Delhi News: संसद के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ऐसा बयान दिया. जिस पर सदन में हंगामा मचगया. नई शिक्षा नीति पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान पर मल्लिकार्जुन खरगे ने आपत्ति जाहिर की है. उस दौरान उपसभापति ने जब खरगे कोबोलने से रोका तो वो गुस्सा गए. उन्होंने कहा कि क्या-क्या ठोकना है हम ठीक से ठोकेंगे. सरकार को ठोकेंगे. दरअसल खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्रप्रधान के बयान की निंदा की. जब सभापति की ओर से खरगे को बोलने से रोका गया तो उन्होनें कहा कि गुस्सा यहां तानाशाही चल रही है. इस परजब उपसभापति की ओर से उन्हें फिर बोलने से रोका गया तो उन्होंने कहा कि क्या-क्या ठोकना है. हम ठीक से ठोकेंगे सरकार को भी ठोकेंगे. खरगे केइस बयान से सत्ता पक्ष की और एतराज जाहिर किया जा रहा है. राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा के बयान की निंदा की गई.
खरगे को मांगनी चाहिए मांफी- जेपी नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा कि नेता विपक्ष की तरफ से ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार नहीं है. उन्हें इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए. इसके बादखरगे ने कहा कि अगर मेरी बात से किसी को ठेस पहुंची है. तो मैं माफी मांगना चाहता हूं. खरगे ने सभापति से कहा मैं आपसे माफी मांग लूंगा लेकिनसरकार से माफी नहीं मांगूंगा. सदन में बोलते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि डीएमके एक अलोकतांत्रिक और असभ्य पार्टी है. इसके जवाब मेंडीएमके सांसद कनिमोझी ने असभ्य कहने पर धर्मेंद्र प्रधान की आलोचना की और कहा कि कभी भी केंद्र की शर्तों के साथ नई शिक्षा नीति और तीनभाषा नीति स्वीकार नहीं है. मेरा यह कहना है कि इस देश के भाग को एक भाग की जनता को अगर आप उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की बातकरेंगे. अगर आप यह कहेंगे कि “Uncultured” और “Unicivilized” है. तो आप मंत्री से इस्तीफा दे दें. मोदी सरकार देश को विभाजित करने कीबात कर रही है. यह देश को सिर्फ और सिर्फ तोड़ने की बात करते हैं.