सम्मान नहीं, सिर्फ आरोप मिले’ मनसे से प्रकाश महाजन ने दिया इस्तीफा पार्टी में अनदेखी का लगाया आरोप

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया गया जबकिउनकी कम से कम उम्मीदें थीं. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता दिवंगत प्रमोद महाजन के भाई प्रकाश महाजन ने एक वीडियो संदेश में अपने फैसलेकी घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उनके काम के लिए उन्हें कभी प्रशंसा नहीं मिली, बल्कि उन गलतियों के लिए उन्हें दोषी ठहराया गयाजो उन्होंने कभी नहीं कीं. उन्होंने अपने इस कदम के लिए राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे में सम्मान की कमी को जिम्मेदार ठहराया उन्होंने कहा किउनकी किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. वीडियो में प्रकाश महाजन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मुझे लग रहा था कि कहींन कहीं रुकना जरूरी है पहलगाम की घटना के बाद मुझे रुक जाना चाहिए था. लेकिन उस समय मुझे लगा कि हालात सुधर जाएंगे. प्रचार के दौरान किया इस्तेमालनिजी तौर पर कहूं तो मेरी उम्मीदें सीमित हैं मैं जिस भी पार्टी में रहा, मुझे कभी चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं रही और न ही कोई पद चाहिए था. हिंदुत्वकी रक्षा ही मेरी एकमात्र भावना थी लेकिन उम्मीदें कम रखने के बावजूद मुझे बहुत नज़रअंदाज़ किया गया. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरानमुझसे कभी सलाह नहीं ली गई विधानसभा चुनाव के दौरान मुझे केवल प्रचार के लिए इस्तेमाल किया गया. मैंने ईमानदारी से दी गई जिम्मेदारियों कोनिभाया. मुझे मेरे काम के लिए कभी प्रशंसा नहीं मिली, बल्कि मुझे उन गलतियों के लिए दोषी ठहराया गया जो मैंने कभी की ही नहीं थीं. उन्होंने कहाकि मैं मनसे नेता अमित ठाकरे से माफी मांगता हूं मैंने उनसे वादा किया था कि मैं न सिर्फ उनके साथ, बल्कि उनके बेटे के साथ भी काम करूंगा. लेकिन दुर्भाग्य से हालात ऐसे हैं कि मैं अपना वादा नहीं निभा सकता कभी-कभी किसी व्यक्ति को वो नहीं मिलता जिसका वो हक़दार होता है और येकिस्मत की बात है. पद छोड़ने का लिया फैसलामहाजन ने कहा कि उन्होंने बढ़ती उम्र और पार्टी में सम्मान की कमी के कारण पद छोड़ने का फैसला किया है. मैं पिछले कुछ साल से मनसे में हूं जबभाजपा नेता नारायण राणे ने मुझे धमकी दी थी, तब पार्टी ने मेरा समर्थन नहीं किया मुझे यह भी लगा कि कुंभ मेले पर राज ठाकरे के विचार औरपहलगाम आतंकी हमले के बाद की टिप्पणियां अनुचित थीं. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता दिवंगत प्रमोद महाजन के भाई प्रकाश महाजन ने एकवीडियो संदेश में अपने फैसले की घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में उनके काम के लिए उन्हें कभी प्रशंसा नहीं मिली, बल्कि उन गलतियोंके लिए उन्हें दोषी ठहराया गया जो उन्होंने कभी नहीं कीं.
औरंगजेब को ‘कुशल प्रशासक’ बताने पर विवाद, कुलगुरु सुनीता मिश्रा घिरीं आलोचनाओं में

उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर सुनीता मिश्रा इन दिनों अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गई हैं. शुक्रवारको बप्पा रावल सभागार में आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने इतिहास के संदर्भ में कहा कि हिस्टोरिकल पर्सपेक्टिव से हम महाराणा प्रताप, पृथ्वीराजचौहान और अकबर जैसे राजाओं के बारे में सुनते हैं. हम कई अच्छे राजाओं को याद रखते हैं और कुछ औरंगजेब जैसे भी थे, जो एक कुशल प्रशासकथा। उनके इस बयान ने विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कुलगुरु के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. एबीवीपी उदयपुर महानगर मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को ऐतिहासिक तथ्यों पर टिप्पणी करतेसमय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं और विद्यार्थी परिषद इसकी कड़ी निंदा करती है. प्राचीन ज्ञान परंपरा इतनी सशक्तयह विवादास्पद टिप्पणी तब सामने आई जब प्रो. मिश्रा ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली: विकसित भारत 2047 के लिए रोडमैप’ विषय पर आयोजित सेमिनारमें मुख्य अतिथि के रूप में विचार रख रही थीं. इस कार्यक्रम का आयोजन गुरु नानक कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय और एसोसिएशन ऑफ कॉमर्सएंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था. अपने संबोधन में प्रो. मिश्रा ने कहा कि भारत की जीवंत परंपराएं हमें जीवन जीने का सही तरीकासिखाती हैं. उन्होंने बताया कि हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा इतनी सशक्त है कि उसने दुनिया की बड़ी चुनौतियों का सामना करने की क्षमता दी है उनकाकहना था कि आज विश्व में कोई भी देश भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का मुकाबला नहीं कर सकता. राजनीतिक हलकों में भी बहस का विषयहालांकि, प्रो. मिश्रा के भाषण का सकारात्मक पक्ष फीका पड़ गया और सारी चर्चा उनके उस बयान पर सिमट गई जिसमें उन्होंने औरंगजेब को ‘कुशलप्रशासक’ बताया अब यह बयान न केवल शैक्षणिक जगत बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस का विषय बन गया है. मोहनलाल सुखाड़ियाविश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर सुनीता मिश्रा के औरंगजेब पर दिए बयान और महाराणा प्रताप-अकबर पर की टिप्पणी को लेकर बवाल मच गयाहै. एबीवीपी ने इसे लेकर कड़ी निंदी की है.
मणिपुर में शांति की नई पहल पीएम मोदी ने की अपील, विस्थापितों के लिए 500 करोड़ का किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र शनिवार (13 सितंबर) को मणिपुर पहुंचे यहां पीएम ने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए दो साल से फैले तनाव और हिंसा केमुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि विकास के लिए शांति जरूरी है और मणिपुर आशा और शांति की भूमि है. पीएम ने अपील की कि मणिपुर कीजनता हिंसा से आगे बढ़कर शांति का साथ दे, ताकि विकास हो सके इतना ही नहीं उन्होंने विस्थापितों के लिए 500 करोड़ रुपये के पैकेज का एलानकिया साथ ही बिजली की समस्या को सुलझाने और राज्य को बेहतर तरह से जोड़ने का वादा किया. पीएम के पूरे भाषण के केंद्र में दो विषय रहे।पहला- शांति की अपील और दूसरा विकास। ऐसे में यह जानना अहम है कि जिस मणिपुर में हिंसा को शुरू हुए दो साल हो चुके हैं, वहां अब क्याहालात हैं? बीते दो साल में ऐसा क्या-क्या हुआ है कि पीएम मोदी को यहां अब भी शांति की अपील करनी पड़ रही है? तनाव के इस माहौल के बीचप्रधानमंत्री का मणिपुर दौरा क्यों और कैसे संभव हो पाया? मणिपुर के कुल क्षेत्रफल का 10 फीसदी ही हैइसके अलावा उनकी सुरक्षा के लिए क्या-क्या इंतजाम किए गए?मणिपुर में मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों के बीच तनाव का दौर2022 के अंतिम महीनों से ही शुरू हो गया था. हालांकि, यह चरम पर तब पहुंचा जब मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वहमैतेई समुदाय को लंबे समय से लंबित पड़ी उनकी अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल करने की मांग पर विचार करे. हाईकोर्ट के इस आदेश केबाद मणिपुर के दूसरे जनजातीय समुदायों खासकर कुकी समुदाय में डर बैठ गया कि उनके रहने वाले क्षेत्रों खासकर संरक्षित पहाड़ी क्षेत्रों में मैतेईसमुदाय को बसने की इजाजत मिल जाएगी.दरअसल, राज्य में मैतेई समुदाय के लोगों की संख्या करीब 60 प्रतिशत है ये समुदाय मुख्यतः हिंदू है और इंफाल घाटी और उसके आसपास केइलाकों में बसा हुआ है. हालांकि, इतनी बड़ी आबादी जिस क्षेत्र में बसी है, वह पूरे मणिपुर के कुल क्षेत्रफल का 10 फीसदी ही है. न्यायालय ने सरकार को नए निर्देश दिए थेदूसरी तरफ कुकी-जो और नगा समुदाय, जो कि मुख्यतः ईसाई धर्म से हैं और राज्य में मैतेई से कम हैं, वह 90 फीसदी इलाके में फैले हैं. मौजूदाकानून के तहत मैतेई समुदाय को राज्य के पहाड़ी इलाकों में बसने की इजाजत नहीं है यही वजह है कि मैतेई समुदाय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करउन्हें जनजातीय वर्ग में शामिल करने की गुहार लगाई थी. अदालत में याचिकाकर्ता ने कहा कि 1949 में मणिपुर की रियासत के भारत संघ में विलयसे पहले मैतेई समुदाय को एक जनजाति के रूप में मान्यता थी इसके बाद ही उच्च न्यायालय ने सरकार को नए निर्देश दिए थे. हाईकोर्ट के आदेश केमहज कुछ हफ्ते के अंदर ही मणिपुर में हिंसा की चिंगारी भड़क उठी इसकी शुरुआत 3 मई 2023 को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर(एटीएसयूएम) की तरफ से किए गए ट्राइबल सॉलिडैरिटी मार्च के साथ हुई इस मार्च के दौरान मणिपुर के पहाड़ी जिलों में कोर्ट के निर्देश के खिलाफप्रदर्शन भी शुरू हो गए. देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गए और चुराचांदपुर से होते हुए पूरे राज्य में फैल गए.
मराठा-ओबीसी आरक्षण विवाद पर गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, संजय राउत की CM फडणवीस से संवाद की अपील

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे तनाव के बीच राज्यभर की सियासत को गर्म कर रखा है ऐसे में अब शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजयराउत ने शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वे मराठा और ओबीसी समुदायों के नेताओं से संवाद करें और आरक्षणको लेकर उत्पन्न अशांति को खत्म करें राउत ने कहा कि आरक्षण विवाद की वजह से राज्य में आत्महत्याओं की घटनाएं हो रही हैं. बता दें कि महाराष्ट्रसरकार ने दो सितंबर को एक सरकारी आदेश जारी किया था, जिसके तहत मराठा समुदाय के योग्य सदस्य कुनबी जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदनकर सकते हैं इससे ओबीसी समुदाय में असंतोष फैल गया है क्योंकि मराठा भी ओबीसी आरक्षण का दावा कर सकेंगे. मुद्दों को लेकर असंतोष नहींइसी सिलसिले में विवाद ज्यादा तब बढ़ गया जब कथित तौर पर लातूर जिले के 35 वर्षीय भरत कराड ने इस विवाद से जुड़ी चिंता के कारणआत्महत्या कर ली। इसको लेकर राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री को मराठवाड़ा में प्रेस वार्ता कर आरक्षण विवाद से जुड़ी जनता की चिंताओं का समाधानकरना चाहिए. इस मौके पर मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे और ओबीसी नेता तथा एनसीपी मंत्री छगन भुजबल को भी शामिल करना जरूरी है. इसकेसाथ ही संजय राउत ने कांग्रेस के शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (एमएनएस) के बीच गठबंधन की चर्चाओं को लेकर कहा किकांग्रेस में इस मुद्दे को लेकर कोई असंतोष नहीं है. लोकसभा चुनाव को लेकर होगा महत्वपूर्णउन्होंने बताया कि दोनों दलों के बीच बातचीत जारी है और यह गठबंधन लोकसभा चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण होगा. गौरतलब है कि शिवसेना(यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) मिलकर महाराष्ट्र की विपक्षी महा विकास अघाड़ी गठबंधन चला रहे हैं. मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र मेंतनाव बढ़ता जा रहा है शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की है कि वे मराठा और ओबीसी नेताओं से संवादकर शांति स्थापित करें. लातूर में आत्महत्या की घटना के बाद राउत ने मराठवाड़ा में प्रेस वार्ता कर विवाद सुलझाने की मांग की.
गांधी की सोच, मोदी का जोश’ साइना नेहवाल और विजेंद्र सिंह युवा दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, युवा दौड़ में 5000 बच्चे भाग लेंगे

बेडमिन्टन खिलाडी पद्म भूषण साइना नेहवाल और बॉक्सर पद्मश्री विजेंद्र सिंह गांधी स्मृति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर 14 सितंबर, 2025 को आयोजित युवा दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौड़ में 5000 बच्चे भाग लेंगे। दौड़ की थीम ‘गाँधी की सोच मोदी का जोश’ रखी गयी है। यह दौड़ नेशनल स्टेडियम से आरम्भ होकर गांधी स्मृति पंहुचकर सम्पन्न होगी. भारत सभी मोर्चों पर प्रगति कर रहाइस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए गांधी स्मृति के उपाध्यक्ष, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय गोयल ने बताया कि इस दौड़ में शामिल हर प्रतिभागी की टी-शर्टके पीछे यह लिखा होगा कि गांधी के किन किन विचारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी योजनाओं में कार्यान्वित किया है. गोयल ने कहा किप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के अध्यक्ष भी हैं देश के प्रधानमंत्री रहते हुए जिस तरीके से उन्होंने गांधी के आदर्शों को अपनायाहै और अपने कार्यों में आत्मसात किया है वो सराहनीय है यह हम सब के लिए प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व मेंभारत सभी मोर्चों पर प्रगति कर रहा है. आगे बढ़ने की कोशिश करेंगोयल ने कहा कि प्रतिभागी बच्चों के हाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन योजनाओं के प्लेकार्ड होंगे, जो महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर लागू हुई है, जैसे स्वच्छता, शौचालयों का निर्माण, आत्मनिर्भरता ,स्वदेशी ,महिला सशक्तिकरण, गरीब उत्थान इत्यादि.गोयल ने कहा दौड़ में भाग लेने वाले अधिकांश बच्चें स्लम क्षेत्रों से आते हैं.गोयल ने ये भी कहा की भाग लेने वाले हरेक बच्चे को एक टी शर्ट व मेडल दिया जायेगा, ताकि जिंदगी के अंदर उनका उत्साह रहे और वे और आगेबढ़ने की कोशिश करें.
सौरभ भारद्वाज ने उठाई बड़ी आवाज – पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना शहीदों के अपमान के बराबर

आम आदमी पार्टी ने भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले क्रिकेट मैच का जोरदार विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि पाकिस्तान ने हालही में कश्मीर में घुसकर हमारे भाइयों का खून बहाया, हमारी माताओं और बहनों का सिंदूर उजाड़ा, और अब उन्हीं के साथ क्रिकेट खेलना बहुत हीशर्मनाक है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने साफ कहा कि खून और खेल कभी भी एक साथ नहीं चल सकते। आम आदमी पार्टी का विरोध प्रदर्शनआज आम आदमी पार्टी मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की।कार्यक्रम की अध्यक्षता सौरभ भारद्वाज ने की। इस विरोध प्रदर्शन में बुराड़ी से विधायक संजीव झा, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार, किराड़ी सेपूर्व विधायक ऋतुराज झा, जंगपुरा से पूर्व विधायक प्रवीण देशमुख, यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष पंकज गुप्ता और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। सबनेमिलकर पाकिस्तान मुर्दाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए। भाजपा सरकार पर सौरभ भारद्वाज का हमलासौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हमारे शहीदोंकी शहादत का सौदा किया है। कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान ने हमारे दर्जनों लोगों की जान ली, उनकी हत्या की और हमारे घरों को उजाड़ा। ऐसे देशके साथ क्रिकेट खेलना शहीदों की आत्मा के साथ धोखा है। सोशल मीडिया पोस्ट पर गुस्सासौरभ भारद्वाज ने एक पोस्टर भी दिखाया। इसमें पाकिस्तान आर्मी चीफ़ एक भारतीय महिला की मांग में सिंदूर भरते हुए नजर आ रहा था। उन्होंनेबताया कि यह पोस्ट एक पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अपने इंस्टाग्राम पर डाला है। यह पोस्ट कश्मीर की उन विधवा महिलाओं का मजाक उड़ाने के लिएकिया गया था, जिनके पति पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद में शहीद हुए। सौरभ भारद्वाज ने इसे पाकिस्तान की घटिया सोच और घिनौनीमानसिकता बताया। खून और खेल साथ नहीं – सौरभ भारद्वाजसौरभ भारद्वाज ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकियों ने हमारे भाइयों का खून बहाया और अब उन्हीं के साथ क्रिकेट मैच खेला जा रहा है। उन्होंने साफशब्दों में कहा कि खून और खेल कभी भी साथ नहीं चल सकते। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम से भी अपील की कि वे पाकिस्तान के साथ न खेलें औरदेशवासियों से अनुरोध किया कि वे इस मैच का बहिष्कार करें। बार और क्लबों को चेतावनीसौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि जो बार या क्लब भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले इस मैच का प्रसारण करेंगे, आम आदमी पार्टी उनका भीविरोध करेगी। उन्होंने कहा कि यह समय देशभक्ति दिखाने का है, न कि पाकिस्तानियों के साथ क्रिकेट का आनंद लेने का।सौरभ भारद्वाज और आम आदमी पार्टी का संदेश साफ है जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता रहेगा और हमारे सैनिकों व नागरिकों का खूनबहाता रहेगा, तब तक उसके साथ क्रिकेट या किसी भी खेल का आयोजन करना शहीदों के बलिदान का अपमान है। यह सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की अस्मिता और शहीद परिवारों की भावनाओं से जुड़ा हुआ मामला है।
दिल्ली को अपराध की राजधानी न बनने दें – संजीव झा

डबल इंजन सरकार के दावों पर सवालआम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब दिल्लीमें चुनाव हो रहे थे, तब भाजपा के नेता बार-बार यह कहते थे कि अगर डबल इंजन की सरकार बनेगी तो दिल्ली में विकास होगा, अपराध कम होंगेऔर जनता को राहत मिलेगी। भाजपा नेताओं का दावा था कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तालमेल से राजधानी में सब कुछ ठीक हो जाएगा।लेकिन अब चुनाव के सात महीने बीत चुके हैं और हालात बिल्कुल अलग हैं। दिल्ली की स्थिति लगातार खराब हो रही है और लोग डर और असुरक्षाके माहौल में जी रहे हैं। राजधानी में अपराध की बढ़ती घटनाएँसंजीव झा ने कहा कि दिल्ली में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। हर दिन कहीं न कहीं हत्या, चोरी, बलात्कार या अन्य गंभीर अपराध कीखबर आती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कल ही करावल नगर में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इससे पहले बुराड़ी में भी हत्या की घटनाहुई थी। दिल्ली हाई कोर्ट में बम रखे जाने की खबर ने लोगों को डरा दिया। इसके अलावा आए दिन स्कूलों में बम प्लांट की अफवाहें फैलती रहतीहैं। ऐसी खबरें सुनकर माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरते हैं। राजधानी में रहने वाले लोग रोज़मर्रा की जिंदगी में असुरक्षित महसूस कर रहेहैं। अपराध के आंकड़े डराने वालेसंजीव झा ने दिल्ली पुलिस के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा कि केवल पाँच महीनों में ही 1 लाख 18 हजार 22 अपराध दर्ज किए गए हैं। इतनेकम समय में इतने अधिक मामले दर्ज होना बहुत चिंता की बात है। यह आंकड़ा दिखाता है कि सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह असफल है। अगरराजधानी में अपराध का यह हाल है तो देश की छवि पर भी बुरा असर पड़ता है। गृह मंत्री आशीष सूद के बयान पर तंजसंजीव झा ने दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद को भी घेरा। उन्होंने कहा कि आशीष सूद ने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि पहले अपराध इसलिएहोते थे क्योंकि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में तालमेल नहीं था। लेकिन अब तो दोनों सरकारों के बीच पूरा तालमेल है। ऐसे में अपराध कैसे बढ़रहे हैं? अगर तालमेल होने के बावजूद अपराध नहीं रुक रहे तो जिम्मेदारी किसकी है? उन्होंने कहा कि सरकार केवल बहाने बनाती है, जबकि जनताअपराध और डर का सामना कर रही है। जनता की हालत और बदहालीसंजीव झा ने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने के बाद जनता की परेशानियाँ कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ घर सेबाहर जाने में डरती हैं, बच्चे स्कूल जाने में डरते हैं और आम लोग दिन-रात असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है।अगर यहां लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो बाकी राज्यों के हालात की कल्पना की जा सकती है। दिल्ली में बढ़ते अपराधों से न केवलदिल्लीवासियों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि पूरे देश की छवि पर बुरा असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सीधा सवालसंजीव झा ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से भी सीधे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि आप दोनों दिल्ली में ही रहते हैं। अगर दिल्ली को ही आप सुरक्षित नहींबना पा रहे तो यह देश और दुनिया के सामने शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कानून-व्यवस्था पर ध्यान देऔर अपराध पर रोक लगाए। दिल्ली को अपराध की राजधानी बनने से रोकना ही सरकार की जिम्मेदारी है। अपराध रोकने के लिए ठोस कदम जरूरीसंजीव झा ने के अंत में कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार को अब मिलकर तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। जनता को सुरक्षित माहौल देना ही सरकारकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश की प्रतिष्ठा का सवाल है। अगर दिल्लीसुरक्षित होगी तो देश की छवि भी सुरक्षित रहेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस पर तुरंत ध्यान देगी और लगातार बढ़ रही घटनाओं पर सख्ती सेकाम करेगी।
सीपी राधाकृष्णन ने ली देश के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ, दक्षिण भारत से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर प्रेरणादायक

सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 67 वर्षीय राधाकृष्णनको शपथ दिलाई राजग उम्मीदवार राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराकरउपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत था. 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव हुआथा. आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपाइससे पहले उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया था गुरुवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारीबयान में यह जानकारी दी गई थी. राष्ट्रपति मुर्मू ने राधाकृष्णन के इस्तीफे के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभारसौंपा है. देवव्रत अब दोनों राज्यों के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे.संसद के हालिया मानसून सत्र के दौरान जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उनकाकार्यकाल दो साल बचा हुआ था उनके इस्तीफे के कारण मध्यावधि चुनाव कराया गया. देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए सीपी राधाकृष्णन की उपराष्ट्रपति पद की तक यात्रा असाधारण रही है इस सफर की शुरुआत छात्र आंदोलन से हुईऔर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव के बाद इसका विस्तार राष्ट्रीय फलक तक हुआ. संघ से सक्रिय राजनीति में आए सीपी राधाकृष्णन ने भाजपा मेंसंगठन में लंबे समय तक काम किया। 2004 से 2007 तक वह तमिलनाडु प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे. इस दौरान 2007 में उन्होंने 93 दिनों में19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा की इसका मकसद देश की नदियों को जोड़ना, आतंकवाद का उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करना, अस्पृश्यता निवारण और मादक पदार्थों के खतरों से निपटना था. भाजपा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई2020 से 2022 तक वह केरल भाजपा के प्रभारी भी रहे। उन्हें संगठन और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ वाला नेता माना जाता है. विनम्र औरसुलभ नेता की छवि रखने वाले राधाकृष्णन को उनके समर्थक तमिलनाडु का मोदी कहकर पुकारते हैं.ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार (गाउंडर) से आने वाले राधाकृष्णन की शादी सुमति से हुई है और उनके एक बेटा व एक बेटी हैं। उपराष्ट्रपति पद केलिए एनडीए के प्रत्याशी चुने जाने से पहले तक वह महाराष्ट्र के राज्यपाल थे वह पिछले साल जुलाई में महाराष्ट्र के राज्यपाल बने थे इससे पहले, फरवरी 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. झारखंड के राज्यपाल रहते उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभाला राधाकृष्णन ने दक्षिण भारत में भाजपा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
मणिपुर दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, ₹8500 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास और लोकार्पण, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर दौरे पर जाएंगे। वे यहां 8500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. मणिपुर केमुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री सबसे पहले मिजोरम से चुराचांदपुर पहुंचेंगे और फिर इंफाल जाएंगे. वहीं पीएम मोदी के दौरेसे पहले गुरुवार शाम को कुकी बहुल चुराचंदपुर जिले में दो स्थानों पर उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई. मणिपुर के मुख्य सचिव ने कहाकि मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक कीलागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. जबकि 1200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटनकरेंगे उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की 13 सितंबर की मणिपुर यात्रा राज्य में शांति, सामान्य स्थिति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी. पीएम मोदी चुराचांदपुर और इम्फाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शनिवार को संभावितमणिपुर दौरे से पहले इंफाल और चुराचांदपुर में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं प्रधानमंत्री के मणिपुर दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिकघोषणा नहीं की गई है लेकिन उनके मिजोरम यात्रा के बाद मणिपुर पहुंचने की संभावना है.राज्य में प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर तैयारियां काफी तेजी से चल रही हैं इंफाल में करीब 237 एकड़ में फैले कांगला किले और चुराचांदपुर के पीसग्राउंड के आसपास बड़ी संख्या में राज्य और केंद्रीय बलों के जवान तैनात किए गए हैं वहां पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए एक भव्य मंच कानिर्माण भी किया जा रहा है इसी क्रम में राज्य में कई बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं मई 2023 में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीयहिंसा भड़कने के बाद मोदी की यह पहली मणिपुर यात्रा होगी. राज्य में महीनों जारी रही हिंसा में 250 से ज्यादा लोग मारे गए और हजारों बेघर होगए. राज्य कर्मचारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा दल कांगला किले का चौबीसों घंटे निरीक्षण कर रहे हैं और राज्य आपदा प्रबंधन बल की नौकाओं को किलेके चारों ओर की खाइयों में गश्त के लिए लगाया गया है. 1891 में रियासत के विलय से पहले कांगला किला तत्कालीन मणिपुरी शासकों की सत्ताका प्राचीन केंद्र हुआ करता था तीन तरफ खाइयों और पूर्वी तरफ इंफाल नदी से घिरा यह किला एक बड़े पोलो मैदान, जंगल, मंदिरों के खंडहर औरराज्य पुरातात्विक कार्यालयों से घिरा है. एक केंद्रीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया, किसी अवांछित सामग्री का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों औरउन्नत उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है सुरक्षाकर्मी बारी-बारी से किले के बाहरी इलाके और परिसर में पैदल गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भीअवांछित वस्तु या व्यक्ति की जांच की जा सके किले में पर्यटकों के आने-जाने को प्रतिबंधित कर दिया गया है एक अन्य अधिकारी ने कहा किअधिकतम अलर्ट जारी कर दिया गया है और उच्च पदस्थ अधिकारियों की निगरानी में निरंतर अभ्यास चल रहा है। स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिएसुरक्षा अधिकारियों की दैनिक बैठकें भी चल रही हैं.
रायबरेली में दिशा बैठक के दौरान राहुल गांधी और मंत्री दिनेश प्रताप सिंह में तीखी नोकझोंक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की रायबरेली में दिशा (जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति) कीबैठक में कहासुनी हो गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मंत्री ने बाहर आकर बताया कि वो (राहुल गांधी) अलग-अलग मुद्दोंको लेकर चर्चा करना चाहते थे इस पर मैंने कहा कि दिशा के जो नियम हैं चर्चा उसके तहत ही होगी. दिनेश के अनुसार, राहुल कह रहे थे कि वो दिशाके अध्यक्ष हैं जिस पर मैंने जवाब दिया कि अगर मुद्दे पर बात करेंगे और परिधि में रहेंगे तो ही अध्यक्ष हैं दिशा के जो 43 कार्यक्रम हैं बैठक में उन्हीं परचर्चा होगी। उसके बाहर चर्चा नहीं होगी. पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चोर बतायामंत्री ने अपने बयान में राहुल गांधी व किशोरीलाल शर्मा के नाम के साथ जी लगाया और कहा कि हम सब मिलकर जिले के विकास के लिए काम कररहे हैं. इसमें जिले के अधिकारियों की बेहतर भूमिका है दिशा की बैठक में जिन कार्यों की प्रगति धीमी पाई गई, उनमें तेजी लाने की बात कही गईदरअसल, बुधवार को राज्यमंत्री ने राहुल गांधी का न सिर्फ काफिला रोक दिया था, बल्कि उनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चोर बतायाथा. दिशा की बैठक के दौरान राहुल गांधी की कुर्सी छोटी और राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह की कुर्सी बड़ी होने का मामला चर्चा का विषय बना रहा।इस सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि हमारी लंबाई से राहुल से बड़ी है, लेकिन वह हमसे बड़े नेता हैं राहुल अपनी पार्टी के मालिक हैं और हम अपनीपार्टी के छोटे कार्यकर्ता। ईश्वर की कृपा है कि जब राहुल उनके बगल में होते हैं तो मैं उनसे कुछ बड़ा दिखता हूं. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरलदिशा की बैठक चल रही थी सभापति राहुल गांधी के सामने चाय रखी गई। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने डीएम से मुखातिब होकर कहा-क्या दिशाकी गाइडलाइन में केवल अध्यक्ष को ही चाय पीने का अधिकार है। इस पर चुस्की लेते हुए राहुल ने कहा कि इन्हें दो-तीन चाय पिलाइए. जब चायआई तब राहुल गांधी ने हंसते हुए कहा-इनके सामने दो चाय रखिए राहुल गांधी ने दिनेश सिंह को बिस्किट भी ऑफर किया तभी एक विधायक बोलपड़े कि क्या केवल मंत्री को ही दो-दो चाय मिलेगी, विधायकों को नहीं इस पर सभी ने ठहाके लगाए। रायबरेली में दिशा की बैठक के दौरान यूपीसरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीच कहासुनी हो गई. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.