
आज सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में आम आदमी पार्टी के नेता अंकुश नारंग ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरानउन्होंने भाजपा शासित नगर निगम की लापरवाही और एमटीएस (मल्टी टास्क स्टाफ) कर्मचारियों की जायज़ मांगों को लेकर कई बड़े सवाल उठाए।
एमटीएस कर्मचारियों की परेशानियाँ और माँगें
अंकुश नारंग ने बताया कि जो कर्मचारी पहले मच्छरों से होने वाली बीमारियों को रोकने का काम करते थे, उन्हें डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रांच कंट्रोल) सेएमटीएस बना दिया गया है। लेकिन अब वे ही कर्मचारी अपने हक़ के लिए हड़ताल पर हैं।
उनकी तीन प्रमुख माँगें हैं
सभी एमटीएस कर्मचारियों को एक समान वेतन मिले।
अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाए, तो उसके परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
उन्हें अर्जित छुट्टियाँ (अर्न लीव) और इलाज की सुविधा (चिकित्सा लाभ) दी जाए।
अंकुश नारंग ने कहा कि ये कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों को रोकते हैं। लेकिन आज जब इन्हेंअपना हक़ चाहिए, तो भाजपा सरकार ने इनकी बात सुननी ही बंद कर दी है।
बीमारियाँ बढ़ रहीं, सरकार मौन है
अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा शासित एमसीडी इन बीमारियों को रोकने के लिए न तो कोई सख्त कदम उठा रही है और न ही जनता को सहीजानकारी दी जा रही है। आज डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार हफ्तेभर की रिपोर्ट तक जनता और पत्रकारों से छुपा रही है।जबकि आप सरकार के समय हर रोज़ बीमारी की रिपोर्ट जारी की जाती थी।
उन्होंने बताया कि सच्चाई छुपाकर भाजपा सिर्फ अपनी नाकामी पर पर्दा डाल रही है।
भाजपा की सरकार में बढ़ा जनता का दुख
अंकुश नारंग ने यह भी कहा कि जब से भाजपा की चार इंजन वाली सरकार आई है, दिल्ली में धरना, प्रदर्शन और हड़ताल का काला दौर लौट आयाहै। हर वर्ग – चाहे वह शिक्षक हो, सफाईकर्मी हो या स्वास्थ्य कर्मचारी – सब परेशान हैं। सरकार में बैठे अधिकारी और मेयर कुर्सियों पर बैठे हैं, लेकिन जनता की कोई परवाह नहीं कर रहे।
प्रशासन से माँग
अंकुश नारंग ने माँग की कि ,एमटीएस कर्मचारियों की तीनों माँगों को तुरंत पूरा किया जाए।
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के आंकड़े रोज़ जनता के सामने लाए जाएं।
जन-स्वास्थ्य विभाग में फैली लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में उन्होंने कहा यह सिर्फ कर्मचारियों की लड़ाई नहीं है, यह दिल्ली की जनता की सेहत की लड़ाई है। हम हर उस आवाज़ के साथ खड़े हैं जो न्यायऔर हक़ की माँग कर रही है।