अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बहस हो गई थी इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने गलती मानी और समझौते परबातचीत दोबारा करने की पेशकश की। माना जा रहा है यूक्रेन के नाटो सदस्यता के लिए एंसा किया है. हालांकि ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर खनिज समझौते और नाटो सदस्यता को लेकर यूक्रेन के इरादे जाहिर किए. उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेनके राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की समझौते से पीछे हटने की कोशिश करते हैं तो उनको बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहाकि यूक्रेन कभी नाटो का सदस्य बनने वाला नहीं है.यूक्रेन के समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करने के पीछे नाटो सदस्यता पाने की मंशा को ट्रंप नेखारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि जेलेंस्की एक सौदा करना चाहते हैं लेकिन मैं देख रहा हूं कि वह खनिज समझौते से पीछे हटने की कोशिश कर रहेहैं. अगर वह ऐसा करते हैं तो कुछ बड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं हमने दुर्लभ खनिज समझौता किया है. जेलेंस्की ने फिर से बातचीत की पेशकश कीहै.
नाटो के बनना चाहते है सदस्य
वह नाटो का सदस्य बनना चाहते है वैसे वह कभी भी नाटो का सदस्य नहीं बनने वाले. वह इसे समझते हैं.वहीं पुतिन के साथ संबंधों को लेकर ट्रंप नेकहा कि हम हमेशा से अच्छे से साथ हैं. मुझे नहीं लगता कि वे अपनी बात से पीछे हटने वाले हैं। मैं उनको लंबे समय से जानता हूं. इससे पहलेअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन के साथ युद्धविराम समझौता नहीं हुआ तो वह रूस परद्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगे। सभी प्रकार के तेल पर 25 से 50 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने कहा जो भी रूस से तेल खरीदेगा वह अमेरिका मेंकेवल तेल ही नहीं बल्कि अपना कोई भी उत्पाद नहीं बेच सकेगा. हालांकि उन्होंने इस बात को दोहराया कि उनके और पुतिन के संबंध बहुत अच्छेहैं.ट्रंप और पुतिन ने 18 मार्च को फोन पर बात की थी. अपने चुनाव अभियान के दौरान, ट्रंप ने यूक्रेन में युद्ध को हल करने की कसम खाई थी. इसेअपनी पहली विदेश नीति प्राथमिकता बताया था वहीं पिछले हफ्ते रूस और यूक्रेन युद्धविराम पर सहमत हुए थे जिससे काला सागर में सुरक्षित मार्गउपलब्ध हो सकेगा और एक दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को रोका जा सकेगा.