
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मंगलवार की सुबह की बैठक में तय किया कि वे आगामी मानसून सत्र (21 जुलाई से शुरू) में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चाकरेंगे. इनमें पहलगाम आतंकी हमला, बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, देश की सुरक्षा और अहमदाबाद में एअर इंडिया का विमान हादसा शामिल हैं. कांग्रेस संसदीय दल की बैठक सोनिया गांधी की अध्यक्षता में 10 जनपथ निवास पर हुई। इसमें पार्टी के नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रमोदतिवारी, जयराम रमेश, के सुरेश और मणिकम टैगोर जैसे नेता शामिल हुए. बैठक के बाद प्रमोद तिवारी ने बताया कि पहलगाम हमले में 26 लोग मारेगए और पार्टी प्रधानमंत्री से इस मामले पर जवाब मांगेगी. उन्होंने कहा कि हमला सुरक्षा की कमी और त्वरित प्रतिक्रिया टीम न होने की वजह से संभवहुआ.
सरकार से जवाब मांगने का लिया फैसला
कांग्रेस यह सवाल उठाएगी कि जब हमारी सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया (जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कहा गया), तो उसीसमय अचानक भारत और पाकिस्तान के संघर्षविराम क्यों हुआ? बिहार एसआईआर को प्रमोद तिवारी ने लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और कहा किइस पर चर्चा जरूर होगी. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने का मुद्दा भी उठाएंगे. महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा, बेरोज़गारी, महंगाई और अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दे भी सत्र में शामिल होंगे. अमेरिका में जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग नोटिस पर भी कांग्रेसअन्य पार्टियों से बात करके सत्र में स्थिति स्पष्ट करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि गैर‑भाजपा शासित राज्यों के साथ बराबरी का व्यवहार नहीं हो रहा हैऔर यह मुद्दा भी संसद में उठाया जाएगा. संसद का मानसून सत्र इस बार 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। कांग्रेस एसआईआर कोअसांविधानिक बताकर इसे रद्द कराने की मांग करेगी और पहलगाम हमला तथा ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में बहस छेड़ेगी. कांग्रेस ने संसद के मानसूनसत्र में पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर के बाद अचानक हुए संघर्षविराम और बिहार में जारी एसआईआर जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाबमांगने का फैसला लिया है.
आर्थिक नीतियों से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस
पार्टी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने, महिलाओं पर अत्याचार, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और अमेरिकी टैरिफ जैसे मामलों को भीमानसून सत्र में उठाएगी. बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी, मणिकम टैगोर और के. सुरेश जैसे वरिष्ठ नेताशामिल हुए. कांग्रेस संसदीय दल की इस अहम बैठक में यह फैसला हुआ कि पार्टी संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रीय सुरक्षा, लोकतंत्र, सामाजिक न्यायऔर आर्थिक नीतियों से जुड़े मुद्दों पर तीखी बहस छेड़ेगी. प्रमोद तिवारी ने बताया कि पार्टी इस हमले में मारे गए 26 नागरिकों की मौत के लिए सुरक्षामें चूक और त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) की कमी को जिम्मेदार ठहराएगी। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि जब भारत ने पाकिस्तान पर ‘ऑपरेशनसिंदूर’ के तहत जवाबी कार्रवाई की उसी समय संघर्षविराम क्यों और कैसे हुआ? कांग्रेस ने इसे संविधान विरोधी और लोकतंत्र के लिए खतरनाककरार दिया है. पार्टी की मांग है कि इस प्रक्रिया को अविलंब रद्द किया जाए.