नया वित्त वर्ष कल यानी एक अप्रैल से शुरू हो रहा है वित्त वर्ष के पहले दिन से कई बड़े बदलाव हो रहे हैं इनका सीधा असर लोगों की जेब परपड़ेगा.आजकल लगभग सभी लोग अपने रोजमर्रा के काम में यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. कल से इससे जुड़े नियमों में भी बड़े बदलाव हो रहेहैं.नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई लेनदेन की सुरक्षा और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए नए नियम जारी किए हैं. यह नियम एक अप्रैल से लागू हो रहे हैं. इसके मुताबिक अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं तो दूरसंचार कंपनीवह नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है.इसका मतलब है कि अगर आपने पुराने मोबाइल नंबर से यूपीआई लिंक किया है और वह नंबर बंद होगया है. तो आपकी यूपीआई आईडी भी काम नहीं करेगी. यानी आप यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.एक अप्रैल से बैंक और यूपीआईएप ग्राहकों के मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को सप्ताह में कम-से-कम एक बार जांचेंगे और अपडेट करेंगे. ताकि बदले गए मोबाइल नंबरों के कारण गलतलेनदेन न हो.इसमें खासतौर पर इन नए नियमों के तहत अगर आप अपने मोबाइल नंबर का 90 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करते हैं. तो टेलीकॉम कंपनीउस नंबर को किसी दूसरे व्यक्ति को दे सकती है.इसे मोबाइल नंबर रिसाइकलिंग भी कहते हैं.
यूपीआई से नहीं किया लिंक तो नंबर हो जाएगा बंद
यानी अगर आपने अपने पुराने नंबर को अभी भी यूपीआई से लिंक नहीं किया है और वो नंबर बंद हो गया है. या 90 दिनों से अधिक दिनों तक नंबर काइस्तेमाल नहीं किया है तो आपकी UPI ID भी काम नहीं करेगी. वहीं बैंक से लिंक नंबर अगर आपका बंद हो जाता है तो आपको बाद में यूपीआईसर्विस इस्तेमाल करने में परेशानी आ सकती है.नए नियमों में क्या-क्या जोड़ा गया है ये आप चेक कर सकते है.इसके अलावा मोबाइल नंबर रिवोकेशनलिस्ट को भी तैयार करना होगा. ये एक ऐसी लिस्ट होती है जिसमें उन मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड रखना होगा जिन्हें यूपीआई ट्रांजैक्शन से हटा दियागया है. यानी अगर कोई व्यक्ति अपने किसी मोबाईल नंबर से यूपीआई का इस्तेमाल नहीं करता है तो इस लिस्ट में उसे डाल दिया जाएगा.बैंक औरपेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को हर हफ्ते अपने डेटा को अपडेट करना होगा ताकि उनके पास लेटेस्ट जानकारी रहे और यूजर्स को पूरी ट्रांसजैक्शन सुरक्षा भीदी जा सके. इसके अलावा यूपीआई में पर्सनल लेन-देन के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट की लीमिट को भी 2000 रुपये कर दिया है. यूपीआई कलेक्टरिक्वेस्ट कोई भी यूपीआई यूजर एक अन्य यूपीआई यूजर को भेजकर पेमेंट के लिए रिक्वेस्ट कर सकता है.