ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं।ओवैसी ने कहा कि वह लंबे समय से मस्जिदों को आबाद रखने की अपील करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।ओवैसी ने काशी (वाराणसी) की मस्जिद का जिक्र करते हुए कहा, “हम काशी की मस्जिद के हक को खो चुके हैं। वहां अब नमाज नहीं होती, बल्किकुछ और ही हो रहा है।” इस बयान ने कई सवाल उठाए हैं और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
मथुरा मस्जिद और संभल के मुद्दे पर ओवैसी के आरोप
ओवैसी ने अपने बयान में मथुरा की मस्जिद का भी उल्लेख किया और कहा कि वहां पर “ललचाई नजरें” डाली जा रही हैं। इसके बाद उन्होंने संभल मेंहाल में हुई घटना का जिक्र किया, जिसमें एक पुलिस चौकी को वक्फ की जमीन पर बनाने का आरोप लगाया गया। ओवैसी ने कहा, “संभल में एकही दिन में आधे घंटे में आदेश जारी किया गया, एक घंटे में सर्वे किया गया और फिर पांच लोगों को शहीद कर दिया गया। इसके बाद वक्फ कीजमीन पर पुलिस थाना बना दिया गया।” ओवैसी ने इस कदम को गैर कानूनी करार देते हुए इसे “प्रोटेक्शन ऑफ मॉन्युमेंट्स एक्ट” के खिलाफबताया।
1962 में बंगाल से बांग्लादेश भेजे गए लोग: ओवैसी का ऐतिहासिक दावा
ओवैसी ने 1962 के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उस समय भारतीय सरकार ने 8 लाख लोगों को जबरन बांग्लादेशभेज दिया था। उन्होंने कहा, “1960 में नेहरू सरकार के तहत असम से 40,000 लोगों को पाकिस्तान का नागरिक मानते हुए बांग्लादेश भेज दियागया था।” ओवैसी ने इसे एक बड़ा ऐतिहासिक मुद्दा बताया और कहा कि यह तथ्यों पर आधारित है।
बीजेपी की राजनीति पर ओवैसी का हमला
ओवैसी ने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा, “बीजेपी की सफलता नफरत की सफलता है, मोहब्बत की नहीं।” उन्होंने यह भी जोड़ा किराजनीतिक बदलाव तब तक संभव नहीं है जब तक लोग प्यार और एकता की बजाय नफरत का समर्थन करते रहेंगे। ओवैसी ने आगे कहा, “अपने आपकोई बदलाव नहीं आएगा। हमें अपनी दुआओं में फिलिस्तीनियों को याद करना चाहिए, क्योंकि गाजा में अब 9-10 साल के बच्चे नहीं बचे हैं, सभीमर चुके हैं।”
संभल मस्जिद के पास पुलिस चौकी का विवाद
हाल ही में, ओवैसी ने यूपी के संभल जिले में जामा मस्जिद के पास बन रही पुलिस चौकी को लेकर भी विवाद उठाया था। उन्होंने सोशल मीडिया परदावा किया कि यह चौकी वक्फ की जमीन पर बन रही है, जैसा कि रिकार्ड में दर्ज है। इस बयान ने वक्फ बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के बीच विवादको जन्म दिया है।
ओवैसी के ये बयान और आरोप राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे रहे हैं, और आने वाले दिनों में इस पर और भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आसकती हैं।