वन टाइम योजना नहींहै. इसपर गंभीरता से काम चल रहा है इसे हम गंभीरता के साथ बहुत जल्द लॉन्च करेंगे मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में एक विशेषकार्यक्रम आयोजित कर अपने 100 दिन के कामकाज की ‘वर्क बुक’ लॉन्च की। एक पंपलेट भी लॉन्च किया. जिसके माध्यम से दिल्ली सरकार केमंत्री, विधायक, पार्षद 70 विधानसभाओं में जाकर 100 दिन में सरकार के किए काम को बताएंगे. इस मौके पर कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिलमिश्रा, रविंद्र इंद्राज सिंह, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों कोबधाई, सबने 100 दिन में बहुत काम किया. उन्होंने सरकार की ‘वर्क बुक’ लॉन्च की. उन्होंने कहा कि ये किताब रिपोर्ट कार्ड नहीं, सरकार की वर्क बुकहै. इसमें वे काम हैं जो आगे भी बढ़ते जाएंगे. इसे हम 70 विधानसभाओं में जाएंगे, मंत्री विधायक पार्षद जनता के बीच जाकर सरकार के प्रयासों काब्योरा देंगे. सरकार ने छपवाया पंपलेटसरकार ने एक पंपलेट भी छपवाया है इसमें सरकार के 100 दिन के कामकाज का ब्योरा है इसको हर घर तक हम पहुंचाएंगे.मुख्यमंत्री ने कहा किशनिवार को जेएलएन स्टेडियम में भी एक कार्यक्रम आयोजित कर सरकार के काम काज का ब्योरा देंगे. पिछली सरकार नाम करने वाली सरकार थी येकाम करने वाली सरकार है हम काम करने वाले लोग हैं. आम आदमी पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार करके मेवा खा रहे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्वमें हमारा एक-एक दिन दिल्लीवासियों की भलाई के लिए तत्पर रहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे मंत्री दूसरे राज्यों में जाकर केवल प्रचार करने का कामनहीं किया. 100 दिन में हमने जमीन पर उतरकर काम किया हमने 1 लाख करोड़ का बजट पास किया है. उसको लागू करने के लिए सरकार सिद्दत सेकाम कर रही है.मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी इनकम को बढ़ाने के लिए जीएसटी संग्रह बढ़ाने का काम कर रही है. इनकम लीकेज न हो इसकेप्रयास किए जा रहे हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कल्याण निधि देने के लिए पात्र महिलाओं को चुना जा रहा है यह वन टाइम योजना नहीं है. इसपरगंभीरता से काम चल रहा है. इसे हम गंभीरता के साथ बहुत जल्द लॉन्च करेंगे.
इंडोनेशिया के इस्लामी संगठन नाहदतुल उलमा . एच. उलिल अब्शार अब्दल्ला ने भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने की कही बात

इंडोनेशिया के सबसे बड़े इस्लामी संगठन नाहदतुल उलमा के कार्यकारी बोर्ड अध्यक्ष के. एच. उलिल अब्शार अब्दल्ला ने भारत के सर्वदलीयप्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने और शांति को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा भारत औरइंडोनेशिया दोनों आतंकवाद जैसी चुनौती से गुजरे हैं. हमने भारत के साथ चरमपंथ से निपटने का अनुभव साझा किया. दोनों देशों की आर्थिक विकासराजनीतिक स्थिरता और शांति की एक जैसी आकांक्षाएं हैं.अब्दल्ला ने चेताया कि अगर धर्म का इस्तेमाल हिंसा को जायज ठहराने के लिए कियाजाए, तो यह बहुत खतरनाक होता है उन्होंने कहा कुछ समूह इस्लाम के नाम पर हिंसा को बढ़ावा देते हैं. जो गलत है क्योंकि इस्लाम शांति का धर्म है।आतंकवाद के सबसे बड़े शिकार खुद मुसलमान हैं. इसलिए इस खतरे को खत्म करने की सबसे पहली जिम्मेदारी भी मुसलमानों की ही बनती है.उन्होंनेभारतीय सांसदों से कहा कि इंडोनेशिया के इतिहास की गहराई में भारतीय सभ्यता की छाप है इसलिए दोनों देशों को लोगों के स्तर पर भी सहयोगकरना चाहिए. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जदयू सांसद संजय कुमार झाप्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जदयू सांसद संजय कुमार झा ने अब्दल्ला की बातों को भारत के लिए सहानुभूतिपूर्ण बताया. झा ने कहा किअब्दल्ला ने ओआईसी (इस्लामिक देशों के संगठन) में भारत के मुद्दों पर समर्थन देने का भरोसा जताया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की तुलनामें भारत में मुस्लिम आबादी ज्यादा है. फिर भी पाकिस्तान ओआईसी में भारत के खिलाफ प्रस्ताव लाने की कोशिश करता है. पाहलगाम आतंकी हमलेका ज़िक्र करते हुए झा ने कहा कि आतंकियों ने बेगुनाहों को उनके धर्म के आधार पर मारने की कोशिश की जिसका मकसद देश की सांप्रदायिकएकता को नुकसान पहुंचाना था.प्रतिनिधिमंडल ने इंडोनेशिया की नेशनल मंडेट पार्टी और कई प्रमुख थिंक टैंक व शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों सेभी मुलाकात की. भारतीय सांसदों ने आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर किया. जिसे इंडोनेशियाई नेताओं ने भी स्वीकारकिया और भारत को पूरा समर्थन देने की बात कही. जकार्ता स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य भारत के खिलाफ फैलाए जा रहेझूठे प्रचार का मुकाबला करना और भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को वैश्विक मंचों पर स्पष्ट करना है. प्रतिनिधिमंडल में विभिन्नदलों के सांसद शामिल हैं जिनमें भाजपा की अपराजिता सारंगी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अभिषेक बनर्जी, माकपा के जॉन ब्रिटास, कांग्रेस केसलमान खुर्शीद और अन्य नेता शामिल हैं.
आईपीएल 2025 का एलिमिनेटर मुकाबला मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच जाएगा खेला, मंबई की टीम पांच बार बन चुकी है चैंपियन

IPL 2025: आईपीएल 2025 का एलिमिनेटर मुकाबला आज पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस और 2022 की चैंपियन गुजरात टाइटंस के बीचखेला जाएगा. मुल्लांपुर में होने वाले इस मुकाबले में दोनों ही टीमें एड़ी चोटी का जोर लगाएंगी. क्योंकि आज के मैच में हारने वाली टीम आईपीएलसे बाहर हो जाएगी वहीं जीतने वाली टीम का मुकाबला एक जून को क्वालिफायर दो में पंजाब किंग्स से होगा. मुंबई की टीम पांच बार चैंपियन तोबनी है लेकिन हमेशा यह टीम लीग राउंड के बाद शीर्ष या फिर दूसरे स्थान पर रहते हुए खिताब जीती है. कभी यह टीम लीग राउंड में तीसरे या फिरचौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई है. हालांकि इस बार टीम के पास इस अनचाहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का मौका होगा.मुंबईकी टीम कुल मिलाकर 11 बार प्लेऑफ में पहुंची है. 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल खिताब अपने नाम करने के अलावायह टीम 2010, 2011, 2012, 2014, 2023 और इस साल प्लेऑफ में पहुंची है। पांच बार चैंपियन बनने के अलावा टीम 2010 में अंकतालिका में शीर्ष पर रही थी. 2010 में मुंबई की टीम रही थी उपविजेता2010 में मुंबई की टीम उपविजेता रही थी. 2011, 2012, 2014 और 2023 में टीम ने तीसरे या फिर चौथे स्थान पर रहते हुए प्लेऑफ के लिएक्वालिफाई किया था और चारों बार एलिमिनेटर या फिर दूसरे क्वालिफायर से बाहर हो गई. अब हालांकि मुंबई के पास इस अनचाहे रिकॉर्ड को पीछेछोड़ने का मौका है.वहीं, गुजरात के साथ भी कुछ ऐसा ही रिकॉर्ड है टीम जब भी फाइनल में पहुंची है तो शीर्ष स्थान पर रहकर ही. 2022 और 2023 दोनों साल टीम शीर्ष पर रही थी. हालांकि पहली बार गुजरात की टीम को एलिमिनेटर खेलना पड़ रहा है. ऐसे में दोनों ही टीमों के बीच अतीत कोभूलकर एक नया रिकॉर्ड बनाने की होड़ होगी. हालांकि गुजरात की टीम अपने पिछले दोनों मैच हारकर यहां पहुंची है. जबकि मुंबई को भी पंजाब केखिलाफ पिछले मैच में हार मिली थी गुजरात की गेंदबाजी पिछले दो मैचों में साधारण दिखी है. टीम के सबसे अनुभवी स्पिनर राशिद खान इस सालकुछ रंगत में नहीं दिखे हैं. राशिद ने इस साल आईपीएल में सबसे ज्यादा छक्के खाए हैं. उन्होंने इसी के साथ एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के खानेके रिकॉर्ड की भी बराबरी की. राशिद ने इस सीजन 31 छक्के खाए हैं। उन्होंने मोहम्मद सिराज के रिकॉर्ड की बराबरी की. जिन्होंने साल 2022 सीजनमें 31 छक्के खाए थे. राशिद का यह आईपीएल सीजन अब तक का सबसे खराब रहा है. उन्होंने इस सीजन अपना सबसे खराब इकॉनमी रेट (9.5) और बॉलिंग औसत (53.7) दर्ज किया है. लेग स्पिनर ने CSK के खिलाफ पिछले मैच में इस सीजन चौथी बार 40+ रन दिए। क्या वह आज केअहम मुकाबले में वापसी कर पाएंगे? यह तो वक्त ही बताएगा.
भारत शांति सुरक्षा के क्षेत्र में निभाता है अहम भूमिका, शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों को भी करता है सुनिश्चित

भारत शांति सुरक्षा के क्षेत्र में बहुत अहम भूमिका निभाता है यह न केवल अपने जवानों के जरिए शांति मिशनों में योगदान देता है. बल्कि शांति सैनिकोंके खिलाफ अपराधों की जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे कई प्रयासों का भी नेतृत्व करता है. संयुक्त राष्ट्र के शांति सुरक्षा विभाग के प्रमुख जीन-पियरेलाक्रॉइक्स ने यह बात कही.संयुक्त राष्ट्र में शांति अभियानों के अवर महासचिव जीन-पियरे लाक्रॉइक्स की यह टिप्पणी गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय संयुक्तराष्ट्र शांति सैनिक दिवस के मौके पर एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आई. वह 24-25 फरवरी को भी नई दिल्ली आए थे. जब भारत की ओर से पहलेमहिला शांति सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था. सम्मेलन में 35 देशों की महिला शांति सैनिकों ने भाग लिया था इसमें शांति स्थापना मेंमहिलाओं की भूमिका और सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई थी.लाक्रॉइक्स ने कहा कि कि भारत शांति सैनिकों और पुलिस बल के सबसे बड़ेयोगदानकर्ताओं में से एक है और महिला शांति सैनिकों के मामले में भी भारत अग्रणी भूमिका निभाता है. राजनीतिक प्रक्रियाओं में शामिल करना जरूरीउन्होंने कहा कि शांति मिशनों में महिलाओं की संख्या बढ़ाना और उन्हें राजनीतिक प्रक्रियाओं में शामिल करना जरूरी है ताकि शांति बनाए रखने केप्रयास सफल हों. यह कोई विचारधारा नहीं, बल्कि हकीकत है कि महिलाओं की भागीदारी से शांति प्रयास और मजबूत होते हैं.संयुक्त राष्ट्र कीमहिला सैन्य सलाहकार मेजर जनरल शेरिल पियर्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में लाक्रॉइक्स ने कहा कि महिलाओं की संख्या बढ़ रही है. लेकिन अभी औरप्रयास करने की जरूरत है खासकर वरिष्ठ पदों पर।भारत यूएन शांति मिशन के लिए चौथा सबसे बड़ा सैनिक योगदानकर्ता देश है. यह अब तक5,300 से अधिक सैनिक और पुलिसकर्मी अफ्रीका, लेबनान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा जैसे इलाकों में तैनात कर चुका है. भारत2007 में लाइबेरिया में पहली बार पूरी तरह महिलाओं से बनी पुलिस यूनिट भेजने वाला देश था. जनवरी 2023 में भारत ने अबीई मिशन (सूडान औरदक्षिण सूडान की सीमा पर स्थित विवादित क्षेत्र) में महिला शांति सैनिकों की सबसे बड़ी टुकड़ी भेजी.दिसंबर 2022 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षापरिषद (यूएनएससी) की अध्यक्षता के दौरान शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की शुरुआत की औरएक नए डाटाबेस का शुभारंभ किया जो अपराधों को दर्ज करता है और दोषियों को सजा दिलाने में मदद करता है.
सिंदूर की राजनीति: सम्मान का सौदा या शहादत का अपमान?

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक बसोया ने आज एक बेहद महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने ‘ऑपरेशनसिंदूर’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए। यह प्रेस वार्ता न सिर्फ राजनीतिक तीव्रता से भरी हुई थी, बल्कि इसमें एकमहिला की संवेदनाएं, राष्ट्रभक्ति की भावना और संस्कृति के प्रतीकों की कीमत पर उठते राजनीतिक खेल को भी उजागर किया गया। डॉ. रागिनी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक मार्मिक पंक्ति से कीसेना के शौर्य पर सियासत करते हैँ,वर्दी की कीमत क्या जानें,जो सूनी मांगों का इंसाफ दिला ना सके,वो मांग में सिंदूर की कीमत क्या जानें।” यह सिर्फ कविता नहीं, बल्कि उस गहरी पीड़ा और आक्रोश का स्वर था जो आज देश की कई महिलाओं और शहीदों की विधवाओं के दिल में उठ रहाहै। सिंदूर, जिसे भारत में स्नेह, सम्मान और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, उसे राजनीतिक लाभ के लिए प्रयोग करने पर कांग्रेस ने मोदी सरकार कोकठघरे में खड़ा किया। डॉ. रागिनी ने पूछा कि जब ऑपरेशन सिंदूर वास्तव में 2015-16 में हुआ था, तो मोदी सरकार अब 2025 में उसे दोबारा प्रचारित क्यों कर रही है? क्या यह सिर्फ एक इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति है? उन्होंने कहा कि भाजपा की तरफ से सिर्फ फोटो छापने और प्रचार करने से न तो शहीदों का सम्मानहोता है और न ही देश की सेना का गौरव बढ़ता है। डॉ. रागिनी ने प्रधानमंत्री से तीखे सवाल पूछेक्या सेना के ऑपरेशन का श्रेय लेने के लिए सिर्फ मोदी जी की तस्वीर पर्याप्त है?जिन बहनों की मांग सूनी हुई, उन शहीदों की विधवाओं को आज तक इंसाफ क्यों नहीं मिला?अगर सिंदूर की कीमत वाकई समझते, तो क्या उनके नाम पर राजनीति करते?उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और संघ के नेता अब हर तिरंगे को, हर वीरता को, और हर शहीद के नाम को राजनीतिक चमकाने केउपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।रागिनी नायक ने उन सैकड़ों शहीदों की पत्नियों की ओर इशारा किया जिनकी मांगें आज भी सूनी हैं। उन्होंने कहा-जब तक एक भी शहीद की पत्नी कीमांग सूनी है, तब तक मोदी सरकार को सिंदूर की राजनीति करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले पैकेट में सिंदूर भेजा जा रहा है, जिसमें सेना प्रमुख या शहीदों का कोई उल्लेख नहीं है — सिर्फ नरेंद्र मोदी की फोटो है। प्रवक्ता ने यह प्रश्न भी उठाया कि क्या यह श्रद्धांजलि है या प्रचार? उन्होंने कहा कि जब तक यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि “सरकारी सिंदूर” किसकेनाम से और किस उद्देश्य से बांटा जा रहा है, तब तक यह राष्ट्र के प्रतीकों के साथ छल है। डॉ. रागिनी नायक ने अपने पूरे संबोधन में बेहद प्रभावशाली ढंग से यह मुद्दा उठाया कि देश की रक्षा करने वाली सेना, उनकी वीरता और शहादत — इन सबसे ऊपर राजनीतिक लाभ नहीं होना चाहिए। सिंदूर कोई प्रचार का साधन नहीं, बल्कि एक बहन, एक पत्नी और एक महिला की अस्मिता काप्रतीक है। आज जब राजनीति हर भावना को भुनाने में लगी है, तब यह जरूरी हो जाता है कि हम खुद से पूछें — क्या हम श्रद्धांजलि दे रहे हैं या सियासत कर रहेहैं?