भारतीय जैवलिन थ्रोअ (भाला फेंक खिलाड़ी) और डबल ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में लेफ्टिनेंट कर्नलकी मानद रैंक प्रदान की गई है. साप्ताहिक सार्वजनिक पत्रिका और भारत सरकार के अधिकृत कानूनी दस्तावेज, द गजट ऑफ इंडिया के अनुसार नीरजचोपड़ा की नियुक्ति 16 अप्रैल 2025 से प्रभावी हुई. भारत सरकार के गजट में कहा गया है, ‘प्रादेशिक सेना विनियम 1948 के पैरा 31 के तहतप्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति जी को यह प्रसन्नता है कि वे पूर्व सूबेदार मेजर नीरज चोपड़ा, PVSM (परम विशिष्ट सेवा मेडल), पद्मश्री, VSM (विशिष्ट सेवा मेडल), ग्राम एवं डाकघर खांद्रा, पानीपत, हरियाणा को प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक प्रदान कर रही हैं. यह 16 अप्रैल, 2025 से प्रभावी है.’ बता दें कि नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक (2020) में गोल्ड मेडल जीता था. इसके साथ ही वो ओलंपिक केट्रैक एंड फील्ड इवेंट में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन गए थे. फिर नीरज ने पेरिस ओलंपिक (2024) में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. पेरिसओलंपिक में मेन्स जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल पाकिस्तान के अरशद नदीम ने जीता था. वहीं ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहेथे.
2021 में हुए सूबेदार के पद पर पदोन्नत
2021 वो सूबेदार के पद पर पदोन्नत हुए 2022 में उनका फिर प्रमोशन हुआ और वे सूबेदार मेजर बने.नीरज चोपड़ा बेंगलुरू में अगले हफ्ते प्रस्तावितएनसी क्लासिक के स्थगित होने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में 71वें ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. नीरज को एनसी क्लासिक में विश्व भर और भारत के कुछ अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेना था और उन्हें 24 मई को इस प्रतियोगिता कीमेजबानी भी करनी थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया. पोलैंड में होने वाली यह प्रतियोगितानीरज के लिए सत्र का तीसरा टूर्नामेंट होगा. उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में की और अब 16 मई को दोहा डाइमंड लीग मेंहिस्सा लेंगे जहां उन्होंने 2023 (88.67 मीटर) में खिताब जीता और 2024 (88.36 मीटर) में दूसरे स्थान पर रहे.