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अटल के अन्त्योदय सपने को साकार कर रहे हैं मंत्री रविन्द्र इन्द्राज, केंद्र और दिल्ली सरकार

सरिता साहनी29 दिसम्बर, 2025 अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित आयोजन से मिला विकास का संदेश पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली के बवाना और बादली विधानसभा क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बवाना विधानसभा में अटल स्मृति सम्मेलन और बादली विधानसभा में अटल […]

शेख हसीना के बाद बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा और कट्टरपंथ, छात्र नेता की हत्या से हालात और बिगड़े

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही बांग्लादेश में हिंसा और अराजकता का माहौल है। हाल ही में छात्र नेता उस्मानहादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई और अल्पसंख्यकों पर हमले की घटनाएं भी बढ़ीं। बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर भारतके पूर्व राजदूत सुरेश के गोयल ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथ का उभार हालात को बेहद मुश्किल बना रहा है. मोहम्मद यूनुस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक छविपूर्व राजदूत ने कहा, ‘मुझे लगा था कि मोहम्मद यूनुस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक छवि है और वे बांग्लादेश की राजनीति को बेहतर तरीके से नियंत्रितकरेंगे। लेकिन साफ है कि उनके फैसले दूसरों से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। ये बाहरी तत्व, जिहादी तत्वों का बढ़ता प्रभाव है, जो बांग्लादेश कीराजनीति को जटिल बना रहा है। बांग्लादेश में हालात और बिगड़ रहे हैं और जितना हमने सोचा था, उससे भी ज्यादा जटिल हो रहे हैं।’ तारिक रहमानके बांग्लादेश लौटने पर पूर्व राजदूत ने कहा, ‘यह एक अच्छी बात है क्योंकि अगर बीएनपी चुनावों में हिस्सा लेती है, तो यह साबित होगा कि चुनावदेश में लोकतांत्रिक शासन की वापसी की एक सच्ची कोशिश है। लेकिन साथ ही, उन्होंने अवामी लीग पर सिर्फ इसलिए प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वे शेख हसीना को वापस नहीं आने देना चाहते। मुझे उम्मीद है कि चुनाव मजाक नहीं बनेंगे। राजनीतिक तनाव बढ़ गयाबांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने शनिवार को ढाका यूनिवर्सिटी का दौरा किया और भारी सुरक्षा के बीच मारेगए छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की कब्र पर दुआ की। 60 वर्षीय बीएनपी नेता ने ढाका यूनिवर्सिटी सेंट्रल मस्जिद के पास स्थित बांग्लादेश केराष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र पर भी दुआ की। हादी को 20 दिसंबर को नजरुल इस्लाम की कब्र के बगल में दफनाया गया था। रहमानने इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी की कब्र पर श्रद्धांजलि दी, जिनकी इस महीने की शुरुआत में एक हमले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसघटना से फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। रहमान गुरुवार को लंदन से बांग्लादेश लौटे, जिससे 2008 में शुरूहुआ उनका लंबा स्व-निर्वासन खत्म हो गया।

CWC बैठक के बीच दिग्विजय सिंह का पोस्ट बना चर्चा का विषय, मोदी–आडवाणी की तस्वीर से सियासी हलचल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक शुरू होने से ठीकपहले अचनाक चर्चा में आ गए। कारण है उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किया गया पोस्ट, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरभाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक पुरानी तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में पीएम मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे हुएदिखाई दे रहे हैं। तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि आरएसएस का एक जमीनी स्वयंसेवक और भाजपा का जमीनीकार्यकर्ता किस प्रकार नीचे बैठकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बना। उन्होंने इस तस्वीर को प्रभावशाली बताते हुए इसे संगठन की ताकत बताया. फिर से सक्रिय करने की बात कीहालांकि दूसरी ओर कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद पार्टी सांसद दिग्विजय सिंह से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने संगठन को फिरसे सक्रिय करने की बात की, तो उन्होंने इसपर अपनी सफाई। उन्होंने कहा कि दरअसल, मैंने पार्टी संगठन की तारीफ की थी। लोगों ने मेरी बात कोगलत समझा। मैं भाजपा और आरएसएस का कट्टर विरोधी हूं। गलियारों में चर्चा शुरू हो गईबता दें कि दिग्विजय सिंह के इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे भाजपा और आरएसएस कीसंगठनात्मक मजबूती से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे मौजूदा राजनीतिक हालात से जोड़कर समझ रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या दिग्विजयसिंह अपने इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व को कोई संदेश या नसीहत देना चाह रहे हैं। दूसरी ओर राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि क्याउनका इशारा कांग्रेस संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की कमी की ओर है। यह सवाल अब सिर्फ पार्टी के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भीतेजी से उठ रहा है। इस पोस्ट को और ज्यादा चर्चा में लाने वाली बात यह है कि दिग्विजय सिंह ने इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुनखरगे के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया। इससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। इसके साथ ही पोस्ट की टाइमिंग भी काफीअहम मानी जा रही है। दिग्विजय सिंह ने यह पोस्ट ऐसे समय में किया, जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक चल रही थी और वे खुद भी उसबैठक में शामिल थे। इसी वजह से उनके संदेश को लेकर कई तरह के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

प्रकाशोत्सव पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने गुरु गोबिंद सिंह जी को दी श्रद्धांजलि, साहस और धर्म के मार्ग की याद दिलाई

आज देशभर में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मदिन के अवसर पर प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूने शनिवार को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम मोदी ने गुरु जी के साहस, करुणाऔर बलिदान की याद दिलाई और कहा कि उनका जीवन पीढ़ियों को सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. अपनी यात्रा के दौरान तख्तप्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर इस साल की अपनी यात्रा के दौरान तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने कहाकि उन्होंने वहां श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी के पवित्र जोड़े साहिब का दर्शन किया। पटना साहिब गुरु गोबिंद सिंह जी काजन्मस्थान है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि गुरुजी की एकता, करुणा और सभी के प्रति सम्मान की शिक्षाएं आज भी मानवता को मार्गदर्शन देती रहें। राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह, जो सिखधर्म के दसवें गुरु थे, संकट और कठिनाइयों में भी अपने आदर्शों के लिए समर्पण और साहस का प्रतीक हैं। उन्होंने अपने अनुयायियों को न्याय औरआत्म-सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित किया और उन्हें एकजुट किया. पोस्ट में राष्ट्रपति ने लिखा किसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए पोस्ट में राष्ट्रपति ने लिखा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने अदम्य साहस और दूरदर्शिता के साथ लोगों को सहीरास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने अनुयायियों को एक ऐसी शक्ति बनाया, जो बड़े से बड़े विरोधियों का सामना कर सके और न्याय व सम्मानके आदर्शों की रक्षा कर सके। राष्ट्रपति ने सभी को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनके जीवन और शिक्षाएं आज भी हमें सत्यमार्ग परचलने और समाज में सद्भाव स्थापित करने की प्रेरणा देती हैं।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर सुनवाई शुरू, 32 लाख लोगों को नोटिस; तृणमूल सांसद ने EC पर लगाए

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के तहत शनिवार से सुनवाई शुरू होगी। इसके लिए पूरे राज्य में 3,234 केंद्र बनाए गए हैं। राज्य केमुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यवाही जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों, उप विभागीय कार्यालयों, विभिन्न सरकारीविभागों और विद्यालयों और कॉलेजों में संचालित होगी। पहले चरण में 32 लाख लोगों की सुनवाई होगी। ये 32 लाख लोग वो हैं, जिनका नाम2002 की मतदाता सूची में नहीं मिला था। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय के अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि वोटरों कीपहचान और पते के सबूत के तौर पर आधार सहित 12 मान्यता प्राप्त दस्तावेज में से कोई भी दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं. दस्तावेज के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगाहालांकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि आधार कार्ड को अकेले दस्तावेज के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्वाचन अधिकारी ने बताया, ‘बिहार में हाल ही में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान तैयार की गई मतदाता सूची को भी मान्य दस्तावेज माना जाएगा। हालांकि, नकली या जालीदस्तावेज जमा करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।’ राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि सुनवाई के लिए सभी तैयारियांपूरी हो गई हैं। उन्होंने कहा, ‘यह प्रक्रिया 4,500 से ज्यादा माइक्रो-ऑब्जर्वर की देखरेख में होगी, और सुनवाई केंद्रों पर सिर्फ ईआरओ, एआरओ, बीएलओ और ऑब्जर्वर जैसे अधिकृत अधिकारियों को ही इजाजत होगी।’ चुनाव आयोग ने कहा कि एक बार सुनवाई केंद्र और नियम तय हो जाने केबाद कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, और ये कदम रिवीजन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हैं। आयोग ने हर ईआरओ केलिए रोज 150 मामलों की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकली घोष दस्तीदार ने शनिवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहतउनके परिवार के चार सदस्यों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, और उन्होंने चुनाव आयोग पर वोटरों को परेशान करने का आरोप लगाया। सांसद केदो बेटों, मां और छोटी बहन को सुनवाई के नोटिस मिले हैं। दस्तीदार की मां और छोटी बहन उनके बारासात लोकसभा क्षेत्र के मध्यमग्राम इलाके मेंरहती हैं, जबकि उनके दोनों बेटों के रहने का पता दक्षिण कोलकाता में है। दस्तीदार ने दावा किया, ‘यह समझ से बाहर है कि मेरे दो बेटों के नाम – जिनके पिता पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री हैं और मां कई बार सांसद रह चुकी हैं, मैप क्यों नहीं किए गए। यह भी समझ से बाहर है कि मेरी 90 साल कीमां और बहन – दोनों उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में लंबे समय से वोटर हैं, के नाम अचानक ड्राफ्ट चुनावी सूची से क्यों हटा दिए गए।’

भाजपा शासित एमसीडी का बजट सिर्फ कागज़ों में, ज़मीनी हकीकत से कोसों दूर – अंकुश नारंग

सरिता साहनी26 दिसंबर 2025 ,नई दिल्लीआम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम द्वारा स्टैंडिंग कमेटी में पेश किए गए बजट को पूरी तरह कागजी और हवा-हवाई बताते हुएतीखा हमला बोला है। सदन में बजट पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा बजट में बड़ी-बड़ीउपलब्धियों का दावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि इस बजट का आम जनता, छात्रों, कर्मचारियों और मरीजों की ज़िंदगी पर कोई ठोस असरनहीं दिख रहा। छात्रवृत्ति के नाम पर सिर्फ घोषणाएं, पैसा खर्च ही नहीं हुआअंकुश नारंग ने कहा कि 2024-25 के बजट में छात्रवृत्ति के लिए प्रावधान किया गया था, लेकिन पूरे साल में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। यहबेहद गंभीर मामला है, क्योंकि निगम स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्र-छात्राएं इस सहायता पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इस बारभी छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाएं। उन्होंने बताया कि 2025-26 और 2026-27 के लिए फिर से 50 करोड़ रुपये और छात्राओं कीछात्रवृत्ति के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, लेकिन जब पिछले साल पैसा खर्च ही नहीं हुआ, तो नए प्रावधान का क्या मतलब है।यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल बनकर रह गया है। ढाई लाख बच्चे आज भी यूनिफॉर्म और स्टेशनरी से वंचितअंकुश नारंग ने कहा कि निगम स्कूलों में कुल 6.58 लाख छात्र पढ़ते हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 4.26 लाख छात्रों को ही यूनिफॉर्म, स्टेशनरी औरस्कूल बैग के लिए डीबीटी के जरिए पैसा मिला है। करीब ढाई लाख बच्चे आज भी इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बजटमौजूद है, तो बच्चों तक इसका लाभ क्यों नहीं पहुंच रहा। यह सीधे तौर पर शिक्षा के अधिकार के साथ खिलवाड़ है। डॉग बाइट की घटनाएं जारी, फिर कैसी उपलब्धि?अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी 54,623 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रही है। लेकिनदिल्ली की सड़कों पर आज भी डॉग बाइट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर नसबंदी और टीकाकरण सही तरीके से हुआहोता, तो लोगों को आए दिन कुत्तों के काटने की घटनाओं का सामना नहीं करना पड़ता। सिर्फ आंकड़े गिनाने से समस्या खत्म नहीं होती। आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिर्फ बोर्ड तक सीमितअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में 53 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की बात की जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि इनमें न तो नियमित डॉक्टर हैं, नपर्याप्त दवाइयां और न ही जांच की सुविधाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ दीवार पर बोर्ड लगा देने से स्वास्थ्य सेवा मजबूत नहीं हो जाती। जब मरीज कोइलाज के लिए भटकना पड़े, तो ऐसी योजनाओं का कोई मतलब नहीं रह जाता। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट घोषणाएं ज्यादा, काम कमनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नरेला-बवाना, ओखला और गाजीपुर में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल यहहै कि जिन प्लांट्स की आधारशिला पहले रखी गई थी, वे आज तक कितने चालू हुए। उन्होंने कहा कि कूड़े की समस्या जस की तस बनी हुई है औरसरकार सिर्फ नई घोषणाओं में व्यस्त है। आवारा पशु और स्ट्रीट लाइट की बदहाल स्थितिअंकुश नारंग ने बताया कि 6,374 मवेशियों को गौशालाओं में भेजने का दावा किया गया है, लेकिन इसके बावजूद सड़कों पर आवारा पशु खुलेआमघूम रहे हैं और दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। वहीं, चार ज़ोन में करीब 3.97 लाख स्ट्रीट लाइटों के संचालन और रख-रखाव पर 592 करोड़ रुपयेखर्च करने की बात कही जा रही है, लेकिन आज भी कई कॉलोनियों और गलियों में महीनों तक स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं। उन्होंने कहा कि इतनाबड़ा बजट होने के बावजूद अंधेरा कायम है। महंगी पार्किंग से जनता परेशानअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली के लोग आज महंगी पार्किंग और मनमानी वसूली से बेहद परेशान हैं। ग्रेटर कैलाश के एम-ब्लॉक में करोड़ों रुपये सेबनी शटल पार्किंग हो या पंजाबी बाग में बनी मल्टी-लेवल पार्किंग, इनसे न तो जाम कम हुआ और न ही अवैध पार्किंग पर लगाम लगी। उन्होंने पूछाकि भाजपा शासित एमसीडी आखिर लोगों को महंगी पार्किंग से कब राहत देगी। कर्मचारियों का वेतन देना उपलब्धि नहीं, जिम्मेदारी हैअंकुश नारंग ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन और पेंशन हर महीने समय पर देना कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि निगम की बुनियादी जिम्मेदारी है। पिछलेवर्षों में वेतन और पेंशन में देरी के कारण कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने मांग की कि निगम की वित्तीय स्थिति की स्वतंत्र ऑडिटरिपोर्ट स्टैंडिंग कमेटी के सामने रखी जाए और डबल एंट्री सिस्टम की पूरी जांच हो। संपत्ति कर और भवन विभाग में अव्यवस्था कायमअंत में अंकुश नारंग ने कहा कि संपत्ति कर विभाग आज भी अव्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं से जूझ रहा है। 30 सितंबर 2025 तक2269.51 करोड़ रुपये कर संग्रह और 30 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया गया है, लेकिन यह साफ किया जाए कि यह वृद्धि नए करदाताओं से आई यापुराने करदाताओं से जबरन वसूली का नतीजा है। उन्होंने मांग की कि भवन विभाग की सभी ऑनलाइन प्रणालियों और नीतियों की स्वतंत्र समीक्षाकराई जाए, ताकि जनता को सही और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

पिंक सहेली कार्ड के नाम पर महिलाओं से मुफ्त बस यात्रा छीनने की तैयारी – देवेन्द्र यादव

सरिता साहनी26 दिसंबर 2025 ,नई दिल्ली दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिंक सहेली कार्ड लागू करने के नाम परदिल्ली की महिलाओं से डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक बिना किसी शर्त के सभीमहिलाओं को मिल रही सुविधा को जटिल प्रक्रिया में उलझाकर भाजपा सरकार महिलाओं को परेशान करने और धीरे-धीरे इस सुविधा को खत्म करनेकी दिशा में बढ़ रही है। मुफ्त यात्रा की सरल व्यवस्था को खत्म करने की साजिशदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में वर्षों से पिंक टिकट के माध्यम से महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही है। यह व्यवस्था सरल, सम्मानजनक और सभी महिलाओं के लिए समान थी। अब भाजपा सरकार 1 जनवरी 2026 से पिंक सहेली कार्ड लागू करने की बात कर रही है, जिससे मुफ्त यात्रा कार्ड से जोड़ दी जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी कम अवधि में करोड़ों महिलाओं को यह कार्ड मिल पाएगा या यहयोजना भी महिलाओं को 2500 रुपये मासिक देने के वादे की तरह सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी। ऑनलाइन पंजीकरण गरीब महिलाओं के लिए बड़ी बाधादेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिंक सहेली कार्ड के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और केवाईसी की शर्त रखी जा रही है, जो झुग्गी-झोपड़ी, पुनर्वासकॉलोनियों, अनधिकृत कॉलोनियों और दिल्ली देहात में रहने वाली अशिक्षित और कम पढ़ी-लिखी महिलाओं के लिए बेहद कठिन है। उन्होंने कहाकि जिन महिलाओं के पास स्मार्ट फोन, इंटरनेट या डिजिटल जानकारी नहीं है, वे इस प्रक्रिया से अपने आप बाहर हो जाएंगी। इससे साफ है किभाजपा सरकार कार्ड के नाम पर महिलाओं से मुफ्त बस यात्रा का अधिकार छीनना चाहती है। प्रवासी महिलाओं को बाहर करने की तैयारीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में लाखों महिलाएं उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आकर वर्षों से कामकर रही हैं। वे दिल्ली की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, लेकिन उनके पास स्थानीय निवास प्रमाण नहीं है। अभी तक सभी महिलाओं को पिंकटिकट के जरिए मुफ्त यात्रा मिल रही थी, लेकिन पिंक सहेली कार्ड लागू होने के बाद इन प्रवासी महिलाओं की मुफ्त यात्रा खत्म होने का खतरा है।उन्होंने कहा कि यह फैसला महिलाओं के बीच भेदभाव को बढ़ाने वाला है। बसों की भारी कमी, फिर मुफ्त यात्रा का दावादेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में जरूरत के मुकाबले डीटीसी और क्लस्टर बसों की संख्या आधी से भी कम है। पुरानी और खराब बसें लगातारसड़कों से हटाई जा रही हैं, जबकि नई इलेक्ट्रिक बसें सिर्फ घोषणाओं तक सीमित हैं। उन्होंने कहा कि आज हालात यह हैं कि एक-एक बस के लिएबस स्टॉप पर दर्जनों लोग घंटों इंतजार करते हैं। ऐसे में भाजपा सरकार महिलाओं को मुफ्त यात्रा कैसे देगी, यह समझ से परे है। निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की नीतिदेवेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली सरकार के प्रमुख विभागों को पीपीपी मॉडल के तहत निजी हाथों में सौंप रही हैं। मेट्रोमें एयरटेल बैंक की भागीदारी, डीटीसी में एयरटेल और मफिन बैंक की एंट्री, स्वास्थ्य क्षेत्र में नए अस्पतालों को निजी भागीदारी में देना और डीटीसीडिपो में निजी कंपनियों को शामिल करना इसी नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचकर सब कुछ निजी हाथों में सौंपरही है, जिससे आम जनता को नुकसान हो रहा है। चुनाव से पहले वादे, सत्ता में आकर भूलदेवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले महिलाओं से डीटीसी में मुफ्त यात्रा जारी रखने, 2500 रुपये मासिक देने, मुफ्त गैस सिलेंडर, सस्तीगैस और पेंशन बढ़ाने जैसे बड़े वादे किए थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरा करने के बजाय महिलाओं की मौजूदा सुविधाएं भी छीनीजा रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह नीति महिलाओं के साथ सीधा विश्वासघात है। कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगीअंत में देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली की महिलाओं के अधिकारों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होने देगी। पिंक सहेली कार्ड केनाम पर महिलाओं से मुफ्त यात्रा छीनने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस पूरी मजबूती से विरोध करेगी और महिलाओं के हितों की लड़ाई सड़क सेसदन तक लड़ेगी।

फ़िल्म रिव्यू- कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ रिलीज, फ्रेश रोमांस और खूबसूरत विजुअल्स के साथ यंग ऑडियंस का पसंदीदा मनोरंजन

बॉलीवुड के पॉपुलर स्टार्स कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की नई फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई।यह फिल्म खासकर युवाओं और रोमांस प्रेमियों के लिए डिज़ाइन की गई हल्की-फुल्की, फ्रेश और विजुअली आकर्षक कहानी पेश करती है। फिल्मकी कहानी लॉस एंजिल्स में रहने वाले रे (कार्तिक आर्यन) और आगरा की रहने वाली रूमी (अनन्या पांडे) के इमोशनल और रोमांटिक सफर परआधारित है। रे जीवन को “बी इन द मोमेंट” के सिद्धांत के साथ जीता है, जबकि रूमी 90 के दशक जैसी क्लासिक लव स्टोरी का सपना देखती है।दोनों की मुलाकात एक इंटरनेशनल हॉलीडे पर होती है, जहां खूबसूरत लोकेशन्स, ट्रैवल और साथ बिताए पलों के बीच उनका रिश्ता गहरा होता है।फिल्म के पहले हिस्से में मस्ती और रोमांस है, जबकि आगे कहानी में टकराव और इमोशनल ट्विस्ट आता है। यह मीठा-तीखा रिश्ता दर्शकों को बांधकररखता है और फिल्म को देखने का मजा दोगुना कर देता है।मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प साबित होतीकार्तिक आर्यन ने मां के लाडले बेटे के किरदार को सहजता से निभाया है, जबकि अनन्या पांडे ने अपने किरदार में मासूमियत और इमोशन के साथ जानडाली। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को बहुत पसंद आई। यह दोनों की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने ‘पति, पत्नी और वो’ में साथ कामकिया था। सपोर्टिंग कास्ट में नीना गुप्ता और जैकी श्रॉफ ने अपने किरदारों में दमदार प्रदर्शन किया। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके खूबसूरतइंटरनेशनल लोकेशन्स और विजुअल्स हैं। म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर कहानी के मूड के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाते हैं, जिससे दर्शक पूरी तरहकहानी में डूब जाते हैं। दिल्ली जैसे शहर के दर्शकों के लिए यह फिल्म रोजमर्रा की भागदौड़ और पॉल्यूशन से ब्रेक लेने का अनुभव देती है। फिल्म कानिर्माण करण जौहर, आदर पूनावाला, अपूर्वा मेहता, शरीन मंत्री कडिया, किशोर अरोरा और भूमिका तिवारी ने धर्मा प्रोडक्शंस और नमः पिक्चर्स केबैनर तले किया है। कुल मिलाकर, ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ एक फ्रेश, हल्की-फुल्की और रोमांटिक फिल्म है। कहानी भले ही नई न हो, लेकिनइसकी प्रेजेंटेशन, म्यूजिक और विजुअल्स इसे देखने लायक बनाते हैं। यह फिल्म खासकर युवाओं और हल्की रोमांटिक फिल्में पसंद करने वालों केलिए मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प साबित होती है।

राष्ट्रनेता अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर दिल्ली भाजपा तक, श्रद्धांजलि में एकजुट हुआ देश

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री और महान राष्ट्रनेता स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती के अवसर पर आज देशभर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान केसाथ याद किया गया। इस मौके पर राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पितकी गई। अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन तथा प्रधानमंत्री श्रीनरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र की ओर से उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर आसीननेताओं ने अटल जी को भारतीय लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ और सुशासन का प्रतीक बताया। अटल जी के विचार आज भी देश के लिए प्रेरणा स्रोतइसके पश्चात भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसरपर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा, कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन, अटल बिहारी वाजपेई न्यास के अध्यक्ष श्री एम. वेंकैया नायडू सहित कई वरिष्ठ नेता एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे। दिल्ली भाजपा संगठन और दिल्ली के नागरिकों की ओर से दिल्ली भाजपाअध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने भी अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने अटलजी के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। नेताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई केवल एक सफलप्रधानमंत्री ही नहीं थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी राजनेता, संवेदनशील कवि और मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थक थे। श्रद्धांजलि समारोह के दौरानवक्ताओं ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाई। उनके कार्यकाल में सुशासन, विकास औरराष्ट्रीय एकता को नई दिशा मिली। उन्होंने राजनीति में शुचिता, संवाद और सहमति की परंपरा को मजबूत किया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने अटल बिहारी वाजपेई के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके दिखाए मार्गपर चलने का संकल्प लिया। सभी ने यह विश्वास जताया कि अटल जी के विचार आज भी देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और आने वाली पीढ़ियों कोमार्गदर्शन देते रहेंगे।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: शुभमन गिल को आकाश चोपड़ा की वैकल्पिक टीम में नहीं मिली जगह

पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने गुरुवार को टी20 विश्व कप 2026 के लिए वैकल्पिक भारतीय टीम का चयन किया। हैरानी की बात यह हैकि इस टीम में भी शुभमन गिल को शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, आगामी विश्व कप के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वाराचुने गए 15 सदस्यीय स्क्वॉड में भी गिल शामिल नहीं हैं। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि खराब फॉर्म के चलते वह टी20 टीम में जगह नहीं बनासके जबकि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने टीम कॉम्बिनेशन के चलते उन्हें ड्रॉप करने का फैसला किया। शुभमन गिल का टी20 में हालियाप्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। एशिया कप के दौरान टीम में वापसी के बाद से उन्होंने 15 मैचों में सिर्फ 291 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइकरेट 137.26 रहा है, जिसमें एक भी अर्धशतक या शतक शामिल नहीं है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भी गिलका बल्ला खामोश रहा और उन्होंने तीन मैचों में सिर्फ 32 रन बनाए, जिससे उनके चयन पर दबाव और बढ़ गया। स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को शामिल नहीं कियाटी20 विश्व कप 2026 के लिए चुनी गई टीम में शुभमन गिल को जगह नहीं दी गई। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह चौंकाने वाला फैसला था। 26 वर्षीय बल्लेबाज को भारत का अगला तीनों प्रारूपों का कप्तान माना जा रहा था। हाल ही में उन्हें टी20 टीम का उपकप्तान भी बनाया गया था।लेकिन खराब फॉर्म और उपलब्ध विकल्पों को देखते हुए टीम प्रबंधन ने उन्हें पूरी तरह टीम से बाहर करने का फैसला किया। अब ओपनिंग कीजिम्मेदारी एक बार फिर संजू सैमसन निभाएंगे, जबकि ईशान किशन को बैकअप विकल्प के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। ऋतुराजगायकवाड़, यशस्वी जयसवाल, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत, जितेश शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, क्रुणाल पांड्या, दीपक चाहर, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वरकुमार, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, केएल राहुल। टी20 विश्व कप 2026 के लिए आकाश चोपड़ा ने अपनी 13 सदस्यीय टीम का चुनाव किया।इस टीम में उन्होंने स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को शामिल नहीं किया है।