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क्रिकेट से पहले देश, प्रियंका चतुर्वेदी का सरकार और BCCI पर अफगानिस्तान से सीखने का तंज

शिवसेना यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को अफगानिस्तान से सीखने की सलाह दी है। प्रियंका चतुर्वेदीने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि खेल के ऊपर देश को किस तरह से प्राथमिकता दी जाती है, ये बीसीसीआई और सरकार कोअफगानिस्तान से सीखने की जरूरत है। शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘पाकिस्तानीशासन कायरों का समूह है, जो बेकसूर लोगों का खून बहाता है और सीमा पर पिट जाता है। उन पर लानत है। ये देखकर अच्छा लगा किअफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट सीरीज नहीं खेलने का फैसला किया है। शायद बीसीसीआई और भारत सरकार को भी उनसेकुछ टिप्स लेने की जरूरत है कि किस तरह से खेल के ऊपर देश को रखा जाए।’ पाकिस्तानी शासन द्वारा किया गया एक कायराना हमलाअफगानिस्तान के सीमाई प्रांत पक्तिका में पाकिस्तान द्वारा किए गए एक हवाई हमले में तीन अफगान क्रिकेटर्स समेत आठ लोगों की मौत हो गई।अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि ये खिलाड़ी उरगुन से पक्तिका प्रांत के शाराना में एक दोस्ताना मैच में हिस्सा लेने गए थे। वहां से लौटतेसमय पाकिस्तान के हमले में इनकी मौत हो गई। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने तीनों खिलाड़ियों के नाम कबीर, सिबघतुल्लाह और हारून बताए औरबताया कि हमले में पांच अन्य लोग भी मारे गए। एसीबी ने इसे पाकिस्तानी शासन द्वारा किया गया एक कायराना हमला बताया। इस हमले के बाद, अफगानिस्तान ने त्रिकोणीय श्रृंखला से अपना नाम वापस ले लिया। पाकिस्तान के साथ खेलने का फैसला कियाप्रियंका चतुर्वेदी के इस बयान को बीते दिनों एशिया कप में भारत के पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने पर तंज की तरह देखा जा रहा है।दरअसल पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में कई राजनीतिक दल और लोग पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने केविरोध में थे। हालांकि काफी सोच विचार के बाद सरकार ने एशिया कप में पाकिस्तान के साथ खेलने का फैसला किया। अफगानिस्तान के सीमाईप्रांत पक्तिका में पाकिस्तान द्वारा किए गए एक हवाई हमले में तीन अफगान क्रिकेटर्स समेत आठ लोगों की मौत हो गई। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्डने बताया कि ये खिलाड़ी उरगुन से पक्तिका प्रांत के शाराना में एक दोस्ताना मैच में हिस्सा लेने गए

‘भूरा बाल साफ करो’ वाले बाहुबली की पत्नी को राजद का टिकट, तेजस्वी यादव ने थामा हाथ

बिहार की राजनीति एक बार फिर करवट ले रही है। नवादा जिले में महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि सीट बंटवारे को लेकरअसंतोष बढ़ता दिख रहा है। खासकर वारिसलीगंज विधानसभा सीट पर आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। कुख्यात बाहुबली अशोकमहतो की पत्नी कुमारी अनीता को राजद ने वारिसलीगंज से अपना उम्मीदवार बनाया है। तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी का सिंबल सौंपते हुए समर्थन भीदिया। वहीं, कांग्रेस ने उसी सीट से सतीश कुमार उर्फ मंटन सिंह को मैदान में उतारकर सीधा मुकाबला खड़ा कर दिया है। महागठबंधन के इस’दोस्ताना मुकाबले’ के पीछे रणनीति जो भी हो, असल में यह भीतर ही भीतर फूट की कहानी भी बयां कर रहा है। वारिसलीगंज से दोनों उम्मीदवारों कानामांकन शनिवार को होना है। प्रमंडल से जीतने वाले अकेले मुस्लिम विधायकनवादा सदर सीट, गोविंदपुर और रजौली विधानसभा सीटों पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। राजद के कौशल यादव गोविंदपुर औरनवादा सीटों पर अपने और अपनी पत्नी के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। वहीं, गोविंदपुर सीट पर मौजूदा विधायक मो. कामरान भी टिकट पर अड़ेहुए हैं। कामरान मगध प्रमंडल से जीतने वाले अकेले मुस्लिम विधायक थे, और उन्हें किनारे किया जाना कई राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करसकता है। राजनीतिक हलचलों को जन्म दे रहारजौली विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक प्रकाशवीर को तेजप्रताप यादव की पार्टी जन शक्ति जनता दल ने अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान मेंउतार दिया है। यह कदम महागठबंधन के अंदर नई राजनीतिक हलचलों को जन्म दे रहा है। प्रकाशवीर ने हाल ही में जदयू की सदस्यता ग्रहण की थीऔर अब वह ब्लैकबोर्ड के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। अब सवाल यह उठता है कि क्या महागठबंधन की यह रणनीति वोटों के बंटवारे का कारण बनेगी? क्या मतदाता इस ‘दोस्ताना लड़ाई’ को स्वीकार करेंगे या इसे महागठबंधन की विफलता के रूप में देखेंगे? नवादा की जनता अब इन सियासीगणनाओं का मूल्यांकन करेगी, और नतीजे तय करेंगे कि महागठबंधन की यह चाल बाजी मानेगी या मात। पिछले दिनों यह बात खूब वायरल हुई थीकि तेजस्वी यादव ने कुख्यात अशोक महतो को दरवाजे से लौटा दिया। अब अशोक महतो की पत्नी को तेजस्वी यादव ने बिहार चुनाव का टिकट देदिया है।

पीठ की चोट से बाहर हुए पैट कमिंस, एशेज में कप्तानी संभालेंगे स्टीव स्मिथ “जॉर्ज बेली का बड़ा बयान”

ऑस्ट्रेलिया के नियमित टेस्ट कप्तान पैट कमिंस की पीठ की चोट ने उन्हें भारत के खिलाफ वाइट-बॉल सीरीज से बाहर कर दिया है। उनकी चोट गंभीरहै और एशेज में भी उनके खेलने पर खतरा मंडरा रहा है। अब मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली का बड़ा बयान सामने आया है। एशेज की शुरुआत 21 नवंबर से हो रही है और उसमें भी कमिंस के खेलने की संभावना नहीं के बराबर है। ऐसे में पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ ऑस्ट्रेलिया की टीम की कमानसंभालेंगे। मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा, ‘अगर पैट नहीं खेलते, तो स्मज (स्टीव स्मिथ) कप्तानी संभालेंगे। हमारे लिए यह रोजमर्रा का नियम है।यह फार्मूला पहले भी काम कर चुका है। चाहे पैट खेल रहे हों या नहीं, वह टीम के आसपास रहना चाहेंगे। अगर वह नहीं खेलेंगे, तो वह रिहैब औरतैयार होंगे, गेंदबाजी करेंगे। इसलिए कप्तान और उप-कप्तान के बीच काम करने और जानकारी साझा करने की प्रक्रिया वही रहेगी।’ बेली ने यह भीबताया कि टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों की तैयारी को उनकी सुविधानुसार ढाला है। कमिंस के बीच संचार और टीम मैनेजमेंट का तरीकास्टीव स्मिथ इस सप्ताह न्यूयॉर्क से ऑस्ट्रेलिया लौटे और अगले दिन क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स (NSW) मुख्यालय में नेट प्रैक्टिस शुरू कर दी। वहआगामी शेफील्ड शील्ड के दो राउंड खेलेंगे, जो ब्रिस्बेन और सिडनी में होंगे। बेली ने कहा, ‘स्टीव जब आए, तो अगले ही दिन नेट में बल्लेबाजी करनेलगे। हमने सभी खिलाड़ियों की तैयारी को उनके कार्यक्रम के अनुसार ढाला है। स्मिथ पूरी तरह तैयार होंगे और खेल के लिए उपलब्ध रहेंगे।’ बेली नेयह स्पष्ट किया कि स्मिथ और कमिंस के बीच संचार और टीम मैनेजमेंट का तरीका वही रहेगा, चाहे कमिंस खेल रहे हों या नहीं। टीम का उद्देश्य स्पष्टहै ‘एशेज में मजबूत प्रदर्शन और जीत सुनिश्चित करना’। स्मिथ की कप्तानी और अनुभव टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे, खासकर तब जबऑस्ट्रेलिया पर्थ से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड का सामना करेगा। मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा, ‘हमारे लिए यह फार्मूला पहले भीकाम कर चुका है। चाहे पैट खेल रहे हों या नहीं, वह टीम के आसपास रहना चाहेंगे।’

दिल्ली की स्वादभरी शाम ‘फ्लेवर्स ऑफ दिल्ली’ में झलकी राजधानी की सांस्कृतिक और पाक विविधता – आशीष सूद

Meri Dilli Mera Desh की भावना को समर्पित एक अनोखी पहलदिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने राजधानी की समृद्ध पाक परंपरा और स्वदेशी संस्कृति को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम ‘फ्लेवर्स ऑफदिल्ली’ का आयोजन किया। यह कार्यक्रम #MeriDilliMeraDesh की भावना को जीवंत करता हुआ नज़र आया, जिसमें दिल्ली की विविधता, स्वाद और सांझी संस्कृति को एक ही मंच पर लाया गया।इस अवसर पर दिल्ली के जाने-माने फूड व्लॉगर्स, शेफ्स, और कुकरी कंटेंट क्रिएटर्स ने अपनीभागीदारी दी और दिल्ली के मशहूर व्यंजनों के साथ-साथ उनकी ऐतिहासिक जड़ों का परिचय कराया। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, सुगंध औररचनात्मकता से भरा रहा।दिल्ली की पाक परंपरा विरासत, अपनापन और स्वदेशी भावना का संगमकार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, दिल्ली का हर खाना अपने भीतर सदियों की परंपरा, अपनापन और स्वदेशी भावनासमेटे हुए है। यह केवल भोजन नहीं, बल्कि हमारी साझा विरासत और पहचान का उत्सव है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की गली-गली में मिलने वालेपकवान केवल स्वाद नहीं देते, बल्कि हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं। चांदनी चौक की परांठे वाली गली से लेकर पुरानी दिल्ली की बिरयानी, करोलबागकी छोले-भटूरे की खुशबू और नई दिल्ली के फ्यूजन फूड सब मिलकर दिल्ली के दिल की कहानी कहते हैं। वोकल फॉर लोकल से जुड़ा हर स्वादसूद ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली की पाक संस्कृति वोकल फॉर लोकल की भावना को बखूबी दर्शाती है। हमारी पारंपरिक रेसिपियाँ, हमारेस्थानीय मसाले और घरेलू स्वाद ही दिल्ली को इतना खास बनाते हैं। आज जब हम स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन दे रहे हैं, तो दिल्ली का खानाउसका सबसे सुंदर उदाहरण है, उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली के छोटे-छोटे व्यवसायी, स्ट्रीट फूड विक्रेता और स्थानीय रसोइए इस शहर की आत्माहैं, और दिल्ली सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। डिजिटल युग में युवाओं की भूमिका परंपरा को नया रूप देने की पहलइस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात थी कि इसमें दिल्ली के शीर्ष फूड व्लॉगर्स और युवा क्रिएटर्स को आमंत्रित किया गया था, जो अपनी रचनात्मकताऔर डिजिटल प्रभाव से दिल्ली की पाक विरासत को दुनिया तक पहुँचा रहे हैं। सूद ने कहा कि आज के युवा सोशल मीडिया के माध्यम से दिल्ली कीसंस्कृति, परंपरा और स्वाद को वैश्विक स्तर पर पहुँचा रहे हैं। यह देखना प्रेरणादायक है कि कैसे नई पीढ़ी मोबाइल कैमरे और डिजिटल मंचों के जरिएहमारी पुरानी रसोई की कहानियाँ जीवंत कर रही है दिल्ली की विविधता ही उसकी पहचान एक शहर, अनेक स्वादशिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली की असली ताकत उसकी विविधता और समरसता में है। यह शहर उत्तर भारत के परांठों से लेकर दक्षिण भारतीय डोसे, बंगाली मिठाइयों से लेकर पंजाबी तंदूरी व्यंजनों तक, सबको एक साथ जोड़ता है। दिल्ली एक ऐसा शहर है जहाँ हर प्रदेश का स्वाद बसता है। यहीकारण है कि दिल्ली का खाना केवल स्वाद नहीं, एक कहानी है अपनापन और एकता की कहानी फ्लेवर्स ऑफ दिल्ली बना संस्कृति और संवाद का मंच‘फ्लेवर्स ऑफ दिल्ली’ कार्यक्रम न केवल स्वादों का उत्सव था बल्कि यह एक ऐसा मंच भी बना जहाँ संस्कृति, संवाद और स्वदेशी भावना एक साथदिखी।यहां पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, रसोई कला की कार्यशालाएं और दिल्ली के प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड पर चर्चा जैसे सत्र आयोजित किए गए। सूदने कहा कि ऐसे आयोजनों से दिल्ली के युवाओं में न केवल अपनी विरासत को लेकर गर्व की भावना बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय व्यवसायों को भी नईपहचान मिलेगी। आशीष सूद का संदेश दिल्ली के स्वाद में बसता है देश का दिलकार्यक्रम के अंत में सूद ने कहा, “दिल्ली का स्वाद केवल मसालों का मेल नहीं, बल्कि लोगों के दिलों का मेल है। हमारी रसोई हमारी संस्कृति कीआत्मा है। जब हम दिल्ली के खाने को सहेजते हैं, तब हम अपनी भारतीयता को सहेजते हैं।उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने शहर की पाकविरासत को जानें, उसे साझा करें और #MeriDilliMeraDesh की भावना को आगे बढ़ाएँ।

आप फैला रही है प्रदूषण पर झूठा भ्रम, दिवाली की खुशियों पर राजनीति कर रही है – वीरेंद्र सचदेवा का तीखा प्रहार 

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर आप की बयानबाज़ी पर भाजपा का पलटवारभाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आप दिवाली जैसे पवित्र त्योहार को भी राजनीतिका साधन बना रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के पर्यावरण को लेकर “आप” नेताओं द्वारा जो भ्रम फैलाया जा रहा है, उसका असली उद्देश्य सर्वोच्चन्यायालय के ग्रीन पटाखों की अनुमति वाले फैसले को पलटवाना है। सचदेवा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब पूरी दिल्ली दिवाली कीतैयारियों में खुश है, तब आम आदमी पार्टी लोगों में डर और भ्रम का माहौल बना रही है। आप सरकार ने हमेशा पटाखों पर पाबंदी लगवाकर जनता को ठगावीरेंद्र सचदेवा ने याद दिलाया कि जब आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता में थी, तब उसने प्रदूषण के नाम पर ग्रीन पटाखों पर भी प्रतिबंध लगवादिया था। उन्होंने कहा कि उस समय भी आप ने न्यायालय में गलत आंकड़े पेश करके दिल्लीवासियों की दिवाली का मज़ा बिगाड़ दिया था। आमआदमी पार्टी ने जनता को प्रदूषण के नाम पर बरगलाया, ग्रीन पटाखों को भी बैन कराया और त्योहार की खुशियां छीन लीं। अब जब माननीय सर्वोच्चन्यायालय ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दी है, तब भी वे उसी पुराने नाटक को दोहराने में लगे हैं दिल्ली का आसमान साफ़, प्रदूषण पहले से बहुत कमभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार दिल्ली का मौसम पहले से ज्यादा साफ़ और बेहतर है। उन्होंने कहा कि न तो इस समय हवा में पहले जैसी धुंध हैऔर न ही प्रदूषण के स्तर में कोई गंभीर वृद्धि हुई है। दिल्ली में इस बार वातावरण स्वच्छ है, और हमें गर्व है कि हमारी सरकारों के प्रयास से प्रदूषण केस्तर में काफी कमी आई है। इस बार दिवाली में संस्कृति और पर्यावरण दोनों का समन्वय रहेगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश के लिए सकारात्मक संकेतवीरेंद्र सचदेवा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ग्रीन पटाखों की अनुमति को सकारात्मक और संतुलित निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बताता हैकि भारत जैसे देश में विकास, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। यह निर्णय पूरे देश के लिए प्रेरणा है कि अगर नीयत सही होतो परंपराएं निभाते हुए भी हम प्रकृति की रक्षा कर सकते हैं सचदेवा के अनुसार, यह अनुमति न सिर्फ दिल्लीवासियों के लिए राहत की बात है, बल्कियह संदेश देती है कि दिवाली को उत्सव, जिम्मेदारी और पर्यावरणीय संतुलन के साथ मनाया जा सकता है। आप की तुष्टिकरण की राजनीति से जनता अब ऊब चुकी हैभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी अब जनता के मुद्दों से भटक चुकी है और उसकी पूरी राजनीति सिर्फ एक वर्ग विशेष को खुश करने परकेंद्रित हो गई है। आम आदमी पार्टी हर विषय को तुष्टिकरण की राजनीति में बदल देती है। प्रदूषण और दिवाली जैसे विषयों पर भी उनका मकसदजनता की चिंता नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदा उठाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आज आप की हालत ऐसी हो गई है कि उसे अपने वजूद के लिएसंघर्ष करना पड़ रहा है, क्योंकि जनता उसके असली चेहरे को पहचान चुकी है।भाजपा ने दी जिम्मेदारी से दिवाली मनाने की अपीलवीरेंद्र सचदेवा ने जनता से अपील की कि वे सिर्फ ग्रीन पटाखों का उपयोग करें और जिम्मेदारी से दिवाली मनाएं ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो।उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि राजधानी दिल्ली की दिवाली न केवल रोशनी और उत्सव से जगमगाए बल्कि स्वच्छ हवा और सामूहिक आनंद सेभी भरी हो। हमारी परंपराएं हमारी पहचान हैं। हमें इन्हें सहेजते हुए प्रकृति की रक्षा करनी है। यह संतुलन ही सच्ची दिवाली की भावना है

दिल्ली विधानसभा में मनाया गया ‘दीवाली मंगल मिलन’ समारोह

दीवाली के पावन अवसर पर दिल्ली विधानसभा परिसर में ‘दीवाली मंगल मिलन’ समारोह का आयोजन बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ किया गया।इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर सभी को दीवाली की शुभकामनाएँ दीं और शांति, सद्भाव और साझासमृद्धि का संदेश दिया। पूरे परिसर में दीपों की रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झिलमिलाहट से वातावरण उल्लास और ऊर्जा से भर गया। इसअवसर पर विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, दिल्ली सरकार के मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजयगोयल, टीवी पत्रकार रुबिका लियाकत, सांसद सुधांशु त्रिवेदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा तथा कई विधायक और गणमान्य अतिथिउपस्थित रहे। दीवाली आस्था, एकता और नई शुरुआत का प्रतीक हैअपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दीवाली सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं है, यह आस्था, एकता और नई शुरुआत का प्रतीकहै। यह हमें अंधकार और नकारात्मकता को मिटाकर ज्ञान, करुणा और आशा की ज्योति जलाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दीवाली काअसली अर्थ एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ना और समाज में सकारात्मकता फैलाना है। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से आह्वान किया कि इसअवसर पर सौहार्द, प्रगति और सामूहिक खुशहाली के लिए एकजुट होकर कार्य करें। दीवाली अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक हैगुप्ता ने कहा कि दीवाली हमें सिखाती है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर और सत्य असत्य पर विजय प्राप्त करता है। यह पर्व प्रत्येक घर में आनंद, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आता है। उन्होंने कहा कि दीपों की लौ हमें याद दिलाती है कि दिल्ली को एक सामंजस्यपूर्ण, शांतिपूर्ण और विकसित नगरबनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जब दीप जलता है, तो वह अंधकार को मिटा देता है। ठीक वैसे ही हमें भी समाज में फैले अंधकार नफरत, असमानताऔर प्रदूषण को दूर करना होगा। पर्यावरण–संवेदनशील दीवाली का संदेशविधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दीवाली मनाते समय हमें प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा दीवाली प्रकाश, सद्भाव और नए आरंभ का प्रतीक है, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी खुशियाँ पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएँ। गुप्ता ने सभीनागरिकों से ग्रीन क्रैकर्स का उपयोग करने और पर्यावरण-मित्र तरीकों से उत्सव मनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पटाखे नहीं, उम्मीदों के दीयेजलाएं ताकि हमारी खुशी दिल्ली के स्वच्छ वायु अभियान से भी जुड़ सके। स्वच्छ और हरित दिल्ली के निर्माण का संकल्प लेंअपने संदेश में विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दीवाली का असली अर्थ सिर्फ दीप जलाना नहीं, बल्कि आनंद, करुणा और सौहार्द फैलाना है। उन्होंने लोगोंसे अपील की कि वे इस अवसर पर स्वच्छ और हरित दिल्ली के निर्माण का संकल्प लें। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमें सामूहिक रूप से एक ऐसीदिल्ली बनानी है जहाँ प्रदूषण कम हो, हरियाली बढ़े और हर नागरिक स्वस्थ जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि अगर हम सब मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर, स्वच्छ और सुरक्षित राजधानी छोड़ सकते हैं। दीवाली के उत्सव में झलका एकता और उल्लासविधानसभा परिसर में आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और दीपों की सजावट ने कार्यक्रम को और अधिक भव्य बना दिया।सभी उपस्थित अतिथियों, विधायकों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और सद्भाव एवं प्रेम के माहौल में त्योहार का आनंद लिया।कार्यक्रम का हर पल यह संदेश दे रहा था कि दीवाली का असली अर्थ सिर्फ रोशनी नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना और समाज में एकता की भावनाजगाना है। उम्मीदों के दीये जलाकर करें दीवाली का स्वागतअंत में विजेंद्र गुप्ता ने कहा इस बार दीवाली पर हम सब उम्मीदों के दीये जलाएँ, अपने आस-पास सफाई रखें, पेड़ लगाएँ और प्रदूषण से बचने केउपाय अपनाएँ। जब हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी दीवाली का असली प्रकाश हमारे जीवन में उजाला लाएगा। विधानसभा परिसर में मनाया गया‘दीवाली मंगल मिलन’ केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था कि खुशियाँ तब ही पूरी होती हैं जब वे प्रकृति, समाज और आपसी प्रेमसे जुड़ी हों। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा ने एक बार फिर यह साबित किया कि पर्यावरण की रक्षा और सामाजिक एकता ही सच्ची दीवाली कीरोशनी है।

‘वोकल फॉर लोकल’ से रोशन होगी दीवाली और साकार होगा विकसित दिल्ली का सपना कुम्हार कॉलोनी, उत्तम नगर में समाज कल्याण मंत्रीने की खरीदारी, स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को दी नई ऊर्जा – रविन्द्र इन्द्राज सिंह

कुम्हार कॉलोनी में हुआ समाज कल्याण मंत्री का गर्मजोशी भरा स्वागतदिल्ली सरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह उत्तम नगर स्थित कुम्हार कॉलोनीपहुंचे, जहां उन्होंने मिट्टी के दीपक, बर्तन और सजावटी वस्तुएँ बनाने वाले स्थानीय कारीगरों और कुम्हार भाइयों से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरानसमाज के लोगों ने फूल-मालाओं से मंत्री का भव्य स्वागत किया। मंच पर उत्तम नगर के विधायक पवन शर्मा भी उपस्थित रहे और स्थानीय कुम्हारसमाज की समस्याओं और मांगों पर चर्चा हुई। मिट्टी के दीपकों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मिला नया बलरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने इस अवसर पर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने खुद स्थानीय दुकानदारों से मिट्टी के दीपकऔर सजावटी वस्तुएँ खरीदीं और कहा कि दीवाली का असली आनंद तभी है जब हम अपने ही देश के कारीगरों की बनाई चीजों से घर सजाएँ। मंत्री नेदुकानदारों से ऑनलाइन भुगतान कर डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से छोटे व्यापारीतकनीकी रूप से मजबूत होंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान को बताया प्रेरणा का स्रोतइन्द्राज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल आह्वान ने देश के स्वदेशी उद्योगों को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा किजब दिल्लीवासी स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करेंगे, तो न केवल कलाकारों की मेहनत को सम्मान मिलेगा बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरभारत की दिशा में बड़ा कदम भी होगा। हमारी दीवाली तभी सच्ची होगी जब हर घर में स्थानीय कलाकारों के बनाए दीप जलेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से प्रजापति समाज को शुभकामनाएँइस मौके पर मंत्री ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी की ओर से प्रजापति समाज को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सरकारपारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हस्तशिल्प और मिट्टी कला के क्षेत्र में काम करने वालेलोगों को प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए। माटी कला बोर्ड गठन पर सरकार कर रही है विचाररविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि कुम्हार समाज की मांग पर दिल्ली सरकार ‘माटी कला बोर्ड’ के गठन पर विचार कर रही है।यह बोर्ड कुम्हारों के आर्थिकऔर सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ठोस नीतियाँ तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर संभव सहायता देने को तैयार है ताकि मिट्टी केकलाकारों की कला को आधुनिक बाजार में नई पहचान मिले। कुम्हार समाज हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। वे मिट्टी सेभगवान बनाते हैं, घरों को रोशनी से भरते हैं और हर शुभ कार्य की शुरुआत उनके बनाए दीपक से होती है कुम्हार समाज के गौरव को लौटाने का संकल्पसमाज कल्याण मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने कुम्हार समाज की अनदेखी की, लेकिन दिल्ली सरकार उनके साथ है।सरकार उनका तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक उत्थान सुनिश्चित करने के लिए नई योजनाएँ बना रही है। उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज की मेहनत और कला को सही मंचदेना सरकार की प्राथमिकता है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस परंपरा को आगे बढ़ा सकें। स्थानीय कारीगर ही हैं विकसित दिल्ली की नींवकार्यक्रम के अंत में रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब हर कलाकार, हर दुकानदार और हर कारीगरआत्मनिर्भर होगा। हम सबको मिलकर लोकल को ग्लोबल बनाना है। यह सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि देशभक्ति है। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रहकिया कि इस दीवाली विदेशी सजावटी वस्तुओं की जगह देशी मिट्टी के दीये खरीदें, क्योंकि यही दीये देश की आत्मा और मेहनतकश हाथों कीपहचान हैं। दीवाली की रोशनी में झलकेगा लोकल गर्वइस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि वोकल फॉर लोकल सिर्फ आर्थिक पहल नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव है।रविन्द्र इन्द्राज सिंह की पहल ने न केवल स्थानीय कारीगरों के चेहरों पर मुस्कान लाई, बल्कि यह भी साबित किया कि विकसित दिल्ली का रास्तालोकल कलाकारों और जनता के सहयोग से ही होकर गुजरता है। ‎<This message was edited> पटाखे नहीं, उम्मीदों के दीये जलाएं‘दीवाली मंगल मिलन’ समारोह में दिया पर्यावरण-संवेदनशील उत्सव मनाने का संदेश, कहा खुशियाँ मनाएँ लेकिन प्रकृति का भी रखें ध्यान – विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता

गुजरात में किसानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ “AAP” की आवाज – अरविंद केजरीवाल का बयान

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में किसानों और पार्टी के नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दीहै। उन्होंने कहा कि 30 साल से सत्ता में बैठी भाजपा सरकार किसानों की आवाज दबाने में लगी है। उन्होंने गिरफ्तारी और दमन की निंदा करते हुएकहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी।गुजरात में किसानों और AAP नेताओं की गिरफ्तारीकेजरीवाल ने बताया कि गुरुवार को गुजरात पुलिस ने आम आदमी पार्टी के दो नेताओं प्रवीण राम और राजू करपड़ा को गिरफ्तार किया। ये दोनों नेताकिसानों के अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल थे। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज दबाने के लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिनAAP इसे सहन नहीं करेगी। किसान आंदोलन और उनकी मुख्य मांगेंअरविंद केजरीवाल ने विस्तार से बताया कि 12 अक्टूबर को बोटाद जिले के हड़दड़ गांव में किसानों की महापंचायत हुई। इसमें दो मुख्य मुद्दे सामनेआए-करदा प्रथा के खिलाफ कार्रवाई – इस प्रथा में व्यापारी पहले तो तय दाम पर फसल लेते हैं, लेकिन बाद में किसान को कम दाम देते हैं। इससे किसानबेइमानी और नुकसान झेलते हैं। किसानों की मांग है कि तय दाम पर पूरी फसल खरीदी जाए।, एपीएमसी मंडी में फसल की खरीदी सुनिश्चित करना – कानून कहता है कि किसान अपनी फसल सरकारी मंडी में बेच सके। लेकिन व्यापारी अक्सर किसानों को 30-40 किलोमीटर दूर फसल ले जाने केलिए कहते हैं, जिससे किसान को ट्रांसपोर्ट खर्च उठाना पड़ता है। किसानों की मांग है कि मंडी में ही पूरी फसल खरीदी जाए। केजरीवाल ने कहा किइन मांगों के लिए किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। इसकेअलावा, 85 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गुजरात की भाजपा सरकार पर कड़ी आलोचनाकेजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पिछले 30 साल से सत्ता में बैठी सरकार को अहंकार हो गया है। उन्होंने 1985-87 के कांग्रेस शासन काउदाहरण देते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने किसानों का दमन किया था, तो जनता ने उसे अगले चुनाव में उखाड़ फेंका था। अब वही स्थिति भाजपा परभी लागू होती दिख रही है। उन्होंने चेताया कि अगर भाजपा ने किसानों के खिलाफ दमन जारी रखा, तो जनता अगले चुनाव में इसे माफ नहीं करेगी। AAP का रुख और समर्थनअरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हर स्तर पर किसानों के आंदोलनका समर्थन करेगी। अगर सरकार चाहती है कि केस किया जाए, तो AAP नेताओं पर केस करें, लेकिन गरीब किसानों पर लगे सभी केस तुरंत वापसलिए जाएं। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद जेल का सामना किया है, लेकिन कभी डर नहीं पाया। किसानों और जनता के लिए संदेशकेजरीवाल ने किसानों और आम जनता से अपील की कि वे एकजुट हों और अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरें। उनका संदेश था कि अहंकार करनेसे सरकार का कोई भला नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज किसानों पर जो अत्याचार हुआ, उसका हिसाब भविष्य में भाजपा को भुगतना पड़ सकताहै।

जस्टिस बी.आर. गवई पर गलत आरोपों पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया – सौरभ भारद्वाज का बयान

दिल्ली में ग्रीन पटाखों पर लगी पाबंदी हटने के बाद आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशबी.आर. गवई के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने जस्टिस गवई को सनातन कादुश्मन कहकर अपमानित किया और गालियां दीं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब उन लोगों को देश और जस्टिस गवई से माफी मांगनी चाहिए। जस्टिस गवई का फैसला और उसका महत्वसौरभ भारद्वाज ने बताया कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर से लगी पाबंदी हटा दी।उनका कहना था कि यह फैसला समय और परिस्थितियों के अनुसार लिया गया और यह न्यायिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा किन्यायालय के फैसलों को लेकर व्यक्तिगत आरोप लगाना या जज पर हमला करना पूरी तरह गलत है। गलत आरोप और अपमान पर कड़ी प्रतिक्रियासौरभ भारद्वाज ने उन लोगों की निंदा की जिन्होंने जस्टिस गवई को सनातन का दुश्मन कहकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी जज केखिलाफ गाली-गलौज करना, जूताबाजी करना और सोशल मीडिया पर मीम बनाना बिल्कुल अनुचित है। उनका कहना था कि न्याय की कुर्सी पर बैठेव्यक्ति का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। सुप्रीम कोर्ट का पिछला फैसलासौरभ भारद्वाज ने यह भी याद दिलाया कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी। लेकिन जब प्रदूषण का स्तर बढ़ा, तो उसी कोर्ट नेदिल्ली-एनसीआर में सभी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। अब जस्टिस गवई ने पुराने फैसले को देखते हुए पटाखों पर से बैन हटा दिया। उनकाकहना था कि यह फैसला समय और परिस्थिति के अनुसार लिया गया है और इसे सनातन विरोधी मानना गलत है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति में भारी वृद्धि, मोदी सरकार की कथनी और करनी में फर्क उजागर – सुप्रिया श्रीनेत ने उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस का आरोप – दुबे दंपती की संपत्ति में 15 वर्षों में चौंकाने वाली बढ़ोतरीकांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम की संपत्ति में पिछले15 वर्षों में हुई भारी वृद्धि पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि यह मामला मोदी सरकार के भ्रष्टाचार मिटाने के दावों को पूरी तरह झूठा साबित करता है। पार्टी का कहना है कि जब विपक्षीनेताओं के खिलाफ हर छोटी बात पर जांच बैठा दी जाती है, तो भाजपा नेताओं की बेहिसाब संपत्ति पर सरकार मौन क्यों है? दुबे दंपती से मांगा स्पष्टीकरणकांग्रेस की प्रवक्ता और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने यह मामला विस्तार से रखा।उन्होंने निशिकांत दुबे औरउनकी पत्नी की संपत्ति में हुई तेज़ वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सामान्य नहीं हो सकता। श्रीनेत ने कहा कि पार्टी दुबे दंपती से स्पष्टस्पष्टीकरण चाहती है और इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग करती है। संपत्ति में असामान्य उछाल – 50 लाख से 31 करोड़ तक का सफरकांग्रेस प्रवक्ता ने दुबे के चुनावी हलफनामों और उनकी पत्नी के आयकर रिटर्न का हवाला देते हुए कहा कि 2009 में अनामिका गौतम के पास 50 लाख रुपये की चल संपत्ति थी, जबकि कोई अचल संपत्ति नहीं थी। 2014 में उनकी चल संपत्ति 1.03 करोड़ और अचल संपत्ति 5.53 करोड़ रुपयेहो गई। 2019 में चल संपत्ति 3.72 करोड़ और अचल संपत्ति 9.33 करोड़ रुपये तक पहुंची। 2024 में दुबे की पत्नी की कुल संपत्ति 40 करोड़ रुपयेदिखाई गई, जिसमें से आठ करोड़ रुपये विभिन्न लोगों से लिए गए ऋण के रूप में दर्शाए गए। ऋण घटाने के बाद कुल संपत्ति 31.32 करोड़ रुपयेबताई गई। आय में 54 गुना की वृद्धि पर कांग्रेस का सवालसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि 2013-14 में निशिकांत दुबे की पत्नी की वार्षिक आय करीब चार लाख रुपये थी, जो 2017-18 में बढ़कर 2.16 करोड़ रुपये हो गई। यानी केवल चार वर्षों में आय में 54 गुना वृद्धि।उन्होंने कहा कि जब संपत्ति 31 करोड़ रुपये तक पहुंची, तब उनकी वार्षिक आय2.63 करोड़ रुपये बताई गई। श्रीनेत ने कहा कि आय और संपत्ति के बीच कोई तार्किक संबंध नहीं है, और यह साफ तौर पर आय से अधिक संपत्तिअर्जित करने का मामला है। संदिग्ध ऋण और झूठे दावे पर उठे सवालकांग्रेस प्रवक्ता ने 2024 के हलफनामे में दिखाए गए 8.28 करोड़ रुपये के ऋण पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि यह चार अलग-अलगव्यक्तियों से लिया गया असुरक्षित ऋण बताया गया है, यानी इसके बदले कोई गारंटी या संपत्ति नहीं रखी गई। श्रीनेत ने बताया कि दुबे ने दावाकिया था कि अभिषेक झा नामक व्यक्ति ने उन्हें एक करोड़ रुपये का ऋण दिया है, जबकि अभिषेक झा ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज करदिया। झा ने खुद निशिकांत दुबे के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।श्रीनेत ने कहा कि यह विरोधाभास इस बात का संकेत हैकि यह ऋण कागज़ी हो सकता है और वास्तविक लेन-देन नहीं हुआ। भाजपा की चुप्पी और दोहरे मानदंड पर सवालसुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व से सवाल किया कि जब विपक्षी नेताओं पर बिना सबूत जांच बैठाईजाती है, तो भाजपा सांसदों पर क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि यह मामला भाजपा की ईमानदारी की राजनीति का वास्तविक चेहरा उजागर करता है।मोदी सरकार अपने नेताओं पर कार्रवाई करने से बचती है, जबकि विपक्ष को बदनाम करने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। श्रीनेत ने कहा, येघटनाएं साबित करती हैं कि मोदी सरकार का ‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ का नारा सिर्फ चुनावी जुमला है। लोकपाल की कार्यवाही पर भी उठे सवालसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि 24 मई 2025 को लोकपाल में निशिकांत दुबे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज हुई थी। इसके बाद 24 जुलाईको लोकपाल की पूर्ण पीठ ने दुबे को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने का आदेश दिया था।उन्होंने सवाल उठाया कि आज तक यह स्पष्ट नहीं है किदुबे ने कोई जवाब दिया भी या नहीं, और लोकपाल ने आगे क्या कार्रवाई की। कांग्रेस की मांग – पारदर्शी जांच और जवाबदेहीप्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह सिर्फ एक सांसद या उनकी पत्नी का मामला नहीं, बल्कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न है।उन्होंने कहा कि यदि मोदी सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है, तो उसे निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी की संपत्ति की निष्पक्ष जांच करानीचाहिए। श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़कों तक उठाएगी, ताकि देश के नागरिकों को सच्चाई पता चल सके।