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चार इंजन की भाजपा सरकार में दिल्ली बन रही है ड्रग्स कैपिटल – कुलदीप कुमार का बड़ा आरोप

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर भाजपा की चार इंजन सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता औरकोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि राजधानी में ड्रग्स का संकट तेजी से फैल रहा है और सरकार तथा पुलिस दोनों ही इसे रोकने मेंअसफल साबित हो रहे हैं। दिल्ली में ड्रग्स का बढ़ता जालकुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली पहले 62 ड्रग्स हॉटस्पॉट के लिए जानी जाती थी, लेकिन भाजपा शासन में इन हॉटस्पॉट्स की संख्या बढ़कर 179 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कई मोहल्लों, कॉलोनियों, पार्कों, बार और क्लबों में खुलेआम नशा बेचा जा रहा है। डराने वाली बात यह है किपुलिस को पूरी जानकारी होने के बावजूद ज़्यादातर जगहों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उनके अनुसार, दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में ड्रग्सका इतनी तेजी से फैलना सरकार की उदासीनता को उजागर करता है। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से आ रहा है नशाकुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली में पहुंचने वाला नशा सिर्फ स्थानीय नहीं है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा विदेशों से आ रहा है। उन्होंने आरोप लगायाकि म्यांमार, पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों से बड़ी मात्रा में ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स के जरिए भारत में प्रवेश कर रही है। कई पोर्ट्स पर भारी मात्रा मेंड्रग्स पकड़े जाने के बावजूद केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिखती। यह नशा देश के विभिन्न राज्यों से घूमकर अंततः दिल्ली में पहुंच रहा है औरयुवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। युवा पीढ़ी सबसे बड़ी शिकारकुलदीप कुमार ने चिंता जताई कि दिल्ली के कई हिस्सों में 14 से 20 साल तक के युवा नशे की चपेट में नजर आते हैं। पार्कों, गली-मोहल्लों औरसुनसान स्थानों पर नशे में डूबे युवा आम लोगों को असुरक्षा का एहसास कराते हैं। उन्होंने कहा कि नशे में धुत कुछ युवक कई बार अभद्र व्यवहार करतेहैं और घटनाओं को अंजाम तक दे देते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में है और इसे बचाने के लिएकड़े कदम उठाना आवश्यक है। ड्रग्स मामलों में लगातार बढ़ोतरीकुलदीप कुमार ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत दर्ज मामलों की संख्या साल-दर-साल बढ़ रही है। 2022 में 1499 मामले दर्ज हुए, 2023 में 1700, 2024 में 2200 और 2025 में यह संख्या 2498 तक पहुँच गई। ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में नशे का कारोबार कम होने के बजायलगातार फैल रहा है। कानून–व्यवस्था पर गंभीर सवालकुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन है, और 11 वर्षों से भाजपा सरकार सत्ता में होने के बावजूद दिल्लीकी कानून व्यवस्था सुधर नहीं पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो सरकार और न ही पुलिस शहर के लोगों में यह विश्वास पैदा कर पाई हैं कि वेसुरक्षित माहौल में रहते हैं। उन्होंने कहा कि चार इंजन की सरकार केंद्र, एलजी, एमसीडी और दिल्ली की भाजपा सरकार सभी मिलकर भी दिल्ली कोसुरक्षित नहीं बना सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को स्पष्ट संदेशकुलदीप कुमार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कहा कि दिल्ली के बच्चों का भविष्य दांव पर है, इसलिए ड्रग्स के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि दिल्ली के सैकड़ों मोहल्लों और कॉलोनियों में ड्रग्स के हॉटस्पॉट चल रहे हैं और पुलिस को इसकी पूरी जानकारी भी है। सरकार कोचाहिए कि वह क्रेडिट लेने की राजनीति छोड़कर वास्तविक समस्या पर ध्यान दे और नशे के खिलाफ ठोस कदम उठाए। दिल्ली को बचाने का समय अब हैकुलदीप कुमार ने अंत में कहा कि दिल्ली जिस तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रही है, वह आने वाले समय के लिए बहुत बड़ा खतरा है। ड्रग्स का यहफैलाव न केवल युवाओं का भविष्य खत्म कर रहा है, बल्कि समाज और शहर की सुरक्षा पर भी गंभीर असर डाल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यदिसरकार ने समय रहते स्थिति को नहीं संभाला, तो दिल्ली को ड्रग्स कैपिटल बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।

‘वोट दो फंड मिलेगा’ बयान पर अजित पवार की सफाई, बोले, किसी पर कोई कर्ज नहीं विवादित बयान पर स्पष्टीकरण

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने विवादित ‘वोट दो, फंड मिलेगा’ वाले बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन पर भले ही 35 वर्षों सेतरह-तरह के आरोप लगते रहे हों, लेकिन उनका ‘किसी पर कोई कर्ज नहीं है’ और वे कानून तथा आचार संहिता का सम्मान करते हैं। सोमवार कोपरभणी जिले के जिंतूर में 2 दिसंबर को होने वाले नगर परिषद चुनाव के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा किमीडिया उनके हर शब्द पर नजर रखता है और किसी भी मुद्दे को तुरंत उनसे जोड़ दिया जाता है। उन्होंने माना कि काम के दौरान गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उनकी नीयत हमेशा विकास की रही है। पिछले हफ्ते पुणे जिले की मालेगांव नगर पंचायत के चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने कहा थाकि अगर जनता उनके उम्मीदवारों को चुनेगी तो फंड की कमी नहीं होगी, लेकिन अगर उन्हें नकार दिया गया, तो वे भी नकार देंगे। इस बयान पर विपक्षने उन्हें घेरते हुए माफी की मांग की थी।उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगीसोमवार को स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘मीडिया मेरे फंड से जुड़े हर शब्द की निगरानी कर रहा है। कोई भी बात होती है तो तुरंत उन्हें अजित पवारयाद आते हैं। मैं आचार संहिता की पूरी इज्जत करता हूं। जिसने काम किया है उससे गलती हो सकती है, लेकिन 35 साल में बहुत आरोप झेले हैं, और फिर भी मैं किसी पर कोई कर्ज नहीं रखता।’ जिंतूर नगर परिषद चुनाव के मद्देनजर उन्होंने क्षेत्र के विकास का आश्वासन दिया। अजित पवार नेकहा, ‘यहां के विकास के लिए मैं हमेशा साथ खड़ा रहूंगा। जिन लोगों पर विकास कार्यों का असर पड़ेगा, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।’ संसाधनों को सही दिशा में इस्तेमाल कर क्षेत्र का विकासउन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की। अजित पवार ने आरोप लगाया कि कुछ गैर-सरकारी संगठन के लोग घर-घर जाकरमतदाताओं से उनके परिवार और कामकाज की जानकारी ले रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा, ‘कानून सबके लिएबराबर होना चाहिए। हर राजनीतिक दल को एक जैसे नियमों के आधार पर परखा जाना चाहिए।’ इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की कई योजनाओंका जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का लाभ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उनका कहना था कि उपलब्ध संसाधनोंको सही दिशा में इस्तेमाल कर क्षेत्र का विकास किया जा सकता है।

मुंबई को मिलेगा ‘पाताल लोक’ रोड नेटवर्क, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार मुंबई में ट्रैफिक जाम और भीड़ की समस्या को कम करने के लिए एकबड़ा भूमिगत सुरंग नेटवर्क बना रही है। इसे उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में पाताल लोक यानी समानांतर सड़क व्यवस्था बताया। पाताल लोक शब्दइसी नाम की एक चर्चित वेब सीरीज की वजह से लोकप्रिय हुआ है। फडणवीस ने इसी शब्द का इस्तेमाल प्रस्तावित भूमिगत सड़क नेटवर्क कोसमझाने के लिए किया। हालांकि, पाताल लोक जमीन से नीचे की एक दुनिया को भी माना जाता है। आईआईएमयूएन (इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंटटू यूनाइट नेशंस) के यूथ कनेक्ट सत्र में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सुरंगों का जाल कई दिशाओं में फैला होगा और पूरे शहर को कवर करेगा। उन्होंनेकहा, “हम मुंबई शहर में पूरी तरह से भीड़भाड़ कम करने के लिए एक पाताल लोक, यानी सुरंगों का नेटवर्क बना रहे हैं।” यह नेटवर्क मौजूदा प्रमुखरास्तों के समानांतर व्यवस्था के तौर पर काम करेगा। यह मौजूदा ट्रैफिक जाम का समाधान होगीमुख्यमंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था मौजूदा सड़कों के समानांतर चलेगी और बढ़ते मेट्रो कॉरिडोर इस योजना को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि दक्षिणमुंबई से भायंदर (ठाणे जिले) तक बनने वाली कोस्टल रोड वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के लिए बिना रुकावट वाला समानांतर मार्ग बनेगी। उन्होंने कहा, “मुंबई की 60 फीसदी आबादी वेस्टर्न एक्सप्रेसवे पर चलती है। जब तक इस पर भीड़ (वाहनों की) कम नहीं की जाती, समाधान संभव नहीं है।” उन्होंनेकहा, “हम समानांतर सड़कों का नेटवर्क बना रहे हैं। जहां आपके वाहन की औसत गति 80 किमी प्रति घंटे होगी। फडणवीस ने निर्माणाधीन कई सुरंगपरियोजनाओं का जिक्र किया, जिनमें ठाणे-बोरीवली और मुलुंड-गोरगांव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व-पश्चिम के बीच की कनेक्टिविटीसुधरेगी। बोरीवली और गोरेगांव के बीच समानांतर सड़क और अगले वर्ष तक तैयार होने वाला वर्ली-शिवड़ी कनेक्टर अटल सेतु से बांद्रा-वर्ली सीलिंक तक बिना रुकावट की यात्रा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि अटल सेतु से गिरगांव चौपाटी तक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के रास्ते में बनने वालीसुरंग तीन वर्षों में पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मौजूदा ट्रैफिक जाम का समाधान होगी। धीरे-धीरे एयर-कंडीशन्ड बनाया जाएगामुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई वन नाम की एकीकृत एप लॉन्च की गई है, जो मेट्रो ट्रेन, उपनगरीय लोकल ट्रेन और बेस्ट बसों के लिए एक ही टिकट कीसुविधा देगा। उन्होंने कहा कि करीब 90 लाख लोग रोजाना उपनगरीय ट्रेनों से यात्रा करते हैं। इतने बदलावों के बावजूद दूसरी श्रेणी का किराया एकरुपये भी नहीं बढ़ाया जाएगा और सभी लोकल सेवाओं को धीरे-धीरे एयर-कंडीशन्ड बनाया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बतायाकि नई व्यवस्था मौजूदा सड़कों के समानांतर चलेगी और बढ़ते मेट्रो कॉरिडोर इस योजना को पूरा करेंगे।

कर्नाटक में CM कुर्सी की खींचतान तेज, डीके शिवकुमार के समर्थन में विधायकों का जत्था दिल्ली पहुंचा

कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रस्साकशी अब नई दिल्ली तक पहुंच गई है। इसी क्रम में चर्चा ज्यादा तेज तब हो गईजब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में एक और विधायकों का समूह नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ है। सूत्रों की माने तो ये दलरविवार रात नई दिल्ली पहुंच भी गए। इस दल में कम से कम छह विधायक शामिल है। सूत्रों का तो ये भी मानना है कि कुछ और विधायक भी जल्ददिल्ली जा सकते हैं ताकि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का मुद्दा पार्टी के शीर्ष नेताओं के सामने रखा जा सके। बता दें कि कर्नाटक की कांग्रेससरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा किया। इसी बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कथित‘पावर शेयरिंग’ समझौते की बातें भी सामने आई हैं। ऐसे में चर्चा तेज हो गई कि क्या अब डीके शिवकुमार को अगले ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पददिया जा सकता है।शिवकुमार पहले पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री पद पर निर्णय होने की मांग कर रहेअब बात अगर नई दिल्ली पहुंचे कांग्रेस विधायकों की करे तो नई दिल्ली पहुंचे विधायकों में एचसी बालकृष्णा (मगड़ी), केएम उदय (मद्दुर), नयनामोतम्मा (मुडिगेरे), इकबाल हुसैन (रमणगर), शरथ बचेगौड़ (होसकोटे) और शिवगंगा बसवराज (चनागिरी) शामिल हैं। पार्टी में चल रही इस रस्साकशीके बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, अभी बंगलूरू में हैं। हालांकि जल्दी ही दिल्ली जाने वाले हैं। वहीं, पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी भीजल्दी विदेश से लौट सकते हैं। ध्यान रहे कि पिछले हफ्ते भी लगभग दस विधायक शिवकुमार के समर्थन में दिल्ली गए थे और खरगे से मिले थे।हालांकि शिवकुमार ने तब कहा था कि उन्हें विधायक दिल्ली जाने की जानकारी नहीं थी। इसी बीच शिवकुमार के समर्थक विधायकों के दिल्ली जानेके बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को खरगे के साथ बंगलूरू में एक घंटे से ज्यादा लंबी बैठक की। सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया कैबिनेट मेंफेरबदल चाहते हैं, जबकि शिवकुमार पहले पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री पद पर निर्णय होने की मांग कर रहे हैं।सरकार के कार्यकाल के आधे पड़ाव पर सिद्धारमैयागौरतलब है कि पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर कांग्रेस हाई कमांड कैबिनेट फेरबदल को मंजूरी देती है, तो इसका मतलबहोगा कि सिद्धारमैया पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे और इससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के मौके कम हो जाएंगे। कर्नाटक में मुख्यमंत्रीपद को लेकर चर्चा जोर पकड़ चुकी है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन में विधायकों का एक और समूह रविवार रात दिल्ली पहुंचा। येविधायक शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग हाईकमान के सामने रखने वाले हैं। ये चर्चा इसलिए तेज हो रही है, क्योंकि सरकार के कार्यकाल केआधे पड़ाव पर सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच कथित पावर शेयरिंग समझौते से अटकलें और तेज हो गई हैं।

स्मृति मंधाना–पलाश मुच्छाल की शादी टली, पहले पिता और अब पलाश की तबीयत बिगड़ी

क्रिकेटर स्मृति मंधाना के पिता की तबीयत खराब होने के बाद उनके मंगेतर और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छाल भी अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पलाश की तबीयत अचानक बिगड़ी है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार पलाश मुच्छाल एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ट्रीटमेंटके लिए गए। उन्हें वायरल इंफेक्शन और एसिडिटी की शिकायत हुई। रिपोर्ट के अनुसार स्थिति गंभीर नहीं है। ट्रीटमेंट के बाद अस्पताल से उन्हें छुट्टीमिल गई और वह अपने होटल वापस चले गए। रविवार को क्रिकेटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कंपोजर पलाश मुच्छाल की शादी थी। लेकिन स्मृतिके पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण शादी टल गई। अब खबर है कि पलाश की भी तबीयत बिगड़ गई है लेकिन रविवार को शादी टल गईशनिवार रात सांगली के समडोली रोड स्थित मंधाना फार्म हाउस में मेहंदी और संगीत समारोह का आयोजन किया गया था। रविवार दोपहर को शादीकी मुख्य रस्में शुरू होनी थीं, लेकिन उससे ठीक पहले स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत इलाज के लिएसांगली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में डॉक्टर्स ने उनकी हेल्थ को लेकर अपडेट दिया। स्मृति के पिता की हालत फिलहालस्थिर बताई जा रही है। स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल की शादी टलने और पिता की खराब तबीयत के बारे में क्रिकेटर के मैनेजर ने रविवार कोजानकारी दी थी। बॉलीवुड के पॉपुलर म्यूजिक कंपोजर, डायरेक्टर पलाश मुच्छाल और क्रिकेटर स्मृति मंधाना लंबे वक्त तक रिलेशनशिप में रहे।साल 2019 से दोनों ने डेटिंग शुरू की। अक्सर ही स्मृति मंधाना और पलाश को फैमिली फंक्शन, आउटिंग पर साथ देखा जाता है। पिछले दिनोंइनकी शादी के फंक्शन चर्चा में रहे। लेकिन रविवार को शादी टल गई।

लाल किले धमाका ओवैसी का बड़ा बयान, ‘देश के दुश्मन हिंदू हों या मुस्लिम, सबकी निंदा होनी चाहिए “अमोनियम नाइट्रेट लेकर घूमने वालेराष्ट्र के खिलाफ”

दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना परतीखी प्रतिक्रिया दी है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, वे हिंदू हों या मुस्लिम, वे राष्ट्र केदुश्मन हैं और ऐसे लोगों की बिना झिझक निंदा होनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि यह बेहद कठिन काम है कि एक संस्था बनाई जाए, लेकिन कुछलोग अमोनियम नाइट्रेट लेकर घूम रहे हैं, जो सीधे देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ता है। लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगेओवैसी ने कहा कि दिल्ली धमाके में 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मानसिकता बेहदखतरनाक है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के दुश्मन, चाहे वे किसी भी समुदाय से हों, हमारेदुश्मन हैं। यदि ऐसी गतिविधियों पर खुलकर विरोध नहीं किया गया तो ऐसे लोगों को खुली छूट मिल जाएगी। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि अगरकोई सोचता है कि मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि दुनिया जितनी देर चलतीरहेगी, भारतीय मुसलमान उतनी देर तक सम्मानजनक भारतीय नागरिक के रूप में यहां जिंदा रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुसलमान लोकतांत्रिक ढांचे केभीतर अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आप एक मस्जिद को शहीद करेंगे, हम लाखों मस्जिदें बनाने की ताकत रखते हैं। मुसलमान देश से प्यार करते रहेंगेओवैसी ने कहा कि मुसलमानों पर जितने भी अत्याचार हुए, उन्होंने सब सहा, लेकिन देश से नफरत कभी नहीं की। उन्होंने कहा कि जो लोग मुसलमानोंका उत्पीड़न करते हैं, वही लोग भारत को कमजोर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आप एक पूरे समुदाय को घृणा की नजर से देखेंगे, तो देश कैसेविकसित होगा। उन्होंने कहा कि मुसलमानों से वफादारी का सर्टिफिकेट मांगने वालों को यह समझना चाहिए कि नफरत से देश मजबूत नहीं होसकता। ओवैसी ने कहा कि भारत तभी शांतिपूर्ण देश बन सकता है जब यहां रहने वाले 190 मिलियन मुसलमानों को बराबरी की नजर से देखा जाए।उन्होंने कहा कि समानता का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया मौलिक अधिकार है, लेकिन कुछ लोग इसे भूल जाते हैं। मस्जिद से जुड़े फैसले काजिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोई मुसलमान कोर्ट जाकर जज पर जूता नहीं फेंकता। लेकिन जिस व्यक्ति ने जूता फेंका, उस पर चर्चा नहीं होतीक्योंकि वह बहुसंख्यक समुदाय से था। उन्होंने दोहराया कि मुसलमान देश से प्यार करते रहेंगे, चाहे सत्ता में कोई भी हो।

गरम धरम’ और ‘ही-मैन’ के मालिक धर्मेंद्र का निधन, लाखों फैंस हुए भावुक 300 से ज्यादा फिल्मों में किया योगदान

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का निधन हो गया है। 89 साल के धर्मेंद्र लंबे समय से बीमार थे और अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस को यकीन नहीं हो रहा कि उनका पसंदीदा सितारा अब उनके बीच नहीं है। धर्मेंद्र अभी भी एक्टिंग कीदुनिया में सक्रिय थे और उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अगले महीने रिलीज होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र 450 करोड़ रुपयेकी संपत्ति के मालिक थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में करीब 300 फिल्मों में काम किया और 450 करोड़ रुपये से अधिक का अंपायर खड़ा किया।इसके अलावा उन्होंने रेस्टोरेंट बिजनेस, हॉस्पिटल और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया था। उनका मशहूर रेस्टोरेंट ‘गरम धरम’ और करनाल हाइवे पर स्थित‘हीमैन’ रेस्टोरेंट उनकी बिजनेस की समझ के उदाहरण हैं। धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की थी, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 51 रुपये मिले थे। लेकिन आने वाले दशकों में उन्होंने इंडस्ट्री पर राज किया और करोड़ों की संपत्ति बनाई।रेंज रोवर जैसी महंगी कारें शामिलधर्मेंद्र का फार्महाउस खंडाला के लोनावाला में 100 एकड़ में फैला हुआ है, इसकी कीमत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जाती है। इस फार्महाउस मेंस्वीमिंग पूल, एक्वा थैरेपी जैसी लग्जरी सुविधाएं हैं। धर्मेंद्र यहां अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ रहते थे। उनके बेटे बॉबी देओल ने बतायाथा कि माता-पिता को फार्महाउस का शांत माहौल पसंद है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 17 करोड़ रुपये की एक अन्य प्रॉपर्टी और ₹1.4 करोड़ कीकृषि व गैर-कृषि जमीन भी उनके पास थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे फार्महाउस के पास 30 कॉटेज वाला एक लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना पर भीकाम कर रहे थे। धर्मेंद्र को लग्जीरियस गाड़ियों का शौक था। उनके कलेक्शन में मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास, मर्सिडीज-बेंज SL500 और लैंड रोवर रेंजरोवर जैसी महंगी कारें शामिल थीं। हालांकि उनकी फेवरेट कार 65 साल पुरानी फिएट थी। धर्मेंद्र के कार कलेक्शन में कुछ कारों की कीमत लाखों मेंथी, तो कुछ की करोड़ों में। ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोलाधर्मेंद्र ने फिल्मों के अलावा कलनरी से लेकर हेल्थकेयर सेक्टर तक में निवेश किया। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले धर्मेंद्र अक्सर अपनेफार्महाउस की झलक फैंस को दिखाते रहते थे। धर्मेंद्र ने फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्मों कोप्रोड्यूस किया। इसके अलावा उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखा और 2022 में ‘गरम धरम ढाबा’ लॉन्च किया। बाद में करनाल हाइवे पर ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोला।

RJD का सख्त संदेश, बिना अनुमति पार्टी या नेताओं का नाम लेना महंगा पड़ेगा

बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार हुई। हालांकि इस अप्रत्याशित हार के बाद तेजस्वी यादव न तो प्रत्यक्ष में मीडिया के सामनेआए और न ही उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से इस हार की समीक्षा बैठक की। यह अलग बात है कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से उन्होंने थोड़ी बहुत सीख जरुर ली। उसी का नतीजा है कि अब राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार और अन्य राज्यों के 32 गायकों को लीगल नोटिस भेजा है और साथ में चेतावनी भी दी है। राजद ने बिहार और बिहार […]

मौलाना मदनी बोले- भारत में मुसलमान कुलपति नहीं बन सकते, BJP ने की आलोचना

जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बयान पर राजनीति तेज हो गई है। राजनीतिक पार्टियां भी इस बयानबाजी में शामिल होगई हैं। कांग्रेस नेता उदित राज ने मौलाना अरशद मदनी के बयान का समर्थन किया है। वहीं भाजपा ने मौलाना मदनी के बयान की तीखी आलोचनाकी है। मौलाना अरशद मदनी ने दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुएकहा था कि लंदन और न्यूयॉर्क में मुसलमान मेयर बन सकते हैं, लेकिन भारत में वही व्यक्ति किसी विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं बन सकता। कांग्रेस नेता उदित राज ने मौलाना मदनी के बयान का समर्थन करते हुए कहा, ‘सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, बल्कि दलितों और ओबीसी को भी नियुक्त नहींकिया जा रहा हैं। केंद्र सरकार ‘सबका साथ सबका विकास’ का दावा करती है, लेकिन सिर्फ एक खास जाति को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकारकी 48 यूनिवर्सिटी में से किसी में भी मुस्लिम, दलित या ओबीसी वाइस-चांसलर नहीं हैं। और वे भारत के 159 शीर्ष संस्थानों से भी गायब हैं। संघऔर भाजपा की विचारधारा को मानने वाले लोगों को ही संस्थानों में नियुक्त किया जा रहा है। अल फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकवादी गतिविधियों मेंशामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है? हाल ही में, लैटरल एंट्री आईएएस रिक्रूटमेंटमें कोई भी अधिकारी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग से नहीं था। यह सरकार मुस्लिम, दलित और पिछड़े वर्गों को बाहर रखती है।’ आतंकवादियों को कवर फायर देने के लिए धर्म को ही एकमात्र बहानाभाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि ‘यह बहुत बुरी बात है कि वोट बैंक की राजनीति के नाम पर तुष्टिकरण के भजन गाए जा रहे हैं।तुष्टिकरण की राजनीति के नाम पर आतंकवाद को कवर फायर देने में यकीन रखने वाले एक्टिव हो गए हैं। आतंक समर्थकों और हमदर्दों की यह जमातफिर से सामने आ रही है। भारत में तो एपीजे अब्दुल कलाम जैसे राष्ट्रपति भी मुस्लिम कम्युनिटी से थे। क्या अरशद मदनी यह भूल गए हैं? लेकिन जबसे दिल्ली धमाके में आतंकवादी पकड़े गए हैं, जो लोग कहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, वे आतंकवादियों को कवर फायर देने के लिएधर्म को ही एकमात्र बहाना बना रहे हैं।’ शहजाद पूनावाला ने कहा कि ‘सोचिए कि सिर्फ अरशद मदनी ही नहीं, बल्कि चाहे वो चिदंबरम हों, महबूबामुफ्ती, इल्तजा मुफ्ती, अबू आजमी हों या हुसैन दलवई। वे सब सामने आकर कह रहे हैं कि ये तो नाइंसाफी हुई। ये लोग बेकसूर हैं, या फिर ये लोगकहते हैं कि हालात की वजह से ये लोग आतंकी बन रहे हैं। यह बदकिस्मती की बात है कि अरशद मदनी भी इसका हिस्सा हैं।’ पूर्व सांसद ने कहा कि’अल फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन पूरी यूनिवर्सिटी को ही क्यों टारगेट कियाजा रहा है? हाल ही में, लैटरल एंट्री आईएएस रिक्रूटमेंट में कोई भी अधिकारी दलित, आदिवासी या पिछड़े वर्ग से नहीं था।’

ट्रंप का बड़ा दावा, टैरिफ की धमकी से रोके 5 में से 8 युद्ध “जानें क्या है पूरा मामला”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर आठ में से पांच युद्ध रुकवाए हैं। ट्रंप ने ये भीदावा किया कि टैरिफ के चलते अमेरिका को दुनिया भर के देशों से खरबों डॉलर मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी टैरिफ नीति को कामयाबबताते हुए कहा कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आठ में से पांचलड़ाइयों को सीधे टैरिफ के खतरे की वजह से रोका। ट्रंप ने लिखा कि ‘हम टैरिफ की वजह से विभिन्न देशों से टैरिफ और निवेश के रूप में खरबोंडॉलर्स ले रहे हैं। मैंने आठ में से पांच युद्ध को टैरिफ की धमकी से रोका, क्योंकि अगर वे लड़ना बंद नहीं करते हैं तो उन पर टैरिफ लगने का खतरा है।’ गौरतलब है कि ट्रंप ने इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को रोकने के लिए भी टैरिफ की धमकी देने का दावा किया था।हालांकि भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका की कभी पुष्टि नहीं की है। संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका की कभी पुष्टि नहींट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अब अमेरिका में कोई महंगाई नहीं है जबकि जो बाइडन के समय में यह इतिहास में सबसे खराब थी। ट्रंप ने लिखा कि’स्टॉक मार्केट 9 महीनों में 48वीं बार ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि टैरिफ ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मदद कीहै और अमेरिका को लूटने वाले लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी, अमेरिका अब तक का सबसे अमीर, सबसे मजबूत और सबसेइज्जतदार स्थिति में है और इसके वजह उन्होंने खुद के राष्ट्रपति चुने जाने और टैरिफ को बताया। ट्रंप ने इस साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीचसैन्य टकराव को रोकने के लिए भी टैरिफ की धमकी देने का दावा किया था। हालांकि भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका कीकभी पुष्टि नहीं की है।