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उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को भारी हिमस्खलन हुआ, जिससे भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित माणा गांव में बॉर्डर रोड्सऑर्गनाइजेशन (BRO) का कैंप इसकी चपेट में आ गया। इस घटना में 47 मजदूर अब भी बर्फ में फंसे हुए हैं।

10 मजदूरों का रेस्क्यू, 4 की हालत गंभीर
हिमस्खलन के समय कैंप में कुल 57 मजदूर मौजूद थे, जिनमें से अब तक 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचाए गए मजदूरों को माणा गांवस्थित सेना कैंप में पहुंचाया गया है। इनमें से 4 मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन दुर्गम इलाका औरलगातार हो रही बर्फबारी के कारण टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

हादसे की वजह और घटनास्थल की स्थिति
यह हिमस्खलन शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे माणा और माणा पास के बीच हुआ, जब मजदूर सेना के मूवमेंट के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे थे।अचानक आए एवलांच ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर घुटनों तक बर्फ जमी हुई है और लगातार हिमपात जारी है, जिससे बचाव कार्यप्रभावित हो रहा है।

बचाव अभियान जारी, हेलीकॉप्टर सेवाएं बाधित
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोदसुमन ने बताया कि 65 सदस्यीय बचाव दल अभियान में जुटा हुआ है। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन मजदूरों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। बचाए गए मजदूरों को आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री का बयान, केंद्र सरकार से संपर्क
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ITBP, SDRF और अन्य एजेंसियां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। खराब मौसम केकारण अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन पूरा प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट पर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालयऔर गृह मंत्रालय इस मामले पर लगातार संपर्क में हैं।

NDRF और SDRF की टीमें मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर रवाना कर दी गईं। हालांकि, भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के चलते रेस्क्यूऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं।

हिमस्खलन की पहले से चेतावनी जारी थी
गुरुवार को ही इस इलाके में हिमस्खलन की संभावना जताई गई थी। चंडीगढ़ स्थित डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने शाम5 बजे चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के 2,400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए हिमस्खलन की चेतावनीजारी की थी। इसके अलावा, देहरादून स्थित मौसम विभाग ने भी 3,500 मीटर से ऊंचे इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान लगायाथा।

सतर्कता के बावजूद हादसा
इन चेतावनियों के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया था, लेकिन फिर भी यहहादसा हो गया। प्रशासन अब राहत कार्यों में तेजी लाने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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