अमेरिका ने हाल ही में भारत को अपने सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में से एक, एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचने की पेशकश की है.यह प्रस्तावअमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वाशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान रखा था.ट्रंप ने इस डीलको भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम बताया. हालांकि इस बीत यूरोपीय देश पूर्तगाल ने इसी एफ-35 विमानको खरीदने के इनकार कर दिया है और इसके पीथे की वजह खुद डोनाल्ड ट्रंप को बताया है इस घटनाक्रम ने अंतराष्ट्रीय रक्षा क्षेत्र में एक नई बहस छेड़दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में व्हाइट हाउस में पीएम मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॅान्फ्रेंस के दौरान कहा था. हम भारत के साथअपनी सैन्य बिक्री को कई अरब डॅालर तक बढ़ाएंगे और भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट उपलब्ध कराने का रास्ता साफ कर रहे है.
एफ-35 है दुनिया का सबसे एडवांस लड़ाकू विमान
एफ-35 को दुनिया का सबसे एडवांस पींचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है.जो अपनी स्टील्थ तकनीक उन्नत सेंसर और हथियार क्षमता केलिए जाना जाता है यह विमान रडार से बचने की क्षमता रखता है और दुश्मन के इलाके में चुपके से हमला करने में सक्षम है.भारत के लिए यह प्रस्तावइसलिए प्रस्ताव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय वायु सेना अपने लड़ाकू विमानों के बेड़े को मजबूत करने चाहती है खासकर तब जब चीनऔर पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश अपनी वायु शक्ति को तेजी से बढ़ा रहे है हालांकि भारत ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई औपचारिक फैसला नहीं लियाहै विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है इस दिशा में कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरु नहीं हुई है.जहां एक तरफ अमेरिकाभारत को यह हाई-टेक विमान बेचने की कोशिश कर रहा है वहीं पुर्तगाल ने अमेरिकी रक्षा कंपनी लॅाकहीड मार्टिन से F-35 लड़ाकू विमान खरीदने केप्रस्ताव को ठुकरा दिया है यह फैसला उस समय आया है.जब देश की वायु सेना ने इस विमानों को खरीदने को हरी झंडी दे दी थी. लेकिन अब सरकारने भू- राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियोंको वजह बताया जा रहा है.