दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र 5 फरवरी को मतदान हो रहा है, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), औरकांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इस चुनाव से ठीक पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजकअरविंद केजरीवाल के खिलाफ हरियाणा में एक गंभीर मामला दर्ज हुआ है। यह मामला उनके उस विवादास्पद बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने यमुनानदी के पानी में ‘जहर मिलाने’ का आरोप लगाया था।
केजरीवाल के खिलाफ हरियाणा में एफआईआर
अरविंद केजरीवाल के खिलाफ यह एफआईआर हरियाणा के शाहबाद पुलिस थाने में दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यमुना नदी के पानीमें जहर मिलाने का बयान दिया था। इस पर हरियाणा सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया। यह एफआईआर एक व्यक्ति, जगमोहन मनचंदा की शिकायत पर की गई है। केजरीवाल के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें भारतीय दंड संहिता की धारा192, 196(1), 197(1), 248(a), और 299 शामिल हैं।
केजरीवाल का विवादित बयान
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि भाजपा के लोग “गंदी राजनीति” कर रहे हैं और दिल्ली में पानी की कमी पैदा करने के लिए हरियाणा मेंयमुना नदी के पानी में जहर मिला रहे हैं। उनका कहना था, “हरियाणा में भाजपा के लोग पानी में जहर मिला रहे हैं और इसे दिल्ली भेज रहे हैं। अगरदिल्ली के लोग यह पानी पीएंगे तो कई लोग मर जाएंगे। क्या इससे ज्यादा घिनौना कुछ हो सकता है?” इस बयान के बाद विवाद उभरा और यहबयान चुनावी माहौल में तेज़ी से फैल गया।
हरियाणा सरकार का विरोध
केजरीवाल के बयान के बाद हरियाणा सरकार ने विरोध जताया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया। राज्य सरकार का कहना हैकि इस बयान से हरियाणा की छवि को नुकसान पहुंचा है और इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। इसके साथ ही, हरियाणा सरकार ने चुनावीप्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों को भी नकारा है।
निर्वाचन आयोग की कार्रवाई
निर्वाचन आयोग भी इस विवाद में सक्रिय हो गया है। आयोग ने केजरीवाल से कहा है कि वह अपने आरोपों को साबित करने के लिए ठोस प्रमाण पेशकरें। आयोग ने यह चेतावनी दी है कि यदि केजरीवाल अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं प्रस्तुत कर पाते हैं, तो उनकेखिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में अरविंद केजरीवाल का यह बयान और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा राजनीतिक माहौल को और भी गरमा सकताहै। इस तरह की बयानबाजी से दोनों पक्षों को लाभ और हानि हो सकती है। केजरीवाल के खिलाफ यह मामला उनकी पार्टी के लिए एक नई चुनौतीबन सकता है, खासकर तब जब वह खुद को दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही ने इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
चुनाव का महत्व और शेड्यूल
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। अब आज 70 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान हो रहा है ।दिल्ली की राजनीति के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ीप्रतिस्पर्धा है। चुनाव परिणाम 8 फरवरी 2025 को घोषित किए जाएंगे, जो दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।
चुनावी प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
अरविंद केजरीवाल के बयान का चुनावी परिणामों पर असर हो सकता है, क्योंकि चुनावी माहौल में विवादित बयानबाजी का सीधा असर मतदाताओंपर पड़ सकता है। इसके अलावा, हरियाणा में उनके खिलाफ दर्ज हुआ केस उनके लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है, खासकर जबउनके आरोप बिना ठोस प्रमाण के थे।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने इस बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। भाजपा का कहना है कि यह बयान केवल राजनीति काहिस्सा है और इसे दिल्ली चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया गया है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि केजरीवाल को बिना प्रमाण के इस तरह केबयान से बचना चाहिए।