न्यूजीलैंड ने अपने लंदन में तैनात वरिष्ठ राजनयिक को बर्खास्त कर दिया है. इस दूत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का द्वितीय विश्व युद्ध की समझपर सवाल उठाए थे. न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि हाई कमिश्नर फिल गोल के टिप्पणियां”बेहद निराशाजनक” थी और उन्हें अब उनके पद से हटा दिया गया है. मंगलवार को लंदन में एक पैनल चर्चा के दौरान गोफ फिनलैंड की विदेश मंत्रीऔर एलिना वाल्टोनन से सवाल किया. गोफ ने ब्रिटिश योद्धकालीन नेता विंस्टन चर्चिल ने 1938 के एक भाषण का जिक्र करते हुए पूछा राष्ट्रपति ट्रंपने चर्चिल की मूर्ति को ओवल ऑफिस में वापस रखा है. लेकिन क्या आपको लगता है कि वह असल में इतिहास को समझते भी हैं. यह टिप्पणी रूसके यूक्रेन पर आक्रमण के संदर्भ में की गई थी. गोफ ने 1938 के म्यूनिख समझौते की तुलना हाल की घटनाओं से की थी.
न्यूजीलैंड सरकार को किया अस्वीकार
न्यूजीलैंड सरकार ने गोफ के बयान को अस्वीकार करते हुए कहा कि सरकार या न्यूजीलैंड का आधिकारिक रूख नहीं है. यह टिप्पणियां न्यूजीलैंडसरकार के विचारों को नहीं दर्शाती हैं. और लंदन में हाई कमिश्नर के रूप में उन्हें पद से हटाया है जाता है. गोफ न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री और आकलैंडके मेयर रह चुके हैं. उनको 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न की सरकार ने इस पद पर नियुक्त किया गया था. न्यूजीलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री हेलेनक्लार्क ने इस बर्खास्त की की निंदा की और इसे एक बेहद सम्मानित पूर्व विदेश मंत्री को हटाने का बहुत कमजोर बहना बताया दूसरी ओर पीटर्स नेकहा कि एक राजनायिक के रूप में गोफ को सरकार की नीतियों या प्रतिनिधित्व करना चाहिए न की व्यक्तिगत राय देनी चाहिए. जब ट्रंप ने हाल ही मेंयूक्रेन के साथ संबंधों में तनाव और रूस के साथ संबंधों को बेहतर करने की कोशिश की है. न्यूजीलैंड अब लंदन में नए हाई कमिश्नर की नियुक्ति कीप्रतिक्रिया शुरू करेगा गोफ ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.